स्वीटी जानू का मिलन-1

प्रेषक : अमन कपूर

सारे लंड-धारकों को मुठी मारते हुए प्रणाम और सारी चूत की रानियों को उनकी चूत चाटते हुए नमस्कार !

मेरा नाम अमन कपूर है, शिमला में रहता हूँ, मेरी आयु 21 साल है और मेरा लंड 7 इंच लम्बा और मोटा है।

मैं अपनी जीवन की एक अनोखी घटना सुनने जा रहा हूँ। मेरे जीवन में एक स्वर्ग की अप्सरा का आना मोबाइल चेटिंग से हुआ। उस अप्सरा का नाम श्रेया था और वो दिल्ली से मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। कई दिनों तक हम मोबाइल पर बात करते रहे फिर उसने मुझसे और मैंने उससे फोटो मांगी। श्रेया की तनाकृति 32-26-32 थी और रंग गोरा था। वो बड़ी ही मस्त लड़की थी और धीरे-धीरे वो मुझसे प्यार करने लगी।

कुछ दिनों तक हम फ़ोन पर बात करते और सेक्सी सेक्सी बातें करते। कभी कभी मैं उससे चूत में ऊँगली डालने को कहता और सेक्सी आवाज़ निकालने को कहता और वो मुझको मुठ मारने के लिए कहती।

वो अपनी चूत को स्वीटी कहती थी क्योंकि उसकी चूत बड़ी ही कोमल थी और वो मेरे लंड को जानू कहती थी।

लगभग तीन महीनों तक इस तरह हम बात करते रहे फिर हमने मिलने की योजना बनाई। हम दिल्ली में मिले और मिलते ही हमने एक दूसरे को चूमा।

फिर हम एक होटल में गए और वहाँ पर कमरे में जाते ही मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया और उसको बाहों में उठाकर बिस्तर पर लेटा दिया। फिर हम दोनों एक दूसरे को 15 मिनट तक चाटते-चूमते रहे। वो गर्म हो रही थी और आह-आह की आवाज़ें निकाल रही थी। वो स्लीवलेस और मिनीस्कर्ट में थी। मैंने उसकी स्लीवलेस उतार फेंकी। वो गुलाबी रंग की ब्रा पहने हुए थी जिसके अंदर उसके फ़ल जैसे स्तन थे। उसके स्तन देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैं उनको मसलने और दबाने लगा। फिर मैंने उसके स्तनों को खूब चूसा।

फिर मैंने उसकी मिनीस्कर्ट उतारी, वो गुलाबी रंग की पैंटी पहने थी। अब मैं उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से सहलाने लगा। उसकी पैंटी गीली हो रही थी। मैंने उसकी ब्रा और पैंटी अपने मुँह से उतारी। फिर मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर सटा दिया।

उसकी चूत की मदहोश करने वाली खुशबू …..

क्या कहूँ दोस्तो, आप समझ रहे होंगे।

उसकी चूत गुलाबी रंग की थी और उस पर छोटे-छोटे बाल थे।

उसको देख कर ऐसा लग रहा था की ऊपर वाले ने उसको बड़े ध्यान से तराशा हो।

फिर मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए।

वो मेरा लंड देखकर हंसी और बोली- जानू ! हेल्लो ! हाऊ आर यू ?

मेरा लंड उसको सलामी दे कर बोल रहा था- आई ऍम गुड !

हम पहले फ़ोन पर स्वीटी(चूत) और जानू(लंड) की बात करते थे।

फिर उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और मेरा पूरा का पूरा लंड अपने मुंह में भर लिया। लगभग 15 मिनट में मैं उसके मुँह में झड़ गया और वो मेरा सारा रस चाट गई।

अब उससे रहा नहीं जा रहा था। मैं उसके पूरे बदन को चूम रहा था और वो मेरे लंड के साथ खेल रही थी।

फिर मैंने चॉकोलेट की पूरी बोतल उसके शरीर पर डाल दी और उसको उसके पैरो से चाटना शुरू किया। उसकी चूत के अलावा उसके शरीर के हर अंग को मैंने चाट डाला।

मैंने उसकी चूत क्यूँ नहीं चाटी?

यह अगले भाग में !

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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