Naye Aashiq Ke Lund Ne Pati Ka Lund Bhula Diya

चुदाई की कहानी हम दोनों ने लव मैरिज की थी और हम दोनों की शादी को अभी 4 वर्ष हुए हैं हम दोनों की जिंदगी अच्छी चल रही थी लेकिन मेरे मन में कई बातें ऐसी थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई थी। मेरे कई बड़े सपने थे जो कि मैं सोचती थी लेकिन अभी तक मेरे सपने पूरे नहीं हो पाए थे और मैं अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी मेहनत से लगी हुई थी कौशल और मैं इस वजह से शायद एक दूसरे को समय भी नहीं दे पाते थे लेकिन जब भी कौशल मुझे कहते की गरिमा क्या हम लोगों को एक दूसरे को समय देना चाहिए तो मैं उस वक्त कौशल से कहती कि कौशल पहले हमें अपने जीवन में कुछ कर लेना चाहिए। हालांकि कौशल और मैं एक अच्छी नौकरी कर रहे थे परंतु उसके बावजूद भी मुझे लगता है कि हमें और मेहनत करनी चाहिए ताकि हम और पैसे कमा पाएं। Naye Aashiq Ke Lund Ne Pati Ka Lund Bhula Diya.

मैं शायद कौशल को समय नहीं दे पा रही थी और ना ही मैं अपनी जिंदगी को अच्छे से जी पा रही थी दिन रात सिर्फ मैं पैसे के पीछे भाग रही थी और उससे ज्यादा शायद मैं कुछ सोचती भी नहीं थी। कौशल से जब मैं बात करती तो कौशल से मैं कभी भी प्यार की बातें नहीं किया करती हम लोग आपस में एक दूसरे से शायद दिल से जुड़े नहीं थे। हम लोग एक दूसरे से अब काफी अलग थे और मुझे लग रहा था कि शायद यह सब बिल्कुल ठीक नहीं चल रहा मैंने कौशल से अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश की लेकिन तब तक शायद बहुत देर हो चुकी थी कौशल ने मुझसे कभी भी यह बात कही नहीं लेकिन कौशल किसी और महिला के साथ ही प्रेम प्रसंग में थे।

यह बात मुझे उस वक्त पता चली जब कौशल के दोस्त ने मुझे इस बारे में बताया। मैं अंदर से पूरी तरीके से टूट चुकी थी जब मैंने इस बात को लेकर गंभीरता से सोचा तो मुझे लगा कि इसमें कहीं ना कहीं मेरी गलती है और मैंने कौशल से इस बारे में बात करने के बारे में फैसला किया। मैंने कौशल से इस बारे में पूछा तो कौशल ने मुझे कहा देखो गरिमा तुम्हारे सपने बहुत बड़े हैं और मुझे नहीं लगता कि यह सब इतनी जल्दी पूरे होने वाले हैं।

शादी से पहले हम लोगों ने कभी भी एक दूसरे से इस प्रकार की बातें नहीं की थी और ना ही तुम ऐसी थी अब तुम पूरी तरीके से बदल चुकी हो और मुझे लगने लगा है कि तुम अब मुझसे प्यार नहीं करती हो मुझे भी शायद यही लगा इसलिए मैं अब किसी और से ही प्यार करने लगा हूं। मुझे भी लगा शायद इसमें कौशल की कोई गलती नहीं है इसमें मेरी ही गलती थी जो कौशल मुझसे दूर हो गए लेकिन अब अपने रिश्ते को मैं शायद सुधार ही नहीं सकती थी। हम दोनों ने निर्णय किया कि हम दोनों अलग हो जाएंगे हम दोनों ने अपनी शादी कोर्ट में की थी और हम लोग बेंगलुरु में रहने लगे थे। शादी के बाद से ही मेरे अंदर पैसे कमाने का जुनून इतना सवार हुआ कि मैं कौशल के प्यार को भी भूलती चली गई और कौशल मुझसे अलग हो गए लेकिन अभी भी शायद मुझे इस बात का कोई दुख नहीं था क्योंकि मुझे लगा कि मुझे अब और मेहनत करनी चाहिए कौशल और मैं अब अलग रहने लगे थे।

