मेरे अधूरे प्यार की दास्तान

मैं 18 साल का हरियाणा का रहने वाला लड़का हूँ। पिछले साल ही मैंने 12 वीं पास किया है।

जब स्कूल में मैंने 11वीं क्लास में नया एड्मिशन लिया था तो मेरे एड्मिशन के एक महिने बाद एक लड़की ने भी एड्मिशन लिया था।

मैं तो उसे देखते ही प्यार कर बैठा था। लेकिन शुरूआत में मैंने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया। यूं ही एक साल से भी ज्यादा निकल गया।

फिर 12वीं में आने के बाद उसका और मेरा सेक्शन अलग हो गया। वो मुझे कई बार देखती रहती थी.. पर शुरू में भले मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया था लेकिन बाद में पहले सेमेस्टर के एग्जाम में जब टीचर ने हम सभी को सीटिंग अरेंजमेंट के अनुसार बिठाया तो मैं और वो पास-पास बैठ गए। इसके बाद उससे मेरी बातें होने लगीं। उससे मेरी दोस्ती हो गई और मैंने कई बार मज़ाक में उसे टच भी किया.. लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। मुझे लगने लगा कि शायद वो मुझे पसंद करने लगी है।

एग्जाम खत्म होने के दो महीने बाद भी उसके साथ यह सिलसिला यूं ही चलता रहा। हमारा केमिस्ट्री की लैब का पीरियड एक साथ लगता था तो हम एक दूसरे को देखते रहते थे। फिर एक दिन लंच टाइम में मैंने उसे प्रपोज कर दिया.. लेकिन उसने कोई जबाब नहीं दिया.. वो केवल हंस दी।

अगले दिन वो जल्दी स्कूल आ गई.. मैं भी अक्सर जल्दी ही आ जाता था.. मुझे लगा कि आज ये मुझसे कुछ कहेगी, पर उसने कुछ नहीं बोला.. मैंने भी पहल नहीं की।

अब कई दिन तक जब उसका कोई उतर नहीं मिला तो मैं उसे भूलने की कोशिश करने लगा। लेकिन मुझे सब याद करके बहुत बुरा लगता था.. उसकी अनखिली मुहब्बत में मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता था, मैं खाना भी बहुत कम खाना शुरू कर दिया, मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था। न मुझे नींद ही आती थी और न ही किसी से बात करने का मन होता था।

कुछ दिन बाद एक दिन फिज़िक्स लैब में वो अकेली मिली तो मैंने उस दिन फिर उससे जवाब माँगा तो वो बोली- मुझे ये सब काम अच्छे नहीं लगते। तो मैं मायूस होकर वहाँ से चला आया।

फिर कुछ दिन मैंने महसूस किया वो मेरे करीब रहने की कोशिश करने लगी.. और लड़कियां भी उसे मेरे नाम से छेड़ने लगीं।

फिर एग्जाम आए.. तो उस वक्त मैंने एक दूसरी लड़की से उसके मन की बात पूछने को कहा। उस लड़की ने कहा- हाँ, वो तुझे प्यार करती है।

इसके अगले दिन जो एग्जाम था.. उसमें मैंने अपना मोबाइल नंबर उसके पास एक लड़की से पहुँचा दिया और उसका नंबर भी उसी लड़की के जरिए ले लिया।

उसने ये कह कर मेरा नम्बर लेने से इनकार कर दिया कि मेरे भाई को पता लग गया तो मुझे मार डालेगा।

मुझे लगा कि इसने नम्बर नहीं लिया तो बात नहीं बनेगी। लेकिन दो-तीन दिन बाद उसने मेरे एक फ्रेंड से कहा कि उससे कहो कि वो मुझे तंग करना छोड़ दे।

इसके बाद मैंने ना तो उसकी तरफ कभी देखा.. ना मिलने की कोशिश की।

अब रिज़ल्ट आने पर मालूम हुआ कि वो गणित में फेल हो गई है। उसके केवल 19 नम्बर ही आए थे। जबकि मैं अच्छे नम्बरों से पास हो गया था।

लेकिन उसके कारण मेरा बहुत बड़ा नुकसान हुआ मेरा एनडीए का कम्पटीशन फाइट करने का सपना अधूरा रह गया। अब मैं एक टेक्नालजी स्पेशलिस्ट बनना चाहता हूँ लेकिन पिछले एक साल उसके कारण मेरे सपनों को पूरा करने में रुकावट आ गई है।

मैं ये सब लिखते हुए बहुत भावुक हो गया हूँ.. अब और ज्यादा नहीं लिख सकता.. दोस्तो मेरी आँख भर आई है।

क्या उससे मुहबत करके मैं गलत था..?

आप प्लीज़ मुझे मेल ज़रूर करना.. जिससे वो जब कभी भी मैं उससे मिलूँ तो उसको बेवफा कह सकूँ। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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