चचेरी बहन की कुंवारी चूत की चुदाई

इंडियन वर्जिन टीन गर्ल की पहली चुदाई का मजा मैंने उसी लड़की के घर में रात को लिया. वह मेरी चचेरी बहन लगती थी. मैं उसके साथ उसके घर में सो रहा था.

मेरा नाम अमित है. मैं उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से हूं. मेरी उम्र 25 साल की है.

यह मेरी पहली सेक्स कहानी है और एकदम सच्ची इंडियन वर्जिन टीन गर्ल की कहानी है.

मैं कसरत करने के लिए जिम जाता हूँ इसलिए मेरा जिस्म काफी मजबूत है. लड़कियां देखते ही आह आह करने लगती हैं और उस वक्त मेरा बड़ा लंड बड़ा ही खिलखिलाने लगता है.

कई बार तो लड़कियां पास आ जाती हैं और मैं भी उनसे बात करता हूँ. इसी सबके कारण मैंने अब तक बहुत सारी लड़कियों और भाभियों को चोदा भी है.

अन्तर्वासना और फ्री सेक्स कहानी की साइट पर प्रकाशित होने वाली सेक्स स्टोरी को पढ़ने में मुझे बड़ा मजा आता है. कोई कोई सेक्स कहानी तो इतनी अधिक सेक्सी लगती है कि मेरा लंड अकड़ जाता है और मुझे मुठ मारनी पड़ती है, तब जाकर लंड शांत हो पाता है.

मेरे पापा एक बड़े किसान हैं और मैं अच्छे घर से हूं.

मेरे पड़ोस में हमारे कुटुंब के एक चाचा जी रहते हैं.

उनकी तीन लड़कियां हैं. उसमें दो की शादी हो गई है और तीसरी लड़की का सुमन है. वह क्या कमाल की माल है … वह एकदम अप्सरा की तरह लगती है.

मैं उसे मन ही मन बहुत ज्यादा चाहता हूँ. पर वह चचेरी बहन है तो उससे अपने दिल की बात बोल ही नहीं पाता हूँ.

मैं सुमन की याद में अब तक न जाने कितनी बार मुठ मार चुका हूँ, मुझे खुद ही याद नहीं है.

यह बात अब से तीन साल पहले की है. उस वक्त मैं स्कूल में था. ठंडी का मौसम था.

उस दिन शाम को वह मेरे घर आई और मेरे पापा से बोली- चाचा जी, अमित को घर सोने भेज दो. आज पापा शहर गए हैं.

मेरे पापा सीधे सादे आदमी हैं; वे बोले- ठीक है. उन्होंने मुझसे कहा- अमित, चाचा के घर चले जाना. मैंने भी कहा- ठीक है.

मैंने अपना होम वर्क खत्म किया और उसके घर चला गया.

वहां उसके घर में चाची जी और उनके दो लड़के थे. चाचा के लड़के छोटे थे और उनकी मां कुछ मानसिक रोगिणी थीं.

चाची जी दवा खाकर अधिकतर समय सोई रहती थीं.

ठंडी के मौसम में मेरे गांव में धान का पैरा (पराली, पुराली) डालते हैं तो मैंने सुमन से कहा- तुम चारपाई पर लेट जाओ. हम लोग पैरे पर लेट जाते हैं.

उसने कहा- नहीं, मैं और तुम चारपाई पर लेटेंगे और मां और भाई पैरा पर लेटेंगे. मैंने कहा- ठीक है.

मैं लेट गया. रात में जब ठंड लगी तो मैंने कंबल ओढ़ लिया.

कुछ देर बाद मुझे अहसास हुआ कि उसने अपना पैर मेरे पैर पर रख दिया. उसके पैर के अहसास से मेरा लंड खड़ा हो गया.

कुछ देर तक तो मैंने मन को समझाने की कोशिश की कि मत कर कुछ भी … लफड़ा हो जाएगा. पर दिल मानने के लिए राजी ही नहीं था.

