कॉलेज की सेक्सी लड़की की ग्रुप में चुदाई 1

मैं कक्षा 12 का छात्र हूं। गर्मियों की छुट्टी थी, हमारे क्लास ने छुट्टियों में पहाड़ों पे जाने का प्लान बनाया। क्लास में 14 लड़के और चार लड़कियां थी। ट्रिप का सब कुछ फाइनल हो गया था और हम सब बस से कल सुबह मनाली जाने वाले थे। हमारे साथ हमारी क्लास टीचर और एक ड्राइवर जाने वाला था। Young Girl Pussy Chudai

अगली सुबह, मैं सबसे पहले आकर बस में बैठ गया ताकि अपने पसंद की सीट चुन सकू। मैं पीछे की सीट पे जाके बैठ गया, धीरे धीरे सारे बच्चे आ गए। मेरे क्लास की सबसे फेमस लड़की थी रागिनी, जोकि 5 फुट 7 इंच की सुडौल लड़की थी। उसका शरीर बिल्कुल भरा हुआ था मानो भगवान ने बहुत फुर्सत से उसे बनाया हो।

रागिनी मेरी अच्छी दोस्त थी और मेरे ग्रुप में वो ओर बाकी 3 लड़के और भी थे। मैने पीछे की सीट अपने ग्रुप के लिए ही बचा के रखी थी। उस दिन सारे बच्चे स्कूल ड्रेस में थे इसीलिए रागिनी ने भी स्कूल की स्कर्ट पहनी थी, स्कर्ट में उसके मोटे मोटे गोरे जांघ दिखते थे जो किसी का भी लन्ड खड़ा कर दे।

ऊपर से उसके बड़े बड़े चूचे जो कि मानो शर्ट की बटन तोड़ कर बाहर निकल जाए और वैसी ही चौड़ी उसकी 36 इंच की गान्ड। उसके फुले फुले गान्ड का दीवाना तो सारा स्कूल था। स्कूल का हर बच्चा उसको चोदना चाहता था। स्कूल के मास्टर भी उसे अपने लौड़े पे बैठाना चाहते थे।

उसके फिगर से क्लास की लड़कियां भी जलती थी। हमारे ग्रुप के सारे लड़के उसके नाम के मुट्ठी मारते थे। क्योंकि वो हमारी दोस्त थी इसीलिए बोलने की हिम्मत नहीं होती थी। क्लास में कई बार मैने उसके दूध गलती से छुए हैं और गान्ड भी दोनो इतनी रसीले थे मानो छूने मात्र से ही मुट्ठी निकल जाए।

समझ तो उसे भी आता था लेकिन वो भी मज़ा लेती थी। उस दिन वह अपने बालों को खोल के आई थी तो और भी माल लग रही थी। उसे देख कर मेरे मुंह से निकला “वाह! क्या माल है! एक बार चोदने का मौका मिल जाए तो रात भर चोदूं” यह बात मेरे दोस्तों ने सुन ली थी और वह बहुत जोर से हंसने लगे।

बस में हमारी मैडम आ गई और बस चल पड़ी। हम 4 लड़के और रागिनी बस के अंतिम सीट पे बैठे थे और बाकी लड़के और मैडम सामने की सीट पे। रस्ते में हम हसी मजाक कर रहे थे। मेरा ध्यान तो बार बार रागिनी के ओंठो पे जा रहा था और उसके चिकने गोरे गालों पे मन करता था कि पकड़ के चूसने लगू।

मैने बातों बातों में कई बार उसके जांघ पे अपने हाथ रखें पर उसने कुछ नहीं कहा। इसी बीच मैं रागिनी को अपना फोन दिखने लगा, अचानक रागिनी मेरे हाथों से फोन लेके एक वीडियो खोल दी जो कि एक पोर्न वीडियो था जो मै डिलीट करना भूल गया था। मेरे सारे दोस्त हंसने लगे और मैं शर्मिंदा हो गया।

लेकिन रागिनी ने मुझे कंफर्टेबल के दिया कि मैं भी पोर्न देखती हूं। फिर हम सब पोर्न की गंदी गंदी बातें करने लगे। इसी बीच मुझे पता चला रागिनी सिर्फ दिखती शरीफ है लेकिन बहुत बड़ी छिन्नार है, उसकी फैंटसी किसी रण्डी से भी अधिक है। बस आधे रस्ते आ चुकी थी और सारे लोग सो गए थे सिवाय हम पांचों के.

