भाई की गर्लफ्रेंड को तेल लगा कर चोदा

यह मेरी पहली कहानी है. में इस स्टोरी में आपको मेरे और मेरे भाई की गर्लफ्रेंड नुपुर के बारे में बताने जा रहा हूँ. मेरे भाई की गर्लफ्रेंड का नाम नुपुर है और उसकी उम्र 18 साल है. उसका फिगर साईज 36-32-38 है, वो मेरे भाई के साथ कॉलेज में पढ़ती थी और पिछले 5 साल से मेरे भाई की दोस्त है. GF Sex Ka Khel

यह उस वक़्त की बात है, जब में 20 साल का था और मेरे लंड का साईज़ 6 इंच था. फिर एक दिन जब में उसके घर अपने भाई (मामा का लड़का) के साथ पेपर की तैयारी के सिलसिले में नोट्स लेने गया, तो उसके घर पर कोई नहीं था. फिर मेरे भाई ने नुपुर से नोट्स माँगे, तो उसने मेरे भाई से कहा कि मेरे रूम में रखे है, अंदर आ जाओ, तो तब हम दोनों भाई अंदर चले गये.

फिर थोड़ी देर के बाद मेरे भाई ने मुझे बाहर जाने को कहा, तो में बाहर चला गया. फिर करीब 30 मिनट के बाद मुझसे नहीं रहा गया तो में भी अंदर जाने लगा. तब तक भैया उसे चोद चुके थे, तो तब मैंने भैया से कहा कि में भी चोदूंगा, लेकिन वो मना करने लगी, लेकिन मेरे भाई ने उसे समझाते हुए कहा कि ये मेरा भाई है ज़्यादा कुछ नहीं करेगा, तो वो मान गई.

थोड़ी देर के बाद भैया वहाँ से घर चले गये. फिर हम दोनों ने खूब बातें की और फिर मैंने उसकी जाँघो पर अपना हाथ लगाया और कहा कि आज हम दोनों सेक्स का खेल खेलते है, तो वो राज़ी हो गई. फिर मैंने दरवाज़ा बंद करके अपने पूरे कपड़े उतार दिए और उसकी सलवार भी उतार दी, उसकी चूत गुलाबी कलर की थी, जिस पर काले-काले घने बाल थे, शायद वो उसे साफ नहीं करती थी.

फिर में उसे 69 की पोज़िशन में ले आया और उसकी चूत को चाटने लगा और वो मेरा लंड चूसने लगी. अब उसकी चूत में से एक अजीब सी महक आ रही थी और फिर मैंने उसे चूसना शुरू कर दिया. अब उसे बहुत मज़ा आ रहा था और वो मेरे लंड को चूसने के साथ-साथ ऊओ, आअहह की आवाजे भी निकाल रही थी.

फिर मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ डालकर उसे अपनी जीभ से चोदना शुरू कर दिया, तो क़रीब 15 मिनट के बाद उसने अपना पानी छोड़ दिया, जिसे मैंने जमीन पर गिरने दिया. फिर उसने मेरे लंड को जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया. फिर कुछ देर के बाद मैंने उसके मुँह में से अपना लंड बाहर निकालकर झाड़ दिया.

उसने मेरा सारा माल पीना चाहा, लेकिन मैंने उसे मना कर दिया. फिर हमने चाय पी और बिस्कुट भी खाए, फिर मैंने चाय पीने के बाद नुपुर को बिस्तर पर लेटा दिया और अपने लंड और उसकी चूत पर थूक लगाकर अपना लंड उसकी चूत में डालना शुरू किया.

अब अभी मेरा लंड सिर्फ़ 3 इंच ही उसकी चूत के अंदर गया था कि उसने चिल्लाना शुरू कर दिया और बोलने लगी कि मुझे दर्द हो रहा है. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया, लेकिन मैंने उसके चीखने की परवाह किये बगैर एक जोरदार झटका दिया, तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो बुरी तरह से तड़पने लगी.

फिर मैंने उसके होंठो पर जोरदार किस करना शुरू कर दिया और उसके बूब्स को भी दबाना शुरू कर दिया और कुछ देर के लिए अपना लंड उसी पोज़िशन में रखा. मुझे महसूस हुआ कि शायद उसकी चूत से खून निकल रहा है. फिर कुछ देर के बाद जब उसे कुछ सुकून मिला तो वो अपनी कमर को हिलाने लगी और आहिस्ता-आहिस्ता चुदवाने लगी.

यह देखकर मैंने भी उसे चोदना शुरू कर दिया और आहिस्ता-आहिस्ता अपनी स्पीड बढ़ा दी. फिर क़रीब 5 मिनट के बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और वो ठंडी पड़ गई, लेकिन में अभी तक गर्म था तो मैंने अपनी चुदाई जारी रखी और उसे जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया.

फिर क़रीब 25 मिनट के बाद में भी उसकी चूत में ही झड़ गया. अब इस दौरान वो एक बार पहले भी झड़ चुकी थी. फिर हम कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहे और फिर हम दोनों एक साथ बाथरूम में जाकर नहाये. उसे इस चुदाई में बहुत मज़ा आया था.

अब बाथरूम में नहाते हुए मेरा लंड एक बार फिर खड़ा हो गया था तो अब की बार मैंने उसे घुटने के बल खड़ा करके उसकी गांड के सुराख में अपना लंड डालना शुरू किया. उसकी गांड का सुराख बहुत ही छोटा था इसलिए मेरा लंड उसकी गांड के अंदर नहीं जा रहा था.

तो मैंने हेयर ऑयल निकालकर अपने लंड और उसकी गांड के छेद पर तेल लगाया और एक बार फिर अपना लंड उसकी गांड के सुराख़ में डालना शुरू किया. अब की बार मेरा 2 इंच लंड उसकी गांड में चला गया, तो वो कहने लगी कि आहिस्ता डालो बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने आहिस्ता से उसकी गांड पर अपने लंड का प्रेशर बढ़ाया और फिर एकदम से जोरदार झटके से अपना पूरा लंड उसकी गांड में घुसा दिया. फिर उसकी चीख निकल गई और वो दर्द से ज़मीन पर बैठ गई, लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा और उसकी गांड मारता रहा, तो कुछ देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा.

अब मैंने और जोर-जोर से उसकी गांड मारनी शुरू कर दी थी और फिर में उसकी गांड में ही झड़ गया. फिर उसके बाद हम दोनों ने अपने आपको एक दूसरे की मदद से साफ किया और अपने कपड़े पहन लिये और फिर उसके बाद में भाई के नोट्स लेकर अपने घर आ गया.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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