प्यार और यार दोनों से एक साथ चुदवाई दिव्या

नमस्कार पाठकों आज को हमारी कहानी दोस्ती भावना और वासना का तीसरा पार्ट है जिसका नाम है दोस्ती प्यार भावनाएं हवस और एक अनोखी चाहत इस कहानी में आप जानेंगे की कैसे दिव्या अभी और निकास का थ्रीसम हुआ? कैसे मैने यानी अभी ने निकास को इसके लिए राज़ी किया कैसे दिव्या और निकास के बीच की अनबन दूर हुई और कैसे निकास दिव्या का मिलन हुआ अभी के साथ रहते हुए और ऐसा क्या हुआ जिसे देख दिव्या बहुत खुश अभी और निकास को एक साथ देख कर ऐसा क्या देख ली वो? Threesome Lover Porn

तो उत्सुकता को बढ़ाते हुए चलिए शुरू करते हैं प्यार भरे थ्रीसम की अनोखी अनसुनी कहानी जो एक दम सच है ! तो दोस्तो जैसा अपने मेरी पिछली कहानी यानी पार्ट दो “दिव्या के साथ एनल सेक्स किया” में पढ़ा की कैसे अभी और दिव्या के बीच निकास और अभी को लेकर थ्रीसम roleplay हुआ और कैसे दिव्या अपने उस बीएफ के साथ थ्रीसम को मानी जिससे वो बात भी नहीं कर रही थी अब आगे शुरू होती है.

कहानी दिव्या: लेकिन तुम उसको मनाओगे कैसे.

अभी: ये तुम मुझ पर छोड़ दो दिव्या.

मैने ऐसा बोल तो दिया पर सच ये था कि मुझे भी नहीं समझ आ रहा था की से लड़के से कैसे बात करूं की वो अपनी GF के साथ GF के बेस्ट फ्रेंड से थ्रीसम को मान जाए? काफी सोचने के बाद एक आईडिया आया यहां मैं। बताना चाहूंगा की मेरी दिव्या के बीएफ निकास से भी अच्छी दोस्ती है में उससे उम्र में बड़ा हूं तो वो मुझे भाई करके बुलाता है और मेरी बातें मानता है इज़्ज़त करता है काफी.

मैं थोड़ा निकास के बारे में भी बता दूं वो सांवले रंग का मीडियम कद काठी का लड़का है जो जिम करता है उसकी बॉडी है चेस्ट निकलें है बाइसेप्स भी अच्छे हैं मगर वो काफी शरीफ सीधा और इनोसेंट टाइप का लड़का है अब आते हैं कहानी पर तो मैने दिव्या से एक दम चुप रहने को बोला और निकास को कॉल लगाया.

निकास: हैलो अभी भाई कैसे हैं?

अभी: मस्त तुम कहां हो?

निकास: भाई घर पर.

अभी: और दिव्या कहां है.

निकास: पता नही होगी पुणे में मेरी उससे बात नही होती है अब.

अभी: अरे क्यों क्या हुआ?

निकास: भाई वो पता नही क्यों नाराज़ हो गई और बात करना बाद कर दी.

अभी: तो तुम चाहते हो दिव्या से तुम्हारी बातें होने लगे?

अभी: पक्का?

निकास: हां भाई आप मना लो उसे आप जो कहोगे मैं वो करूंगा बस वो मान जाए.

अभी: तो तुम एक काम करो गुड़गांव आ जाओ में एड्रेस भेजता हूं.

निकास: भाई गुड़गांव?

अभी: हां सरप्राईज मिलेगा समझो तुमको.

वो एक्साइटेड होकर बोला कब आजाऊं में बोला पॉसिबल हो तो कल ही वो बोला ओके तो मैने दिव्या से कहा उसे नही पता तुम यहां हो ना उसे ये पता है में यहां हूं तो जब वो कल आयेगा मैं अंदर ही कहीं छुप जाऊंगा और तुम अपनी सबसे हॉट सेक्सी ड्रेस पहन कर गेट खोलना देखना वो सोक और सरप्राइज़ हो जाएगा फिर उसे अदाएं दिखाना अगर वो कुछ ना किया तो आगे मैं संभाल लूंगा.

वो मान गई अगले दिन दोपहर में उसका कॉल आया भाई मैं आ गया हूं आपकी लोकेशन पर फ्लैट कौनसा गई और क्या है वहां आप हो क्या. अभी: फ्लैट नंबर १०८ और वहां क्या है क्या नही ये एक सरप्राइज है. वो बोला ओके मैं आता हूं थोड़ी देर में मैं दिव्या को बोला वो आ रहा है तुम रेडी हो जाओ.

दिव्या मेकअप तो कर ही चुकी थी बस उसे ड्रेस पहननी थी तो वो अपने रूम में गई और ५ मिनट बाद बाहर आई उसे देख मेरी हालत खराब हो गई आज उसने ब्लैक रंग का एक हाफ गाउन पहना था जो उसकी जांघो तक था और ऊपर से V shape में था यवि बूब्स के आकार साफ झलक जाए ऐसा.

और कंधे पर सिर्फ पतली डोरी क्लीवेज पूरे दिख रहे थे और बूब्स का उभार साफ दिख रहा था गाउन टाइट था तो बूब्स का गोल आकार भी साफ नज़र आ रहे थे वो एक दम सेक्स बॉम्ब लग रही थी आज इस लुक में खैर मैं जाके बालकनी साइड बाहर छुप गया और बालकनी का डोर बाहर से बंद कर मगर खिड़की नही ताकि मैं अंदर का नजारा छिपके देख पाऊं.

