मेरी विधवा मां और मेरे दोस्त के यौन सम्बन्ध- 3

यंग एंड मेच्योर सेक्स की कहानी में मैं, मेरा कुलीग, मेरी मम्मी और उनकी सहेली चारों मौज मासी के लिए होटल में रुके थे. वहाँ हमने क्या क्या कैसे कैसे किया?

फ्रेंड्स, मैं संजय आपको अपनी विधवा मां की सेक्स कहानी सुना रहा था.

कहानी के दूसरे भाग मम्मी की सहेली को गर्लफ्रेंड बनाकर चोदा में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं और सविता कमरे में मां की चुदाई होती देख कर तुरंत बाहर आ कर बैठ गए थे.

अब आगे यंग एंड मेच्योर सेक्स की कहानी:

मैंने सिगरेट सुलगा ली और कश लगाने लगा. सविता ने पूछा- वह इतनी देर तक कैसे झेल रही है उसे?

तब मैंने बोला- वह गोली खाकर कर रहा है शायद! तो सविता बोली- तुमसे ली क्या उसने?

मैंने बताया- हां, 3 कंडोम और 1 टैबलेट ली है. सविता हंसी और बोली- तो फिर कहां जल्दी होने वाला है. अब तो पूनम सुबह सही से चल ही नहीं पाएगी शायद!

मैंने पूछा- ऐसा क्यों? तब सविता मुझे बोली- उसने तुम्हारे पापा के जाने के बाद अभी तक किसी के साथ कभी सेक्स नहीं किया है. यह कुणाल ही पहला मर्द है, जो तुम्हारे पापा के बाद उन पर चढ़ा है. पूनम का मन भी बहुत था, वह 4 साल से मर्द की भूखी है.

हम लोग बाहर बात कर रहे थे, तभी मुझे लगा कि आवाज़ें आनी बंद हो गई हैं. मुझे पता चल गया कि मां का काम तमाम हो गया है.

मैंने कमरे के दरवाज़े से देखा तो कुणाल नीचे लेटा था और मेरी मां उसे हग करके उसके ऊपर लेटी हुई थीं. मां की ब्रा बेड पर थी और पैंटी बाथरूम के पास पड़ी थी. कुणाल की चड्डी भी बेड के नीचे पड़ी थी.

उन्होंने पूरा कमरा अस्त व्यस्त कर दिया था. मैंने सविता को पहले कमरे के अन्दर भेजा.

सविता कमरे में गई और उसने मां के सारे कपड़े उठाए, बेड ठीक किया और दोनों के कपड़े उनके पास रख दिए. उन दोनों को नींद आ गई थी.

हम लोग भी सेक्स करके थक गए थे तो मैंने सविता को बोला- अब सो जाते हैं.

सुबह उठा तो देखा कि सविता और पूनम (मेरी मां) दोनों कहीं बाहर घूमने गई हैं. मैंने देखा कुणाल फोन चला रहा था.

मैंने कुणाल से पूछा- कैसी रही रात? तो वह मेरे पास आया और बोला- यार, मस्त थी रात थैंक्यू, थैंक्यू.

वह बार-बार शुक्रिया करने लगा.

मैंने पूछा- क्या हुआ ऐसा? तब उसने बताया- तुम लोग जब चले गए, फिर मैं कमरे में आया और उसे बोला कि वे लोग कहीं चले गए हैं और बोलकर गए हैं कि 1-2 घंटे में आएंगे. मैंने उससे झूठ बोला, नहीं तो वह मानती नहीं.

मैंने पूछा- फिर क्या हुआ? वह बोला- मैंने आते ही उसे हग किया और किस करना शुरू कर दिया. उसके बूब्स इतने मस्त हैं न भाई … आह क्या ही बताऊं … उसके बूब्स तो मुझे सारा दिन चूसने को मिल जाएं तो मैं चूसता रहूँ. वह मूड में तो थी, पर ‘ना-ना’ कर रही थी … वह तो औरतों की आदत होती है.

मैंने बोला- हां, उसके बाद? कुणाल बोला- फिर क्या, उसकी चूत इतनी टाइट थी … जैसे कभी किसी ने कुछ किया ही न हो!