मैं अपने मोबाइल में पोर्न वीडियो चलाया और हम चारों पेंट के ऊपर से अपना लौड़ा सहलाने लगे। फिर एक एक कर के पेंट खोल के अपना काला 9 इंच का लण्ङ हम सब हिलाने लगे। रागिनी से भी रहा नहीं गया और वह भी हमारा लण्ङ हिलने लगी। थोड़े देर में शर्ट के ऊपर से रागिनी के एक चूचे दबाने लगा.

मेरे पूरे शरीर में करेंट सी दौड़ गई, मैने पहली बार चूचे छुए थे वो भी इतने बड़े, बिल्कुल मखमली। दूसरा चूची मेरा दूसरा दोस्त मनीष दबाने लगा। फिर मैने हाथ शर्ट के अंदर डाल दी और उसके बिल्कुल सॉफ्ट चूचे दबाने लग गया मेरे दोस्त उसके ओंठ चूसने में लगे थे कोई छोड़ने को तैयार ही नहीं था। और ये साली रागिनी भी किसी कोठे की रण्डी के जैसे मजे लेकर सिसक रही थी।

फिर मैने अपना हाथ उसके स्कर्ट से नीचे उसके पैंटी में डाला उसके चूत बिल्कुल चिकने हल्के बालों वाले थे। फुले हुए थे, बिल्कुल कच्ची क्ली जैसी जवान चूत। करीब 10 मिनट तक मैं उसके चूत मसल रहा था वो बिल्कुल मदहोश हुई जा रही थी। मेरे दोस्त उसके दोनों चूचे को चूस रहे थे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

इसी बीच मनीष ने उसके चूचे काट दिए वो जोर से चिल्लाई “आह….. उफ्फ….” उसके चीख में भी अब जादू था… अब वो आधी नंगी थी और हम चारों उसके शरीर के हर अंग को बारीकी से स्पर्श के रहे थे। अचानक बस रुकी। सब बच्चे जाग गए और हम लोगों ने भी अपने कपड़े पहने।

ड्राइवर ने बोला कि पास में एक वॉटरफॉल है जिन बच्चों को जाना हो वो जा सकते हैं। सारे बच्चे ओर ड्राइवर मैडम के साथ वॉटरफॉल देखने चले गए सिवाय हम चार और रागिनी। क्योंकि हमे मालूम था ये आखिरी मौका है मज़ा उठाने का। जैसे ही सब गए हमने खिड़कियां और गेट बंद कर दिए और मैने बोला कि “बोल रण्डी किस्से चुदेगी?”

उसने बोला “सबसे चुदुँगी”! उसके बातों से उसका हब्शीपन झलक रहा था। इतने में मैने उसके शर्ट और स्कर्ट खोल दिया। वो अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। उसके पैंटी लैस वाले थे। मैं उसके गुलाबी रसीले ओंठ चूसने लगा जबकि बाकी लोग उसके हाथ पैर चूस रहे थे तो कोई अपना लण्ङ हिला रहा था। “Young Girl Pussy Chudai”

मुझे तो मन कर रहा था उसको पूरा खा जाऊं। रागिनी भी पूरी भरी पड़ी थी। उसके पैंटी अभी ही गीले दिखाई दे रहे थे। इतने में मेरे दोस्तों ने उसकी पैंटी फाड़ दी और ब्रा खोल दी… अब वो पूरी नंगी थी। मैने पहली बार किसी लड़की को पूरी नंगी देखी थी.. उसका गोरा नंगा बदन देख कर ऐसा लग रहा था मेरे लण्ङ की नसे कहीं फट न जाए।

उसके दूध गोरे थे और उसपर की नसे साफ दिख रही थी। निप्पल बिल्कुल पिंक और खड़े खड़े थे। मैं उसके दानेदार निप्पल चूसने में लग गया और काटने भी लगा। वो सिर्फ चिल्ला रही थी लेकिन कुछ कह नहीं रही थी। वो दोनों हाथों से दो लड़कों का लण्ङ हिला रही थी जबकि तीसरा मेरे साथ दूसरे चूचे चूस रहा था।

फिर मैं उसके चूत चूसने लगा उसके चूत तो जन्नत से कम नही था भूरा चूत बिल्कुल विदेशी जैसे ओर चूत के दो फांक ऐसे फुले थे मानो किसी रण्डी ने पैसे देके बनवाए हो। उसके चूत से पानी निकल रहा था और मैं सब कुछ पी जाना चाहता था। उसके रसीली चूत में मैने दो उंगली डाल कर भी मजे ले लिए।

फिर अपना काला घोड़े जैसा लौड़ा उसके चूत में डाल दिया। उसकी चूत बिल्कुल टाइट थी.. और चूत की दीवार मेरे लण्ङ को दाब रहे थे लेकिन मुझे मज़ा आ रहा था। रागिनी भी मजे से चूद रही थी लेकिन ये उसका पहला बार था इसीलिए वो दर्द में थी और थोड़े खून के छींटे भी थी।

