क्रिसमस के दिन क्रिश्चियन लड़की की चुदाई

मैं आज आप लोगों को मेरी पहली और सच्ची घटना की बात बताने जा रही हूँ जो की मेरे और मेरे पड़ोसी अंकल के साथ क्रिसमस में हुई चुदाई के बारे में हैं। मेरा नाम गिरिजा डी’सूजा है, मैं 25 साल की हूँ, मैं दिखने में हलकी सांवली हूँ, मेरी कद 5’8″ हैं और मेरी फिगर की साइज 36–32–38 होने के साथ सुडौल भी है। ये बात पिछले साल की है, जब मैं कोलकाता से अपने घर आई थी क्रिसमस से दो दिन पहले, मेरे घरवाले गाँव जा रहे थे क्रिसमस के लिए। Christmas Day Sex Story

मैं जिस दिन आई थी उसी शाम मेरे घरवाले गाँव निकल गए, मैं गाँव नहीं गई क्यूंकि गाँव में क्रिसमस का मज़ा नहीं आता है। तो मैं उसी शाम केक बनाने का सामान लेने गई थी, और उसी समय जोसफ अंकल मिल गए, जोसफ अंकल 44 साल के पंजाबी आदमी हैं और उनका कद हैं और तगड़े हैं, जोसफ अंकल मुझे देख बोले,

जोसफ अंकल :– अरे गिरिजा तुम कब आई कोलकाता से?

मैं :– आज सबेरे में आई हूँ, अंकल।

तो जोसफ अंकल देख लिए की मैं केक बनाने का सामान खरीद रही हूँ, तो जोसफ अंकल बोले,

जोसफ अंकल :– ओहो लगता है केक बनाओगी।

मैं :– हाँ।

जोसफ अंकल :– मुझे दोगी ना केक?

जोसफ अंकल दोगले किस्म के आदमी है, वो डबल मीनिंग में मुझसे बात कर रहे थे और ये वही समझ सकता है जो खुद भी दोगला है, तो मैं जोसफ अंकल को बोली की,

मैं :– हाँ… क्यों नहीं अंकल आखिर आप मेरे पड़ोसी जो है।

जोसफ अंकल :– तब ठीक है, पर तुम्हारे घरवाले मुझे देने देंगे?

मैं :– हाँ क्यों नहीं देंगे, आप कहो तो मैं आपके घर आ जाऊं, देने?

मैं घर में अकेली थी और ये बात जोसफ अंकल नहीं जानते थे,

जोसफ अंकल :– हाँ, आ जाओ वैसे भी मैं अकेला हूँ।

मैं :– ठीक है अंकल मैं अब चलती हूँ।

वैसे तो जोसफ अंकल से मोहल्ले के सभी लोग नफरत करते है, क्यों की जोसफ अंकल एक नंबर के रंडीबाज है और उसी वजह से उनकी पत्नी उन्हें तलाक दे कर भाग गई। पर जोसफ अंकल बदले नहीं, पर मुझे जोसफ अंकल अच्छे लगते हैं और क्यों अच्छे लगते हैं?उसके पीछे एक छोटी सी कहानी है।

मैं एक बार बाजार से घर आ रही थी और मैं उसी समय जोसफ अंकल को मेरे घर के पास नाली में पेशाब करते हुए देखी और जोसफ अंकल के बड़े लंड को भी देख ली थी। मैं सोची नहीं थी की जोसफ अंकल का लंड इतना मस्त होगा, मेरे बॉयफ्रेंड का लंड तो कुछ भी नहीं था जोसफ अंकल के सामने।

मैं जोसफ अंकल से अकेले में बात कर लेती थी, पर लोगों के सामने नहीं, इसीलिए तो उस दिन मैं अंकल से डबल मीनिंग में बात की। पर जोसफ अंकल समझ नहीं पाए, तो घर जाते ही मैं केक और कूकीज बनाने लगी क्रिसमस की शाम के लिए जो की 24 को था। “Christmas Day Sex Story”

तो 24 तारिक को दिन में मैं घर को सजाने में लगी हुई थी और मैं जोसफ अंकल के घर को ताला लगा देखी, मैं समझी शायद कहीं गए होंगे। तो ठीक शाम को मैं देखी की जोसफ अंकल के दरवाज़े पर ताला नहीं लगा है, तो मैं कूकीज और केक लेकर जोसफ अंकल के घर के पीछे से गई। और तब मैं उनके घर के पीछे ढेर सारा इस्तेमाल किया हुआ कंडोम देखी थी, मैं दरवाज़े पे दस्तक दी, और जोसफ अंकल दरवाज़े खोले और मुझे देख बोले,

जोसफ अंकल :– ओह गिरिजा तुम यहाँ?

मैं :– केक और कूकीज देने आई हूँ अंकल।

जोसफ अंकल :– ओहो क्या बात है, आओ अंदर आओ।

और मैं जोसफ अंकल के घर में घुसी, जोसफ अंकल मुझे सोफे में बैठने के लिए बोले और मेरे लिए पानी लेकर आये, तो मैं जोसफ अंकल को बोली,

मैं :– क्या अंकल… इतना रुखा सूखा पिने के लिए दे रहे है, कुछ गरम दीजिये।

जोसफ अंकल :– ओह अच्छा तुम्हारा मतलब उससे है?

