Bhabhi Ne Mere Boyfriend Ka Lund Dhila Kar Diya

मेरा नाम निधि है और मेरे बड़े भैया का नाम सुधीर है, मेरी भाभी अंजना जो कि दिखने में बेहद खूबसूरत और सुंदर है। वह इतनी ज्यादा सुंदर थी कि जब उन्होंने हमारे घर पर अपना पहला ही कदम रखा था तो सब लोग उनकी सुंदरता की बड़ी तारीफ किया करते थे और हमेशा कहते कि अंजना दिखने में बेहद खूबसूरत है। जब भाभी श्रृंगार कर के घर से बाहर निकलती तो आस पड़ोस की महिलाओं में जलन की भावना पैदा हो गई इसी वजह से वह लोग अंजना भाभी को बिल्कुल भी अच्छी नहीं मानते थे। Bhabhi Ne Mere Boyfriend Ka Lund Dhila Kar Diya.

अंजना भाभी कि सुंदरता उनके आड़े आ रही थी। सब कुछ तो ठीक चल ही रहा था और भैया का भी प्रमोशन अभी कुछ समय पहले ही हुआ था उनके प्रमोशन को हुए कुछ ही समय हुआ था। उन्होंने अपने दोस्तों के लिए घर में छोटी सी पार्टी भी रखी थी लेकिन उस पार्टी के दौरान मुझे जो नजारा देखने को मिला उससे मैं बिल्कुल चकित रह गई। भैया और अंजना भाभी के बीच में बिल्कुल भी बातचीत नहीं हो रही थी वह दोनों एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि मैं सुधीर भैया से सिर्फ काम की ही बातें किया करती थी। वह मुझसे उम्र में 5 बरस बड़े हैं मैं उनकी बहुत इज्जत करती हूं और उनसे ज्यादा कुछ बातें नहीं करती।

मेरी चिंता का कारण तो यही था कि सुधीर भैया और अंजना भाभी आपस में बात नहीं कर रहे हैं इसके पीछे की वजह मैं जानना चाहती थी क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि सुधीर भैया और अंजना भाभी के बीच में दूरियां हो इसी के चलते मैंने सुधीर भैया से बात की। मैंने सुधीर भैया से पूछा भैया क्या आप और अंजना भाभी आपस में बात नहीं कर रहे हैं तो सुधीर भैया कहने लगे नहीं निधि ऐसी तो कोई बात नहीं है। मैंने दोबारा भैया से इस बारे में नहीं पूछा क्योंकि मुझे भैया से पूछने में अच्छा नहीं लग रहा था इसलिए मैंने भैया से दोबारा यह सवाल नहीं पूछा। जब मैंने अंजना भाभी से भी इस बारे में बात करने की कोशिश की तो वह भी मेरे सवालो से बचती हुई नज़र आई। वह कहने लगी निधि ऐसा कुछ नहीं है शायद तुम्हे ऐसा लगा होगा हम दोनों तो आपस में बात कर रहे हैं और मुझे नहीं लगता कि हम दोनों के बीच में कोई ऐसी दूरी है।

यह दूरी भैया और भाभी के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी भैया की शादी को ज्यादा समय नहीं हुआ था लेकिन भैया ना जाने क्यों गुमसुम से रहने लगे थे और मुझे भी चिंता सताने लगी थी। रात के वक्त मुझे भी नींद नहीं आती मैं अपने कमरे में सोने की कोशिश करती लेकिन मेरी आंखों से नींद गायब थी नींद ना जाने कहां मेरी आंखों से दूर हो चुकी थी। मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था कि भाभी और भैया के बीच में बातचीत नहीं है क्योंकि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहती थी कि भैया और भाभी एक दूसरे से अलग हो या उनके बीच में ऐसी भी कोई बात हो जिससे कि उन दोनों के बीच के रिश्ते में कोई दरार पड़ जाए। मैंने इस बारे में जानने के लिए सुधीर भैया और अंजना भाभी के कमरे के दरवाजे पर चोरी छुपे सुनने की कोशिश की कि आखिर दोनों क्या बात करते हैं।