२ मिनट बाद डोर बेल बाजी दिव्या ने जाके गेट खोला ये सब मैं साफ देख सकता था छुपे होने के बावजूद खैर सामने निकास था व्हाइट शर्ट और ब्लू जींस में उसने दिव्या को वहां देखा तो पूरा चकित हो गया की ये यहां कैसे और उसके लुक को देखा तो देखता ही रह गया क्योंकि दिव्या लग भी बहोत हॉट रही थी फिर वो तो उसका बीएफ था.

दिव्या ने उसका हाथ पकड़ा और बिना कुछ बोले उसे अंदर ले आई वो बोलने वाला था की दिव्या ने गेट लुक करके उसके होंठो पर अपनी एक उंगली रख दी और उसे चुप रहने का इशारा किया और उसे लाकर सोफे पर बैठा दिया धक्का देकर जिससे वो सोफे पर बैठते हुए लेट गया दिव्या उसके उपर गई और उसे चूमने लगी.

वो पूरा शॉक था की ये सब कैसे और क्या हो रहा है खैर दिव्या उसे चूमती रही अपनी हॉट अदाएं दिखाते हुए वो भी अब दिव्या का साथ देना लगा किस में. उसका दिव्या का कुछ देर किस चला तभी दिव्या ने उसके शर्ट के बटन खोलने शुरू किए ही थे तभी निकास से उसे रोका और कहा.

निकास: दिव्या क्या कर रही हो जानती हो ना बिना शादी ये सब पसंद नहीं.

ये सुनकर दिव्या उदास हुई फिर उससे गुस्सा आया तो वो बोली दिव्या: तुम्हारा है बार यही रहता है मेरी भी कुछ इच्छाएं कुछ सपने हैं उनका क्या?

निकास: तो वो सब शादी बाद तो होना ही है.

उन दोनो में लड़ाई का माहौल बनता देख मैं बालकनी से अंदर आ गया और सीधा उनके सामने गया मुझे देख निकास पूरा हिल गया मानो उसे कोई बिजली का झटका लगा और वो शॉक हो गया. वो कुछ देर चुप रहा फिर बोला निकास: अरे भाई आप यहां कैसे? और दिव्या यहां ये तो पुणे में थी तो यहां कैसे और इसका ये रूप ये बदला अंदाज? ये तो बात भी नहीं करती अब मुझसे तो सीधा प्यार ये सब हो क्या रहा है में शॉक्ड हूं और बहुत कनफ्यूज भी प्लीज बताइए?

मैं बोला तुम पहले बैठो इधर शांति से और मैं तुम्हें सब बताता हूं दिव्या जाओ अंदर और निकास और सबके लिए कुछ ठंडा लाओ तब तक मैं मेरे छोटे भाई का सारा कन्फ्यूजन दूर करता हूं. दिव्या अंदर गई मैं और निकास सोफे पर बैठ गए में बोला-

अभी: अब मेरी हर बात को ध्यान से सुनना निकास.

निकास: जी भाई बताइए.

तब मैने सारी बात बताई दिव्या के ट्रांसफर से लेकर उसके यहां गुड़गांव शिफ्ट होने तक और दिव्या उससे किस वजह से दूर हो रही है वो क्या चाहती है निकास से वो सब बातें समझ गया सुनकर लेकिन वो बोला निकास: भाई पर में शादी के पहले वैसा कुछ नही करना चाहता. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

तब मैने उसको समझाया अभी: देखो निकास हर इंसान की अपनी जरूरतें अपनी इच्छाएं होती हैं और अगर वो जरूरत वो इच्छा सही समय पर पूरी ना हो तो या तो इंसान बदल जाता है या फिर उसे उसकी जरूरत पूरी करने वाला उसकी इच्छाओं को समझने वाला पूरा करने वाला कोई मिल जाता है तो वो उसके साथ ज़िंदगी में आगे बढ़ जाता है.

वैसी ही दिव्या भी एक जवान खूबसूरत लड़की है उसकी भी अपनी कुछ जरूरतें हैं कुछ इच्छाएं हैं और जरूरी नहीं की हर इच्छा हर जरूरत शादी बाद ही पूरी हो जब तुम दोनो को शादी करनी ही है तो जो शादी बाद होना है वो अभी हो या शादी बाद क्या फर्क पड़ता है अगर उसमे तुम्हारी दिव्या की खुशी हो. “Threesome Lover Porn”

और जिससे तुम दोनो में दूरी नही नजदीकी हो लड़ाई नहीं प्यार हो तो क्या बुराई है वो काम करने में क्या तुम नही चाहते कि दिव्या और तुम्हारी बातें हो प्यार हो दोनो में लड़ाई नहीं? और अगर वो इच्छाएं वो जरूरतें कोई और पूरी करे और दिव्या तुम्हे छोड़कर आगे बढ़ जाए तो क्या ये अच्छा लगेगा तुम्हें नही न तब फिर??

कुछ सोचकर बोला मगर भाई. मैने कहा कुछ अगर मगर नही अब तुम सिर्फ दिव्या की सुनोगे इसी में तुम दोनो की भलाई है और तुम्हारे रिश्ते की भी.

