सुपर सीनियर से पट गई जूनियर कॉलेज गर्ल

मैं भोपाल में इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ। उम्र 23 साल, हाइट 5’10”, रंग अमेरिकन गोरा। मेरा लंड पूरा 8 इंच का है। मैं बहुत ही आशिक मिज़ाज का हूँ, इसलिए अपनी बैच की सारी लड़कियों से खूब बातें करता था। क्लास में एक से एक पटाखा माल थीं और मैं सबको चोदना चाहता था, पर अब तक ये तमन्ना अधूरी ही थी। College Girl Romance

मैं उन्हें सोच-सोचकर मुठ मारता रहता था। ये सिलसिला काफी दिन तक चलता रहा, लेकिन एक दिन मैंने ठान लिया कि अब अपने पप्पू के लिए कुछ करना पड़ेगा। मैंने कसम खाई कि जब तक चूत नहीं मिलेगी, मुठ नहीं मारूँगा। गर्मियों की छुट्टियाँ खत्म हुईं, एग्ज़ाम भी हो चुके थे।

मैं घर गया था, लौटा तो देखा कि कॉलेज में जूनियर्स आने शुरू हो गए थे। तभी मेरे दिमाग में आइडिया आया – अपनी जूनियर में से किसी को पटाऊँगा और लंड की प्यास बुझाऊँगा। उस दिन के बाद मैं रोज़ कॉलेज में अच्छी-अच्छी और खूबसूरत लड़कियों को घूरने लगा।

तभी मुझे एक पिंक ड्रेस में 5’6” की मस्त पटाखा लड़की दिखी। उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैं खुद को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। मेरे हिसाब से उसका फिगर 34-26-36 रहा होगा। उसी दिन मैंने ठान लिया कि इसी को चोदूँगा।

इस तरह रोज़ मैं उसे देखने लगा। फिर पता चला कि वो मेरी ही ब्रांच की जूनियर है और नाम बिपाशा है। कोलकाता से पढ़ने आई है। एक दिन मैं अपने रूम की खिड़की से बाहर देख रहा था कि तभी बिपाशा दिख गई। मेरा मन मचल गया। मैं फटाफट नीचे गया और उसे घूरने लगा।

उसने भी देखा, पर कुछ रिएक्ट नहीं किया। मैं उसके पास गया और बोला, “मैं तुम्हारा सीनियर हूँ, कोई प्रॉब्लम हो तो मुझे बता देना। यहाँ नई हो ना।” मैंने अपना मोबाइल नंबर भी दे दिया। तभी उसने बताया कि वो पास में ही रूम लेकर रहती है। ये सुनकर मुझे लगा कि मेरा प्लान सफल होने वाला है।

हमने वहीं कॉफी पी और फिर अपने-अपने रूम चले गए। पूरी रात मैं बिपाशा के सपने देखता रहा, नाइटफॉल भी हो गया। धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ती गईं। मुझे लगा कि वो मुझे पसंद करती है, पर खुल नहीं पा रही। एक दिन मेरा रूममेट घर गया हुआ था, मैं अकेला था। मैं बीएफ देख रहा था कि तभी बिपाशा का कॉल आया कि कल उसका टेस्ट है और कुछ न्यूमेरिकल्स में प्रॉब्लम है, हेल्प चाहिए।

मैंने कहा, “मेरे रूम आ जाओ, बता दूँगा।”

वो बोली, “रूम में?”

मैंने कहा, “हाँ, मैं अकेला हूँ, फ्रेंड घर गया है।”

वो बोली, “ठीक है” और 5 मिनट बाद ही मेरे रूम पर आ गई।

मुझे अंदाज़ा नहीं था कि वो इतनी जल्दी आ जाएगी, इसलिए मैं कंप्यूटर से बीएफ की सीडी नहीं निकाल पाया था। मैंने फटाफट सीडी बंद की और दरवाज़ा खोला। बिपाशा थी! आह्ह्ह्ह… जींस और टॉप में कितनी सेक्सी लग रही थी। उसके गोल-गोल बूब्स बाहर निकलने को बेताब थे।

व्हाइट टॉप और ब्लैक जींस, ब्लैक ब्रा हल्की-हल्की दिख रही थी। उसकी गांड… क्या बताऊँ, मुझे लगा अभी जाकर उसी में लंड पेल दूँ। मैं पूरी तरह जोश में आ चुका था, पर किसी तरह खुद को कंट्रोल किया। मैंने उसकी प्रॉब्लम सॉल्व करवाई। वो मेरे बेड पर बैठी थी, उसके बूब्स बाहर की तरफ झाँक रहे थे। मैं लगातार उन्हें देखे जा रहा था।

थोड़ी देर बाद जब वो जाने लगी तो मैंने सोचा – आज गई तो फिर मौका नहीं मिलेगा। मैंने कहा, “बिपाशा, तू यहीं बैठ, मैं कुछ खाने को लाता हूँ।”

वो बोली, “ठीक है।”

मैंने जान-बूझकर पीडी नहीं निकाली और बोला, “तब तक कंप्यूटर में टाइम पास कर ले।”

मैं करीब 15 मिनट बाद लौटा तो देखा – बिपाशा बीएफ देख रही है और मज़े ले रही है। मुझे देखकर शर्मा गई। मैंने कहा, “कोई बात नहीं, देख सकती हो।” पर उसने फिर भी नहीं देखा। फिर हम साथ बैठकर देखने लगे।

मैंने पूछा, “तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?”

