हेलो दोस्तों, मेरा नाम सुनीता है। मेरी उम्र 42 साल है। मेरी हाइट 5 फीट 4 इंच है। मेरा शरीर शुडॉल और गोरा है। मैं एक हाउसवाइफ हूं। पति शहर में रहकर दुकान चलाते हैं। मेरे दो बच्चे हैं। लड़के का नाम रोहन है जिसकी उम्र 20 साल है। लड़की का नाम सोनी है जिसकी उम्र 18 साल है। Village Desi Maal Chudai
यह कहानी 2 साल पहले की है जब मेरा रोहन 10th पास करके 11 में गया था। रोहन अच्छे से पढ़ाई कर सके इसके लिए उसे शहर में भेज दी थी। रोहन हॉस्टल में जाकर अच्छे से पढ़ाई करता है। मै और मेरी बेटी सोनी दोनों घर पर रहते हैं। सोनी घर से ही पढ़ाई करती है। पति भी हप्ते मे संडे को घर आते है।
मैं एक छोटे से गांव में रहती हूं। जहां के लोग बड़े ही अच्छे हैं परंतु गांव का माहौल अच्छा नहीं है। यहां सभी नौजवान लड़के लड़कियों और औरतों की ताक मे रहते है। औरतों और लड़कियां भी कम नहीं है आये दिन खबर सुनने को मिलती है कि कोई ना कोई कहीं किसी के साथ सेक्स करते पकड़ा जाता है।
जब भी मैं बाजार जाती हूं तब लोग और लड़के मुझे घुरते रहते हैं। कई बार बाजार में ज्यादा भीड़ होने से लड़के मेरी चूतड दबा देते है। लोग तो कभी-कभी कमेंट भी पास करते हैं की इतनी मस्त जवानी क्या केवल पति को ही दोगी या हमे भी दोगी। मै चुपचाप सुन के निकल जाति हु।
मेरे बच्चे इन सब के चक्कर में ना पड़े इसलिए मैंने रोहन को शहर पढ़ने के लिए भेज दी। हर दिन मै अपने बेटे से कॉल करके बात करती रहती हूं। मेरे बेटे के साथ ही हॉस्टल में गांव का एक और लड़का रहता है। जिसका नाम विजय है। यह एक आवारा लड़का है, जिसका बाप इस गाव का मुखिया है।
उन्होंने ही कहके उसे मेरे बेटे के साथ रखवाया हुआ है की यह भी सुधार जाये और कुछ पढ़ ले। गाव के औरते बताति है की विजय कई लड़कियों के साथ सम्बन्ध बनाया हुआ है। विजय कई बार लड़को के साथ भी सम्बन्ध बना चुका है। मुझे यह सुन कर बहुत हैरानी हुई।
मै रोहन से रोज बात करती हु। उन दोनो का विस्तर भी मेने अलग अलग लगवाई है वहा। रोहन भी मुझे आये दिन बताता रहता है की विजय शहर मे भी पढ़ाई कम और लड़कीबाजी ज्यादा करता है।1 दिन की बात है कि मुझे शहर जाना था और पति के पास टाइम नहीं था। तब मैं सोचूं कि अकेली ही चली जाती हु।
दूसरे दिन मेने रोहन को फोन कर दी की मै शहर आ रही हु किसी काम से, तब रोहन खुश होते हुए बोला- आप आओ माँ, मै हु न आपकी मदद के लिए। बेटे की बात सुनकर बहुत खुशी हुई। दूसरे ही दिन मै सुबह के बस से शहर के लिए निकल गयी। सुबह जब शहर पहुंची तब देखी की मेरा बेटा रोहन पहले से ही मेरा वेट कर रहा था। मुझे देखते ही गले लग गया।
रोहन- माँ आप इस ब्लैक साड़ी मे बहुत खूबसूरत लग रही हो।
उसकी बात सुन कर मै मुस्कुराई फिर बोली-
मै- अच्छा बेटा, माँ से मजाक कर रहा है।
रोहन- नहीं माँ आप सच मे बहुत क्यूट लग रहे हो।
मै- अच्छा बाबा ठीक है चल अब देर हो रही है।
रोहन- माँ आपने बताया नही की क्या काम है।