निकास: मगर भाई मेरी एक प्रॉब्लम है?

अभी: वो क्या?

वो सोच कर और संकोच करके बोला निकास: भाई मैने कभी किसी लड़की को ऐसे नही छुआ मुझे नही आता ऐसे प्यार करना.

अभी: बस इतनी सी बात चलो अगर मैं तुम्हारी हेल्प करू तो चलेगा?

निकास: भाई आप कैसे?

अभी: मैं तुम्हें ट्रेनिंग दूंगा जो में बताऊं जैसा मैं कहूं वैसा तुम दिव्या के साथ करते जाना.

क्योंकि वो शरीफ था और सीधा भी इसलिए उसने कहा ठीक है अभी भाई आप जो कहोगे मैं वैसा करूंगा आप चलो मेरे साथ उसके रूम में.

अब मैं निकास दिव्या के रूम में आए दिव्या हमें देख खुश और हैरान दोनो थी उसे कुछ नहीं था बाहर हम दोनो की क्या बातें हुई. अब निकास उसे देख रहा था दिव्या बेड पर बैठी थी तो उसकी गोरी झांघे आधे से ज्यादा साफ दिख रही थी और उसके क्लीवेज और खुली पीठ खुले गोरे बाजू ये सब मैं और निकास दोनो देख रहे थे. “Threesome Lover Porn”

अभी: निकास देख क्या रहे हो आगे बढ़ो और दिव्या का कंधा और बाजू पकड़ कर उसे उठाओ.

उसने ऐसा ही किया फिर मैने कहा अब दिव्या को बाहों में भरो और उसको टाइट हग करो उसने वोही किया. फिर मैं बोला अपना हाथ दिव्या की पीठ पर फेरो वो हाथ फेरने लगा दिव्या की पूरी पीठ पर. अब मैंने कहा अब दिया के खुले कंधे गर्दन पर किस करने लगा अब वो दिव्या के गले कंधा गर्दन पर चूमने लगा इससे दिव्या भी जोश में आने लगी.

फिर निकास ने दिया की आंखों को गालों को पलको को चूमना शुरू किया तब दिव्या ने अपने होंठ निकास के होंठो पर रख दिए और उसे चूमने लगी. शायद अब दिव्या के मन में भी निकास के लिए पुराना प्यार बाहर आ गया होगा. फिर निकास भी दिव्या के किस में पूरा साथ देने लगा.

दोनो में स्मूच होने लगा तो मैं रूम से बाहर जाने लगा. तभी निकास ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा भाई आप मत जाओ आप गाइड कर रहे हो तो आज हिम्मत आ रही प्लीज रुकिए आप होंगे तो मैं शायद आज दिव्या की हर इच्छा पूरी कर पाऊंगा. मैं बोला मगर ये तुम दोनो का पर्सनल टाइम है और में कैसे?

निकास: भाई आप हैं तभी ये हो रहा मेरी हिम्मत ही नहीं बनी कभी अब आप होंगे तभी आगे भी हिम्मत बनेगी.

तभी दिव्या भी बोली रुक जाओ अभी अगर तुम्हारे रुकने से हमारा रिश्ता ठीक होता है तो तुमको रुकना चाहिए वैसे भी ये हम तीनो में तो रहेगा. उन दोनो की बातें सुनकर मैं रुक गया और बोला अभी: में यही हूं अब निकास तुम दिव्या के पूरे बदन को प्यार करो पहले उसका उपर बॉडी फिर मिडिल फिर लोअर. “Threesome Lover Porn”

तब उसने पहले दिव्या के दिल के पास और फिर क्लीवेज पर किस करना शुरू किस. तभी मैं बोला मुझे जाना चाहिए क्योंकि हम तुम्हे दिव्या का ये मिनी गाउन उतरना पड़ेगा और मेरे सामने दिव्या अनड्रेस कैसे होगी और मैं कैसे देख पाऊंगा.

तब दिव्या बोली मुझे मेरा रिश्ता निकास से सुधारना है और उसके लिए उसे तुमसे हिम्मत मिल रही है तुम जाओगे तो ये कमज़ोर पड़ जाएगा और फिर बात अधूरी रहेगी तो बस हमारा रिश्ता अब तुम्ही बचा सकते हो आगे सब तुम पर है बस मैं कंफर्टेबल हूं तुम्हारे रहने से क्योंकि मैं भरोसा करती हूं तुम पर और हमारी बारह साल पुरानी दोस्ती पर भी.

तभी निकास बोला भाई अगर आपके रुकने से मुझे हिम्मत मिल रही है और इससे दिव्या खुश है तो प्लीज रुक जाइए मुझे भी कोई दिक्कत नही है में तो चाहता हूं आप रुको. तब मैं रुक गया और निकास दिव्या के गाउन को कंधे से सरका कर हल्का नीचे किया और उसके क्लीवेज बूब्स के उभार बाजू सब चुमने लगा और धोरे धीरे उसका गाउन उसने कमर तक हटा दिया.

अब दिव्या डार्क ग्रीन ब्रा में और गाउन में थी और निकास मेरे बताए अनुसार उसके उरोज क्लीवेज पेट नाभी को चूमने लगा. तब मैने कहा निकास अब दिव्या की नाभी चूमो चाटो जीभ डालकर. इससे दिव्या बहुत उत्तेजित हो गई और निकास के सर पर हाथ रख कर उससे अपनी नाभी चटवाने लगी.