हालांकि कौशल मुझसे मिलने के लिए अक्सर आते थे और वह मेरा हाल चाल पूछ लेते थे हम लोग फोन पर तो एक दूसरे से बात करते ही थे कौशल के दिल में अभी भी मेरे लिए थोड़ा बहुत प्यार तो था जो वह मेरी इतनी चिंता करते थे और हमेशा ही मुझे कहते कि यदि तुम्हें कोई भी परेशानी हो तो तुम मुझे बता देना। हालांकि हम दोनों अब अलग रहने लगे थे लेकिन उसके बावजूद भी जब भी मैं परेशान होती या मुझे ऐसी कोई परेशानी होती तो मैं कौशल को बता दिया करती थी। कुछ दिनों से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और मैं घर पर ही थी मैंने इस बारे में कौशल को नहीं बताया कौशल मुझे कहने लगे कि तुमने मुझे इस बारे में क्यों नहीं बताया। हालांकि कौशल इस बात से गुस्सा थे और उन्होंने मुझे कहा कि गरिमा तुम्हें मुझे इस बारे में बताना चाहिए था पर मैंने कौशल को कहा मैं तुम्हें बताना तो चाहती थी लेकिन मैंने सोचा तुम बेवजह ही परेशान हो जाओगे इसलिए मैंने तुम्हें इस बारे में नहीं बताया। कौशल मुझे कहने लगे कि गरिमा हम दोनों अलग रहने लगे हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि मैं तुम्हारे बारे में कभी सोचता नहीं हूं मैं आज भी तुम्हारे बारे में सोचता हूं और आज भी तुम्हारी उतनी ही चिंता करता हूं।

कौशल मुझे डॉक्टर के पास ले गए और डॉक्टर ने मुझे दवाई दी कौशल कुछ दिनों के लिए मेरे पास ही रुके और उन्होंने मेरा बहुत ध्यान दिया मैं कौशल के प्यार को कभी समझ ही नहीं पाई थी लेकिन कौशल अभी भी मुझे प्यार करते हैं। अब मैं ठीक हो चुकी थी मैं अपनी पुरानी कंपनी से रिजाइन दे चुकी थी और मैंने एक नई कंपनी में इंटरव्यू दिया वहां पर मेरा सिलेक्शन हो चुका था और मैं अब वहां पर जॉब करने लगी। जॉब करने के दौरान मेरे वहां पर कई दोस्त बने और मुझे यह सब बहुत अच्छा भी लगता मैं अपने दोस्तों के साथ रात को पार्टी में एंजॉय करती और मैं शायद पूरी तरीके से बदल चुकी थी मुझे इस बदलाव का अंदाजा ही नहीं हुआ कि कब मैं इतनी ज्यादा बदल गई। कौशल एक सिंपल व्यक्ति हैं कौशल ने मुझे कहा कि मैं शायद तुम्हारे अपनी जिंदगी आगे ना चला पाऊं इसलिए मैंने भी कौशल के फैसले का स्वागत किया और कौशल और मैं अलग हो गए। इस बात से मुझे कभी भी कोई परेशानी तो हुई नहीं लेकिन मैं अपने जीवन में अकेली हो चुकी थी मेरे पास मेरे दोस्त और एक अच्छी नौकरी थी।

मेरा प्रमोशन भी हो चुका था और मैं अच्छी कंपनी में जॉब कर रही थी लेकिन मैं अकेली थी और शायद मेरा अकेलापन मुझे अब काटने को दौड़ रहा था। मुझे लगता कि मैं बहुत ज्यादा अकेली हो चुकी हूं और मुझे किसी के साथ की जरूरत है इसीलिए मैंने जब इस बारे में अपनी दोस्त महिमा से बात की तो महिमा ने मुझे कहा कि तुम्हें कौशल से अलग नहीं होना चाहिए था कौशल तुम्हें बहुत प्यार करता है और तुम्हे उसके प्यार को समझना चाहिए था। मैंने महिमा से कहा महिमा अब तो कौशल मेरी जिंदगी से जा चुका है और इस बारे में अब सोच कर कोई फायदा नहीं है महिमा मुझे कहने लगी कि तुम्हें किसी और की जरूरत है।

