एक्टिंग करते करते जवान लड़की की चूत मारी

Xxx कॉलेज गर्ल फक स्टोरी में मेरे साथ एक लड़की मुम्बई ने एक्टिंग कोर्स कर रही थी. एक रोल हम दोनों को पति पत्नी का करना था. प्रक्टिस करते हुए हम सच में सेक्स कर बैठे.

दोस्तो, मेरा नाम अर्णव है.

उस वक्त मेरी उम्र 22 साल की थी जब मैं अपने एक्टिंग के कोर्स के लिए मुंबई गया था. वहां के एक इन्स्टिट्यूट में मैंने एड्मिशन ले लिया था.

मैं दिखने में भी काफ़ी हॉट था, जैसा लड़कियों को पसंद आता है.

मैं सिक्स पैक वाला लड़का था. वह क्या है ना कि जब बॉडी अच्छी होती है, तो लड़की जल्दी कपड़े उतरवा ही देती है.

हां तो मैं इन्स्टिट्यूट में गया, यह Xxx कॉलेज गर्ल फक स्टोरी 2019 की है.

वहां और भी स्टूडेंट्स थे और काफ़ी माल किस्म की लड़कियां भी थीं. कुछ तो एनआरआई भी थीं, उनमें कुछ लड़कियां ज्यादा ही हॉट और सेक्सी भी थीं.

उन में से मेरे बैच की एक एनआरआई लड़की थी, उसका नाम नम्रता था. वह पंजाबी थी. वैसे तो लेकिन सिंगापुर में रही थी और उधर ही पली बड़ी थी.

मैंने जब नम्रता को पहली बार देखा तो देखता ही रह गया … क्योंकि वह इतनी हॉट ओर सेक्सी लग रही थी कि क्या ही बताऊं. एकदम पर्फेक्ट माल चोदने लायक बॉडी थी. उसका फिगर 32-28-34 का था और उसके बूब्स मानो अलग से गोल किए गए हों. एकदम कसे हुए दूध थे और उसके मम्मों का क्लीवेज भी साफ नज़र आता था.

वह उस दिन एक काली टी-शर्ट डीप नेक वाली पहन कर आई थी तो साफ लगता था जैसे उसके दूध बाहर निकलने को तड़प रहे हों.

उसने नीचे अपनी टांगों में स्पोर्ट्स लैगिंग्स डाली हुई थी जिसमें से उसके चूतड़ एकदम गोल कसे हुए साफ नुमाया हो रहे थे. मेरी नज़र उसकी गांड पर जम गई थी और पहले ही दिन मेरा लंड मेरी जीन्स में टाइट होने लगा था.

मेरा मन कर रहा था कि मैं उसे अभी चोद दूं. मैंने किसी तरह से अपने आपको कंट्रोल किया और उससे मिला.

मैंने उससे हैलो हाय की और हमारी सामान्य दोस्ती हो गयी क्योंकि वह भी पहले एक मॉडल थी और मैं भी.

कुछ दिनों तक हमारी क्लासेस चलीं और हम दोनों मिलते रहे.

एक दिन हम दोनों पार्क में प्रैक्टिस कर रहे थे. हम दोनों को ही काफी देर हो गई थी और शाम भी गहरा गयी थी.

मेरे ग्रुप में नम्रता नहीं थी लेकिन वह भी प्रैक्टिस कर रही थी. शाम होने की वजह से ठंड बढ़ गयी थी तो मैं तो एक्सट्रा जैकेट व कपड़े अपने साथ लेकर चलता था. यह सब आउट में काम करते वक्त काम आते थे.

उसी शाम नम्रता पार्क में मेरे पास आई और बोली कि अपनी जैकेट दे दो! मैंने दे दी. वैसे मैं भी चाहता ही था मन ही मन कि वह मेरे पास आए, आज कपड़े ले और कल मेरा लंड.

फिर जब हम दोनों जाने लगे तो उसने मेरा जैकेट वापस दे दिया. मैंने बैग में जैकेट रख ली और घर आ गया.

फिर जब रात को जब मैं बैग खाली कर रहा था तो वह जैकेट निकली. उसमें से एक मस्त खुशबू आ रही थी.

मैंने उसे उठा कर सूंघा तो ये नम्रता का पर्फ्यूम और उसके बदन की खुश्बू थी.

