रक्षाबंधन के दिन 2 मोटे लंड से चुदवाया

हेलो दोस्तों क्या हाल है आपके, उम्मीद करती हूं आपका बढ़िया होंगे। आज मैं आपको मेरी एक नई हाल हीमहाल ही में की गई चुदाई की कहानी सुनाने वाली हूं उम्मीद करती हूं कि आपको पसंद आयेगी. यह कहानी है आज से 6 दिन पहले जब मैं रक्षाबंधन पर अपने गांव के घर गई वहां पर मैंने चुदाई की. Teen Girl Need Sex

लेकिन मैं इस मकसद से वहाँ नही गई थी मैं बस रक्षाबंधन पर गई थी. वहाँ कोई लड़की नहीं थी तो मुझे वहाँ 2 लड़के मिले जिनसे मैंने बातें की एक का नाम हार्दिक और एक का सौरभ. पहला दिन नॉर्मल बातें की वो दोनो भाई थे तो एक हम तीनो बातें नही करते.

मैं एक बार में एक से ही बात करती दूसरे दिन बातों ही बातों में उनने मुझसे पूछा कि कोई बॉयफ्रेंड है?

मैं- नहीं.

वो- अगर हो तो बता सकती हो हम किसी को नहीं बताएंगे अब हम अच्छे दोस्त हैं.

मैं- हां है एक.

वो- तो फिर तुम वो सब भी कर चुकी होंगी.

मैं- क्या सब.

वो- क्या यार हमसे तुम छुपा के बाते कर रही हो और दोस्त भी बता रही हो.

फिर मैने उनको सब बता दिया उन्होंने मुझसे हर एक बात पूछी जो मैं चुदाई के समय की. फिर मैने भी उनको चुदाई की पूरी कहानी बता दी और अगले दिन 8 तारीख को दोबारा मिले हम. और हार्दिक ने मुझे बूब्स दिखाने को कहा मैंने उसे दिखाए भी और उसने दबाए भी.

और सौरभ से मैं बस उसी समय मिली थी दोबारा फिर हम ऑनलाइन ही बात कर रहे. लेकिन हार्दिक को ये बात पता नही थी की मैं उसके छोटे भाई सौरभ से भी बात कर रही हूं. पर सौरभ को पता था कि मैं हार्दिक से बात करती हु ऑनलाइन. वो और मैं सेक्स वाली बातें करते थे और मिलके मैं उससे बात करती.

अब 10 तारीख को राखी के बाद हार्दिक ने और मैंने चुदाई का प्लान बना लिया. और ये बात मैंने सौरभ को बताई की तेरे घर चुदाने आ रही हू तेरे घर तुम खिड़की से देखना. तो उसका भी दिल कर रहा चोदने का तो मैं बोली की कल तुम्हारे साथ और परसो में मेरे घर.

11 तारीख को सुबह में अच्छे तरीके से तैयार हुई सफेद v स्टाइल की पेंटी और सफेद ही ब्रा पहनी और उनके घर पहुंची. वहाँ जाके थोड़ी सी बातें की हार्दिक के साथ और फिर धीरे धीरे चुदाई के मूड में आ गये. सौरभ खिड़की में से देख रहा था और मेरी तरफ इशारे कर रहा था.

उसने पूरे कपड़े खोल लिए और मैंने ब्रा पेंटी पहनी हुई उसका चूसने लगी. उसने मेरी ब्रा खोली और फिर पेंटी की साइड करके मेरी चूत चाटने लगा. चूत चाटने के बाद उसने लन्ड को मेरी चूत पर रखा. मैंने कहा कि अबे कंडोम तो लगा सीधा ही घुसा रहा है. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

वो बोला की वो तो नही है. मैंने मना कर दिया बिना कॉन्डम के मैं नहीं करूंगी. बहुत देर तक उसने जिद की पर मैं नही की वो कहने लगा कि गांव में मेडिकल नही है. मैंने कहा कि में आज सारे दिन यही हू कही से भी लेके आओ फिर करवाऊंगी फिर वो गाड़ी लेके निकला उसने कहा कि वो एक घंटे में आ जाएगा.