वो बोली, “नहीं।”

फिर उसने मुझसे पूछा, “तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?”

मैंने भी कहा, “नहीं।”

उसकी हालत देखकर समझ गया कि बीएफ देखकर वो पूरी गरम हो चुकी है। मैंने सोचा – यही सही मौका है वार करने का।

मैंने पूछा, “कभी सेक्स किया है?”

वो बोली, “नहीं।”

और ये कहकर जाने लगी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और ज़ोर से किस करना शुरू कर दिया। उसने मना नहीं किया, वो भी मुझे किस करने लगी। अब समझ गया कि वो भी एक्साइट हो चुकी है। मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके बूब्स पर हाथ फेरने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

वो आँखें बंद किए लेटी थी। मैंने उसका टॉप उतारा, फिर जींस। अब वो सिर्फ़ ब्रा-पैंटी में थी। उसका बदन संगमरमर जैसा लग रहा था। उसने भी मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद हमने सारे कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे। हम एक-दूसरे को चूम रहे थे।

वो मेरा लंड सहला रही थी, मैं उसके बूब्स चूस रहा था। उसके मुँह से आह्ह्ह्ह… उह्ह्ह्ह की आवाज़ें आ रही थीं। तभी मैंने उसकी चूत देखी – बिल्कुल गुलाबी और फूली हुई। मैंने चाटना शुरू किया। उसके मुँह से इस्स्स… उह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह्ह की आवाज़ें आने लगीं। वो पूरी तरह गरम हो चुकी थी, चूत से पानी निकलने लगा। तभी उसने मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि अगर वो ऐसे ही चूसती रही तो मैं झड़ जाऊँगा।

मैंने कहा, “अब रहने दो।”

वो बोली, “नहीं… अब रहने दो… अब मैं अपना लंड तुम्हारी चूत में डालता हूँ।”

वो बोली, “नहीं… मुझे और चूसना है।” और तेज़ी से मुँह में अंदर-बाहर करने लगी। मैं भी झड़ने वाला था – आह्ह्ह… ओय्य्य… आआआ… और तेज़ी से चूसो… और मैं झड़ गया। उसने पूरा माल पी लिया। अभी भी मेरा लंड उसके मुँह में ही था, वो धीरे-धीरे चाट रही थी। उसकी चूत पूरी तरह भीग चुकी थी, पानी रिस रहा था।

मेरा फिर से खड़ा हो गया। बिपाशा ने अपनी उंगली चूत में डाल ली। मैंने कहा, “ये क्या कर रही हो?”

वो बोली, “अब कंट्रोल नहीं हो रहा।”

मैंने कहा, “ओय्य्या… ये बात है तो मैं अभी तुम्हारी प्यास बुझा देता हूँ।”

फिर मैंने उसकी चूत बहुत तेज़ी से चाटने लगा। जीभ अंदर डाल दी। वो चिल्ला रही थी – इस्स्स… आह्ह्ह… जल्दी करो… ओह्ह्ह…

फिर मैंने उसकी टाँगें फैलाईं और अपना 8 इंच का लंड उसकी चूत में डालना शुरू किया। लेकिन उसकी चूत इतनी टाइट थी कि अंदर नहीं जा रहा था। वो ज़ोर से चिल्लाने लगी, “मैं मर जाऊँगी… इसे बाहर निकालो… मेरी चूत फट जाएगी!” उसके आँसू भी निकल आए।

पर मैंने कहा, “ऐसा कुछ नहीं, पहली बार है इसलिए हो रहा है। तुम देखो, अभी बहुत मज़ा आएगा।”

वो बोली, “नहीं… लंड बाहर निकालो… दर्द हो रहा है।”

पर मैंने एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। वो ज़ोर से चिल्लाई – ऊईईई माँ… मैं मर गई! तब मैंने उसके होंठ अपने होंठों से चिपका लिए और किस करना शुरू कर दिया। उसकी चूत से खून निकल आया था। फिर भी मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। अब उसे मज़ा आने लगा था। वो आआआह्ह्ह… ओह्ह्ह्ह्ह कर रही थी। थोड़ी देर बाद मैंने स्पीड बढ़ाई और तेज़-तेज़ धक्के मारने लगा। वो चिल्ला रही थी, “और तेज़… और तेज़… मेरी प्यास जल्दी बुझाओ!” मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है।

मैंने और तेज़ धक्के मारे। थोड़ी देर में मैं भी झड़ने वाला था। तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी। मैंने लंड बाहर निकाला और उसके चूचियों पर पूरा माल गिरा दिया। उसने मेरा लंड पकड़ा और पूरा चाटकर साफ कर दिया। 20 मिनट बाद मैंने उसकी गांड भी मारी। अब उसे भी मज़ा आने लगा था – ओय्य्याआआ… उस दिन मैंने उसे 5 बार चोदा। शाम हो चुकी थी। फिर वो अपने रूम चली गई। उसके बाद हमारी चुदाई ऐसे ही चलती रही। फिर मैंने अलग रूम ले लिया। अब वहाँ हम दोनों खूब चोदाई करते थे।

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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