यंग गर्ल को कंप्यूटर सिखाने बहाने चोदा

मैं पियूष 37 ईयर ओल्ड. भोपाल में रहता हूँ. शादीशुदा हूँ. बीवी बहुत तो नहीं लेकिन स्मार्ट है, सेक्सी है. मैं रोज़ उनके साथ सेक्स भी करता हूँ. मैं जो बिल्डिंग में रहता हूँ उसके सामने वाले बिल्डिंग में एक बहुत खूसूरत औरत रहती है जो मेरी बीवी के अच्छी फ्रेंड है. Hot School Girl XXX

उनका नाम स्वाति है उम्र 30/40. वो लोग केरल से आये थे. उनके हब्बी गवर्नमेंट सर्विस करता था. एक साल पहले उनकी हब्बी का डेथ हो गया था. तो हब्बी का सर्विस स्वाती जी को मिल गया. उनकी एक लड़की है नाम तृष्णा क्लास 12 th में पढ़ रही है.

एकदिन तृष्णा स्कूल की कुछ प्रोजेक्ट की तैयारी मेरी कंप्यूटर में कर रही थी. कंप्यूटर ऑपरेट करना उसे नहीं आता था. मुझे बोली “अंकल मुझे हेल्प कर देंगे.” मैंने भी हाँ कर दिया. कंप्यूटर में मैं साइड में बैठ ऑपरेट करने में हेल्प कर रहा था. बीच बीच में जब कीबोर्ड में मैं हाथ लगाता उसकी 34 साइज बूब्स मेरा हाथ में टच हो रहा था.

पहले मैं उतना ध्यान नहीं दिया पर एक दो बार जब वैसा हुआ तो मेरा भी मजा आ रहा था क्यूंकि उसकी टी-शर्ट के अंदर ब्रा नहीं थी. मैं भी बार बार दूध को टच कर रहा था. मेरी कोहनी तृष्णा की बांह के नीचे से उसके बूब को बार बार टच कर रही थी कुछ देर यु ही होता रहा.

मेरी कोहनी कभी कभी थोड़ी जोर से उसके बूब को बाजु से टच कर रही थी पर उसने कोई रिएक्शन नहीं किया. फिर कुछ देर बाद मैंने महसूस किया की उसकी बांह और बूब्स के बीच कुछ और जगह बन गयी है जिस कारण मेरी कोहनी अब आसानी से उसके पूरे बूब पर रखी जा सकती थी.

उसके शरीर की गर्माहट मैं महसूस कर रहा था. उसने खुद जान बूझ कर ही आपने हाँथ थोड़ा सा आगे खिसका दिया था जिस से मेरी कोहनी के लिए जगह बन जाए. मैंने हिम्मत करके इस बार अपनी कोहनी को कुछ ज्यादा अंदर तक जाने दिया अब लगभग आधा बूब मेरी कोहनी के नीचे था.

पर मैं अपनी कोहनी का पूरा भार नहीं रखा हलके से मैंने अपनी कोहनी उसके बूब पर फिराई वो कुछ नहीं बोली और आंख बन्द किये बैठी रही इस से मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. अब मैंने धीरे से अपनी कोहनी थोड़ी और अंदर डाली अब पूरा बूब मेरी कोहनी के नीचे था.

धीरे धीरे मैंने कोहनी से बूब पर दबाव देना शुरु किया वो चुप चाप बैठी थी. मैं समझ गया उसको भी ये खेल अच्छा लगने लगा. उसकी मम्मी और मेरा बीवी बाहर रूम में बैठ के टीवी देखते देखते बाते कर रही थी. वो अचानक उठ गयी और बाहर जाके उसकी मम्मी को बोली “आप लोग बहुत ज़ोर से बाते कर रही हो मुझे डिस्टर्ब हो रहा है.”

उसकी मम्मी बोली वैसा है तो डोर बंद कर ले. वो फिर कंप्यूटर रूम में आके डोर बंद कर दी. और फिर मुस्कुराते हुए मेरा पास में बैठ गयी. अब मैं उसकी गले के पास किस किया. उसने आँख बंद कर ली. फिर मैंने जंगलियों की तरह चूमने लगा. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उसके पूरे मुंह पर किस किया, होंटो पर भी किस किया और वो भी मस्ती में आ गयी. मैं उनको किस करते रहे और मम्मे दबाने लगे इस से वो और भी मस्ती में आ गई फिर मैंने उसकी टीशर्ट उतार दी और मम्मे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगे और उनको चूसने लगे.

फिर मैने उसकी पेंट और चड्ढी भी उतार दी और उसकी फुद्दी को रगड़ने लगे साथ साथ ही मम्मे भी चूस रहा था. फिर मैं घुटनो के बल बैठ गये और फुद्दी चाटने लगे उसकी जिस्म में आग लग गयी थी और वो ज़ोर ज़ोर से आवाज़ें निकाल रही थी. मैने अपने कपड़े उतर दिए.

मैने उसको कहा के इस को चुसो वो ऐसा ही की और उसको बहुत मज़ा आया. एकदम ही मुझे ऐसा लगा मेरी जान निकल रही हो. मगर मुझे बहुत मज़ा आया और वो मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से चुसने लगी मेरा. बहुत मज़ा आ रहा था और मेरा मुँह से आवाज़ निकल गया आआह्ह्ह बेटाटाटा ज़ोर से चुसो मुझे खा जाओ अह्ह्ह्हह ज़ोर से और ज़ोर से आअह्ह्ह्ह प्ल्ज़ आह्ह मज़ा आह्ह है ममममममम. बेटा मैं छूटने लगा हूँ मेरी माल पी लो.

फिर मैं छूट गया और उसका मुंह मेरे माल से भर गया. मैं बोला इस को पी लो और वो मेरा माल पी गयी उसे बहुत मज़ा आया. फिर मैं बोला अब सोफे पर लेट जाओ और मैं नीचे बैठ कर फुद्दी चाटने लगा. कंप्यूटर रूम मैं अकेला यूज करता हूँ और इसमें मेरा शरीर में लगाने वाला तेल था.

तेल निकाल के अपने लंड पर मसला और उसकी चूत पर भी मला फिर बोला दर्द हो गए लकिन मज़ा ज़्यादा आएगा. फिर अपना लंड उसकी फुद्दी मैं आहिस्ता आहिस्ता डालना लगे उसे दर्द हुई और उसने मुझे बताई. मैने फिर और आहिस्ता डाला फिर उसको बहुत मज़ा आया. फिर जब मेरा लंड पूरा अंदर चला गया. मैने हिलना शुरू कर दिया और उसने भी हिलाना शुरू कर दिया और बोलने लगी ज़ोर से करो आह्ह्ह ज़ोर से आह्ह्ह अंकल मज़ा आ रहा है. और फिर थोड़ी देर में ही छूट गयी.

और उस के बाद मैने अपना लंड बाहर निकाल कर हाथ से हिलाना शुरू कर दिया और उसकी मुंह और मम्मों पर चुआ दिया और बोला बेटाआआआआ इसको अपने मुंह और मम्मो पर मल डाल अपने अंकल का मल. उसने ऐसा ही किया और फिर मैने उसे उठाया और पूछा मज़ा आया? उसने बोली बहुत मज़ा आया अंकल इसके पहले इतना मज़ा कभी नहीं हुआ. मैने कहा तो किसी को बताना नहीं फिर उस के बाद मैने उसकी बीच बीच में कंप्यूटर सिखाने के बहाने मैं घर बुला के चोदता हूँ. फिर एक दिन कैसे उसकी माँ को चोदने का मौका मिला.

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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