उसके जाने के तुरत बाद ही सौरभ आ गया अंदर और बोला की उससे चुदाने तो पहले आई अब कहा गया वो.

मैं- तेरा भाई कॉन्डम ही नही रखता, लेने गया है.

फिर सौरभ ने कहा कि तुम उसके साथ कल करना आज मैं तुमको चोदता हू. मैं बोली की कॉन्डम लेके आओ पहले फिर बात करना. और सौरभ के पास पहले से ही थे कॉन्डम तो फिर क्या मैं उसको ब्लोजॉब देने लगी. और उसने फिर लन्ड के टोपे की स्किन को पीछे किया और कॉन्डम चढ़ा लिया.

और अब चूत पर आगे पीछे रगड़ने लगा और अचानक ही अंदर घुसा दिया और मुझे आनंद आ गया और फिर उसने चुदाई शुरु कर दी. एक हाथ से बूब्स को दबा रहा था एक से चूत सहला रहा था. और बहुत ज्यादा स्पीड थी उसकी चुदाई करने में.

मेरी कमर पकड़ कर पूरा अंदर तक महसूस करवा दिया. अब उसने मेरी पैंटी उतार दी. फिर मैं उसके ऊपर लन्ड पर बैठ गई और नीचे से वो मुझे चोदने लगा. फिर दोबारा पोजिशन बदली डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया और मुझे आनंद मिल रहा था.

मेरी आवाज कमरे में गूंज गई इतनी उसके लन्ड में ताकत थी. फिर दोबारा एक बाद सीधा कर दिया उसने मुझे और मेरी चूत चाटने लगा. थोड़ी सी देर बाद उसने फिर से चुदाई शुरु की और फिर कॉन्डम को हटा के बूब्स के ऊपर ही निकाल दिया और मेरे मुंह में लन्ड डाल के निकाल लिया. “Teen Girl Need Sex”

और फिर हम ऐसे लेट गए फिर उसने मुझे कॉन्डम के पैकेट दिखाए बहुत सारे थे बोला की तुम कहो तो आज चूत का छेद चौड़ा ही कर दू. फिर दोबारा जब उसका खड़ा हुआ तो एक राउंड और उसने चोदा. इस बार गांड़ के छेद पर भी उसने जोर आजमाया और चोदा भी.

मुझे आज बहुत ज्यादा मजा आया. फिर हम दोनों नंगे ही पड़े हुए थे तभी हार्दिक आ गया. मैंने सौरभ को भगाया वहाँ से. और हार्दिक कॉन्डम लेके आ गया मेने पेंटी पहनी दोबारा ताकि उसको शक ना हो और उसने आते ही कपड़े खोले और कॉन्डम चढ़ा लिया और मुझे सीधा लिटा दिया.

और पेंटी को खोल दी और मेरी चुदाई शुरु कर दी लन्ड जबरदस्त था. दोनो ने ही अंदर तक महसूस करवा दिया पूरा अंदर तक. इसने कॉन्डम में निकाल दिया चोदते चोदते हुए, और फिर एक बार और खड़ा हुआ और एक बार फिर से मेरी चुदाई हुई. चार राउंड चुदा के मैं घर आ गई और फिर शाम हुई.

सौरभ यही मेरे घर आ गया और हम दोनो छत पर आ गए यहां पर उसने मेरी चूत चाटी और मैंने उसका लन्ड चूसा. फिर मैं वहाँ से आ गई आज 12 अगस्त है. अगर स्टोरी अच्छी लगी हो तो इंस्टाग्राम पर मैसेज जरूर करना और बताना कैसी लगी स्टोरी Baby__butterfly143

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

Read All Stories by Ritu Agarwal
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!