निकास भी जीभ घुमा घुमा कर दिव्या की गहरी नाभी चाटने लगा अब दिव्या के मुंह से आन्हें निकलने लगी दिव्या: आआआआआह्हह्ह्ह निकास ऊफफ्फफ्फ ये पहले क्यों नहीं किया तुमने कर देते तो तुमसे लड़ती नही और प्यार करती. ये बोल वो निकास का हाथ पकड़ कर अपने बूब्स के उपर ले आई और बोली इसे भी प्लीज निकास. “Threesome Lover Porn”

अब निकास दिव्या की नाभी चाटते हुए उसके बूब्स ब्रा के उपर से दबाने लगा. अब निकास दिव्या के बूब्स असल में छूना चाहता था पर ब्रा थी बीच में तो दिव्या हाथ पीछे करके उसे खोलने का ट्राई की लेकिन नही खुली तब पता नही क्यों निकास ने कहा-

निकास: अभी भाई क्या आप दिव्या के पीछे जाके उसकी ब्रा स्ट्रैप खोल देंगे?

अभी: लेकिन निकास मैं कैसे?

निकास: भाई अब जो होगा आपके होने से ही होगा जैसा अब तक हुआ तो आपको तो सब में हेल्प करनी ही है इसमें भी कर दो ना प्लीज़.

अभी: लेकिन दिव्या?

दिव्या: में बोल चुकी हूं मैं दोनो के सामने पूरी की पूरी समर्पित हूं तुम्हारी हेल्प से रिश्ता ठीक हो रहा है तो तुम हर हेल्प करो ये भी में कंफर्ट हूं तुम्हारे सामने भी.

तब मैं आगे बढ़ा और दिव्या के पीछे जाके उसकी ब्रा स्ट्रैप खोलने लगा और उसकी पीठ सहलाने लगा. निकास इससे अनजान था वो नीचे दिव्या की नाभी में खोया हुआ था इसका ही फायदा उठा कर मैने ब्रा खोलने के बहाने दिव्या की पीठ फिर चूमी चाटने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

क्योंकि मैं जानता ही था की उसके वीक प्वाइंट है लेकिन ये निकास को नहीं पता था तो मेरे पीठ चूमने से दिव्या पूरी गरम हो गई और उसके मुंह से लंबी सिसकी निकली आआआआआह्ह निकास i love you. निकास को लगा ये उसकी नाभि चुसाई से हुआ है उसे नही मालूम था की ये मेरे दिव्या की पीठ चाटने से हुआ है. “Threesome Lover Porn”

तभी दिव्या ने उसे उठाया और बड़े प्यार से उसके होंठ चूमने लगी इस बार किस में हवस से ज्यादा प्यार था. जिसे देख निकास बहुत खुश हुआ की आखिर दिव्या का प्यार उसके लिए वापस आ गया. उसे लगा ये सब मेरी वजह से हुआ है तो वो बोला-

निकास: अभी भाई इसका पूरा क्रेडिट आपको जाता है आप जो चाहो मैं आपको दे सकता हूं कोई भी गिफ्ट.

अभी: अरे नही दिव्या और तुम खुश हो यही काफी है.

निकास: नही अभी भाई आपको गिफ्ट तो लेना होगा बोलो क्या चाहिए आपको.

तो मैं बोला जो दिव्या चाहे मुझे जो वो देगी या तुमसे दिलाएगी अपनी पसंद का वो कल चल कर ले लेंगे तो दिव्या फटाक से बोली. दिव्या: इतना मेहनत दिमाग आईडिया तुम्हारा हमारा रिश्ता बचाने का और गिफ्ट मेरी पसंद का?

अभी: जब सब तुम्हारी पसंद का हुआ है तो गिफ्ट भी तुम्हारी पसंद का कल चल कर ले लेंगे.

दिव्या: जब तुमने रिश्ता आज बचाया तो गिफ्ट कल क्यों आज अभी क्यों नही?

अभी: पर वो कैसे अभी तो…..

निकास: नही भाई दिव्या सही बोल रही है बताओ दिव्या क्या देना चाहिए अभी भाई को?

दिव्या: सोच लो मना तो नही करोगे बाद में?

निकास: कभी नही इतनी मुश्किल से तुम्हें दुबारा पाया है वो भी। सिर्फ अभी भाई की वजह से तो हो तुम इनको दिलाएगी मुझे मंजूर होगा.

दिव्या: सोच लो निकास.

निकास: पक्का वादा.

तब दिव्या ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने आगे किया यानी अब में और निकास दोनो दिव्या के दोनो तरफ थे आगे उसके. तब वो बोली आज मुझे यही चाहिए मैं तो समझ गया पर निकास सीधा था तो एक बार में नही समझा.

निकास: दिव्या i don’t understand what do you want to say? Please say it openly.

दिव्या: यही की आज तुम दोनो का प्यार चाहती हूं मैं.

निकास: शॉक्ड but how is it possible दिव्या? I’m ur bf he is ur best friend how tell me.

दिव्या: अगर ये हेल्प नही करता तो क्या तुम आज इतनी आगे बढ़ पाते बताओ नही न और क्या वो सिर्फ देखेगा तो उसका मन नही होगा या तो तुम बोलो तो ये चला जाए और तुम मैं या फिर तुम्हारी हिम्मत के लिए यही रहे अभी ताकि तुमको भी हिम्मत मिलती रहे बोली क्या चाहते हो तुम. “Threesome Lover Porn”

निकास: नही अभी भाई जायेंगे तो मैं आगे नहीं बढ़ पाऊंगा इतनी हिम्मत इन्ही के होने से आई है आज. फिर वो थोड़ी देर चुप रहा और बोला अगर ऐसा है तो ठीक है.