उस दिन मुझे जो पता चला उससे मैं पूरी तरीके से हैरान रह गई, अंजना भाभी का किसी लड़के के साथ में प्रेम संबंध चल रहा था और यह बात सुधीर भैया को पता चल चुकी थी जिससे कि वह बहुत नाराज थे इसी बात से उन दोनों के बीच में दूरियां बढ़ती जा रही थी। मुझे अब यह बात तो पता चल चुकी थी कि आखिरकार उन दोनों के बीच में ऐसा क्या हुआ है जिससे उन दोनों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है। उसी के चलते मैंने अंजना भाभी को समझाने का प्रयास किया और उन्हें एक दिन अपने साथ मॉल में घुमाने के लिए ले गई। जब हम दोनों मॉल में गए तो भाभी उस दिन बेहद सुंदर लग रही थी और उनके होटो के ऊपर जो तिल है वह उनकी सुंदरता में चार चांद लगा देता लेकिन भैया और भाभी की दूरियां तो बढ़ चुकी थी और उनके रिश्ते में दरार आ चुकी थी।

उनकी इस दूरी को दूर करने का मैंने प्रयास किया मैने अंजना भाभी को समझाने की कोशिश की। अंजना भाभी कहने लगी उस दिन मेरे फोन पर मेरे एक पुराने दोस्त का फोन आया और सुधीर ने मेरी बातें सुन ली उसके बाद से वह मुझ पर शक कर रहे हैं मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा कि मैं कैसे इस रिश्ते को बचाऊं। भाभी भी बहुत परेशान थी लेकिन मुझे यह समझ नहीं आया कि इसमें सुधीर भैया की गलती है या फिर अंजना भाभी की इसमे गलती हैं। दोनों के रिलेशन में दूरियां पैदा होने लगी थी और इसी दौरान मेरी भी जॉब बेंगलुरु में लग गयी पहले मैं सोचने लगी कि मैं बेंगलुरु नहीं जाऊंगी लेकिन जब मुझे सुधीर भैया ने कहा कि निधि तुम बेंगलुरु चली जाओ तुम्हारा वहां पर बहुत अच्छा फ्यूचर है तुम अपने भविष्य को क्यों बर्बाद कर रही हो।

उनके कहने से मैं बेंगलुरु चली गई और वहां पर मैं जॉब करने लगी लेकिन मुझे घर की काफी चिंता सताती रहती थी और मैं भैया और भाभी के बारे में हमेशा अपनी मां से पूछा करती। उन्हें भी इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था लेकिन जैसा मैंने सोचा था बिल्कुल वैसा ही हुआ भाभी अब भैया से दूर जा चुकी थी और उन दोनों के बीच डिवोर्स तक की नौबत आ चुकी थी। मैंने भैया और भाभी से बात की और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन दोनों के मन में शक का बीज पैदा हो चुका था और वह एक दूसरे से अलग होना चाहते थे। मैं अपनी जॉब में इतनी व्यस्त हो चुकी थी कि मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था और मैं सोच रही थी कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर पुणे हो आऊं लेकिन वहां जाने तक का मुझे समय नहीं मिल पाया और मैं पुणे ना जा सकी।

सुधीर भैया और अंजना भाभी के बीच में दीवार पैदा हो चुकी थी लेकिन मेरे रिश्ते की शुरुआत हो चुकी थी। मेरी मुलाकात बेंगलुरु में अमन से हुई अमन और मेरी मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से हुई और हम दोनों की अच्छी दोस्ती होने लगी। हम दोनों एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त बन चुके थे हालांकि अमन आईटी कंपनी में मैनेजर था और मेरा उससे काम बिल्कुल अलग था लेकिन उसके बावजूद भी हम दोनों अपने ऑफिस से फ्री होने के बाद एक दूसरे से मुलाकात करते थे। जब हम दोनों एक दूसरे से मुलाकात करते तो हम दोनों को बहुत अच्छा लगता और एक दूसरे से हम लोग घंटो तक फोन पर भी बातें किया करते थे। सुधीर भैया और अंजना भाभी के बीच की दूरियां तो बढ़ चुकी थी लेकिन मेरे और अमन की नजदीकी अब बहुत ज्यादा होने लगी थी।

