मेरी गर्ल-फ़्रेन्ड सिमरन

प्रेषक : पवन कुमार

मेरा नाम पवन है! मैं सिमरन नाम की एक लड़की को बहुत ही पसंद करता था! हम दोनों ऑरकुट पर मिले थे! उसने मुझे अपनी फोटो दिखाई थी! फोटो में उसके मोटे चूचे देखकर मुझसे रहा नहीं गया! मैं उससे एक बार मिलना चाहता था! उसके चूचे दबाना चाहता था! उसकी चूत मारना चाहता था! मैंने उसे किसी तरह मिलने के लिए राज़ी कर लिया! उसने मुझसे दिल्ली में मिलने का वादा किया! मैं उसे पुराने किले लेकर गया पर वहां बस किस ही कर पाया! मैं ख़ुद को रोक नहीं पा रहा था! वो थी ही इतनी सेक्सी कि किसी का भी देखते ही झड़ जाए!

एक दिन जब मेरे घर पर कोई नहीं था सब शादी में गए हुए थे तब मैंने उसे बुला लिया! वो अपने घर से ट्यूशन के बहाने आ गई! मैं उस वक्त पढ़ाई कर रहा था कि उसने पीछे से आकर मेरी आँखे बंद कर लीं! उसके मोटे चूचे जब मेरी पीठ में लगने लगे तो मैं समझ गया कि सिमरन है ! मैंने उसका नाम लिया और उसने मुझे छोड़ दिया! यही मौका था मैंने उसे कस कर पकड़ लिया ! वो शरमा गई और मुस्कुराई!

मैंने जैसे ही अपने होंठ उसके होंठ से लगाये वो छटपटा उठी! उस वक्त कमरे में हमारे अलावा कोई नहीं था! वो पूरी जान लगा कर अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी! मैं डर गया पर मैंने उसे छोड़ा नहीं! वो छटपटा रही थी और मैं उसे किस करता जा रहा था! उसके होंठ बहुत मुलायम थे और मुझे उसे किस करना बहुत अच्छा लग रहा था!

इस बीच उसके चूचे कुछ सख्त हो गए थे! पर मैंने उसे तब भी नहीं छोड़ा! कम से कम दो मिनट तक मैंने उसे किस किया फ़िर कुछ ऐसा मुंह बनाकर छोड़ दिया जैसे मैं उससे नाराज़ हूँ! मैं वापस अपनी कुर्सी पर बैठ गया!

कुछ देर वो कुछ नहीं बोली फ़िर धीरे से मेरे पास आई और कहा कि तुम तो नाराज़ हो गए! मैंने उसकी तरफ़ से मुंह फेर लिया! वो मेरे दूसरे तरफ़ आ कर बैठी और एकदम से मुझे किस करना शुरू कर दिया! मेरे पूरे शरीर मैं आग सी लग गई! मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया! मैं भी उसके होठों पर जीभ फेरकर उसे किस कर रहा था! पाँच मिनट तक ऐसे ही वो मुझे मैं उसे किस करता रहा! फ़िर एकाएक मेरा हाथ उसकी जाँघों के बीच चला गया! उसने हड़बड़ा कर मुझे छोड़ दिया और मैंने उसे कस कर पकड़ लिया!

वो सफ़ेद रंग की जींस और काली टॉप पहन कर आई थी! मैंने उसका टॉप उतारने की कोशिश की पर उसे देखकर कुछ ऐसा लग रहा था कि वो ये सब करना तो चाहती है पर बहाने कर रही है! मैंने जल्दी जल्दी उसका टॉप उतारा और फ़िर एक पल के लिए ब्रा के अन्दर झाँकने की कोशिश कि! वो शरमाकर मेरी तरफ़ पीठ कर के खड़ी हो गई मैंने पीछे से उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिए!

फ़िर जैसे ही मैंने पीछे से उसके नरम और गरम चूचों को हाथ लगाया मेरे पूरे बदन मैं आग लग गई! मैंने जोर जोर उसके चूचों को भींचना शुरू किया तो वो सिसकियाँ लेने लगी मुझे लगा उसे दर्द हो रहा है! इसलिए मैंने भींचना धीमा कर दिया! मेरे हाथ धीमे होते देख उसने मेरा हाथो को पकड़ लिया और अपने चूचे दबवाने लगी! मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और ऊपर से उसके चूचों को दबाने लगा! वो और जोर से सिसकियाँ लेने लगी, मैंने और जोर से दबाना शुरू किया!