मै- बेटा, वो एक डॉक्टर से मिलना है।
रोहन- ओह अच्छा फिर चलिए।
हम दोनो वाहा से डॉक्टर से मिलने पहुचे तब पता चला की डॉक्टर शाम के 4 बजे मिलेंगे।
रोहन- मा तब तक हमे वेट करना होगा।
मै- हा बेटा, लेकिन शाम को वापस जाने के लिए फिर बस नही मिलेगी।
रोहन- कोई नही मा आप मेरे साथ मेरे हॉस्टल मे आज रह लेना और कल चाली जाना।
मुझे यह ठीक लगा और मै मान गयी। शाम को डॉक्टर से मिलने के बाद मै रोहन के हॉस्टल पहुंची तब मुझ वाहा विजय मिला।
विजय- अरे आंटी आप यहां।
मै- क्यू मै यहां नही आ सकती।
विजय- अरे नही आंटी मुझे तो बहुत अच्छा लगा की आप यहां आये, वैसे गजब की लग रही हो आप।
मै- चल अब ज्यादा तारीफ मत करो, मुझे भी पता है।
विजय – अरे नही आंटी आपको नही जानती की आपकी यह सुपर फिगर बॉडी गजब की लगती है।
तभी रोहन पानी लेकर अंदर आता है।
रोहन – हो गया आपका बात चित तो अब आरम करो।
और हम तीनो हसने लगे। फिर शाम को बनाया खाया और सोने जाने लगी तब देखी की वाहा दो बेड है। दोनों की बेड सिंगल थे। बहुत मुश्किल से उसपे दो लोग सो पाते।
तब रोहन ने कहा- मा आप मेरी बेड पे सो जाओ मै विजय के साथ सो जाऊंगा।
मै झट से मना कर दी, मुझे विजय के बारे मे पता था यह रोहन को भी अपने जैसा न करदे।
मै- तुम वाही सो जाओ रोहन मै विजय के पास सो जाउंगी तुम्हे ऐसे सोने की आदत नही है।
तभी विजय बोला- हा रोहन तुम सो जाओ हम एडस्ट कर लेंगे। (विजय मुस्कुराया)
रोहन- ठीक है मा।
फिर हमने लाइट ऑफ की और सोने लगे। हॉस्टल के और भी लड़के थे जो अपने अपने कमरे मे सो रहे थे। मै विजय के साथ सो गयी, मै जानती थी की विजय कमीना लड़का है यह रात मे कुछ करेगा इसलिए मै यह रिस्क खुद ले सकती हु पर अपने बच्चे को कभी नही। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रात मे अचानक मेरी नींद खुली तब रोहन मुझसे पुरी तरह चिपका हुआ था। मेरे गांड के बिच कुछ मोटा सा फील हो रहा था। मै आगे की ओर होना चाही पर अब जगह न थी। विजय लगातार मेरे गांड मे यह हरकत कर रहा था। उसकी सांसे तेज चल रही थी,जो मेरी पीठ पर गरम फील हो रही थी।
मै अपनी हाथ पीछे ले जाकर उसे पीछे करना चाही तब मेरे हाथ से उसके लंड पर टच हो गया। मै झट से हाथ अपनी आगे खींच ली। विजय थोड़ा देर के लिए पीछे हटा, तब मुझे थोड़ा शांति मिली कि तभी फिर से गांड मे मोटा गरम रॉड सा फील हुआ। इस बार ऐसा लग रहा था की कपड़े के ऊपर से ही अंदर चला जायेगा।
मैने फिर से उसे पीछे हटाने की कोशिश की पर वह मुहे अपनी बाहो मे पकड़े हुए था। मैने हाथ को पीछे ले जाकर उसे पीछे हटाने की कोशिश की तभी मेरे हाथ मे मोटा गरम उसके नंगा लंड पकड़ा गया, मेरी सांसे तेज होने लगी। मै अपनी हाथ को हटाया मेरी सांस अब रफ़्तार मे थी।
मै भी गरम फील कर रही थी, और उसे यह पता चल चुका था, तब उसने अपना हाथ धीरे धीरे मेरे नाभि से होते हुए अंदर साडी मे डालने लगा। मेरी धड़कने और तेज हो गयी। हम दोनो की सांस की आवाज पूरे रूम मे गुंज रही थी। मै अब गरम हो चुकी थी और डर भी लग रही थी की कही मेरे बेटे को पता न चले।