अब खेल शुरू होता है थ्रीसम का जिसमे आप कुछ ऐसा पढ़ोगे महसूस करोगे जो आपने शायद कभी न किया हो. जब निकास मान गया तो दिव्या ने मेरा हाथ और उसका हाथ पकड़ा और बोली अब मैं तुम दोनो की हूं और हम दोनो दिव्या के दोनो साइड होके उसके ओपन कंधे को फिर गर्दन को चूमने लगे अपने पास.

अपने प्यार और दोस्त दोनों को पाकर दिव्या को वो roleplay याद आया और मुझसे धीरे से बोली अभी तुम कमाल हो जैसा roleplay कराए मुझे तुम्हे और निकास को लेकर आज वो सच हो गया. और इतना बोल वो मुझे होंठो पर चूमी मैं भी उसके होंठ चूमने लगा. ये देख निकास को अजीब भी लगा और वो खुश भी हुआ.

फिर दिव्या ने देखा की निकास हम दोनो की किस देख रहा है तो वो निकास का शर्ट कॉलर पकड़ कर उसे अपनी ओर खींचा और हमारी किस में शामिल किया. अब हम तीनो ही आपस में किस करने लगे मतलब मैं और निकास मिलकर दिव्या को किस कर रहे थे मैं दिव्या के होंठ चूसता तो निकास दिव्या की जीभ. “Threesome Lover Porn”

फिर हम दोनो ने मिलकर दिव्या की जीभ को अपने मुंह में लिया और एक साथ उसकी आधी आधी जीभ चूसने लगे. काफी देर ऐसा ही चलता रहा फिर दिव्या ने निकास की शर्ट खोली और उतार दी उसकी चेस्ट फुली हुई थी बाजू बने थे वो पूरा क्लीन था एक भी बाल नहीं सांवली चमकती बॉडी.

फिर दिव्या ने मेरी टी शर्ट उतार दी मेरी कोई बॉडी नही थी बस मैं फीट था हालाकि मेरे भी कोई बाल नहीं थे हल्के हल्के रोएं थे में गोरा था. अब हम तीनो टॉपलेस थे दिव्या के कंधो पर ब्रा लटकी थी जिसे निकास ने सरका कर नीचे गिरा दी अब उसके गोरे बड़े भरे हुए बूब्स हमारे सामने थे.

मैं बता दूं इतने दिनो से दबाने से उसके बूब्स थोड़े बड़े और गोल हो गए थे टाइट टाइट से जिसे देख मैने निकास से कहा निकास इसे दबाओ हाथो से एक तुम एक मैं. वो बोला भाई सही तरीका आप बताइए मुझे नही पता तब मैने दिव्या का एक बूब हाथो में लिया और उसे दबाते दबाते अचानक मुंह में भर लिया.

निकास देखता रहा तब मैं बोला देखो मत तुम भी ऐसा ही करो तब उसने भी वोही सेम किया. अब हम दोनो के मुंह में दिव्या के दोनो बूब्स थे जिसे हम भरपूर चूस रहे थे इससे उसके दोनो बूब्स और टाइट होने लगे और वो सिसकने लगी और अपने दोनो हाथ हम दोनो के सर पे रख कर बूब्स पर दबाने लगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैं समझ गया दिव्या फिर से अच्छे से गरम हो गई काफी देर तक हमने उसके बूब्स चूसे जिससे हम तीनो को बड़ा मजा आ रहा था. अब मैं दिव्या की नाभी चाटने लगा और निकास को उसकी पीठ चूमने चाटने को बोला वो वैसा ही करने लगा हर लड़की मानेगी की एक लड़की को नाभी चूसो तो वो काफी गरम हो जाती है तो वैसा ही हुआ. “Threesome Lover Porn”

हम दोनो उसके दोनों वीक प्वाइंट पर चूमने चाटने लगे इससे वो इतनी ज्यादा गरम हो गई की उसके मुंह से निकला अब नहीं रहा जा रहा प्लीज fuck me please abhi please निकास. तो मैं बोला अभी तो इसे बहुत कुछ सीखना है दिव्या निकास तुम नीचे बैठ कर दिव्या की योनि पुसी चारो ओर.

वो बोला भाई नही पता कैसे तो मैं बोला रुको मैं दिखाता हूं. तब मैं नीचे बैठा और दिव्या की चूत पर जीभ रख कर उसे चाटने लगा. दिव्या पहले ही मेरा स्टाइल जानती थी तो वो मेरे सर पर हाथ रख दी और बोली अभी पहले तुम्ही चाटो ताकि निकास अच्छे से देख कर सिख जाए.

तो मैने अच्छे से अपनी कामुक स्टाइल में दिव्या को चाटने लगा वो मजे से उछलने लगी. तभी मैने मौका देख कर निकास का हाथ पकड़ कर उसे नीचे बैठाया क्योंकि दिव्या की आंखे मजे से बंद हो गई थी. तो उसे नही पता चला अब मैंने निकास से इशारे से कहा की मेरे साथ मिलकर दिव्या की चाटो.

