दीदी को वाटर पार्क ले जाकर चुदवाया

ये मेरी सच्ची कहानी है जो की मेरी बड़ी बहन जो मुझसे उम्र मे करीब 10 साल बड़ी थी मेरी दीदी का नाम रानी है ज़ब पहली बार मैंने दीदी को अलग तरह से देखा तो मेरी उम्र 27 और उनकी 37 थी दीदी की शादी 24 की उम्र मे हो गयी थी शादी से पहले दीदी का बदन सामान्य लड़की की तरह था पतली दुबली लेकिन शादी के बाद दीदी के शरीर के बनावट मे काफी बदलाव आ गए थे. Desi Sister Sexy Figure

उनके दूध पहले से काफी बड़े और सुडौल हो गए थे देखने मे वो पहले से ही एक दम सफ़ेद दूध जैसी थी और उनकी जाँघे काफी मोटी तने जैसी हो गयी थी. सबसे देखने लायक तो उनके चूतड़ थे चूतड़ पहले से काफ़ी बड़े और मोटे हो गए थे ज़ब वो चलती थी तो दोनों चूतड़ अलग अलग साफ प्रतीत होते थे.

मेरा दीदी को देखने का नजरिया तब बदला ज़ब दीदी अपने मायके मतलब मेरे घर छुट्टियों मे आई हुई थी. दीदी घर मे लेगिंग कुर्ती या सलवार कुर्ती पहनती थी. वो नहाने बाथरूम मे गयी हुई थी मै कमरे के पास बैठा हुआ था नहाने के बाद वो सारे कपड़े बाथरूम मे ही पहनती थी.

पर उस दिन ज़ब वो नहा कर बाहर निकली तब उन्होंने पैरो मे कुछ नही पहना था शायद बाथरूम गिला होगा इस लिए वो लेगिंग कमरे मे पहनने वाली थी. दीदी की कुर्ती मुश्किल से उनके बड़े चूतड़ों को ढक पा रही थी कुर्ती की लम्बाई चूतड़ों से थोड़ा निचे तक थी उनकी सुर्ख सफ़ेद मोटी जाँघे बहुत मस्त लग रही थी.

पिंक पैंटी की स्ट्रिप जांघो पर चार चाँद लगा रहि थी ये सब नज़ारा देख कर तो. मेरा पैंट मे ही निकल गया. उसके बाद से मै उन्हें नंगा या ब्रा पैंटी मे देखने का मौका तलाशने लगा वो दोपहर मे ज़ब सोती तो मै उन्हें निहारता रहता अक्सर सोने के बाद उनकी कुर्ती ऊपर उठ जाती थी तब टाइट लेगिंग मे उनके चूतड़ क्या मादक लगते थे.

मैंने उनकी गांड की कई फोटो अपने मोबाइल मे ले ली थी बाद मे देखने के लिए क्युकी कुछ दिनों मे वो जाने वाली थी मै अब रोज दीदी के बारे मे सोचकर मुठ मारने लगा था. कई बार मैंने हिम्मत करके सोते हुए उनके चूतड़ों को सहलाया था वो ज़ब बाथरूम से नहा कर जाती तो मै उनकी पैंटी चाटता सूंघता और उसी मे मुठ मार देता.

इसी तरह कई दिन बीत गए हमारा लोगो का एक दिन वाटरपार्क जाने का प्लान बन गया पूरी फॅमिली का दीदी भी तैयार थी. हम लोग संडे को गए तो वहां अत्यधिक भीड़ थी पर अब पहुंच गए तो क्या करते. सभी लोगो ने ड्रेस चेंज कर ली थी दीदी वाटरपार्क की ड्रेस मे क्या गजब ढा रही थी.

रानी के 40 इंच के चूतड़ मुश्किल से उस शॉर्ट्स मे आ पा रहे थे एक दम टाइट ड्रेस मे उनके दूध और चूतड़ बाहर निकलने को तैयार थे. रानी बहुत सुशील और सीधी औरत थी तो वो इस ड्रेस मे असहज महसूस कर रही थी. भीगने के बाद तो उनका पूरा बदन साफ झलक रहा था.

भीड़ मे नहाते हुए कई लोगो का शरीर एक दूसरे से टच हो रहा था 10-12 लड़को का एक ग्रुप बहुत देर से दीदी पर नज़र लगाए हुए था मै बहुत देर से ये चीज देख रहा था मै दीदी से अलग होकर एन्जॉय कर रहा था वो लडके आपस मे कुछ दीदी के बारे मे ही बात कर रहे थे. मै उन लड़को के पास आकर उनकी बाते सुनने लगा. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

“क्या माल है यार इसकी गांड और चूची कितनी मस्त लग रही है.”

एक लडके ने बोला. “कितनी गोरी है साली मिल जाए एक बार तो मज़ा आ जाए”- दूसरे ने बोला.

भीड़ भाड़ का फायदा उठा कर वो कभी दीदी के चूतड़ सहला रहे थे कभी दूध दबा रहे थे. मुझे ये सब देख कर मज़ा आ रहा था. दीदी काफ़ी असहज महसूस कर रही थी मै दूर से ये सब देख रहा था 2 घंटे रुकने बाद हम लोग वहां से निकल गए रात मे मै दीदी को लेकर एक नाईट क्लब गया.