जोसफ अंकल समझ गए की मैं रम की बात कर रही हूँ, तो जोसफ अंकल मुझे बोले की,

जोसफ अंकल :–रुको मैं लेकर आता हूँ।

जोसफ अंकल अपने कमरे में गए और रम की पैक्ड बोतल के साथ एक तोहफा भी लेकर आये,जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी, मैं अंकल से बोली की,

मैं :– अंकल ये तोहफा किस खुशी में?

जोसफ अंकल :– मैं जनता था की तुम आओगी इसीलिए तुम्हारे लिए लेने गया था।

मैं :– अंकल आप तो छुपा रुस्तम निकले।

और मैं तोहफा रख ली और फिर अंकल मेरे और खुद के लिए पैग बनाने लगे और फिर मैं अंकल के साथ चार पैग लगाई, तो जोसफ अंकल मेरे करीब आने लगे. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

जोसफ अंकल :– वैसे गिरिजा मैं सोचा नहीं था की तुम पीती हो।

मैं :– अरे! अंकल कोलकाता में रह–रह के आदत हो गई है।

जोसफ अंकल :– वैसे गिरिजा तुम मुझे वैसी लड़की नहीं लगती।

मैं समझ गई की अंकल क्या कहना चाहते है पर मैं उनके मुँह से सुनना चाहती थी, तो मैं पूछी की,

मैं :– वैसी लड़की से आपका क्या मतलब है अंकल?

जोसफ अंकल :– मतलब पिने के बाद मुझे फ़ायदा उठाने दोगी।

मैं शरमा गई थी, एक तो मैं खुद भी चाहती थी की अंकल मेरा फ़ायदा उठा ले, पर अंकल तो मुझसे पूछ रहे थे सामने से, तो मैं मुस्कुराते हुए बोली,

मैं :– वैसे ना दूँ तो आप जबरजस्ती तो नहीं करेंगे ना?

जोसफ अंकल :– मैं लालसा का भूखा हूँ गिरिजा पर जबरजस्ती मुझे पसंद नहीं।

मैं :– ओहो तब सही है, वैसे अंकल मुझे अब चलना चाहिए चर्च जाना है मुझे।

8 बज चुके थे और मुझे चर्च जाना था, तो अंकल मुझे बोले की,

जोसफ अंकल :– ठीक है गिरिजा पर मेरा तोहफा ज़रूर देखना।

मैं :– ठीक है अंकल घर जा कर देखती हूँ।

तो मैं उठी और पीछे के दरवाज़े से जाने लगी, तब जोसफ अंकल मुझे बोले की,

जोसफ अंकल :– मैं पीछे का दरवाज़ा खुला रखूँगा आज की रात।

मैं कुछ बोली नहीं बस एक मुस्कान दे कर वहां से चली गई, और घर आ कर मैं अंकल के तोहफा को खोली और जो चीज देखी मैं बहुत उत्साहित हो गई। अंकल ने मुझे क्रिसमस जी-स्ट्रिंग बिकनी दिए थे जिसमें सब लाल रंग की थी और वो जांघ तक मोज़े होते है वो भी था, और साथ ही एक खत भी था। जिसे मैं खोली और पढ़ी उस खत में लिखा था, “मुझे पता है तुम्हारे घर में कोई नहीं है, और अगर तुम चाहो तो तुम मेरे घर आ सकती हो ये बात सिर्फ हम दोनों के बिच रहेगा।”

मैं उस खत को पढ़ कर और भी नटखट हो गई थी, तो मैं ज्यादा देर ना करते हुए अंकल के दिए तोहफा को पहनी और उसके ऊपर कपड़े पहन ली। मुझे उस रात सचमें बहुत नटखट ख्याल आ रहे थे, और ऐसे में मैं चर्च जा रही थी, पर मैं चर्च नहीं गई, मैं वापस जाने लगी।

उसी की सजा ऊपर वाले ने मुझे दिया, मेरी स्कूटी की तेल ख़तम हो गई थी और मुझे 5 किमी दूर पैदल यात्रा करना पड़ा। फिर जा 1 किमी बाकि था, तब मैं चौक लगाई और रात के 10:40 बजे अपने घर पहुँच गई, मैं पसीने से तरबतर हो गई थी। इसीलिए मैं कुछ देर आराम की और ठीक 11 बजे जोसफ अंकल के घर गई.