तब मैं थोड़ा साइड हुआ और अब हम दोनो ने अपनी अपनी जीभ दिव्या की चूत पर एक साथ रखी और चाटने लगे. अपनी चूत पर दो जीभ का एहसास पाकर वो कांप गई उसकी आंखें खुली तो देखा उसका यार और प्यार दोनो मिलकर उसकी चूत चाट रहे हैं. तब उसके हाथ हमारे सर पर आए और सर को चूत पर दबाते हुए वो बोली वाह मेरे शेरो चाट जाओ एक साथ आआआआह्हह्हह.

अब हम दोनो भी पूरे मजे उसकी चूत मिलकर चाटने लगे इस दौरान कई बार हम दोनो की जीभ आपस में भी टकराई एक बार तो निकास ने मेरी जीभ से जीभ भी घिसी. लेकिन कुछ पलों बाद हम दोनो फिर चूत चुसाई में लग गए कुछ देर दोनो ने उसकी चूत चूसी दो मर्दों से एक साथ चूत चुसाई के एहसास से शायद दिव्या जल्दी झड़ गई. “Threesome Lover Porn”

फिर हमने 69 किया but double 6 double 9 I think u don’t get this इसमें हम दोनो यानी मैं निकास एक साथ दिव्या की चूत चाटने लगे और दिव्या के मुंह के उपर हमारे लन्ड थे जिसे वो बारी बारी चूमने चाटने चूसने लगी. जब हम दोनो का लन्ड पूरा टाईट और उसके थूक से गीला हुआ और उसकी चूत हम दोनो के थूक से भीग गई.

तब मैने कहा निकास अब तुम दिव्या की चूत में अपना लन्ड डालो उसने कोशिश की लेकिन नही हुआ. कई बार कोशिश की लेकिट सेट नही कर पा रहा था तब मेरी तरफ बड़ी मदद भरी नजरो से देखने लगा. तब मैं आगे बढ़ा और उसका लन्ड पकड़ा ये पहली बार था जब मैने कोई लन्ड पकड़ा था किसी मर्द का.

में बता दू उसका लन्ड मुझसे लंबा था मगर मोटा नही मेरे जितना फिर में उसके लन्ड को पकड़ा तो वो मुझे प्यार भरी नजरो से देखने लगा था. मैने लन्ड उसकी चूत पर रखा और कहा धक्का दो उसका धक्का तेज आया जिससे दिव्या कांप गई और उसकी चीख निकल गई क्योंकि वो सिर्फ मुझसे सेक्स की थी इसलिए उसकी अभी भी काफी टाइट थी.

निकास का भले मोटा न हो पर मुझसे लंबा था तो इससे उसे दर्द हुआ मगर वो खुद बोली रुको नही मेरी जान निकास करते रहो दर्द कम होगा तो मुझे भी और तुम्हे भी मजा आयेगा. फिर वो धक्के लगाने लगा और मैं दिव्या स्मूच करते रहे कुछ देर बाद जब दिव्या का दर्द कम हुआ उसे मजा आने लगा तब वो उछल उछल कर निकास का साथ देने लगी.

ये पहली बार था जब वो दोनो सेक्स कर रहे थे आठ साल के रिश्ते में और मैं कभी दिव्या के बूब्स चूसता कभी उसके होंठ. क्योंकि निकास का पहली बार था तो वो जल्दी झड़ जाता और दिव्या नही झड़ी. तो दिव्या बोली अभी अब तुम करो काम पूरा इसका पहली बार है so I can understand पता नही इस पर निकास क्यों कुछ नही बोला. “Threesome Lover Porn”

मुझे लगा वो कुछ रिएक्ट करेगा की उसकी gf अपने दोस्त से सेक्स करना चाह रही वो भी अपने बीएफ के सामने ही. पर शायद उसे लगा हो की अभी भाई की वजह से आज मैं दिव्या को खुश कर पाया हूं मगर वो शांत नही हो पाई तो शायद अभी भाई उसे ये खुशी दे दे और मेरे लिए तो दिव्या की खुशी और उसका मेरे साथ रहना जरूरी है बस शायद इसलिए वो चुप रहा.

तब मैं उसकी चूत पर लन्ड लगाया आया झटका मारा मेरा भले निकास से छोटा था लेकिन उससे काफी मोटा था जिससे दिव्या को दर्द भरा मजा आने लगा. वो करहाती हुई आन्हे भरने लगी यूफ्फ्फफ आआआआआह्हह्ह् अभी क्या मजा दे रहे तुम तो यूफ्फ्फ्फ और वो निकास का मुंह पकड़ कर उसे जोश से चुमने लगी.

कुछ देर बार हम दोनो झड़ गए दिव्या काफी खुश थी तभी उसने हम दोनो को एक साथ किस करना स्टार्ट किया. अब हम तीनो में किस होने लगा मतलब मैं और निकास मिलकर तो दिव्या को चूम ही रहे थे उसकी जीभ चूस रहे थे पर अब वो भी हम दोनो को चूम चूस रही थी.

अब उसके मुंह में हमारी दोनो की जीभ चूसने लगी फिर हम तीनो की जीभ आपस में मिली टकराई फिर पता नही क्या हुआ में समझ ही नहीं पाया कुछ इसी किस के दौरान अचानक निकास ने मेरे होंठो पे होंठ रख दिया ये मेरे लिए नया अजीब अनोखा शॉकिंग था लड़के से किस देखा पढ़ा तो था पर असल में ऐसा होगा कभी नही सोचा था.