मेरी चूत अब पानी छोड़ रही थी, विजय मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से ही रगड़ रहा था। हम दोनो की सांस गरम हो कर एक दूसरे को गरम कर रहा था। तभी मै विजय की ओर पलटी तो उसने मुझे अपने से चिपका लिया मेरी चूचियाँ उसके छाती मे दब गयी। मेरे होंठ उसके होंठ से बिल्कुल करीब आ चुकी थी। हमरी सांसे एक दूसरे के चेहरे पर फील हो रही थी।
विजय ने फुस्फूसते हुए कहा- मेरी जान तुम्हारे लिए तो मै कब से तड़प रहा हु।
मै – ऐसा क्यू।
विजय- तुम्हारी जैसी मदमस्त माल को तो गाव के हर लड़का चोदना चाहता है। मै इसी लिए तुम्हारे बेटे से दोस्ती की, ताकि तुम्हारी नंबर लेकर तुम्हे पटाउ पर तुम तो भाव ही नही देती। आज तो पुरा मजा लूंगा।
फिर उसने मेरे होंठ पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा। पुरा रूम मे कामुक माहौल हो चुका था। मै गरम हो कर पानी पानी हो रही थी,तो दूसरी तरफ डर लग रहा था की रोहन जग ना जाये। लगातार विजय मेरी चेहरे को चूम रहा था और मेरी होंठ को चूस रहा था।
मै इतनी गर्म थी की मेरी मुह से सिसकारी निकल रही थी पर मै उसे अपने भीतर दबाये हुए थी। परन्तु हमारी सांसे इतनी तेज थी की कोई जगा इंसान समझ जाता की हम दोनो गरम है। विजय मेरी होठो को बड़े प्यार से चूस रहा था। मै उसके बालो को सहला रही थी, तो कभी उसके पीठ को सहलाती। मै बार बार रोहन की ओर भी देख रही थी की कही वो जग ना जाये।
मै विजय से बोली- अब रहने दो नही तो रोहन को पता चल जायेगा।
विजय- रोहन् सो रहा है, कुछ पता नही चलेगा लाइट भी ऑफ है।
मै- विजय मुझे डर लग रहा है.
विजय- चिंता मत करो मेरी जान मै हम दोनो पर चादर डाल के करेंगे।
मेरी तो उसकी सूझ बुझ पर हसी आ गयी। तभी विजय मेरी साडी को कमर तक उठा दिया और मेरी पैंटी उतरने लगा। मेरी चूत गरम हो कर पानी पानी हो गयी थी। फिर उसने मेरी रस से भरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। विजय मेरी चूत को इस तरह से चाट रहा था की मेरी रोम रोम मे आग लगा दिया। “Village Desi Maal Chudai”
मै मुह को हाथ से बंद की थी की सिसकारी न फुट पड़े। कभी बिस्तर को पकड़ती तो कभी अपनी मुह दबाती, कभी डर भी लगता। इन डर के बिच इससे चूत चटाई का मजा कई गुना ज्यादा थी। फिर विजय मेरे पैरो को चौड़ा किया और मेरे ऊपर आ गया मेरी चूत पानी छोड़कर गीली हो रही थी।
विजय अपना लंड मेरी चूत मे डालने लगा पर लंड अंदर नही जा रहा था बार बार फिसल रही थी। हम दोनो गरम गरम सांसे छोड़ रहे थे। फिर मै अपनी हाथ नीचे ले जाकर उसका लंड पकड़ कर सेट करने लगी। उसका लंड मेरी मुठी मे नही आ रही थी बहुत बड़ा और मोटा था। उउफ्फ्फ़ आज तो मारी जाउंगी।