जब न रहा गया तो मैंने नींद का नाटक करके अपना हाथ सुमन की चूची पर रख दिया. उसने कुछ नहीं कहा.

मैं थोड़ी देर बाद धीरे धीरे उसके दूध को दबाने लगा. उसने फिर भी कुछ नहीं कहा.

मैंने सोचा कि वह सो रही है. मैंने उसके कमीज में हाथ डाला और दबाने लगा.

तब मुझे ऐसा लगा कि मेरे लंड को कोई दबा रहा है. मैंने उसकी तरफ देखा तो उसकी आंख खुली हुई थी.

मैं समझ गया कि आज ये पक्का चुदेगी.

मैंने उसके होंठों पर किस करना चालू किया तो वह मुझसे चिपक गई.

उसने मेरी चड्डी में हाथ डाल कर लंड को पकड़ा और हिलाने लगी. मैंने भी मन बना लिया और अपने सारे कपड़े निकाल दिए.

उसने मेरा बड़ा लंड देखा, तो वह डर गई. उसने लौड़े से हाथ हटा दिया.

मैंने वापस उसके हाथ को अपने लौड़े पर रख दिया और अपने हाथ से उसके हाथ को दबा दिया.

एक दो पल बाद वह मेरे लौड़े से खेलने लगी. वह मुझे धीरे से कह रही थी- यह बहुत बड़ा है … मैं नहीं ले पाऊंगी. मैंने कहा- तुम्हें डरना नहीं चाहिए. चूत लंड के लिए ही बनी होती है. शुरू शुरू में जरा दर्द होता है, फिर लंड लेने में मजा आने लगता है. लड़कियां बड़े लंड की दीवानी होती हैं.

वह मेरे लौड़े को सहलाती हुई बोली- इसकी कितनी दीवानी हैं? मैंने कहा- तुम पहली हो मेरे लंड की दीवानी हो जाओ, मेरे लिए बस यही बहुत है. वह हंस दी.

लड़कियां बड़ी भावुक होती हैं दोस्तो … उन्हें बहुत जल्दी यह भरोसा हो जाता है कि यह लंड सिर्फ उनके लिए ही बना है.

फिर मैंने उसकी चूत पर हाथ लगाया तो देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था. ऐसा लग रहा था कि उसने आज ही झांटें साफ की होंगी.

मैंने उसकी चूत की फांक में उंगली फेरी, तो उसकी चूत से पानी निकलने लगा था जिससे मेरी उंगली गीली हो गई.

वह अपने हाथ से मेरे हाथ को पकड़ कर अपनी चूत को जोर जोर से रगड़वाने लगी.

मैंने उसके कान में कहा कि मुँह में लेना चाहोगी? वह बोली- हां.

मैंने बड़ी खामोशी के साथ 69 की पोजीशन बनाई और उसका मुँह अपने लौड़े पर लगा दिया. उसने भी मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी.

मेरा लंड उसके मुँह में आधा ही जा रहा था. उसने कुछ मिनट तक लंड चूसा, तो मेरा लंड बेकाबू होने लगा और उसमें से पानी निकलने वाला हो गया था.

मैंने उससे कहा भी कि पानी आने वाला है, उसने कुछ नहीं सुना और वह मेरे लौड़े को चूसती ही रही. मैंने भी समझ लिया कि यह लंड रस पीना चाहती है.

मैंने बिंदास होकर उसके मुँह में ठोल देनी शुरू कर दी.

कुछ ही देर बाद मैंने उसके मुँह में अपने लंड का रस निकाल दिया. वह सारा पानी पी गई.

मैंने उससे कहा- तू तो एकदम रण्डी की तरह चूसती है. कभी और भी सेक्स किया है क्या? पहले तो उसने मना किया. पर जब मैंने उससे कहा कि यह तो सामान्य सी बात है, मैंने भी तो मजा लिया है.

