अच्छे दिन आ गए

दोस्तो सभी को मेरे खड़े लंड का नमस्कार, जैसा कि कहानी के नाम से प्रतीत होता है.. कहानी गुजरात की है और लंड के साइज़ से प्रतीत होता है लिखने वाला हरियाणा का है।

आईये शुरू करते हैं फिर लड़के हाथ में ले लें और लड़कियाँ हाथ दे लें।

मैं कच्छ (गुजरात) में जॉब करता हूँ। मैं उस वक्त जिम जाता था। जिम लेकव्यू होटल के पास था, जहाँ साइड में एक पार्क भी है उस नाम संडे पार्क है।

संडे पार्क में संडे को बहुत भीड़ रहती थी.. और उस दिन जिम की भी छुट्टी रहती तो वहाँ बैठकर लाईन मारता, पर कुछ हासिल नहीं हुआ।

एक सन्डे मैंने टी-शर्ट उतार दी और लडकियों को ताकने लगा। थोड़ी देर में एक लड़की से कुछ रिस्पोंस मिलता देख मैं उस लड़की के करीब जाकर खड़ा हो गया।

मैंने अपने कान पर फोन लगाकर यूं ही अपना नम्बर बोल दिया और वहाँ से निकल लिया। अब मैं जिम के सामने जाकर बैठ गया।

लगभग 20 मिनट बाद मेरे मोबाइल पर व्हाट्सअप्प पर किसी नए नम्बर से मैसेज आया।

समझ तो गए आप नव्या का मैसेज था।

हाँ उसका नाम नव्या था। वो दिखने में 20-21 साल की थी, उसकी हाईट लगभग सवा पांच फुट, रंग गोरा था।

उससे ऐसे ही करीब बीस मिनट तक नार्मल चैट हुई। मुझ जैसा मंजा हुआ शिकारी तो शिकार करेगा ही शेर चाहे कैसा भी हो। इसी तरह दोस्ती बढ़ गई।

फिर बातों-बातों में उसने बताया कि वो गुजरात पुलिस के लिए कोशिश कर रही है, पर पता नहीं ‘कब आएंगे अच्छे दिन..’ मैंने उसको बताया- अभी राजस्थान पुलिस के फॉर्म निकले हुए हैं.. अगर वो चाहे तो भर दे। वो बोली- ठीक है।

मैंने उसको राजस्थान पुलिस के लिए बुक्स और एग्जाम पेपर के नाम भेज दिए कि इनको पढ़ लो.. तो पास हो जाओगी।

इसके बाद हम चले गए और अगले सन्डे मिलने पर मैंने प्रश्न पूछने को बोला ताकि वो अपने लक्ष्य को पाने के लिए कुछ पढ़ ले।

अगले संडे फिर मिले.. इस बीच उसने फॉर्म भरा और तैयारी की।

उधर 2001 में आए हुए भूकंप में गिरी हुई इमारतें, चुदाई का भूकंप लाने में बड़ी काम आती हैं।

संडे आ गया और नव्या भी आ गई। हम दोनों मेरी बाइक पर चल दिए। मैं ब्रेक मारते हुए ओल्ड आकाशवाणी भुज की तरफ चल दिया। वहाँ मैंने उससे प्रश्न पूछे और उसने जवाब दिए।

मैंने बोला- गुड.. ऐसी ही तैयारी करोगी तो पक्का पास हो जाओगी। फिर फिजीकल के बारे में बताया और अब बारी मेडिकल की थी।

उसके मम्मों को देखते हुए बोला- तुम ऊपर से तो फिट हो यार.. नीचे.. उसने मेरी बात पूरी होने से पहले ही बोल दिया- नीचे से भी फिट हूँ..

मतलब वो सील पैक थी.. जानकर बड़ी खुशी हुई यारो!

फिर मैंने उसके कन्धों पर हाथ रख दिया और बोला- दो स्टार यहाँ बड़े अच्छे लगेंगे।

वो हँसने लगी.. मैंने हाथ कन्धों से थोड़ा नीचे सरका दिया और मम्मों पर रख दिया। कोई विरोध न होता देख उसके गाल पर किस कर दिया, फिर हाथ पर किस.. फिर आँखों पर.. फिर गर्दन पर.. अब होंठ पर किस.. चुम्बनों की झड़ी लग गई और साथ में मैं उसके मम्मे भी दबाता रहा।

दस मिनट बाद गर्मी आ गई और हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए।

कुछ ही मिनट में वो भी झड़ गई और मैं भी.. कुल दस मिनट फोरप्ले के बाद वो कसमसा उठी। अब मैं उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा और उसकी कमर पकड़ कर चूत में घुसाना चाहा.. पर नहीं गया।

थोड़ा थूक लगाया और लन्ड ‘आअ.. आह..’ की आवाज के साथ अन्दर घुस गया। उसकी तेज चीख ‘न्न्नहीं..’ की आवाज के साथ चूत से खून बाहर निकल पड़ा।

मैं थोड़ा रुका.. फिर डाल दिया और फिर रुका। कुछ देर सटासट अन्दर-बाहर किया.. चिकनाई हो गई, तो पोजीशन बदली और ‘वीमेन ऑन टॉप’ की स्थिति में हो गए।

वो ऊपर से गांड उछाल कर लंड ले रही थी और 13 साल बाद इस इमारत में फिर से भूकंप आने को था।

वर्षों से बंद पड़ी आकाशवाणी में फिर से चुदाई कार्यक्रम चल रहा था और ‘फ्च.. फ़चफ्च..’ का संगीत गूँज रहा था। लिरिक नव्या के थे और संगीत की थाप मेरी थी।

कुछ मिनट बाद हम दोनों फिर से झड़ गए। चुदाई के बाद मैंने उसको मेरी जुराबें दीं.. क्योंकि उसकी चूत पर खून के छींटे लगे हुए थे।

सफाई के बाद कपड़े पहने और घर को रवाना हो चले।

रास्ते में मैंने उसको मजाक में बोल दिया- नव्या.. तुम्हारा पता नहीं.. पर मेरे तो आ गए अच्छे दिन! नव्या नाराज हो गई।

फिर ना कोई मैसेज न कोई टोन.. ना कोई मिसकॉल.. न कोई फोन।

तीन महीने बाद एग्जाम, फिजिकल और मेडिकल में पास हो जाने पर उसने बोला- युग.. सच्ची यार अच्छे दिन आ गए। आपकी मेल के इन्तजार में आपका युग। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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