मुझे भी लगने लगा था कि मुझे किसी की तो जरूरत है जो मुझे समझ सके और मेरी बातों को समझ पाए फिलहाल तो ऐसा कोई भी मेरे पास नहीं था परंतु जल्दी ही मेरी मुलाकात दिनेश से हुई। जब मेरी मुलाकात दिनेश से हुई तो दिनेश के साथ समय बिताना मुझे अच्छा लगता और एक दिनेश ही था जो मुझे समझता था मैं दिनेश से हर एक बात कह दिया करती थी लेकिन मैं अब दिनेश को खोना नहीं चाहती थी। मुझे दिनेश के बारे में शायद ज्यादा पता नहीं था दिनेश ने मुझे अपनी शादी के बारे में बताया नहीं था और जब उसने मुझे अपनी शादी के बारे में बताया तो मुझे लगा कि शायद दिनेश भी अब मेरा साथ दे नहीं पाएगा। दिनेश मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आया तो मैं उस वक्त शराब के नशे में थी।

दिनेश भी मेरे साथ आकर बैठा और वह मुझसे बात करने लगा दिनेश मेरी तरफ देख रहा था और मैं उसकी तरफ देख रही थी मेरा मन दिनेश के साथ सेक्स करने का होने लगा। जब मैंने दिनेश के साथ सेक्स करने के बारे में सोचा तो दिनेश ने अपने लंड को बाहर निकाला और मैंने उसके लंड को देखते ही अपने मुंह में ले लिया कुछ समय के लिए ही सही लेकिन मैं अपने अकेलेपन को भूलकर दिनेश के लंड को अपने मुंह में अंदर बाहर कर रही थी तो मुझे बहुत मजा आ रहा था जिस प्रकार से मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेती उससे वह पूरी तरीके से खुश हो चुका था और मेरा साथ सेक्स कर के वह पूरे मजे में था। “Naye Aashiq Ke Lund”

मैंने अपने कपड़ों को उतारा और दिनेश ने मेरी पैंटी ब्रा को उतारा तो वह मेरे गोरे बदन को देखकर बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाला तो मेरी चूत से पानी बाहर निकल रहा था। वह मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था और मुझे तेज गति से चोद रहा था जिस प्रकार से वह मेरी चूत के मजे लेता उस से मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रही थी उसने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा और तेजी से मेरी चूतड़ों पर प्रहार करना शुरू किया मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था। जब दिनेश ने अपने वीर्य को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो मैंने उसे कहा तुम्हारा वीर्य पतन बहुत जल्दी हो गया।

थोड़ी देर बाद दिनेश के लंड को मैंने दोबारा चूस कर खड़ा किया तो दिनेश का लंड 10 इंच लंबा हो चुका था। दिनेश ने तेल की मालिश करते हुए मेरी गांड के अंदर अपनी उंगली घुसा दी तो उसकी उंगली मेरी गांड के अंदर चली गई। जैसे ही दिनेश ने मेरी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैं चिल्ला उठी अब वह बड़ी तेजी से मुझे धक्के मार रहा था और मुझे बहुत आनंद आ रहा था जिस प्रकार से उसने मेरी गांड का आनंद लिया उस से मै बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गई थी।

मेरी गांड से जो गर्मी बाहर की तरफ निकल रही थी उसे ना तो मैं बर्दाश्त कर पा रही थी और ना ही दिनेश गर्मी को झेल पा रहा था लेकिन उसके बावजूद भी दिनेश ने मुझे बहुत तेजी से धक्के मार रहा था। जिस प्रकार से दिनेश ने मेरी गांड के मजे लिए और मेरी गांड से खून निकाला उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गया दिनेश भी बहुत खुश था दिनेश मेरे साथ बैठा हुआ था और मुझे कहने लगा आज तुम्हारी गांड मारकर मुझे मजा आ गया। “Naye Aashiq Ke Lund”

मैंने दिनेश को कहा तुम्हारे साथ आज सेक्स करना मुझे अच्छा लगा। दिनेश की शादीशुदा जिंदगी से मुझे अब कोई आपत्ति नहीं थी और वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए हमेशा आता। दिनेश ही मेरा ध्यान रख सकता है और अब दिनेश के साथ में सेक्स का मजा लेती तो दिनेश मेरी सेक्स की इच्छा को पूरी तरीके से पूरा कर दिया करता और मैं बहुत ज्यादा खुश थी कि दिनेश के साथ सेक्स का मजा ले पा रही हूं।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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