मैं दो मिनट के लिए इस खुश्बू में एकदम खो गया और मेरी आंखों के सामने ने नम्रता आ गई थी. ऐसा लग रहा था, जैसे मैं उससे लिपटा हुआ हूँ.

मैंने वह जैकेट उठाई और फटाफट बिस्तर पर आ गया. मैं वह जैकेट सूंघ कर और नम्रता का फोटो फोन में लगा कर 20 मिनट तक लंड हिलाता रहा और अपना माल निकाल कर ढीला हो गया.

अब मुझे नम्रता को चोदने की जल्दी हो रही थी और ऐसा लगने लगा था, जैसे मेरे टीचर ने मेरे मन की बात सुन ली.

अगले ही दिन मेरे टीचर ने हमें एक एक्ट करने को दिया. उन्होंने सबके 2-2 के जोड़े बनाए. मेरा और नम्रता का नाम एक साथ हो गया और हमें हज़्बेंड वाइफ का रोल दिया गया.

इस एक्ट में मुझे उससे किस करने तक जाना था और ऐसा एक्ट करना था कि कहीं उसकी दोस्त ना देख ले, जो हमारे साथ में ही एक्ट कर रही है.

मुझे नम्रता को किस करने के बाद तुरंत हट जाना था. टीचर ने कहा- एक्ट एकदम रियल लगना चाहिए, चाहे तुम लोग एक हफ्ते तक पति पत्नी बन कर घूमो.

बस फिर क्या था, मैं लग गया अपने काम पर … और हम दोनों ने प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी. पहले तो यह सब कॉलेज में करने में शर्म आई, फिर सोचा कि छोड़ो एक्टिंग के नाम पर सब चल जाएगा.

पर जब मैं पहली बार नम्रता के नज़दीक गया और उसके होंठों के पास अपने होंठ लाया तो लगा किस ही कर लूँ कि तभी और स्टूडेंट्स आ गए, जिससे हमें डिस्टर्ब हुआ और हम प्रैक्टिस नहीं कर पाए.

एक दो दिन ऐसा ही होने की वजह से हम दोनों खुल कर प्रैक्टिस नहीं कर पा रहे थे. मुझे भी उसे जल्दी से जल्दी चोदना था, तो मैंने सोचा कि अब यह मेरे साथ इतनी कंफर्टबल है तो पूछ ही लेता हूँ कि क्या वह मेरे घर आकर प्रैक्टिस करेगी.

तो कॉलेज के खत्म होने के बाद मैंने उससे पूछा- अगर तुम्हें कोई प्रॉब्लम ना हो, तो तुम मेरे घर चल कर स्टे कर सकती हो … और हम उधर प्रैक्टिस भी कर लेंगे … वर्ना यहां तो प्रैक्टिस होनी ही नहीं! उसने दो सेकंड भी नहीं लगाए और बोली- हां ये ठीक रहेगा.

मैंने उसे मुस्कुरा कर देखा. वह हंस कर बोली- तुम्हारे यहां दो कमरे तो हैं ना … रात को अगर वहां रुकूंगी तो वहीं सो जाऊंगी! मैंने कहा- हां हां बीवी साहिबा! वह भी हँसी और बोली- तो चलें पति देव!

हम दोनों ने कैब ली और घर के लिए निकल गए.

मेरा घर 7-8 किलोमीटर दूर था, तो मैंने कैब में बैठते ही उससे कहा- देख तूने सलवार सूट वगैरह तो डाला ही है, तो हम यहां से ही ऐसे बिहेव करते हैं कि हम दोनों पति पत्नी हैं. ड्राइवर को भी ऐसा ही लगना चाहिए!

उसने उस दिन नीले और हरे रंग का सलवार सूट पहना था जिसमें वह माल लग रही थी. हम दोनों हाथ में हाथ पकड़ कर बैठे, कभी वह मेरे कंधे पर सर रखे तो कभी मैं उसके.

उसी वक्त मेरी नज़र उसके क्लीवेज के अन्दर जा रही थी जिसे उसने एक बार नोटिस भी कर लिया था. वह धीरे से बोली- पति देव ये कैब है, हम अभी घर नहीं पहुंचे हैं. इधर उधर नज़र मत डालो!