मैने दिव्या की ओर देखा वो भी शॉक्ड थी but माहौल इतना गर्म था की वो इशारा की जारी रखने का. तब मैं उसकी बात मान ली वैसे मैं में स्ट्रेट हूं पर सोचा देखते हैं क्या अनुभव आता है तो मैं खड़ा रहा. और निकास मेरे होंठ चूमते चूमते मेरे चेस्ट पर हाथ फेरने लगा मेरे निप्पल उंगली में लेकर दबाने लगा.

इससे मुझे एक अजीब सी फीलिंग हुई और अच्छा भी लगा अब उसके एक हाथ मेरे चेस्ट से निप्पल पर थे जिसे वो सहला रहा था उंगली से और दूसरा हाथ दिव्या के बूब्स पर जिसे वो दबा रहा था और मेरे होंठ चूम रहा था वैसे तो लड़के i can never imagine but पता नहीं क्यों अब मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैं भी उसका साथ उस किस में देने लगा. “Threesome Lover Porn”

उसके अपने होंठ खोले और मेरी जीभ अपने मुंह में भर कर चूसने लगा ये देख दिव्या भी हैरान हुई. लेकिन हवस का नशा हम सब पर ऐसा चढ़ा था की हम कुछ सोच ही नहीं पा रहे थे बस जो हो रहा था उसमे मज़ा आ रहा था तो अब मैंने भी निकास की जीभ से जीभ मिलनी शुरु कर दी.

अब हमारी जीभ आपस में लड़ रही थी और फिर मैने भी उसकी जीभ चूसी कुछ देर ये देख दिव्या मेरे पास आई और मेरे हाथ हाथ अपने बूब्स पर रखे और दूसरा हाथ निकास उभरी छाती पर रखे. और में भी निकास की छाती और निप्पल दबाने लगा और दिव्या के बूब्स भी दबाने लगा ये देख दिव्या भी मेरे और निकास के चेस्ट पर उंगली हाथ फेरने लगी.

अब हम तीनो ही हवस की कामुक नदी में डुबकी लगाने लगे फिर निकास मेरे होंठो हो छोड़ कर दिव्या के होंठ चूसने लगा. और फिर मेरे करीब आया और मेरे गर्दन गले कंधे चेस्ट फिर निपल चाटने चूमने लगा. फिर उसने मेरे निप्पल अपने मुंह में लिए और उन्हें चूसने लगा इससे मुझे एक अलग मजा आने लगा.

दिव्या अब निकास के चेस्ट निप्पल चूस चाट रही थी और निकास मेरे निप्पल चूमता हुआ मेरे पेट फिर नाभी पर जीभ फेरता हुआ नाभी में जीभ डाल कर चाटने लगा. दोस्तों उस दिन मुझे पहली बार पता चला कि सिर्फ औरतों की ही नहीं अगर सही से मर्दों की भी नाभी चाटी जाए तो मजा मर्दों को भी आता है और वो भी उत्तेजित होते हैं. “Threesome Lover Porn”

खैर अब निकास के साथ मेरे लोवर पर गया जिसे उसने झटके से नीचे करके मेरी चड्डी नीचे करके मेरा लन्ड हाथ में पकड़ कर सहलाने फिर धीरे धीरे हिलाने लगा और खड़ा होकर दूसरे हाथ से दिव्या की पैंटी में हाथ डालकर उसकी चूत भी सहलाने लगा मतलब अब उसके एक हाथ में लन्ड एक हाथ में चूत थी.

वाह निकास तुम तो उस्ताद निकले दोनो का मज़ा लेने लगे फिर वो ऐसा करते हुए दिव्या के होंठो को खूब चूमा चूसा उसकी गर्दन कान गला बूब्स सब चूसे. कुछ देर बार जब मेरा पूरा टाइट हुआ तो दिव्या आके मेरा चूसने लगीं जिसे देख पता नही निकास को क्या हुआ वो भी दिव्या का साथ देने लगा.

मतलब अब दिव्या निकास दोनो मिलके मेरा चूसने लगे मुझे अलग मजा आने लगा मर्द औरत मिलकर आपका चूसे तो आपको कैसा लगेगा. फिर कुछ देर बाद दिव्या मेरे होंठ चूसने लगी और निकास अकेले ही मेरा लन्ड चूसने लगा और फिर दिव्या बोली क्यों न मैं तुम दोनो से सेक्स करू एक साथ?

तो निकास बोला वो कैसे तो दिव्या बोली एक तरफ तुम एक तरफ अभी दोनो छेदों में साथ दिव्या की ये बात सुनकर ना केवल निकास बल्कि मैं भी हैरान हुए की वोही लड़की है जिसे मैं इतने सालों से जनता हूं जो सेक्स में इतनी रुचि नहीं रखती थी या जो बड़ी नॉर्मल और संस्कारी बनकर रहती थी आज वो इतनी ओपन हो गई की दो लन्ड से सेक्स करना चाह रही है.

खैर उसकी इच्छा ही तो पूरी करनी थी तो मैं बोला अगर तुम। और निकास को ठीक लगे तो ठीक गई तभी निकास ने अचानक बड़े भोलेपन से कहा वो तो ठीक है पर अभी भाई का तो मैने गीला कर दिया मेरा तो सुखा है उसने ये बात इतनी मासूमियत और भोलेपन से कही की उस पर हमें प्यार आ गया.