मैंने बोला- सच्ची क्या? कुणाल बोला- हां यार, इतना टाइट छेद था कि लंड में पूरा दर्द होने लगा था मुझे … और उसका तो ब्ल.ड भी निकल गया था.

फिर उसने दिखाया कि बेडशीट पर खू.न के लाल दाग हो गए थे.

मैंने पूछा- कुणाल, कितने राउंड हुए? तो कुणाल ने बोला- कुल 4 राउंड हुए 2 घंटे कंटिन्यू किया, एकदम थक गई थी वह. उसका मैंने 4-5 बार इतना पानी निकाला था कि वह एकदम निढाल हो गई थी. मगर वह आज मेरे लंड से चुद कर पूरी खुश हो गई है.

फिर मैंने कुणाल को बोला- चल तो सकती है ना? या पीछे के होल की भी ओपनिंग भी कर दी? कुणाल हंस कर बोला- वह आगे के दर्द से रो रही थी, पीछे तो वह मर ही जाती. उसने कहा था कि उसके हस्बैंड ने कभी गांड में लंड नहीं पेला था.

मैंने हम्म कहा.

कुणाल- यार, वह बोल रही थी कि उसको आज बहुत साल बाद ‘औरत’ बनने का सुख मिला है.

वह मेरी मां को चोद कर बहुत खुश था, उसकी खुशी उसकी आंखों में दिख रही थी.

फिर कुणाल ने बोला- पूनम मुझसे बोली कि तुम मेरे घर आ सकते हो, जब उसका बेटा ऑफिस जाता है. मैं हंस दिया कि कुणाल को अभी यह पता नहीं चला है कि उसका बेटा मैं ही हूँ.

कुणाल ने मुझसे कहा- अच्छा है, उसको भी जो चाहिए मैं दूँगा, लेकिन सच में बहुत अच्छी औरत है. मैं चुप रहा और सिगरेट सुलगाने लगा.

फिर कुणाल ने पूछा- सविता कैसी है? कैसी रही तुम्हारी रात? मेरी वजह से तुम्हारी रात खराब हो गई न! तब मैंने उसको बोला- ना भाई, मैं भी ऐसा मौका छोड़ने वाला नहीं था. मैं भी उसे थोड़ी आगे एक वॉल के पास ले गया उसे और उधर ले जाकर उसे पूरी मस्त करके चोद दिया. कुणाल हंस दिया.

मैंने कुणाल से कहा- जब मैं सविता को चोद कर वापस कमरे में आया, तब तू अपनी पूनम की अच्छे से ले रहा था, तू उसे पूरी घोड़ी बना कर उसकी मस्त सवारी कर रहा था.

वह बोला- हां यार, क्या गजब का ब्लो-जॉब किया है उसने … मजा ही आ गया. उसे लंड चुसवाते समय तो मुझे ऐसा लग रहा था कि सिर्फ मुँह से ब्लो-जॉब ही करवाता रहूँ. मेरा पहली बार का पानी तो उसने चूस चूस कर ही निकाल दिया था. मैंने भी उसके मोटे-मोटे बूब्स पर फिच फिच करके सारी रबड़ी निकाल दी थी. सच कह रहा हूँ दोस्त … उसके साथ लंड चुसाई में मेरे लौड़े से इतना सारा पानी निकला था कि पूनम भी चौंक गई थी.

मैंने कहा- क्यों चौंक गई थी? कुणाल बोला- वह पूछ रही थी कि कितनी रातों से सेक्स नहीं किया है? तो मैं हंस दिया था.

फिर मैंने कुणाल से पूछा कि आज रात का क्या इरादा है? वह बोला- आज रात को तो उसके पीछे वाले छेद में लंड पेलूँगा. मैंने बोला- हां भाई, तेरी जुगाड़ है, तुझे जैसे लेनी है, खूब अच्छे से ले. तेरा तो यह हनीमून ही हो गया है! तुझे टाइट चूत भी मिल गई और अब टाइट गांड भी मिल जाएगी.

वह हंस दिया.

मैंने पूछा- कंडोम सब खत्म? तो वह बोला- मैंने फर्स्ट राउंड में लगाया था, पर जैसे ही अन्दर डालने लगा तब चुदाई में इतना मज़ा आया कि उसने कंडोम निकाला और खुद ही फेंक कर बोली कि अब से नो कंडोम!