वह बोली- लेकिन तुम तो कह रहे थे कि मैं तुम्हारे लिए पहली हूँ. मैं हंसने लगा.

फिर उसने भी हँसते हुए अपनी जिंदगी की बात बताना शुरू कर दी. उसने बताया कि जब वह स्कूल जाती थी, तब एक लड़के ने उसकी चूचियाँ दबा दी थीं. लेकिन उसने उस लड़के को अपनी चूत नहीं दी थी.

मैंने उसके दूध दबा कर कहा- अच्छा इसका मतलब यह हुआ कि आज तूने मुझे चुदवाने के लिए बुलाया है? उसने हां कहा.

मैंने कहा- मैं आज तुझे इतना चोदूंगा कि तू भी याद रखेगी. उसने कहा- लेकिन तुम्हारा पानी तो निकल गया!

मैंने कहा- रानी, अभी तो रात बाकी है … यह तो तेरी गर्म जवानी के सम्मान में निकाला है. अब देखना सारी रात तेरी चूत चोद कर उसका भोसड़ा बना दूंगा. वह इंडियन वर्जिन टीन गर्ल हंस दी.

अब मैंने उसकी चूत चाटना शुरू की. जैसे ही मैंने उसकी चूत पर जीभ लगाई, वह सिहरने लगी- उई आह!

मैंने कहा- अभी तो जीभ ही लगी है और तेरी उन्ह आह निकलना शुरू हो गई. वह कुछ नहीं बोली.

मैंने कहा- आज तेरी सील टूटेगी रानी. मैं सीधा होकर लेट गया और उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया.

कुछ मिनट तक चूसने से लंड फिर से खड़ा हो गया.

मैंने उसको चुदाई की पोजीशन में लिटाया और उठ कर तेल की शीशी ले आया. उसके पास आकर मैंने अपने लंड पर थोड़ा तेल लगाया और लंड को उसकी चूत पर सैट कर दिया.

फिर एक धक्का मारा, तो उसकी चूत में आधा लंड घुस गया. वह चिल्लाने को हुई, तो मैंने उसका मुँह अपने मुँह में ले लिया.

अब वह चिल्ला भी नहीं पा रही थी और मैं धक्का लगाए जा रहा था.

कुछ ही देर में उसकी चूत से खून निकलने लगा तो मुझे कुछ गीला गीला सा लगा. मैंने हाथ से टटोल कर देखा तो लाल खून हाथ में आ गया.

मैं चुप रहा और उसकी चूत में लंड की ठोकरें मारता रहा.

कुछ समय में ही उसकी चूत का दर्द कम हो गया और वह मादक आवाजें भरने लगी.

मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है? वह बोली- अब ठीक लग रहा है.

मैंने उसकी एक चूची को हाथ से मसलते हुए पूछा- दूध पिलाओगी? वह हंस दी और बोली- चूत तो पी रहे हो उससे मन नहीं भर रहा है क्या … अब दूध भी पीना है?

मैंने कहा- चूत में केला खा रही हो और उसी के साथ दूध चुसवाओगी तो डबल मजा आएगा. वह बोली- ओके तो चूस लो.

मैंने उसकी एक चूची को अपने होंठों से भर कर खींचा और चूसना शुरू किया तो वह आह आह करने लगी.

मैंने चूची छोड़ कर उसकी आंखों को देखा और कहा- क्या हुआ? वह बोली- चूची चूसो न … छोड़ क्यों दी?

मैंने लंड पेलते हुए कहा- क्यों ज्यादा मजा आ गया क्या? वह हंस दी और मेरे सर को अपनी चूची पर खींचती हुई बोली- पहले चूसो … मुझे सच में बहुत मजा आ रहा है.

मैंने उसकी दोनों चूचियों को बारी बारी से चूसते हुए उसकी चूत का सत्यानाश करना शुरू किया. वह आह आह करने लगी.