हम दोनों एक दूसरे के बिना अब रह भी नहीं सकते थे और हम दोनों ने एक दूसरे से अपने दिल की बात कह दी और एक दूसरे के साथ रहने का फैसला कर लिया। मैंने और अमन ने साथ में रहने का फैसला कर लिया था मेरी भाभी अंजना भी भैया से नाराज थी। मैं अमन को अपने साथ अपने घर ले आई जब अमन मेरे परिवार वालों से मिला तो उसे बहुत अच्छा लगा। वह कहने लगा तुम्हारी परिवार में सब लोग कितने अच्छे हैं तुम्हारी भाभी तो बहुत ज्यादा सुंदर है लेकिन उसे इस बारे में मालूम नहीं था कि भाभी और भैया के बीच बिल्कुल नहीं बनती। रात के वक्त अमन और मैं साथ में बैठ कर बात कर रहे थे लेकिन ना जाना ऐसा क्या हुआ कि हम दोनों ही अपनी जवानी पर काबू ना कर सके। अमन ने जैसे ही मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया तो मैं उत्तेजित होने लगी और पूरी तरीके से मेरा शरीर गर्म होने लगा।

अमन ने मेरे होठों का रसपान काफी देर तक किया हम दोनों एक ही रूम में थे। उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए तो वह मुझे कहने लगा निधि तुम्हारे बदन का हर हिस्सा कितना लाजवाब है मैं देख कर खुश हो गया हूं। यह कहते ही उसने मेरी योनि को चाटना शुरू किया हुआ काफी देर तक वह मेरी योनि और रसमान करता रहा। जब मैंने उसे कहा तुम मेरी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दो तो उसने कहा थोड़ी देर तो रुक लेकिन मुझसे बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था।

अमन ने धक्का देते हुए अपने मोटे लंड को मैंने योनि के अंदर घुसाया और मेरी सील टूट चुकी थी मेरी योनि से खून का बहाव तेजी से होने लगा मेरी योनि से इतना ज्यादा खून निकलने लगा कि मेरे मुंह से सिर्फ तेज चीख निकल रही थी। मेरी आवाज इतनी ज्यादा तेज आने लगी तो भाभी यह सुनकर रूम मे आ गई। अंजना भाभी ने हम दोनों को नग्न अवस्था में देखा तो वह कहने लगी तुम यह क्या कर रहे हो। उन्होंने मेरी तरफ देखा अमन ने भी अपने लंड को बाहर निकाल लिया लेकिन वह अमन के लंड को देखकर उसे मुंह मे लेने को तैयार हो गई। “Bhabhi Ne Mere Boyfriend”

उन्होंने अमन के मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और उसे बहुत अच्छे से चूसतती रही जिससे कि उनके बदन से गर्मी बाहर निकलने लगी। उन्होंने अपने कपड़े खोलकर उतार दिए मैंने जब उनके स्तनों को देखा तो मै उनके स्तनों को चूसने लगी। उनके स्तनों से मैंने खून निकाल कर रख दिया मेरा मन ही नहीं भर रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे उनके स्तनों को चूसते रहूं मेरा भाभी के प्रति कुछ ज्यादा ही लगाव था।

जब अमन ने उन्हें घोडी बनाकर चोदना शुरू किया तो वह अमन का पूरा साथ देती अंजना भाभी ने मेरी योनि को भी अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया काफी देर तक ऐसा ही चलता रहा। अमन अंजना भाभी की चूत मारे जा रहा था और मैं उत्तेजित हो चुकी थी। जब अमन ने अंजना भाभी की योनि में वीर्य को गिराया तो अमन ने मेरे दोनों पैरों को खोलते हुए चोदना शुरू किया और काफी देर तक वह मेरी चूत मारता रहा। मेरी इच्छा भर गई हम तीनों ही खुश हो गए उसके बाद मुझे भाभी के साथ अंतरंग संबंध बनाने में मजा आने लगा। “Bhabhi Ne Mere Boyfriend”

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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