मैंने कुणाल से बोला- शायद तुम्हारे लंड का साइज उसको ज़्यादा अच्छा लगा होगा, जितना मोटा चाहिए उतना मिल गया न! कुणाल बोला- हां उसे मिल गया … आज रात को मौका मिला तो मैं जाऊंगा वॉल के पीछे, तुम सविता की चुदाई करना.

फिर थोड़ी देर बाद पूनम और सविता दोनों बाहर से आयीं. मैंने देखा मां की नज़रें मेरी नजरों से नहीं मिल रही थीं. मां वॉशरूम चली गयी.

फिर सविता कुणाल से बोली- कुणाल, तुम पूनम को वहां एक साइड व्यू है, वहां लेकर जा सकते हो. मैंने भी कुणाल को इशारा किया.

जब मां बाहर आईं तो कुणाल बोला- पूनम, सविता जी बोल रही हैं कि उधर कोई अच्छा व्यू है, चलो, देख कर आते हैं.

कुणाल ने पूनम (मेरी मां) के शोल्डर पर हाथ रखा और बोला- चलो!

फिर कुणाल ने मुझको आंख मारते हुए कहा- बेस्ट ऑफ लक!

जैसे ही वे दोनों गए, मैंने जल्दी से डोर क्लोज किया और सविता को हग किया.

मैंने कहा- कहां गई थी बेबी? वह बोली- ऐसे ही होटल के बाहर मेडिकल तक गई थी. रात को कुणाल ने पूनम के साथ पागल के जैसे सेक्स किया था … उसकी चुत में जलन हो रही है, इसलिए मेडिसिन लेने गई थी.

मैंने सविता आंटी से पूछा- अरे तो क्या मां को दिक्कत है? सविता- नहीं यार, तेरी मां पूनम बहुत खुश है. मैंने उससे पूछा तो वह बोली कि इतना मज़ा तो कभी तुम्हारे पापा ने भी नहीं दिया.

सविता की बात सुनकर मैंने ऐसे ही क्रॉस चेक किया- पीछे भी किया क्या? तो सविता बोली- नहीं, पीछे से नहीं किया. आगे से ही जब उसने इतना जोर से सेक्स किया और खून निकाल दिया. अगर पीछे से पेलता तो जान निकाल देता. पूनम ने बताया कि रात को कुणाल ने बहुत बोला था पीछे के लिए, लेकिन उसने कुणाल को नेक्स्ट टाइम के लिए कह दिया था. वह मान भी गया था.

मैं हम्म कह कर सविता को देखने लगा. सविता ने कहा- पूनम ने उससे कहा कि इधर आगे से ही सेक्स में अच्छा लग रहा है, जब घर जाएंगे तब पीछे से करुँगी, उधर सेफ रहेगा.

मैं सविता को चूमने लगा.

वह बोली- उसने मुझसे भी पूछा कि क्या तुम लोगों के बीच भी कुछ हुआ था? तो मैंने कह दिया था कि नहीं, बस किस हुआ. ‘फिर?’ सविता- फिर पूनम बोली कि कर लो अगर उसका और तुम्हारा मन है तो! अब मैं उससे क्या बोलती कि हम लोग तो पहले से ही करते हैं.

इसी तरह की बातों में हम दोनों में चूमाचाटी बढ़ गई और हमारी चुदाई शुरू हो गई. उस रात पूनम और कुणाल दीवार के पीछे अपने काम में लग गए और 3 घंटे में धकापेल चुदाई के तीन राउंड पूरे करने के बाद बाद वापस आ गए.

वे दोनों वापस आकर बाहर गार्डन में वेट कर रहे थे.

कुणाल ने मेरी मां से बोल दिया था- वह सविता को पेल रहा है तो हम लोग बाहर ही रुक जाते हैं.

यहां कमरे में मैं सविता को पूरी नंगी करके ताबड़तोड़ चोद रहा था. आज मैं सविता को अपनी मां समझ कर चोद रहा था.

उस वक्त मेरी आंखों में कल रात का वही सीन घूम रहा था, जब कुणाल मेरी मां को घोड़ी बना कर उसकी चुदाई कर रहा था.

करीब दो घंटा तक चुदाई करने के हम दोनों थक कर लेट गए. फिर कपड़े पहन कर सो गए.

