मेरी बीवी का पहला लेस्बियन सेक्स

मेरा नाम महेंद्र बंसल है और मेरी उम्र 55 साल है। मेरी पत्नी का नाम बबिता बंसल है और उसकी उम्र 53 साल है। मेरी शादी को 30 साल से अधिक हो चुके हैं, इतने सालों बाद मुझे अपनी पत्नी के साथ सेक्स करना अच्छा नहीं लगता। इसीलिए मैं अपनी पत्नी का किसी दूसरे पुरुष के साथ सेक्स करवाना चाहता था। Threesome Lesbian Wife Sex

इसके लिए मैं गली में आते-जाते रिक्शेवाले, दूधवाले, अखबार वाले और यहाँ तक की मेरे बेटे के दोस्तों का उसके साथ सेक्स सोचता रहता था। लेकिन एक दिन मैंने उसे हमारे पड़ोस की महिला से काफी नज़दीक खड़े होकर बात करते देखा, तब मैंने सोचा की अगर मैं इसका सेक्स किसी औरत के साथ करवा दूँ तो न गर्भवती होने का झंझट रहेगा और ना बीवी मेरे हाथ से जायेगी।

तभी कुछ दिनों बाद मेरी पत्नी जिस किट्टी पार्टी वाली दोस्त संगीता हमारे घर आयी। वो सोफे पर बैठ कर मेरी पत्नी बबिता से बातें कर रही थी। संगीता की उम्र 51 साल है, वो सुन्दर है और मोटी भी खासकर उसके स्तन और नितम्ब। मैंने उन्हें देखा तो सामने वाले सोफे पर जाकर बैठ गया.

वो दोनों अपनी बातों में मशगूल थी, तभी संगीता ने अपना हाथ बबिता के कंधे पर रख दिया और उसे थोड़ा सा अपने पास खिसकाया और फिर अपने फ़ोन से सेल्फी लेने लगी। ये देख मैंने कहा की- मैं अपने फ़ोन से खींच देता हूँ, ज्यादा अच्छी आएगी। तब मैंने दो-तीन फोटो खींची और फिर संगीता से कहा की वो बबिता को ओर पास खींचे।

संगीता ने उसे थोड़ा पास किया, जिससे अब मुझे मज़ा आने लगा था। तो मैंने थोड़ा गुस्से में कहा- पास का मतलब समझ नहीं आता क्या तुम्हें? मेरी बात सुनकर संगीता ने मेरी पत्नी को अपनी बाहों में लिया जिससे उनके उनके स्तन आपस में छूने लगे। ये देख मेरे लिंग में उत्तेजना होने लगी लेकिन फिर भी मैंने उनकी फोटो खींची।

लेकिन संगीता ने अब तक बबिता को अपनी बाहों में भर रखा था, और वो दोनों धीरे-धीरे बातें कर रहीं थी। तब मैंने उनके पास जाकर कहा- संगीता! बबिता कैसी लगती है तुम्हें? संगीता ने कहा- सुन्दर है तुम्हारी पत्नी! ये सुनकर मैंने उसका एक हाथ पकड़ के बबिता के स्तन पर रख दिया, और कहा- तो फिर इसके स्तन दबाओ।

जब बबिता ने मुझे गुस्से में देखा तो मैंने उसका मुंह पकड़ के संगीता के मुंह के पास कर दिया, जिससे उन दोनों के होंठ मिल गए और चुम्बन हो गया। मेरी इस हरकत से संगीता ने बबिता को छोड़ दिया, और फिर बबिता मुझ पर चिल्लाते हुए बोली- ये क्या बदतमीज़ी है महेंद्र?