मैंने कहा- साली कुतिया … चिल्ला मत बहन की लौड़ी … तेरी मम्मी जाग जाएगी. वह हंसी और बोली- साले, बहन का लौड़ा तो तू है … मैं तो तेरे लंड से फंसी पड़ी हूँ.

मैंने कहा- हां, मैंने ही तो तुझे लंड से चुदने के लिए न्यौता दिया था न साली छिनाल … खुद की चूत में आग लगी थी तभी तो लंड से चुदवाने आ गई. वह हँसने लगी और बोली- मुझे सब मालूम है कि तुम्हारे लंड की क्या इच्छा थी. कई बार देख चुकी हूँ कि तुम मेरा नाम ले लेकर लंड हिलाते थे.

उसकी इस बात से मैं चौंका और मैंने पूछा- यह बात तुमको मालूम थी तो तुमने कोई इशारा क्यों नहीं दिया? वह बोली- साले बहनचोद … सारी ठेकेदारी मेरी ही थी क्या? तेरी गांड में दम नहीं था क्या?

मैंने हंस कर उसकी चुम्मी ली और कहा- सच कह रही है मेरी रंडी बहन … मेरी गांड फट रही थी कि कहीं मैंने कुछ कहा या किया तो गड़बड़ न हो जाए. थैंक्स डार्लिंग तुमने मेरे दिल की बात को समझा और मेरे साथ चुदवाने आ गईं. वह गांड उठाती हुई बोली- अब यह थैंक्स अपनी गांड में घुसेड़ लो और मेरी आग बुझाओ भोसड़ी वाले बहनचोद भाई.

मैं उसकी चूत पर पिल पड़ा और मैंने उसे करीब बीस मिनट तक हचक कर चोदा. अब तक वह दो बार झड़ चुकी थी.

अब मेरे लंड से अमृत निकलने वाला था तो मैंने पूछा- लंड का माल तेरी चूत में ही निकाल रहा हूं. उसने मना किया. पर मैंने उसको ऐसे दबा लिया कि वह हिल तक नहीं पाई.

‘आ आ आ लो रानी … मेरा भी निकल गया तुम दवा खा लेना.’ वह भी मेरे बदन से सांप की तरह लिपट गई और हम दोनों एक दूसरे के रस को अपने अन्दर महसूस करने लगे.

चुदाई के बाद मैंने मोबाइल में देखा तो रात का एक बज रहा था. मुझे नींद आ रही थी, तो मैं उससे चिपक गया.

हम दोनों नंगी हालत में ही एक दूसरे से चिपक कर सो गए.

मेरी नींद सुबह 4 बजे खुली, तो देखा वह सो रही थी. मैंने उसको किस किया तो उसकी नींद खुल गई.

मैंने फुसफुसा कर कहा- एक बार और हो जाए? उसने मना किया और कहा- नहीं भैया … चूत में बहुत जलन हो रही है.

मगर मेरे लंड में खुजली हो रही थी तो मैं जबरन उसे गर्म करने लगा. वह भी उत्तेजित हो गई.

मैंने उसको सीधा किया और उसकी चूत में लंड पेल कर धकापेल चुदाई कारण लगा.

वह दर्द से कराहने लगी मगर मैं लगा रहा.

कुछ देर बाद उसे भी चुदवाने में मजा आने लगा. वह और जोर जोर से चुदाई करने के लिए कहने लगी.

कुछ बीस मिनट बाद मैंने अपनी बहन की चूत में ही अपने लंड का माल निकाल दिया. चुदाई के बाद मैं वापस सो गया.

अब वह मेरी रखैल बन चुकी थी. मैं जब चाहता, तब उसके साथ चुदाई कर लेता.

दोस्तो, अब मैं अगले भाग में बताऊंगा कि कैसे मैंने उसकी गांड मारी और अपने बच्चे की मां बनाया. प्लीज कमेंट करके बताएं कि इंडियन वर्जिन टीन गर्ल की कहानी कैसी लगी.

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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