फिर मै दोनो हाथ निचे ले जाकर एक हाथ से चूत फैलाया और दूसरे से उसका लंड अन्दर किया। उफ्फ्फ्फ़ उसका धक्का लगते लंड चूत चिरते हुए अंदर चला गया। मै तो मर गयी थी अपनी हाथो से मुह को बंद के ली थी। सांसे एकदम तेज चल रही थी। दर्द भी होरहा था मजा भी आ रहा था और डर भी लग रही थी।
उफ्फ्फ्फ़ उसने धीरे धीरे चोदना चलू किया, मेरी जान निकल रही थी और मजा भी आ रही थी। उफ्फ्फ्फ़ सटा सट लंड अन्दर बाहर कर रहा था। रूम् मे हमारी सासो की लाये के साथ मेरी पायल भी हलकी हलकी बाज रही थी। डर लग रही थी की कही मेरा बेटा न देख ले और मजा के करण मै सातवे आसमान पर थी।
उउफ्फ्फ्फ़ विजय आअह्ह्ह हमारी गरम सासे आपस मे टकरा रही थी। विजय मेरे चेहरे को चूमते हुए मस्त लंड अन्दर बहार कर रहा था। मेरी पायल की हलकी आवाज हमरी चुदाई को सांगित मय बना दिया था। आह विजय उउउफ्फ्फ़ रूम मे पच पच की आवाज भी होने लगी थी मेरी चूत पानी छोड़ चुकी थी। मै विजय के होंठ को चूम रही थी साथ ही मे उसके पीठ को सहला रही थी। अब विजय् ने अपनी रफ़्तार बढ़ाई और तेज चोदने लगा। “Village Desi Maal Chudai”
पायल थोड़ा तेज बजने लगा पर हमे का चुदाई के अलावा कीसि की सुध ना थी। विजय अब रफ़्तार मे चोदर रहा था, उसके तेज झटको के साथ विजय मेरे अंदर ही झाड़ गया। उसका गरम लावा ने मुझे एकबार फिर झाड़ दिया। विजय मेरे ऊपर लेट गया हमारी सास अब कम होने लगी। विजय मेरे ऊपर पड़ा रहा और मै भी उसे अपने बहो मे लिए थी। विजय मेरे होंठ और चेहरे को चूमने लगा।
मै- अब छोड़ो सुबह होने को है मुझे खुद को साफ करने जाने दो।
विजय- अरे चली जाना मेरी रानी इतनी मस्त माल मेने पहली बार चोदा है। आह मजा आ गया। एकदम मखमल सी चूत है तुम्हारी, ऐसी चूत गाव मे कही नही।
मै- अच्छा जी अब तरीफ हो गया तो जाने दो।
विजय- उफ्फ्फ मेरी जान मन तो करता है अभी और चोदु पर अब सुबह होने को है। ओह।
विजय मेरे ऊपर से हटा और, फिर मै बाथरूम मे गयी और साफ करके बहार आई तो देखी की बगल के रूम के लाइट जल रहे थे मतलब् ये लोग शायद जागे हुए हमारी चुदाई की आवाज सुन मजा ले रहे थे। मै रूम मे आई तब विजय ने मुझे पकड़ लिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
किसी तरह छुड़ा कर रोहन के पास आकर लेट गयी। रोहन के माथे को चूमि तब रोहन मेरी ओर करवट ली मैने उसे अपने से लगा ली इसका भी लंड टाइट थी। मैने अपने बेटे की चेहरे पर किस की बरसात कर दी तभी रोहन जगा, और बोला रोहन- मा आप कब जग गयी नींद नही आयी क्या रात भर। “Village Desi Maal Chudai”
तब मै और विजय एक दूसरे को देख मुस्कुराये।
मै- ऐसी बात नही है बेटा सुबह हो गयी है और आज जाना भी है न। अब चलो तैयार हो जाओ मुझे बस स्टैंड तक छोड़ देना।
फिर हम तैयार हुए और चले आये। मै जब बस से वापस आ रही थी तब ऐसा लग रहा था की विजय की मोटा लंड अभी भी मेरी चूत मे है। उउउफ्फ्फ़। मै पुरी बस रात की चुदाई ही सोचती चली आई। मै कई दिन तक नही भूल पायी।घर पे जब पति मुझे चोदते तो ऐसा लगता की विजय ही मुझे बजा रहा हो आआह।
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