जैसा जोसफ अंकल ने मुझे कहा था की, वो पीछे का दरवाज़ा खुला रखेंगे। मैं दरवाज़ा खोल कर अंदर गई और जोसफ अंकल के कमरे में गई, जहाँ जोसफ अंकल टीवी में ब्लू फिल्म लगा कर सोए हुए थे। और साथ ही जोसफ अंकल ने अपने कमरे में क्रिसमस ट्री भी सजाए हुए थे, तो मैं अपने कपड़े उतरने लगी और बिकिनी में आ गई। बिकिनी में आते ही मैं अंकल के बिस्तर पर आ गई और अंकल डर कर जाग उठे. “Christmas Day Sex Story”

जोसफ अंकल :– कौन है… कौन है…

मैं :– मैं हूँ अंकल, गिरिजा।

जोसफ अंकल तब मुझे बिकिनी में देखते हुए मेरी बूब्स को दबाते हुए मुझे बोले,

जोसफ अंकल :– ओह बेबी तुमने तो मुझे डरा दिया था।

मैं :– माफ़ करना अंकल डराने के लिए।

जोसफ अंकल :– नहीं बेबी तुम्हें माफ़ी मांगने की ज़रूरत नहीं है।

और जोसफ अंकल थोड़ा उठे और मुझे अपने गोद में बैठाए जहाँ उनका खड़ा लंड मेरी गांड में चुभ रही थी और जोसफ अंकल मेरी दोनों बूब्स को ब्रा से निकल कर एक दम मुँह लगा कर चूस रहे थे, ईईईईईससससस… ऊऊऊऊहह… और मैं अंकल के पैंट में खड़े लंड पर अपनी गांड रगड़ रही थी, तो जोसफ अंकल ने मुझे गोध बैठे हुए ही अपने पैंट को सरका दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

और अंकल का नंगा गरम लंड मेरी गांड में रगड़ने लगा, ईईईसस… उउउहह…क्या बताऊँ कितना मज़ा आ रहा था। जोसफ अंकल के दोनों हाँथ मेरी गांड को दबा रहे थे मसल रहे थे और फैलाए हुए थे, और तभी जोसफ अंकल ने मुझे कहा,

जोसफ अंकल :– ईईईसस… उउफफफ… बेबी अब ज़रा मुझे अपने लंड में कंडोम लगाने दो।

मैं :– इतनी जल्दी नहीं अंकल पहले ज़रा चख लूँ।

जोसफ अंकल :– ओह! बेबी तुम्हें चखना है और मुझे भी आ जाओ 69 पोज़ में।

तो मैं उठी और जोसफ अंकल के पैंट को सरका कर उन्हें पूरा नंगा कर दी, उउफफफ…क्या लंड था जोसफ अंकल का, आय हाय मुँह में पानी आ गई थी। 69 पोज़ में आते ही जोसफ अंकल मेरी जी स्ट्रिंग पेंटी को किनारे सरका दिए और मेरी चूत में अपना मुँह लगा कर एक दम चाटने लगे।

अंकल के चूत चाटने से मैं भी अंकल के लंड को मुँह में ले के चूसने लगी, उउफफफ… ईईईसस…क्या स्वाद था अंकल के लंड का। अंकल तो मेरी चूत को चाटते चाटते मेरी गांड की छेद को भी चाट ले रहे थे और हम दोनों देर तक चाटते रहे एक दूसरे की।

और फिर अंकल का लंड पूरा टाइट खड़ा हो गया था और मुझे उसी टाइट लंड में कंडोम लगाना था तो मैं अंकल के लंड में कंडोम लगाई। और फिर अंकल के लंड में बैठी अंकल का मोटा लंड मेरी चूत में सनसनी सी लगा दिया था और फिर मैं धीरे धीरे अंकल के लंड में अपनी गांड ऊपर नीचे करने लगी। “Christmas Day Sex Story”

मैं :– अअईई… ईईईसस… अअआह…बहुत मोटा लंड है आपका अंकल ईईईसस… अअआह…

जोसफ अंकल :– अअआह… गिरिजा तुम्हारी चूत भी टाइट है, मज़ा आ रहा है अअअहहह…

अंकल को गृप अच्छा मिल रहा था, तो अंकल मुझे अपने बाँहों में जकड लिए और मेरी रसीली होंठ को अपने होंठ से सील दिए। और फिर अंकल जो नीचे से झटके देने लगे मेरी चूत पूरी पानी–पानी होने लगी, कमरे में थापा… थप… थापा… थप… गूंज रही थी। मैं अंकल को कहना चाहती थी की, अअअईईई… अअअहहह… बस करो अंकल मेरी चूत रो रही है पर मैं कैसे बोलती।

अंकल ने मेरी होंठ को चूमे हुए थे और लगभग 40–45 मिनट के बाद,अंकल का लंड अचानक से फिसल कर मेरी चूत ने निकल गया। और फिर अंकल ने तीन–चार बार अपना पिचकारी छोड़ा, जो सीधा मेरी गांड पर आ गिरा और मैं दर्द से छुटकारा पा ली अंकल मुझे बोले की,

जोसफ अंकल :– बेबी तुम ठीक हो ना?

मैं :– ओह!…बहुत गंदा झटके देते है आप अंकल, मेरी तो पेशाब निकल दिया अपने।

जोसफ अंकल :– कोई बात नहीं बेबी हो जाता है जब मेरे जैसा लंड पहली बार जाता है तो।

तो कुछ देर बाद मैं और अंकल उठे एक दूसरे को अच्छे से साफ किये और फिर बेडशीट बदल के एक दूसरे से लिपट कर सो गए।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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