मैं सुबह उठा और फार्मेसी से गर्भनिरोधक दवा ले आया और सविता को दे दी. हम दोनों हमेशा चुदाई करने के बाद टेबलेट खा लेते थे.

उधर दो दिन मस्ती से सेक्स का मजा लेने के बाद हम सब लोग दूसरे दिन घर आ गए और सब अपने अपने काम में लग गए.

इस टूर में यह नया हुआ था कि कुणाल अब रोजाना लंच टाइम में मेरे घर आ जाता और मेरी मां की चुदाई करने लगता. मुझे भी पता होता था क्योंकि वह आकर मुझे ही बोलता था कि पूनम की चुदाई करके आया है.

मैं सविता के घर पहले की तरह जाने लगा था, बस अब यह फर्क आ गया था कि अब मैं उसे मां के सामने ही अपने कमरे में ले जाकर चोद देता था. कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा.

मेरी मां को अब खुल कर चुदाई चाहिए थी और कुणाल भी अपनी लाइफ में सिंगल था. करीब 5 महीने तक डेली चुदाई चलने के बाद मां को पीरियड आना बंद हो गया.

ये बात मेरी मां ने कुणाल को बताई तो कुणाल उन्हें डॉक्टर के पास ले गया. उधर जांच में पता चला के मेरी मां प्रेग्नेंट हो गई हैं.

कुणाल ने अपने किसी डॉक्टर दोस्त की मदद ली और मां का गर्भपात करवा दिया.

जब गर्भ की समस्या खत्म हो गई तो कुणाल वापस लग गया. इधर मेरा और सविता का भी ऑलमोस्ट रोजाना वाला चुदाई का प्रोग्राम चल रहा था.

एक बार कुणाल को कहीं बाहर जाना था. वह मेरी मां से बोला- पूनम तुम भी मेरे साथ चलो, एक हफ्ते का ट्रिप है.

मां ने मुझसे पूछा, तो मैंने हां कह दी. मैं बोला- हां आप चली जाओ, घूम फिर कर आओ.

कुणाल मेरी मां को दिल्ली ले गया. उसने उधर एक हफ्ते तक मां की तबियत से चुदाई की और उसी टूर में उसने मेरी मां की गांड की ओपनिंग भी कर दी.

जिस दिन उसने मेरी मां की गांड चोदी, उसी दिन उसने मुझे फोन करके बताया कि मैंने पूनम की गांड मार ली है और उसे भी मजा आया है. बाद में पता चला कि उनके प्रोग्राम की मां चुद गई थी क्योंकि मां को उनकी गांड में 3 दिन तक दर्द होता रहा था. बुखार भी आ गया था तो मां चल ही नहीं पा रही थीं.

फिर मैंने कुणाल से कहा कि डॉक्टर दिखा दो. वह बोला- पूनम को दर्द अच्छा लग रहा है, वह खुद बोली. मैंने बोला- ओके अब अगली बार गांड मारो तो कंडोम यूज़ करना.

वह बोला- अब करना ही नहीं है, पूनम लंड लगाने ही नहीं दे रही है. पूरे प्रोग्राम की मां चुद गई है. मैं हंस दिया.

कुणाल बोला- पूनम वैसे तो मुझे इतना ज्यादा खुश रखती है भाई कि क्या ही कहूँ. उससे जो भी बोलूँ, जैसे बोलूँ, वैसे ही रेडी हो जाती है. बस अभी जरा दर्द है तो सिर्फ मुँह से मजा दे पा रही है.

यूं ही समय कटता रहा. वे दोनों वापस आ गए और उन दोनों की चुदाई लगातार चलती रही.

एक दिन कुणाल मुझसे बोला कि जिस तरह पूनम मेरे साथ बिस्तर में चुद रही है, उससे तो लगता है कि मैं तुझे चाचा बना दूँगा. मैंने कहा- अरे आराम से कर, तेरी ही है कहां जाएगी वह … और कहां जाएगा तू? उसके घर पर जाकर उसकी चुदाई करता ही है ना!

कुणाल बोला- भाई, मैं नहीं, वह मुझे नहीं चोद रही है. अभी थोड़ा समय दे, जब उसकी चुदाई करूँगा, तब तुझे वीडियो कॉल करूँगा और दिखाऊंगा कि मैं उसे कैसे चोदता हूँ और वह मुझे कैसे चुत देती है!