यह कह कर वह हंसने लगी, तो मैंने उसको कमर से पकड़ कर वहीं हग कर लिया. हग करने से उसके बूब्स मेरी छाती पर लग गए और मैं उसके गोल व टाइट बूब्स अपने शरीर पर महसूस कर पा रहा था कि तभी हम घर आ गए.

हम दोनों ने घर जाकर भी सेम एक्टिंग जारी रखी. घर में घुसते ही वह बोली- सुनिए ना आप फ्रेश हो जाओ, मैं खाना लगा लेती हूँ!

तो मैंने भी कहा- मेरी प्यारी बीवी, एक काम करो … तुम भी फ्रेश हो जाओ! वह बोली- ठीक है.

हम दोनों एक एक करके वॉशरूम में गए. पहले मैं गया और अपने लंड को अच्छी तरह से साफ किया और खुद को फ्रेश किया. फिर वह गयी और उसने शॉवर लिया, लेकिन वह तौलिया और अपने कपड़े अन्दर ले जाना भूल गयी.

तभी उसने अन्दर से आवाज़ दी कि मेरे कपड़े और तौलिया दे दो! मैंने सिर्फ़ उसका कुर्ता दे दिया और तौलिया.

वह बोली- पति देव इसका सलवार भी दे दो! मैं हंस कर बोला- घर में हो, क्या ज़रूरत है बीवी … इतना तो चलता है!

वह भी मान गयी कि ठीक है. फिर वह बोली- अच्छा मेरी ब्रा और पैंटी तो निकाल कर दे दो बैग से!

मैं बोला- ओके बीवी, बताओ तो पहना भी दूं! वह हँसी और बोली- दे दो, पहन मैं खुद लूँगी.

जब मैंने उसकी पैंटी और ब्रा देखी तो मैं समझ गया कि वह भी मुझसे चुदना चाहती है क्योंकि उसकी ब्रा और पैंटी काले रंग की नेट वाली थी. उन्हें देख कर मैं खुश हो गया. मैंने जाकर वह सैट उसको दे दिया.

वह मुझे देख कर मुस्कुराई! फिर 5 मिनट बाद वह बाहर आई तो मैं उसको देख कर हैरान रह गया.

वह नीले कुर्ते में थी और बिना सलवार के उसकी गोरी टांगें क्या हॉट लग रही थीं. मेरा लंड तो धीरे धीरे कड़क होने लगा और हाफ़ पैंट पहने होने की वजह से मेरा लंड थोड़ा फूलने लगा था, जिसे उसने भी नोटिस कर लिया था.

मैंने उसकी तरफ हवस वाली नज़रों से देख कर कहा- यार, तुम तो ज़बरदस्त सेक्सी लग रही हो! यह सुन कर वह मुस्कुराई और बोली- हां वह तो आपकी पैंट देख कर ही पता चल रहा है पति देव!

यह कह कर वह हंस कर किचन में चली गई. मैंने सोचा कि अब सही मौका है खेल खेलने का.

तभी उसकी आवाज़ आई- पति देव, आइए खाना लगा दिया है. हम दोनों बैठ कर खाने लगे.

बातों ही बातों में मैंने उससे कहा- क्यों ना हम कल सुबह तक ये पति पत्नी की एक्टिंग ऐसे ही करें! वह बोली- अरे पति देव, बेड साफ कर दिया है, मैं लेफ्ट साइड सो जाऊंगी और आप मेरे बाजू में!

मैं समझ गया कि वह Xxx कॉलेज गर्ल फक करने को तैयार है. वह भी मुझे घूर कर देख रही थी और मुस्कुरा रही थी.

खाना खाकर जैसे ही हम दोनों उठे, वैसे ही पावर कट हो गया. वह डर कर मेरे सीने से लग गयी और मैंने भी उसे झटके से पकड़ लिया. जिससे मेरा एक हाथ उसकी गांड पर आ गया था और एक हाथ ग़लती से कुर्ते के अन्दर कमर पर था.

जैसे ही उसे यह महसूस हुआ तो उसके मुँह से आह निकल गयी क्योंकि मैंने उसको कस कर पकड़ा हुआ था.

वह बोली- पति देव, ये लाइट क्यों चली गयी? मैं बोला- आ जाएगी जां, डरती क्यों हो … तुम तो मेरी बांहों में हो ना!