और फिर मैं से दिव्या नीचे हुए और उसके लन्ड को एक साथ मुंह में ले लिया और चूसने लगे. फिर दिव्या अकेले उसका चूसने लगी और वो मुझे लिप किस करने लगा जब दिव्या चूस के हटी तो बोली अब तो हुआ गीला तब निकास बोला पर मैने तो अकेले भी अभी भाई का गीला किया था पर अभी भाई ने तो ऐसा नही किया. “Threesome Lover Porn”

उसका कहने का अंदाज बड़ा भोला और प्यारा था तो मैं नीचे हुआ और उसका चूसने लगा फिर वो बोला मेरा भी मन है अभी भाई. तो हम 69 position में आ गए मतलब शायद ये पहली बार होगा जब दो लड़के इस पोजीशन में आए होंगे और एक दूसरे का चूस रहे होंगे ये देख दिव्या बहुत ज्यादा गरम हो गई और वो मेरे अंडू चूसने लगी और बोलने लगी.

दिव्या: आआआआह्हह्हह ऊउउफफ आसम्मम अब तो मेरा बॉय फ्रेंड और मेरा बेस्ट फ्रेंड भी एक दूसरे को प्यार कर रहे हैं ये देख मैं बहुत ज्यादा गरम हो गई हूं please मुझे दोनो मिलके एक साथ चोद दो आआह्हह्ह् में दोनो का लन्ड अपनी चूत गांड़ में एक साथ चाहती हू प्लीज चोदो मुझे दोनो एक साथ.

तब मैने दिव्या की चूत में लन्ड डाला और निकास ने दिव्या की गांड़ में दिव्या दर्द से छटपटा उठी पर उस पर हवस इस कदर सवार थी की उसे अपने दर्द की की परवाह ना हुई और वो बोलती रही दर्द पर नहीं मजे पर ध्यान दो. हम दोनो धक्के लगाने लगे और फिर वो अपने प्यार और यार दोनो से भरपूर सेक्स करने लगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उसकी कामेच्छा मानो आज पूरी हो रही हो इस तरह हमने दस दिन तक कभी थ्रीसम तो कभी में दिव्या को तो कभी निकास दिव्या को तो कभी दिव्या खुद हम दोनो के साथ करने लगती. पर हां उस दिन जो निकास और मेरे बीच हुआ वो दोबारा कभी नही हुआ हां थोड़ा बहुत टच थ्रीसम में ये सब तो हुआ पर उस दिन जैसा नहीं. “Threesome Lover Porn”

एक दिन दिव्या पूछी भी निकास उस दिन तुमको क्या हुआ था क्या तुम्हे लड़कों में भी रुचि है तो निकास बोला नहीं माय लव पर उस दिन पता नही क्यों मुझे अभी भाई पर बड़ा प्यार आया की इनकी वजह से हम दोनो फिर से मिले इनकी ही वजह से तुम्हारी मुजसे सब शिकायतें दूर हो गई बस उसी भावना शायद में बह गया पर अभी भाई आप कैसे साथ देने लगे?

मैं बोला मैं बिल्कुल स्ट्रेट आदमी हूं पर जब तुम कर रहे थे तो मुझे लगा इतनी मुश्किल से तुम में दिव्या के साथ कुछ करने की हिम्मत आई है इतनी मुश्किल से तुम दोनो में सब ठीक हो रहा है अगर मैं पीछे हटा तो शायद सब बिगड़ जाए और में फिर से दिव्या की उदास परेशान अकेला नहीं देख सकता इसकी खुशी मेरे लिए सबसे जरूरी है फिर चाहे कीमत कुछ भी हो.

ये सुन कर दिव्या को मेरे ऊपर बड़ा प्यार आया और वो मुझे उठ कर चुनने लगी और बोली i love you अभी i think I am in love with both of you guys. फिर मुझे किस की तभी आज फिर निकास भी उस किस में आ गया और अब किस हम तीनो में होने लगा फिर मेरे और निकास में भी किस हुआ स्मूच भी और आज फिर हम तीनो रोमांटिक प्यार से भरा हुआ थ्रीसम हुआ जिसमे हवस कम और प्यार और भावनाएं ज्यादा थी एक दूसरे के लिए.

और आज दिव्या के सामने ही उसी थ्रीसम में मेरे निकास के बीच प्यार हुआ और फिर मेरे कहने पर दिव्या निकास ने एक दूसरे से प्यार रोमांस फोरप्ले और सेक्स किया वो भी मेरे सामने. लेकिन मैं शामिल नही हुआ क्योंकि मुझे चाहिए था दोनो प्रेमी जोड़े फिर से एक हो जाएं.

इस कहानी के अभी कुछ पार्ट आयेंगे जिसमे आपको मेरे और दिव्या के बीच क्या क्या हुआ सब पता चलेगा जैसे दिव्या का लेस्बियन उसकी बहन के साथ मेरे सामने फिर मेरा उसने शामिल होना और दिव्या के सामने उसकी बहन से सेक्स दिव्या मेरा उसकी भाभी का थ्रीसम मेरी कजन और दिव्या का लेस्बियन मेरी हेल्प से और भी बहुत कुछ तो। बस जुड़े रहिए और मजा लीजिए !! धन्यवाद

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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