खेत में कुसुम की बुर और गांड चोदा

बात उन दिनों की है जब मैं खेत में टॉयलेट करने गया तो कुछ दूरी पर ही कुसुम को टॉयलेट करते देखा. उसके बड़े-बड़े गांड साफ-साफ दिखाई दे रही थी. ये देखकर मेरा मन ख़राब हो गया और उसे चोदने के इरादे से ही मेरा लंड फनफना उठा. मैं भी उसके सामने में जाकर बैठ गया. Village Girl Anal Chudai

वो नाराज हो गई और कहने लगे कि मैं तुम्हारी दादी को जाकर कहती हूँ. मैं कुछ नहीं बोला. जब वो अपना गांड धोने के लिए पानी उठाई तो मैं बोला की मैं धो दू तो वो दंग रह गई. फिर कुछ जबाब न पाकर मैं उसके गांड धोने के लिए उसके पीछे आ गया और गांड काफी अच्छी तरह से धो दिया.

लेकिन गांड धोने के बाद भी उसके गांड पे हाथ फेरता ही रहा. उसे बोला की कुसुम चलो रहर के खेत में चलते है उधर कोई भी नहीं आता है. वो बिना कुछ भी बोले मेरे साथ चल दी अभी भी मेरा हाथ उसके नंगे गांड पर ही था. मैं उसकी गांड सहलाते हुए पूछा की कुसुम रानी अभी अपनी बुर का उद्घाटन करवाई हो की नहीं तो वो बोली की नहीं.

तब मैंने उससे कहा की तुम्हे तो कई बार नौकर का लंड चूसते हुए देखा है. तो वो बोली की कोई मिलता ही नहीं तो उसका ही लंड चुसती हूँ और अपना दूध उसे 3 साल से पिला रही हूँ. उसकी बूब्स देखकर ऐसा लगता है की उम्र काफी होगी. अब मैं बात करते करते काफी उत्तेजित हो गया था.

मैंने उसे पीछे झुकने को बोला तो झुक गई मैं अपना 7″ का लंड उसके बड़े गांड में घुसाने लगा. अभी कुछ ही गया था तो वो मना करने लगी तो मैंने बोला भोसड़ी की चुप रह बाद में बड़ा मजा आएगा. उसकी दर्द की ना परवाह करते हुए अपना लंड उसकी गांड में घुसा कर रुका रहा.

थोड़ी ही देर में वो कमर हिलने लगी तो मैं भी उसकी गांड धीरे धीरे मारने लगा. अब उसे भी मज़ा आने लगा और उत्तेजना में अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह आःह्ह्ह की आवाज़ निकालने लगी. तो मैं पुछा की कुसुम मज़ा आ रहा है तो वो बोली की जोर जोर से मेरी गांड मारो और तेज़ और तेज़ कहने लगी.

मैं भी जोरदार धक्का मारने लगा. करीब 25 मिनट गांड मारने के बाद मैं उसकी गांड में ही अपना जूस निकाल दिया. अब हमदोनो वही घास पर लेट गए. कुसुम उठकर मूतने जाने लगी तो मैंने उसे पकड़ कर कहा की यही मेरे सामने मूतो. तो वो अपनी चूत फैलाकर सूऊऊऊऊऊऊ की आवाज़ के साथ करने लगी.

पेशाब करके वो जब पास आई तो मैंने अपना लंड उससे चूसने को कहा तो वो चूसने लगी. मुझे काफी मज़ा आ रहा था मैं अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआआह्ह्हह्ह्ह्ह कर उठा. वो तो जैसे वासना की पुजारन बन चुकी थी. अब मैं भी 69 की पोजिशन में आकर उसके काले झाटो से भरी बूर के दरारों को उंगली से सहलाने लगा.

उसकी मुँह से सिसकी निकल गई मैं अपना जीभ डालकर उसके चूत का स्वाद लेने लगा. उसकी चूत काफी गीली हो चुकी थी. मैं भी जीभ से उसके चूत के पानी को पीने लगा. करीब 30मिनट की चुसाई में दोनों एक दूसरे के मुंह में ही झड़ गए. दोनों ने एक दूसरे का रस पी लिया बड़ा मज़ा आया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

फिर मैंने बोला की कुसुम रानी हमको अपना दूध नहीं पिलाओगी तो वो बोली की मेरे झाट के बाल अब तो ये सारा शरीर तुम्हारा है तुम जैसे चाहो हमसे खेलो. ये सुनकर मैं उसके कुरते को खोल दिया उजले ब्रा को भी खोल दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा. चूसने से उसके बूब्स से मिल्क निकलने लगा.

हमें आश्चर्य हुआ तो पूछा की कुसुम तू तो पहले से ही चुदी हुई हो और बच्चा भी पैदा कर लिया है. वो बोली की हाँ पहले तुमसे झूठ बोली थी. तो मैने पुछा कि कौन खुशनसीब है जो तुम्हारी चूत का उद्घाटन किया है. तो वो बोली की गाँव पे एक गाने वाला आया था. वो गाने गाते गाते मेरा बूब्स मसल देता था हमको भी मज़ा आने लगा.

एक रात घर के पीछे के आम के बगीचे में रात को बुलाकर मेरे सारे कपड़े उतर दिया फिर मेरे बूब्स को करीब 1 घंटे तक चूसा और रात भर जमकर मेरी चुदाई किया, काम करीब 15 दिनों तक होता रहा रात में 9 बजे से सुबह के 3 बजे तक चुदवाती थी. उसने मेरी गांड और चूत अपने मण्डली के लोगो से भी मरवाया. और भी कई लड़कियों को वो चोदा था.

ये बाटे सुनकर मेरा लंड तनकर लोहे की तरह हो गया था. मैंने कुसुम के दोनों बूब्स के दूध को पूरी तरह से पी गया. और तब मैंने कहा वाह मेरी मस्तानी रांड इसी तरह अब तुम अपना सारा दूध डेली मुझे पिलाना. तो बोली हाँ मेरे झाट के बाल अब तो तू ही मेरा बच्चा है तुमको ही पिलाऊंगी.

मैं अब उठकर उसके दोनों टांगो को फैला कर अपना लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रखा की वो आगे बढ़कर मेरा लंड अपने चूत में घुसा ली. अब बैठे-2 ही दोनों चुदाई करने लगे. कुछ देर की चुदाई के बाद उसे झुकने को कहा तो वो झुक गई अब मैं पीछे से उसको जमकर चोदने लगा. चुदाई करते समय उसके बूब्स को भी जोर जोर से मसल रहा था और वो गन्दी गन्दी गाली दिए जा रही थी. मैं बुरी तरह से उसकी चूत को रौंद रहा था. वो भी भरपुर मज़े लेकर चुदाई करवा रही थी और कह रही थी की तुझसे अपनी माँ और बहन को भी चुदवाउंगी.

इस दरम्यान वो 4 बार झड़ चुकी थी. अब मैं भी आने वाला था जोर जोर का धक्का मारते हुए मैं उसकी चूत में अपना सारा पानी निकाल दिया. फिर हमलोग अपने कपड़े पहनकर जाने लगे तभी उसके गांड देखकर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया उसके सलवार को गांड के निचे करके झुका के एक बार फिर 25 मिनट तक गांड मारी, गांड में ही झड़ गया. दोस्तों उस दिन के बाद से मैं अब रोज ही उसको चोदता हु आगे मैं बताऊंगा की कैसे उसकी माँ और बहन की चुदाई की. अभी इसी कोशिश में लगा हूँ.

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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