वह बोली- हां, लेकिन आपका हाथ मेरे कुर्ते के अन्दर है और आपका लंड मेरी चूत पर लग रहा है. उसकी इतनी साफ बात सुनकर पहले तो मैं डर गया, फिर मुझे महसूस हुआ कि उसकी गांड पकड़ते ही मेरा लंड कड़क हो चुका था.

तो मैंने धीरे से कहा- कोई दिक्कत है तुम्हें? वह बोली- नहीं!

फिर मैंने एक कैन्डल जलाई, जिससे थोड़ी ही रोशनी हुई ज्यादा नहीं. मैं फिर से उसे पीछे से पकड़ा और अपना लंड उसकी गांड की दरार में दबाया, जिससे वह सिसकारियां भरने लगी.

मैंने कहा- जां, याद करो अपनी सुहागरात! वह बोली- मुझे याद नहीं!

मैंने धीरे से उसके कुर्ते के नीचे हाथ डाल कर उसकी जाँघ पर हाथ रख दिया. मेरा हाथ महसूस करते ही वह मादक आवाज में सिसकार उठी- आह!

मैंने कहा- याद दिलाऊं क्या! इससे हमारी एक्टिंग भी अच्छी होगी और हम रियल कपल लगेंगे! वह बोली- हां दिलाओ ना याद!

मैं समझ गया कि अब ये खुद ही गर्म हो गई है. तो मैं अपना हाथ उसकी कमर से हाथ थोड़ा ऊपर को ले गया और उसके बूब्स ब्रा के ऊपर से पकड़ लिए.

मेरे दूध पकड़ते ही वह अकड़ने लगी और कहने लगी- फक मी स्वीटी फक मी प्लीज़! मैं बोला- यार, तुम्हें हिन्दी में एक्टिंग करनी है!

वह बोली- पति देव अब कितना इंतजार करोगे … कुछ करो ना! मैंने ये सुनते ही अपना एक हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया और उसने भी मेरा लंड पैंट के ऊपर से पकड़ लिया.

वह मुझसे धीरे से बोली- पति देव, मुझे नंगी नहीं करोगे क्या?

दोस्तो सोचो, एक एनआरआई लड़की आपसे ऐसे बोले तो चोदने में कितना मजा आएगा!

मैंने कहा- पहले तुम पति देव को खुश तो करो! तो उसने झट से अपना हाथ मेरी पैंट में डाल दिया और ज़ोर से मेरा लंड पकड़ लिया.

वह बोली- अरे पति देव, मैंने आपका ये मोटा लंड पहले दिन ही देख लिया था … और मैं खुद चुदना चाहती थी आपसे! यह कहते हुए उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया और मेरी बॉडी व लंड देख कर बोली- यह पता नहीं था कि इतनी हॉट बॉडी है मेरे पति देव की … और लंड तो इतना मोटा व लंबा है कि मुझे सुहागरात तो क्या मेरी नानी याद दिला दे!’ मैं हंस कर बोला- बीवी ये 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड है, अगर तुमने इसे लॉलीपॉप की तरह नहीं चूसा तो अन्दर कैसे जाएगा!

ये सुनते ही नम्रता ने मेरी तरफ देखा और बोली- पति देव, मैंने आपसे मिलने से पहले भी लंड लिए हैं, लेकिन आपका लंड सबसे मस्त है और मैं इसको पूरा चूसूँगी … और चूंकि ये मेहनती लंड है तो इसे खुश करना मेरा फर्ज है.

अब वह लंड चूसने लगी. दोस्तो, जब वह लंड चूस रही थी तो ऐसा लग रहा था मानो कोई छोटी बच्ची लॉलीपॉप चूस रही हो!

मैंने झट से उसका कुर्ता उतार दिया. उसको काली नेट वाली ब्रा पैंटी में देख कर मेरा लंड और कड़क हो गया.

मैंने उसके नीचे बैठाया और अपना लंड उसके मुँह में अन्दर तक तेज़ तेज़ पेलने लगा. वह भी मेरा पूरा लंड ले रही थी और पूरा गीला कर रही थी.

तभी मैंने उसको उठाया और घुमा कर गांड से पैंटी नीचे करके एक ज़ोर का तमाचा मार दिया.

