लेबर लड़की साथ साईट पर चुदाई

मेरा नाम राजकुमार है और में पटना से हूँ, अब में आपको मेरी लाईफ की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ. में एक इंजिनियर हूँ और पटना में रहता हूँ, मेरी उम्र 26 साल है और में शादीशुदा नहीं हूँ. यह बात दिसम्बर की है, उस टाईम में सिवान के पास एक गावं में साईट पर सिविल इंजिनियर था और अपने काम में व्यस्त रहता था. Desi Winter Sex Kahani

में हमेशा ही सेक्स के लिए कोई पार्टनर को ढूंढता रहता था. फिर एक दिन मेरे पास नई लेबर काम के लिए आई, उसमें कुछ लेडीस भी थी, उसमें से 3 तो बहुत सुंदर थी. उनमें से एक का नाम खुशबू था, उसे मैंने पटा लिया था, उसका पति एक मिस्त्री था और मेरे साथ काम करता था, वो अक्सर मुझे देखती रहती थी.

फिर एक दिन जब में उसके पास से निकला तो मैंने उसकी गांड पर हाथ फैर दिया और मैंने देखा कि वो थोड़ा शरमा रही थी और स्माइल कर रही थी. फिर मैंने ध्यान से उसको अपना मोबाईल नम्बर दे दिया और हमारी बात होने लगी. अब में उसके साथ सेक्स के लिए पागल हो रहा था, लेकिन शाम को में घर वापस आ जाता था और दिन में सेक्स का काम नहीं हो सकता था.

एक दिन साईट पर दूसरे फ्लोर की स्लेब की कास्टिंग थी और कास्टिंग दिन में 2 बजे को होनी थी और लेट नाईट तक काम होना था. अब मैंने सीमा को पहले ही बता दिया था कि हम लोग उस रात सेक्स करेंगे, तो वो भी मान गई थी.

फिर अगले दिन दोपहर में हम लोगों ने स्लेब कास्ट करना शुरू कर दिया, अब में बहुत व्यस्त था और सर्दी भी काफ़ी थी. फिर रात के 11 बजे का टाईम था तो मैंने उसको फोन किया, तो वो तैयार थी, लेकिन में बहुत व्यस्त था और मैंने डिनर भी नहीं किया था, में तो सिर्फ़ सेक्स के बारे में ही सोच रहा था.

फिर में साईट से थोड़ा दूर रूम की तरफ चला गया, वहाँ कोई भी नहीं आता था. फिर मैंने सीमा को कॉल किया और रूम के पीछे बुलाया, जब सर्दी काफ़ी ज्यादा थी. अब में उसका इंतजार कर रहा था, तो वो पूरे 20 मिनट के बाद आई, इतनी ठंड होने के बाद भी उसने सिर्फ़ साड़ी ही पहनी थी और मुझे तो जैकेट में भी ठंडी लग रही थी.

फिर जिस टाईम मैंने उसको देखा तो मुझे ठंड लगनी बंद हो गई, फिर वो मेरे पास आई, अब वो शरमा रही थी और डर रही थी. फिर मैंने उसका और अपना मोबाईल ऑफ कर दिया, अब में तो सेक्स से पागल हो रहा था. फिर मैंने पहले तो उसके होंठो पर किस किया और उसकी गांड को अपने हाथों से मसलने लगा.

अब उसने मुझे मेरी गर्दन से ज़ोर से पकड़ लिया था, अब हम दोनों ने लंबा किस किया, अब में उसकी गांड पर ज़ोर से हाथ फेर रहा था. फिर मैंने अपनी जैकेट उतार दी और ज़मीन पर बिछा दी और उसको प्यार से जैकेट के ऊपर लेटा दिया.

अब में उसके ऊपर चढ़ गया और में उसको पागलों की तरह किस कर रहा था, फिर में उसके बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से ही किस करने लगा. अब हम दोनों ने एक दूसरे को ज़ोर से पकड़ लिया और किस करने लगे, फिर मैंने तेज़ी से उसका ब्लाउज उतार दिया. अब में उसके बूब्स को देखकर मस्त हो गया था और उसके बूब्स को किस करने और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.

अब वो भी मस्त हो चुकी थी, फिर मैंने उसकी नाभि पर किस किया और उसके पेटीकोट को खोलने लगा. फिर जब उसने अपने कपड़ो को उतार दिया तो में उसकी जाघों को किस करने लगा और अपने दातों से हल्का सा काटने लगा, उसकी चूत एकदम साफ थी, उसने बताया कि उसने आज ही बाल साफ किए है.

फिर मैंने उसकी चूत को सिर्फ़ किस ही किया था कि वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी पेंट की चैन खोलने लगी. तब मैंने अपनी जीन्स खोल दी. फिर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया तो अब वो मजे से उसको चूस रही थी.

फिर में उसके बूब्स को चूसने लगा और एक उंगली उसकी चूत में डालकर हिलाने लगा. अब मेरा लंड एकदम अकड़ गया तो में उसके ऊपर लेट गया और उसको बोला कि वो मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में डाले. फिर जब उसने मेरे लंड को उसकी चूत पर रखा.

तो मैंने ज़ोर से एक धक्का दिया और मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया, तो वो ज़ोर से बोली उईईईईई माँ. तब में उसको किस करने लगा और धीरे-धीरे हिलने लगा. फिर वो कुछ शांत हुई तो अब में उसके बूब्स को एक हाथ से ज़ोर से दबा रहा था और उसके होंठो पर किस कर रहा था.

फिर मैंने एक धक्का ज़ोर से और लगाया और अपना पूरा लंड उसकी चूत में दे दिया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा. अब वो तेज़ी से साँस ले रही थी और बोल रही थी आआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्ससस्स ह्म्‍म्म्मममममम आआआआअहह, क्या बताऊँ अब में तो खुद को जन्नत में महसूस कर रहा था? मैंने पहली बार किसी औरत का पूरा मज़ा लिया था. मैंने उसकी एक टांग को अपने कंधो पर रख लिया, उसके बूब्स काफ़ी बड़े-बड़े थे और जब में उसको चोद रहा था तब वो तेज़ी से हिल रहे थे.

इस तरह मुझको सर्दी में भी पसीना आ गया था और इस तरह हमने 3 बार चुदाई की. फिर अगले दिन वो बीमार हो गई और फिर कुछ दिन के बाद वो वापस अपने गाँव चली गई. में बचपन से ही सेक्स के बारे में कहानियाँ पढ़ा करता था और जिम जाने की वजह से मेरा लंड हर समय खड़ा रहता है और मुझे मुठ मारना अच्छा नहीं लगता था और मुझे बूब्स चूसने में बड़ा मज़ा आता है और मुझे आंटी के बड़े बूब्स बहुत अच्छे लगते है.

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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