मैंने कहा- तुम्हें मज़ा चाहिए था ना, तो करो अब! बबिता बोली- मज़ा स्त्री और पुरुष में होता है, दो औरतों में नहीं। लेकिन फिर मैंने बबिता को पीछे से पकड़ लिया और संगीता से कहा की वो बबिता की कमीज ऊपर करे। संगीता कुछ नहीं बोली, लेकिन मैं खुद ही बबिता की कमीज ऊपर करने लगा दिन जिससे वो छटपटाने लगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उस दिन मेरी पत्नी बबिता ने लाल रंग का सूट पहना था, उसका रंग गोरा है और वो दिखने में चीनी महिलाओं जैसी सुन्दर है। जब मैंने बबिता की कमीज उसके स्तनों से ऊपर कर दी तो उसकी काली ब्रा में से स्तन दिखने लगे। बबिता का गोरा पेट नंगा देखकर मैंने संगीता की आँखो में थोड़ी वासना देखी।

तब मैंने संगीता से कहा की वो बबिता की सलवार उतारे। बबिता बोली- नहीं ऐसा मत करना। लेकिन इस बार संगीता ने मेरा कहा मान लिया और बबिता की सलवार का नाड़ा खोल दिया, जिससे सलवार ढीली होकर बबिता की जाँघों के नीचे सरक गयी।

मैंने बबिता की कमीज निकाल दी, जिससे उसके शरीर पर काली ब्रा और सफ़ेद पैंटी ही बची थी। फिर मैंने संगीता से कहा की वो अपनी कमीज भी उतार दे, उसने मेरी तरफ देखा और खुद की कमीज उतार दी। संगीता ने सफ़ेद रंग की ब्रा पहनी थी, जिसमें से उसके मोटे स्तन बाहर आने को बेताब थे।

फिर उसने वासना से मुस्कुराते हुए बबिता के स्तनों पर अपने हाथ रखे और उन्हें दबाने लगी। बबिता ने एक आह भरी और बोली- मत करो ना। लेकिन संगीता बोली- तुम्हारा पति ठीक कह रहा है, हम दोनों को आपस में मज़ा करना चाहिए। लेकिन बबिता अब भी उसकी कैद से आज़ाद होना चाहती थी।

ये देख मेरा लंड खड़ा होने लगा। मैंने उनकी कुछ तसवीरें खींची और कहा- इसकी ब्रा भी उतार दो संगीता! संगीता ने मेरी बीवी की आँखों में देखा और कहा- उतार दूँ ? बबिता की आँखों में आंसू थे और वो कुछ नहीं बोली। तब मेरी मैंने बबिता के हाथ पकडे और संगीता ने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया जिससे ब्रा ढीली हो गयी।

उसके बाद संगीता ने खुदकी ब्रा का हुक भी खोल दिया, जिससे उसके मोटे स्तन नंगे हो गए। संगीता भी गोरी है, उसके स्तनों के निप्पल हलके भूरे रंग के हैं फिर उसने अपने स्तन पकड़ के निप्पल को मेरी बीवी के स्तनों के निप्पल से छुआ। इससे बबिता ने कामुक आह भरी। जिससे मुझे और भी मज़ा आने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मेरी बीवी की कामुक आवाज़ें सुनकर संगीता भी उत्तेजित हो रही थी, तो उसने बबिता को अपनी बाहों में दबोच लिया फिर उसका चुम्बन लेने लगी। यह देख मैंने अपने फ़ोन में फिर से उनके फोटो खींचे। इस चुम्बन से उन दोनों के होंठों पर लगी लिपस्टिक फ़ैल गयी थी, और वो दोनों काफी सेक्सी लग रही थी।

बबिता का विरोध भी अब हल्का पड़ रहा था, तब संगीता ने बबिता की ढीली सलवार भी निकाल दी और उसे अपनी बाहों में उठाकर कमरे में ले गयी। ये देख मैं भी उनके पीछे-पीछे कमरे में गया और दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया। उसके बाद संगीता ने अपनी सलवार भी उतार दी और वो काली पैंटी के ऊपर से खुद की चूत में ऊँगली करते हुए बबिता को देखने लगी।

फिर संगीता ने बबिता की कमर में हाथ रखा और पैंटी के ऊपर से ही अपनी चूत मेरी बीवी की चूत से छू लिया। उसके बाद संगीता ने बबिता को अपनी मांसल जाघों पर बैठाया एक हाथ बबिता की नंगी जांघ पर रख दिया। बबिता ने उसका हाथ हटाना चाहा लेकिन संगीता ने पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहला दी।