फ़िर उसने ख़ुद ही जींस उतार दी! मैंने भी अपने कपड़े उतारने शुरू किया ! कपड़े उतारते समय मैं उसकी गुलाबी रंग की चड्डी को देख रहा था ! उसने मुझसे कहा “क्या बात है इरादे तो नेक है जनाब के ?” मैंने कहा ” इरादे तो नेक हैं पर कमी एक है ” उसने ह्ड़बड़ाकर पूछा “क्या ?” मैंने कहा कि “ये गुलाबी कपड़ा हमारे इरादों के बीच आ रहा है इसे हटा दो तो इरादे नेक ही हैं ”

इतना कहकर मैंने उसकी गुलाबी चड्डी खींच ली! वो साँस रोके पड़ी रही बिस्तर पर! मेरे शरीर पर बनियान और अंडरवियर ही रह गया था!

मैंने अंडरवियर नीचे को सरकाया ही था कि उसने अपनी आँखें बंद कर लीं! मैंने कहा मज़ाक कर रहा हूँ यार लो नहीं उतारी अंडरवियर, हालाँकि मैं अंडरवियर उतार चुका था!

उसने धीरे से आँखें खोली और देखते ही बोली धत ! और फ़िर शरमाने का नाटक करने लगी! मैंने जैसे ही लंड उसकी चूत पर सटाया उसने एक लम्बी सिसकी ली! फ़िर मैंने धीरे से लंड को अन्दर करना शुरू किया वो साँस रोककर पड़ी हुई थी! उसकी चूत काफ़ी गठीली थी वो पहली बार चुदवा रही थी! शुरू मैं तो मेरा लंड आधा भी अन्दर नहीं जा पाया!

मैंने अपने एक दोस्त को लंड पर थूक लगा कर चूत मारते देखा था! मैंने थोड़ा सा थूक लगाया और जैसे ही अन्दर किया उसके मुंहसे सिसकी निकली इस बार लंड आधा अन्दर था! मैंने थोड़ा सा बाहर निकल कर फ़िर अन्दर किया उसने फ़िर सिसकी दी! मुझे मज़ा आने लगा और मैं धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा! उसकी सिसकी तेज़ होने लगी तो मैंने भी लंड अन्दर बाहर करना तेज़ कर दिया उसकी चूत को फैलते और सिकुड़ते देख मुझे मज़ा आ रहा था!

कुछ देर बाद उसकी चूत से खून निकलना शुरू हो गया और वो चीखने लगी! ये शायद उसके कँवारेपन की निशानी थी! मेरा झड़ने वाला था और मेरे झटके तेज़ हो गए थे उसने मुझे कसकर पकड़ लिया मैंने और तेज़ झटके देने शुरू कर दिए वो और तेज़ चीखने वाली थी कि मैंने उसका मुंह दबा लिया और उसी वक्त मेरा झड़ गया!

पर जब मैंने देखा कि अब उसे मज़ा आ रहा है मैं और तेज़ तेज़ झटके देने लगा शायद उसकी चूत भी रस छोड़ने वाली थी! कुछ देर बाद उसने मुझे धक्का देकर अलग कर दिया ठीक २ सेकंड बाद ही उसकी चूत से कुछ चिपचिपा सा रस निकला!

उसके बाद मैं बाथरूम चला गया अपना लंड साफ़ किया जब वापस आया तो वो कपड़े पहन चुकी थी! मुझे लगा शायद वो अब मुझसे बात न करे लेकिन उसने मेरे पास आकर मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया और जब वो हटी तो सिर्फ़ इतना कहा “आई लव यू पवन” मैं उसे देखता ही रहा और वो वहां से चली गई!

वो लम्हा मेरी ज़िन्दगी का यादगार लम्हा था! वैसे अब भी हम मिलते हैं ! मज़े करते हैं ! पर वो लम्हा भुलाये नहीं भूलता !

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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