ट्रेन में बहुत ही चुदासी भाभी मिली

मेरा नाम प्रज्ज्वल है मैं 21 साल का नौजवान हू, आप आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हू, जो की ट्रेन की है, ये स्टोरी 6 महीने पहले की है, एक बार मे अपने फ्रेंड की शादी मे उसके गाँव गया था. वहा पे शादी होने के बाद मै ओर मेरा एक फ्रेंड उसी रात चले आए. Train Washrooom Porn

हमने रिज़र्वेशन की थी रात के 10 बजे की ट्रेन थी. हमारी ट्रेन टाइम पे आ गयी जब हम अपने बोगी मे गये तो वहाँ हमारी सीट पर एक भाभी थी उमर करीब 32 के आस पास ओर उसका पति ओर एक 5 साल का बचा बेटा था.

हमने उनसे रिक्वेस्ट की की ये हमारी सीट है आप लोग हट जाये तो उस भाभी ने कहा की हमारी वेटिंग सीट है कहीं जगह नही मिलेगी तो थोड़ा अड्जस्ट कर लेंगे. तो हम ने भी हा कर दी. हम दोनो फ्रेंड वाली सीट पे चले गये ओर वो फॅमिली नीचे थी.

कुछ टाइम बाद मैं नीचे बैठने आ गया क्यों की मुझे नींद नही आ रही थी तो उस भाभी के हस्बैंड ने बोला की में उपर चला जाता हूँ मेने भी हा कर दी. जब उस भाभी का पति उपर चला गया तब मेने उस भाभी को ध्यान से देखा तो वो एक दम गोरी मस्त औरत थी बड़े बूब्स एक्चुअल साइज़ मुझे पता नही.

में उसे कंटिन्यू देखता रह गया ओर वो भी मुझे देख रही थी. मन तो कर रहा था की वही पकड़ कर चोद दूं पर में अपने आप पे कंट्रोल किया ओर बैठ गया. फिर मेने उनसे बात करना चालू किया, तो मालूम पड़ा की वो यशवंतपुर की रहने वाली थी.

ओर थोड़ा यहाँ वहाँ की बाते की ओर मुझे नींद आने लगी तो में वही अपने पैर लंबे कर के सो गया ओर परदा लगा लिया. थोड़ी ही टाइम के बाद जब मेरी आँख खुली तो मेने देखा की भाभी भी सो गयी है ओर मेरा थाइस उनकी गांड को टच कर रहा था क्यू वो विंडो की तरफ़ मूह करके सोई थी ओर अपने बच्चे से लिपटी हुए थी.

उनका पैर मेरे छाती को टच हो रहा था मेने सोचा ये अच्छा मौका है. तो में भी विंडो की तरफ मूह करके सो गया ओर अब मेरा लंड उसकी गांड को टच कर रहा था ओर एक दम खड़ा हो गया था. कुछ टाइम तक मे ऐसे ही रहा ओर मेने नोटीस की की वो पहले से ज़्यादा चिपक गयी थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मुझे लगा की शायद ट्रेन के धक्को के कारण हो गया होगा ओर मे उनके साड़ी के अंदर हाथ डालना सुरू किया. क्या सॉफ्ट पैर ओर थाइस थे, मुझे मज़ा आ रहा था. फिर मेने हाथ ओर भी अंदर डाला ओर मेरा हाथ उनकी चूत तक पहुँच गया.

उन्होने पेंटी पहनी थी में पेंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा ओर वो अचानक हिली मेने झट से अपना हाथ बाहर निकल लिया में डर गया था की वो अब क्या बोलेगी. वो उठ कर बैठ गयी ओर बोली की तुम ये क्या कर रहे थे. मेरी हालत खराब हो गयी थी.

मेने सॉरी बोला वो एक गुस्से से बाथरूम की तरफ चली गयी, जाते वक़्त उन्होने मुझे इशारा किया पीछे आने को मे तो डर गया की अब क्या करेगी वो. फिर वो बाथरूम मे घुस गयी ओर मुझे अंदर बुलाया. तब मे समझ गया की भाई ये चुदेगी आज. मे जल्दी से अंदर गया ओर लॉक कर दिया.

वो मुझे बोलने लगी की में कब की प्यासी हूँ सेक्स की मेरी प्यास बुझाओ ना प्लीज़ देर मत करो. मेने झट उसे किस करने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी. करीब 2 मिनट तक हमने स्मूच किया. मे एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा और उसकी सारी नीचे की ओर ब्लाउज ओपन किया.

तो उसने ब्रा नही पहनी थी ओर मे उसके बूब्स सक करने गया वो सिसस्कियाँ भरने लगी ओर मेरे सिर को ज़ोर से दबाने लगी अपने बूब्स पे फिर अपना हाथ मेरे लंड पे डाला ओर ओर जीन्स के उपर से सहलाने लगी ओर नीचे बैठ गयी ओर मेरा पैंट ओपन कर के सक करने लगी.

ऐसा लग रहा था की वो जन्मो की भूखी है लंड की. 10 मीं तक वो उसे चुस्ती रही ओर मे झरने वाला था की वो रुक गयी ओर अपने हाथ से लंड को हिलाने लगी और मैं झड़ गया उसने सारा कम अपने मूह मे ले लिया. फिर मे उसे किस करने लगा ओर सक करने लगा उसके बूब्स मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.

मेने उसकी सारी ऊपर उठाई ओर उसकी पेंटी नीचे कर दी उसकी चूत को जीभ से चाटने लगा, वो ज़ोर ज़ोर से आह. आह……… आह… ऑश करने लगी. 5 मीं चाटने के बाद मे रुक गया ओर अपना लंड उसकी चूत पर रखा ओर रगड़ने लगा वो बोली राजा अब मत तडपा डाल दे अंदर.

मेने अपना 6 इंच का लंड उसकी चूत मे डाला तो आधा लंड ही अंदर गया था की वो चिल्लाई आआआआआअ आराम सस्स्स्सीए काआअरर्र्र्रररओ आआआआआआअ. मैं कहा सुनने वाला था मेने पूरे झटका मारता हुए पूरा लंड उसके अंदर डाल दिया वो चिल्लाई आआआआ माआररर्र्र्गाआई. मे ज़ोर के झटके देने लगा उसे भी मज़ा आने लगा. वो बोलेने लगी की चोद राजा चोद ओर ज़ोर से चोद मुझे ओर जोश आने लगा मे ज़ोर से चोदने लगा.

ओर करीब 15 मीं बाद में झड़ गया इतने मे वो दो बार झड़ चुकी थी ओर में उसके अंदर ही झड़ गया. फिर हम थोड़ी वक़्त ऐसे ही रहे ओर अपने कपड़े ठीक किए जब बाहर आए तो देखा की उसका स्टेशन नज़दीक आ गया था ओर हम अपनी सीट पे आकर बैठ गये. उतने में उसका पति भी उठ गया और नीचे आ गया क्यों को उन्हे वहाँ उतरना था, मैने फस्ट टाइम ऐसी हॉट भाभी को देखा, जो की लड़कियों से भी ज़्यादा हॉट और सेक्सी लग रही थी.

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

Read All Stories by Kavya Singh
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!