दीदी वहां जाने को मना कर रहि थी शयद वो पहले किसी क्लब नही गयी थी उनके बच्चों को घर पर छोड के हम दोनों क्लब के लिए निकल गए दीदी ने सलवार सूट पहना था दीदी के पास कोई वेस्टर्न ड्रेस नही थी. मैंने दीदी को दिलाने के लिए बोला पहले तो मना किया फिर बार बार कहने पर मान गयी.

दीदी को मैंने वन पीस दिलाया जिसमे वो गजब ढा रहि थी.. वो ये ड्रेस पहन के बहुत असहज महसूस कर रही थी मेरे कहने पर पहनने के लिए मान गयी.. दीदी के चूतड़ और दूध का शेप साफ साफ दिख रहा था.. दीदी को मैंने पहली बार वहा ड्रिंक करा दिया..

उन्होंने कई बार मना किया पर मैंने जबरदस्ती उनको 4 पैग पीला दिया उनको अब बहुत ज्यादा नशा हो गया था. दीदी नशे मे खूब डांस कर रहि थी.. क्लब मे ही मेरी मुलाक़ात एक व्यक्ति से हुई जिनकी उम्र लगभग 50 के आस पास होंगी वो एक अच्छे बिसनेसमैन थे उनका नाम विक्रम था.

2-3 पैग उनके साथ पिने के बाद उनसे अच्छी दोस्ती हो गयी.. मैंने उन्हें दीदी के साथ डांस करने को ऑफर किया वो थोड़ा अचम्भे. मे आ गए पर मैंने अपनी फैंतासी के बारे मे उन्हें बताया मेरे मन मे एक फैंटासी थी मै दीदी को अपने सामने चुदते हुए देखना चाहता था वो मेरी शार्त मान गए.

दीदी बहुत नशे मे थी तो तो उनको कुछ होंश नही था किसके साथ डांस कर रहि हैँ… वो रानी को बाहो मे लेकर डांस करने लगे रानी भी उनका पूरा साथ दे रही थी.. वो रानी के बार बार कमर और चूतड़ पर हाथ लगा रहे थे. दीदी भी थोड़ी गरम हों रही थी थोड़ी देर डांस करने के बाद वो दीदी को नशे की हालत मे ही क्लब मे बने एक रूम मे ले आये.

उस रूम की विंडो हल्की खोल दी थी जिस से पूरा नज़ारा दिखे दीदी लगभग बेहोशी की हालत मे थी विक्रम ने दीदी को बिस्तर पर लिटा दिया फिर धीरे से उसने दीदी की ड्रेस उतार दी दीदी अब ब्रा पैंटी मे बेसुध पड़ी थी पहली बार अपनी बड़ी बहन को नंगा देख के मेरे शरीर मे करेंट दौड़ गया..

विक्रम ने दीदी को पेट के बल लिटा के पहले उनकी ब्रा का हुक खोला फिर सीधा करके उनकी ब्रा निकल दी उनके बड़े बड़े दूध अब आजाद थे दीदी के दूध हल्के लटके हुए और काफ़ी बड़े लग रहे थे फिर विक्रम ने दीदी की चढ्ढी निकाल के फेक दी दीदी की चुत पर हल्के बाल थे. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उसने अब दीदी को फिर पेट के बल लिटा दिया दीदी की बड़ी गांड जिसको देखने की मेरी तमन्ना आज पूरी हों गयी दीदी की गांड एकदम चिकनी मोटी और बड़ी थी अब दीदी कुछ होश मे थी और पूरी गरम हों चुकी थी दीदी ने विक्रम के सारे कपड़े उतार दिए और उसका लन्ड मुँह मे लेकर चूसने लगी.

विक्रम ने दीदी को अब घोड़ी बना दिया और अपना लन्ड दीदी की चुत के दरवाजे पर रख के रगड़ने लगा विक्रम का लन्ड मीडियम साइज का था अब उसने अपना पूरा लन्ड एक झटके मे दीदी की चुत मे घुसेड़ दिया दीदी ने आह की आवाज की विक्रम अब लन्ड अंदर बाहर करने लगा वो तेज तेज झटके मार रहा था दीदी भी अपने चूतड़ हिला हिला के पूरा मज़ा ले रही थी करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद विक्रम झड़ गया इसके बाद मै वहां से चला आया और गाड़ी मे सो गया. 3 घंटे करीब वो दीदी के साथ रूम मे रहे.

विक्रम ने पूरी कहानी मेरे साथ शेयर की और खूब तारीफ़ की.. विक्रम ने 3 बार दीदी की जबरदस्त चुदाई की… वो बोले “तेरी बहन तो बिलकुल मक्ख़न जैसी है इस उम्र. मे भी बिलकुल माल है यार ऐसी औरत से मैंने आज तक. सेक्स नही किया..” विक्रम ने दीदी की गांड भी मारी थी. दीदी को नशे की हालत मे ही मै घर लाया सुबह ज़ब उसकी नींद खुली तो खूब रो रहि थी की मैंने ये सब क्या कर दिया मैंने कहा ये सब चलता है आजकल के मॉडर्न जमाने मे बहुत समझाने पर उन्होंने रोना बंद किया और नॉर्मल हुई…

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

Read All Stories by Kavya Singh
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!