उसकी बातें सुनकर मेरा भी अपनी मां की चुदाई देखने का मन होने लगा. मैंने मां से काम से एक रात के लिए बाहर जाने का कहा और सविता के घर में आ गया.

उस दिन मां घर पर अकेली रह गई थी और उनकी चुदाई होने वाली थी. कुणाल मां की चुदाई करने आने वाला था.

पूरी रात मैं सविता के कमरे में उसकी चुदाई कर रहा था और उधर वह कुणाल मेरी मां पूनम की गांड मार रहा था.

उसने वीडियो कॉल करके चुदाई दिखाई. उसके लंड में वाकई दम था … एकदम काला, मोटा और कम से कम 8.5 इंच का होगा.

जैसे ही उसका लंड खड़ा हुआ, वह मां की चूचियों में लंड फंसा कर पागल कुत्ते की तरह बूब्स फकिंग करने लगा. फिर वह अपना लंड लेकर मां के मुँह के सामने आया. उसका लंड इतना बड़ा दिखाई दे रहा था कि मेरी मां के मुँह में पूरा अन्दर ही नहीं जा रहा था.

वह धीरे-धीरे धक्के दे रहा था. मां पूरी नंगी थी. उसने मां का ब्लाउज अपने गले में लटका रखा था.

वह बोला- पूनम, ब्रा पहन लो. मां ने जैसे ही ब्रा पहनी, उसने उन्हें गोदी में उठा लिया. अपने लंड पर थूक लगाकर और चूत में एक उंगली डालकर बोला- पूरी गर्म है पूनम, रेडी?

मां बोली- हां पेल दो. जैसे ही कुणाल का लंड मां की चुत के अन्दर गया, मां एकदम से काँप गईं.

कुणाल ने ब्रा को किसी बेल्ट की तरह कसकर पकड़ रखा था. इतने दिन हो गए थे चुदाई करते हुए, लेकिन फिर भी मां की चुत में उसका लंड जाते ही उनका शरीर एकदम से काँप जाता था.

फिर कुणाल ने जो धक्के मारना शुरू किया, नॉन-स्टॉप 25 मिनट तक चुदाई करता रहा. इधर मेरी और सविता की भी चुदाई चल रही थी.

हम दोनों का वीडियो कॉल ऑन था, पर दोनों औरतों को इस बात का पता नहीं था. इधर सविता की ‘आह्ह्ह… आह्ह्ह…’ हो रही थी और उधर पूनम (मेरी मां) ‘मर गई… कुणाल… आह्ह… आह्ह्ह’ कर रही थी.

काफी देर की लंबी चुदाई के बाद मैं और सविता दोनों फारिग हो गए. मैंने सविता की गांड में पानी भर दिया.

वहां उन दोनों का भी निकल गया. मेरी मां की दर्द से हालत खराब हो गई थी और वे वैसी ही नंगी लेट गईं.

कुणाल बोला- भाई, अब नेक्स्ट राउंड की तैयारी करता हूँ.

मैंने फोन रख दिया. लेकिन इस बार कुणाल के चक्कर में मैंने भी कंडोम लगाना छोड़ दिया और पिल्स देना भी बंद कर दिया.

कोई 15 दिन बाद मां की पीरियड्स की डेट क्रॉस हो गई और सविता का भी पीरियड नहीं आया.

चेक किया तो पता चला कि दोनों प्रेग्नेंट हो गई थीं. सविता तो बच्चा गिरा देगी, लेकिन पूनम (मेरी मां) जिद पर अड़ी थीं.

वे कुणाल से कह रही थीं कि एक साल में दो बार प्रेग्नेंट हो गई हूँ, बार-बार बच्चा नहीं गिराना मुझे!

तो दोस्तो, आप ही बताइए कि अब क्या करना चाहिए? कुणाल को अब तक यह नहीं पता कि वह मेरी मां है, और मां जिद कर रही है कि उसे कुणाल का बच्चा चाहिए.

प्लीज गाइज़, कमेंट करो कि मुझे क्या करना चाहिए और आपको मेरी यंग एंड मेच्योर सेक्स की कहानी कैसी लगी? अपनी राय और सुझाव मुझे मेल करें. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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