वह उछल कर बोली- आहा आह … क्या बात है पति देव … मैंने क्या ग़लती कर दी जो आप मार रहे हो! मैं बोला- बीवी होकर पहले क्यों नहीं चुदी?

नम्रता ने मुझसे कहा- अरे अगर पता होता तो मैं पहले दिन ही तुमसे ना चुद जाती! क्यों रात में खुद से उंगली करती! यह सुन कर मैं और जोश में आ गया और मैंने उसकी पैंटी उतार कर उसे लिटा दिया. मैं उसकी चूत चाटने लगा.

काली पैंटी में उसकी चूत ऊपर से थोड़ी झांटों के साथ दिख रही थी, लेकिन पैंटी खोलते ही मैंने देखा कि उसकी चूत पर थोड़े थोड़े बाल हैं, वह भी शेप में!

उसकी चूत भी हल्की साँवली थी, क्योंकि उसका मां साऊथ इंडियन और बाप पंजाबी था.

उसकी चूत साँवली जरूर थी लेकिन कसी हुई थी. मैंने कहा- जान, स्वाद तो चखाओ इसका!

यह सुनते ही वह बोली- पति देव जी, आपको क्या पूछना … आप तो कुछ भी करो मैं आज रात आपकी पत्नी हूँ … जो करना है खुल के कर लो.

कहते ही उसने टेबल पर बैठ कर अपनी टांगें खोल दीं और मैं भी झट से उसकी साँवली चूत को चाटने लगा.

उसकी चूत का पानी नमकीन था लेकिन चाटने में मस्त था.

वह मादक भाव से कह रही थी- आ आह … फक मी पति देव … चोद दो मुझे … अब बस मुझे तुम्हारा मोटा लंड चाहिए!

मैंने झट से उसकी ब्रा उतारी और उसके बड़े बूब्स बाहर आ गए. मैंने उसके एक निप्पल को पीना शुरू कर दिया. वह सिसकारियां भर रही थी- आअहह हाअ हाआहह … और पियो पति जी … पूरा दूध पी लो … बहुत दिनों से किसी ने नहीं पिया!

मैं निप्पल को काटने लगा तो वह चिल्लाने लगी- अह … एक का ही दूध पियोगे क्या … अह आह आह आउच! मैंने अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं. उसकी चूत पहले ही गीली हो चुकी थी. मेरी दो उंगलियां उसमें आराम से चली गयीं.

मैंने कहा- क्या बात है यार, इतनी जल्दी 2 उंगलियां ले लीं तुमने तो! ये सुन कर नम्रता बोली- रोज़ रात को पति देव तुम्हारी ही फोटो देख कर तो कभी अपना इलेक्ट्रिक ब्रश डाल कर चूत चोद लेती थी या उंगली करके … और सोचती थी कि तुम ही मुझे चोद रहे हो.

यह सुन कर मैंने उसकी चूत में 3 उंगलियां घुसा दीं. जैसे ही 3 उंगलियां अन्दर गयीं, वह कहने लगी- थोड़ा और अन्दर डालो ना पति देव … आज अपनी पत्नी को खुश कर दो!

मैं फिंगर फक का मजा लेने लगा. उसकी पंजाबी फुद्दी एकदम गर्म हो चुकी थी और वह दो बार झड़ चुकी थी लेकिन मैं उंगली किए जा रहा था. साथ ही उसके निप्पल भी पी रहा था.

जब भी अकड़ती तो मैं समझ जाता कि वह झड़ रही है. इसी लिए मैं उसके निप्पल और तेज़ काट लेता, जिससे वह और मचल जाती.

मैंने तेज़ तेज़ उंगली करते करते जैसे ही चौथी उंगली अन्दर डाली तो वह एकदम से उछल गयी. वह बोली- अब तो लंड पेल दो वर्ना उंगलियां ही मुझको झाड़ देंगी.

मैंने लपक कर पोजीशन बनाई और अपना लंड अन्दर पेल दिया. वह आह आह करती हुई चुदने लगी.

उस रात मैंने नम्रता को दो बार और चोदा. अब वह मेरे फ्लैट पर ही रहने लगी है और हम दोनों खूब सेक्स करते हैं.

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Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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