पापा के दोस्त की बेटी का बुर चोदन

हाय मेरा नाम जिगर है.. और मैं अभी 22 साल का हूँ। मैं गुजरात के अमदाबाद से हूँ। वैसे मैं चोदने के लिए कहीं जाता नहीं हूँ.. लेकिन बुर चोदने की मेरी इच्छा बहुत रहती है.. इसलिए मैं मुठ मार के काम चला लेता हूँ।

एक बार मेरे पापा के दोस्त अपनी बेटी के साथ हमारे घर आए, उस दिन उसकी और मेरी मुलाकात हुई, उसका नाम मिताली है।

वो अभी 12 वीं में पढ़ती थी और बहुत सेक्सी दिखती है। उसका परिवार मेरे घर के नज़दीक ही रहने लगा था।

मैंने उसे पहली बार देखते ही आँख मार दी.. तो वो थोड़ा सा मुस्कुराई। फिर वो जब दूसरी बार मेरे घर आई तो सीधे मेरे रूम में चली आई।

मैं उस वक्त पीसी चला रहा था। मैंने उसे देखा तो ‘हैलो..’ किया। वो मेरे नजदीक चिपक कर बैठ गई और बोली- आज आँख नहीं मारोगे? मैंने उसका हाथ पकड़ कर एक किस कर दिया.. तो उसे भी अच्छा लगा, उसने भी मेरे गालों पे ज़ोर से किस कर दी।

फिर मैं उसके सामने मुस्कुराया.. तो उसने ज़ोर से मेरे मुँह को पकड़ कर मेरे होंठों पर कसके किस कर दी। किसी लड़की ने पहली बार मेरे होंठ पर किस किया था.. इसलिए मैं तो थोड़ी देर के लिए हक्का-बक्का रह गया। थोड़ी देर तो मेरा दिमाग ही नहीं चला कि क्या करूं?

उस टाइम तो वो किस करके चली गई और अपना फोन नंबर देती गई।

अब दूसरी बार जब मेरे घर कोई नहीं था तो मैंने उसे कॉल किया और अपने घर आने को कहा। वो मेरे घर थोड़ी देर में आ गई। उस वक्त दोपहर का टाइम था और सब सुनसान था, मेरे घर जल्द ही कोई आने वाला भी नहीं था।

वो घर के अन्दर आई और जैसे ही मैंने दरवाजा बन्द किया.. उसने झट से मुझे गले लगा लिया और जहाँ-तहाँ किस करने लगी। मुझे भी मजा आ रहा था.. तो मैंने भी संग दिया।

मैं उसे अपने कमरे में लेकर गया.. वहाँ जाकर पहले थोड़ी देर मैं उसको होंठों पर किस करता रहा और उसके एक चूचे को ज़ोर से दबाता रहा। उसे बहुत मजा आ रहा था, वो ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ कर रही थी।

उसकी सीत्कार सुनकर मैं और ज़ोर से चूचे दबा कर मजे ले रहा था। फिर धीरे से मैंने उसकी टी-शर्ट को ऊपर को खींच दिया और उसके मम्मों को चूसने लगा।

पहली बार मैंने किसी लड़की के चूचे देखे थे.. तो मैं बहुत एग्ज़ाइटिड हो गया था और चूचों को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। मैंने कुछ देर बाद उसकी पैंट का बटन खोल दिया.. तो वो थोड़ा सा हिचकिचाई.. पर मैंने बटन खोल कर ज़ोर से पैंट नीचे खींच दी।

अब वो थोड़ा शर्मा रही थी।

मैंने ज़िंदगी में पहली बार किसी लड़की की बुर को देखा था और वो भी कुँवारी लड़की की.. तो झट से मैं उसे चाटने लगा। थोड़ी देर बुर चाटने के बाद मैं अपना लंड उसके मुँह के पास ले गया लेकिन वो मुँह में लंड लेने से इन्कार कर रही थी।

मैंने उसे मना कर उसके मुँह में लंड दे ही दिया। फिर तो उसे भी बहुत मजा आने लगा और वो ज़ोर-ज़ोर से लंड चाटने लगी। यह हिंदी चुदाई की कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

फिर मैंने कंडोम निकाल कर लंड पर पहन लिया और उसकी टांगें फैला कर उसकी बुर पर अपना लंड टिका दिया, वो थोड़ा डर रही थी.. पर मैं तो बुर के लिए भूखा शेर था। मैंने झट से धक्का लगा दिया और उसकी बुर में लंड पेल दिया। लंड घुसते ही वो ज़ोर से चिल्लाई, तो मैंने डर कर लंड बाहर निकाल लिया।

थोड़ी देर बाद मैंने धीरे से फिर से लंड को बुर के अन्दर डाला.. तो वो दर्द से काँपने लगी। पर इस बार मैं रुकने वाला नहीं था, मैंने फिर से ज़ोर से धक्का दिया और उस पर चढ़ गया.. वो दर्द से बोली- आह्ह.. बाहर निकालो.. बाहर निकालो..

पर मैं उसके मम्मों को चाटने लगा, धीरे-धीरे मैंने लंड को उसकी बुर में पेल दिया और हिलने लगा। अब उसे भी मजा आने लगा।

फिर बहुत देर तक मैंने उसकी चुदाई की और उसे भी चुदाई का मजा मिलने लगा था। कुछ देर बुर चोदने के बाद मैं झड़ गया.. वो भी तृप्त हो चुकी थी।

अब कुछ देर बाद मैंने दूसरी बार उसको चोदना शुरू किया। इस बार वो मस्त सिसकारियां लेते हुए मजा लेने लगी थी ‘आआआह.. ओहह..’ वो अपनी गांड उठा कर बुर चोदन का बहुत अच्छे से मजा ले रही थी।

कुछ देर में हम दोनों फिर से पस्त हो गए।

दोस्तो.. मुझे लड़की की गांड चाटने में और बुर चाटने में खूब मज़ा आता है। ऐसे मैंने मिताली की कई बार चुदाई की है। ये मेरी मिताली की बुर चुदाई की कहानी सच्ची है, मुझे उम्मीद है कि आपको अच्छी लगी होगी.. मुझे रिप्लाइ ज़रूर करें।

[email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

Read All Stories by Ananya Verma
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!