हॉट बेंगलुरु लेडी ने चूत फड़वाई

मैं रानू हूँ, 32 साल की, व्हाइटफील्ड, बेंगलुरु में रहती हूँ। शादी को चार साल हो गए, पति IT कंपनी में है – सुबह 9 बजे निकल जाता है, रात 10-11 बजे थका-हारा घर आता है। दिन भर घर खाली पड़ा रहता है। मैं ऑफिस जाती हूँ, लेकिन अंदर से हमेशा कुछ गर्मी सी रहती है। Free Desi Fuck Story

ये देखो मेरी तस्वीरें – लंबे काले बाल, गोरा रंग, भरी-भरी छातियाँ, पतली कमर, मोटी गुदड़ी और seductive चेहरा… लोग सड़क पर भी घूरते रहते हैं। बचपन से ही मेरा छोटा कजिन अंकित मुझे देखकर पागल था। स्कूल-कॉलेज के दिनों में वो मेरी गर्म तस्वीरें देख-देख के कितनी बार मुठ मारता रहा होगा, मुझे बाद में पता चला।

जब वो जॉब के लिए बेंगलुरु आ गया तो वीकेंड पर मेरे घर आने लगा। कभी-कभी जिजाजी ऑफिस ट्रिप पर होता तो घर में सिर्फ हम दोनों। पहले तो बातें-हँसी-मजाक। फिर एक रात मैं सो रही थी, अंकित चुपके से मेरे अलमारी से मेरी लाल वाली ब्रा और पैंटी निकाल के उस पर मुठ मार रहा था।

मैं आँख खोल के देख रही थी – उसका मोटा लंड मेरी ब्रा में लपेट के जोर-जोर से हिला रहा था और “रानू दीदी… तेरी चूत फाड़ दूँगा आज…” बोल रहा था। मुझे गुस्सा नहीं आया, उल्टा चूत गीली हो गई। उसके बाद मैंने नोटिस किया वो मुझे secretly वीडियो क्लिप बना रहा है – जब मैं नहा के निकलती, या सोफे पर लेटी होती।

वो क्लिप्स इंस्टाग्राम पर रैंडम लड़कों को भेजता और उनके साथ गंदी चैट करता, “देखो मेरी दीदी कितनी रंडी है… कौन-कौन इसकी चूत और गांड फाड़ना चाहता है?” लड़के और भी गंदी बातें करते। मुझे पता चल गया था, लेकिन मैं चुप थी… अंदर से मजा आ रहा था। एक दिन तो बवाल हो गया।

मैं ऑफिस से जल्दी आ गई थी, मेरा कॉलेज रेहान (वो भी बेंगलुरु में ही रहता है) कुछ फाइल्स देने आया था। अंकित भी उसी टाइम आ गया। दरवाजा खुलने में 10 मिनट लेट हो गया क्योंकि… अंदर मैं और रेहान पूरे जोरों पर थे। मेरे बाल बिखरे हुए थे, गर्दन पर लव बाइट्स, लिपस्टिक स्मज, और रेहान पसीने से तर-बतर, शर्ट के बटन खुले।

वो जल्दी से उठा और बोला, “भाई अंकित, मैं निकल रहा हूँ।” अंकित अंदर आया तो मुझे देख के समझ गया। असल में क्या हुआ था? रेहान आते ही मुझे किचन काउंटर पर चिपका दिया। मेरी साड़ी ऊपर कर दी, ब्लाउज के हुक खोले, ब्रा नीचे खींच के मेरी भरी छातियाँ मुंह में ले लीं।

“रानू तू ऑफिस की रंडी है ना?” बोलते हुए उसने अपनी उँगलियाँ मेरी चूत में डाल दीं। मैं चीखी, “हाँ… फाड़ दो आज…” फिर उसने मुझे घुमा के डॉगी स्टाइल में खड़ा किया, अपनी मोटी लंड मेरी गीली चूत में एक झटके में घुसा दिया। जोर-जोर से ठोकने लगा – “आह… रानू दीदी… तेरी चूत तो स्वर्ग है…” मैं भी पीछे से गांड हिला रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

दो बार उसने अंदर जड़ दिया – एक चूत में, दूसरा मुंह में। जब अंकित आया तब भी मेरी चूत से रेहान का वीर्य टपक रहा था। अंकित का लंड तुरंत खड़ा हो गया। फिर अगला वीकेंड जिजाजी आउट ऑफ स्टेशन थे। अंकित ने कहा, “दीदी, ट्रुथ एंड डेयर खेलें?” मैं हँस के हाँ बोल दी। पहले नॉर्मल सवाल, फिर गंदे।

उसने डेयर दिया – “अपनी साड़ी उतार दो।” मैंने उतार दी। फिर ब्लाउज, ब्रा, पैंटी… पूरी नंगी खड़ी थी उसके सामने। मेरी छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं, चूत से रस टपक रहा था। अंकित ने मुझे घसीट के बेड पर पटका, मेरी छातियाँ चूसने लगा, निप्पल काटने लगा। फिर नीचे मुंह ले गया, चूत चाटने लगा – जीभ अंदर डाल के चूस रहा था।

मैं चिल्ला रही थी, “अंकित… दीदी की चूत चाट… हाँ… अंकित भाई… फाड़ दे…” फिर उसने अपना मोटा लंड निकाला और मेरी चूत पर रगड़ने लगा। “दीदी, बचपन से तुझे चोदना चाहता था।” एक जोरदार धक्का – पूरा लंड अंदर चला गया। मैं चीख उठी, “आह… फाड़ दिया… जिजाजी से बड़ा है तेरा…” उसने मुझे पूरे जोर से ठोकना शुरू किया – मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल… चार राउंड लगाए उस दिन।

बेड पर, सोफे पर, बालकनी में भी। सुबह तक मेरी चूत और गांड दोनों लाल हो गई थीं। तब से रेगुलर हो गया। जिजाजी जब भी नहीं होते, अंकित आता और मुझे चोदता। कभी मॉर्निंग में किचन में, कभी रात को चुपके से। लेकिन अंकित का लस्ट रुकने का नाम नहीं लेता।

अब वो हमारा सेक्स वीडियो बनाता है – मुझे नंगी होकर लंड चूसते हुए, गांड मरवाते हुए, चूत में उँगलियाँ डालते हुए। फिर वो वीडियोज अननोन लड़कों को व्हाट्सएप पर भेजता है। “ये मेरी कजिन दीदी है, बेंगलुरु की रंडी। कोई आएगा तो इसकी चूत और गांड दोनों फाड़ देना।”

एक दिन उसने तीन लड़कों को घर बुला लिया जब जिजाजी नहीं थे। उन तीनों ने मुझे बारी-बारी से चोदा – एक ने मुंह में लंड ठूंस दिया, दूसरा चूत में घुस गया, तीसरा गांड में। मैं उनके लंड चूस रही थी और बोल रही थी, “हाँ… मुझे रंडी बना दो… अंकित की दीदी हूँ मैं, अब सबकी हूँ…”

वो लोग मेरी छातियाँ दबा रहे थे, गांड पर थप्पड़ मार रहे थे, और एक-एक करके तीनों ने मेरी चूत और गांड में जड़ दिया। अब मैं भी पूरी एडिक्ट हो गई हूँ। जिजाजी को कुछ पता नहीं, लेकिन अंकित ने मुझे पूरी तरह से स्लट बना दिया है। मैं अब खुद सोचती हूँ – कितने लड़के मेरी चूत फाड़ेंगे? कितनी बार गांड मरवाई जाएगी?

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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