लेकिन उसकी चूत बहुत कोमल और छोटी थी 18 साल की लड़की के मुकाबले बहुत छोटी चूत। और छोटी वर्जिन चूत मारने में जो मज़ा है वो ओर कही नहीं हैं। फिर मैने उसे बस के फर्श पे लिटाया लण्ङ निकाल के फिर अपनी जीभ उसके चूत में घुसा दी, अब में उसके चूत के अंदर का दाना महसूस कर पा रहा था वो मेरा सिर के बाल खींच रही थी। “Young Girl Pussy Chudai”

अब मैने फिर अपना लौड़ा उसके चूत में डाला और घोड़े की फुर्ती के साथ लगातार चूत मारने लगा। इसी बीच मनीष उसके मुंह में अपना लौड़ा दिया हुआ था। मैं उसके चूचे पर भी चाटे मार रहा था… इससे वह और भी उत्तेजित हो रही थी। वो चिल्ला उठी “मारते रहो! मत रुको! मैं तुम्हारी रण्डी हूं!”

फिर मैने उसे बस की सीट पे डॉगी स्टाइल में बैठाया और उसकी मोटी गान्ड चाटने लगा… आज तक मैने कभी इससे मोटा गान्ड नहीं देखा है। फिर मैने उसके गान्ड की काली छेद को अंदर अंदर तक चाट चाट कर चिकना कर दिया। वो मेरी मुंह अपने गान्ड से दाब रही थी वो बहुत गरम थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

अब मैने अपना मोटा लौड़ा उसके गान्ड में डाल दिया वो चिल्ला उठी कि मुझे छोड़ दो… अब मैं कहां रुकने वाला था अब उसकी मोटी गान्ड देख कर मैं चाटे पे चाटे लगाया जा रहा था। मैं पागल हो गया था। मैं उसे खा जाना चाहता था। मैं जानवर बन चुका था और मेरे अंदर जा जानवर बाहर तेज झटके के रूप में दिख रहा था।

उसकी गान्ड का मैने चबूतरा बना दिया था उसके आंखों में आंसु थे लेकिन उसे मजा भी आ रहा था क्योंकि वह “और तेज! और तेज चिल्ला रही थी” रागिनी मेरी रण्डी बनी हुई थी मैं अपनी कुत्ती की तरह उसके बाल पकड़ कर उसके गान्ड चोदे जा रहा था। थोड़े देर बाद मैं झड़ गया। “Young Girl Pussy Chudai”

लेकिन रागिनी की तो गान्ड की खैर नहीं थी एक के बाद एक लड़के उसके चूत और गान्ड मारे जा रहे थे। अब वो पिछले सीट पे बैठी थी और एक साथ तीनों लड़कों से चूद रही थी। एक का लौड़ा उसके गान्ड में था तो दूसरा का उसके बूर में, और तीसरा उसके चूचे के दरार में अपना लन्ड रगड़ रहा था।

तीनों पूरे जोश में थे। रागिनी को देख कर कोई नहीं कह सकता था वो पहली बार चूद रही हो, वो बिल्कुल चुद्दकड़ की तरह तीन लौड़े पे एक साथ कूद रही थी। लड़के ने उसके गान्ड को थप्पड़ मार मार ले लाल कर दिया था। उसके चूचों पे भी लगातार थप्पड़ मारे जा रहे थे।

“बोल मादरचोद और चुदेगी?”

“हां चुदुंगी”

“रण्डी बनेगी?”

“हां बनूंगी. मेरी चूत भर दो! चोदो मुझे, और मारो मेरी गान्ड पे, मेरी गान्ड चोद चोद के लाल कर दो! मैं सबकी रण्डी हूं! हमेशा चुदुंगी!”

सारे लोग पागल हो गए थे सिर्फ हांफने की आवाज आ रही थी… शॉट बहुत तेज थे… रागिनी सिर्फ चिल्ला रही थी “आह… आह… आह.. आहहह्ह्ह… उफ्फ, फ़क मी.” इतने में सब का झटके के साथ झड़ गया… रागिनी का चेहरा बता रहा था कि वह बहुत खुश है मानो उसे जन्नत मिल गया हो। वो खुद पसीने से तरबतर बैठी थी… उसके कच्छे तो फट गए थे … उसके बाल पसीने के कारण उसके मुंह पे चिपके हुए थे. आगे क्या हुआ कहानी के अगले भाग में बताऊंगा तब तक पढ़ते रहिये क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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