मकान मालिक की लड़की

दोस्तो, मेरा आप सभी को प्रणाम! मैं राहुल गुप्ता भोपाल का हूँ। मैं अपनी सच्ची कहानी बता रहा हूँ।

तो बात उस समय की है जब मैं कॉलेज़ में पढ़ता था। मेरी आयु 20 साल थी। मैंने किराए पर कमरा लिया हुआ था। मेरे मकान मलिक की एक लड़की थी 18 साल की होगी। वो रोज़ कॉलेज़ में मिला करती थी और मैं उसे बहुत देखा करता था।

मुझे उसके सेक्सी गोल-गोल वक्ष टॉप के ऊपर से बड़े अच्छे लगते थे, स्तन 32 इन्च के तो होंगे। और उसके चूतड़ तो क्या कहिए! मानो स्वर्ग है!

एक दिन मैं उसे कॉलेज़ में बोला- आप मुझसे बात क्यों नहीं करती? वो बोली- मेरी आदत नहीं! मैं बोला- आदत तो बदलनी पड़ती है तभी लाइफ का मज़ा है!

वो बोली- कैसा मज़ा? मुझे समझ नहीं आया! मैं बोला- आ जाएगा बाबा!

एक दिन उसके घर पर कोई नहीं था। मैं ऊपर गया, बोला- अंकल हैं? तो कोई आवाज़ नहीं आई। मैं बोला- अंकल!! तो अंदर से आवाज़ आई- घर पर नहीं हैं! और वो दरवाजा खोल कर बाहर निकली।

मैंने कहा- क्या कर रही हो?

वो जीन्स और टाईट टॉप पहने थी, बड़ी सेक्सी लग रही थी। मैं बोला- मैं आ सकता हूँ अंदर? बोली- क्यों नहीं! आओ! मैं बोला- आज सब कहाँ गये? बोली- मार्केट!

मैं बोला- ओके! अकेले क्या कर रही थी?

बोली- कुछ नहीं! नेट पर थी!

तो मैंने देखा तो याहू मैसेन्जर खुला था और वैबकैम पर एक लड़का नंगा था।

मैं बोला- आपको यह सब पसंद है? बोली- थोड़ा-थोड़ा! मैं बोला- कभी किया है? बोली- नहीं!

मैं बोला- तो आज करते हैं! बोली- क्या बेहूदा बात करते हो!

मैं बोला- तब कैसे पता चलेगा कि कैसा लगता है?

लेकिन उसका मन तो हो ही गया था। वो बाथरूम में गई और जब लौटी तो उसके स्तन तने थे। मैं समझ गया कि लड़की गर्म हो गई है।

मैंने उसे पकड़ कर ज़ोर से अपने से चिपका लिया और चूमने लगा।

बोली- क्या कर रहे हो राहुल? मत करो! मुझे डर लग रहा है! कोई आ ना जाए!

मैं बोला- चिन्ता मत करो, दरवाजा लॉक है जी कोई नहीं आएगा।

और हम फिर बेडरूम में चले गये। मैंने उसका टॉप उतार दिया। वो गुलाबी ब्रा पहने बड़ी सेक्सी लग रही थी। उसके स्तन आज़ाद होने को तड़फ़ रहे थे।

मैंने उसकी जीन्स भी उतार दी। वो नेट थोंग पैंटी पहने थी। नेट से हल्के छोटे छोटे बाल दिखा रहे थे, बड़ी सेक्सी लग रही थी पैंटी में!

मैंने अपने भी कपड़े जल्दी से उतार दिए और मैं उसके स्तन चूसने लगा। धीरे से ब्रा का हुक खोल कर मैंने ब्रा उतार दी और फ़िर पैंटी भी!

अब हम दोनों नंगे थे। वो मेरा लंड जो 8 इंच का था, उसे ऊपर-नीचे कर रही थी और चूस रही थी, मैं उसकी फुद्दी को चाट रहा था।

मैंने उसे सीधा लिटाया और जैसे ही उसकी चूत पर लण्ड पर रखा तो वो सी सी सिस सी अहहहः की आवाज़ निकालने लगी।

मैंने झटके से लंड को अंदर डाल दिया। वो चिल्ला उठी, बोली- मत करो राहुल! दर्द हो रहा है! मैं मर जाऊँगी! अहाआआआ हाआआ अहहहहा ओह ओऽऽ!

और मैं अब उसकी चूत में ही झड़ गया और उसने भी पानी छोड़ दिया। हम दोनों 30 मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे। फिर उठे और दोनों बाथरूम में जाकर नहाए। मैंने उसे ब्रा-पैंटी पहनाई और फ़िर अपने कमरे में आ गया।

अभी भी मैं वहीं रहता हूँ। अभी तक उसे मैं चार बार चोद चुका हूँ। आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें! [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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