बबिता ने उसका विरोध करते हुए हाथ पकड़ लिया। तब संगीता ने मेरी बीवी की पैंटी हलकी ही सरकायी जिससे उनकी चूत थोड़ी सी दिखने लगी, और उसने बबिता की चूत में अपनी के ऊँगली डाल दी। अपने गुप्तांग में एक औरत की ऊँगली के प्रवेश से बबिता और भी उत्तेजित हो गयी और जिससे उसके स्तनों के निप्पल पूरी तरह कड़क हो गए थे।

अब संगीता अपनी ऊँगली मेरी बीवी की चूत में धीरे-धीरे अंदर-बाहर करते हुए गोल-गोल घुमाने लगी। साथ में वो बबिता के स्तनों को भी चूस रही थी। ये देख मेरे लंड से वीर्य निकल गया। कुछ देर बाद बबिता का शरीर अकड़ गया और उसकी चूत से पानी निकल गया जिससे उसकी सफ़ेद पैंटी पूरी गीली हो गयी।

इसका मतलब बबिता अब पूरी तरह गरम हो गयी थी, ये देख संगीता ने मुझे कामुक नज़रों से देखा जिससे मेरा लंड पूरी तरह कड़क हो गया। तब संगीता ने बबिता को बिस्तर पर लेटाया और उसकी गीली पैंटी उतार दी, तब मैंने देखा की उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं है। यानी अब बबिता एक गैर औरत के सामने पूरी नंगी थी। “Threesome Lesbian Wife Sex”

इसके बाद संगीता बबिता की टांगों के बीच लेट गयी और उसकी कोमल और गोरी जाँघों को चूमते हुए पहले उसने अपनी जीभ मेरी बीवी की चूत के ऊपर से चूसा। जब बबिता की चूत थोड़ी फूलने लगी तो संगीता ने अपनी जीभ उसकी चूत में ही डाल दी।

संगीता की इस हरकत से बबिता का विरोध अब पूरी तरह खत्म होकर आनंद में बदल चुका था, वो कामुक आहें भरकर कह रही थी- आह संगीता, बस करती रहो। संगीता बड़े सॉफ्ट तरीके से बबिता की चूत चाट रही थी, पांच मिनट बाद बबिता की चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया।

तब संगीता ने चूत को चूमा और सारा पानी पी गयी। फिर उसने खड़े होकर मुझे ऐसे देखा मानों कह रही हो- अब देखो मैं कैसे तुम्हारी बीवी को तृप्त करती हूँ। ये देख मैंने सोचा को ये बिना लंड के बबिता को कैसे चोदेगी, इस विचार से ही मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

अब मैंने देखा की संगीता की पैंटी भी पूरी गीली हो चुकी है, यानी उसकी चूत का भी पानी निकल चुका है और उसके स्तनों के निप्पल भी सख्त हो चुके हैं। तब संगीता ने अपनी पैंटी उतारी अब वो भी पूरी तरह नंगी हो गयी थी। संगीता की चूत पर हलके बाल थे, फिर उसने मुझे देखते हुए अपनी चूत के चने यानी क्लाइटोरिस तो बाहर निकाला जो लगभग 2 इंच का था।

उसके बाद उसने बबिता की टांगें फैलाई और अपना खड़ा क्लाइटोरिस बबिता की चूत में डालने लगी, जैसे एक आदमी औरत की चूत में अपना लंड डालता है। उसके बाद वो बबिता की चूत में धीरे-धीरे धक्के लगाने लगी। संगीता द्वारा धक्के लगाए जाने से बबिता की चूत ने एक बार फिर से पानी छोड़ दिया। “Threesome Lesbian Wife Sex”

तब संगीता ने बबिता की चूत में ऊँगली डाली और उसका क्लाइटोरिस पकड़ लिया इसके स्पर्श मात्र से बबिता का क्लिटोरिस उत्तेजित हो गया जो की लगभग आधे इंच का था, उसे संगीता ने बाहर निकाला और अपने 2 इंच के खड़े हुए क्लाइटोरिस के साथ छूने लगी। इस स्पर्श से उन दोनों को चरम आनंद प्राप्त हो रहा था, और वो दोनों कामुक आहें भर रही थी।

ये देख मेरा फिर से वीर्य निकल गया, लेकिन बबिता हर दूसरे मिनट में झड़ रही थी, और करीब दस मिनट बाद संगीता की चूत ने भी पानी छोड़ दिया जिससे उसके नीचे की चद्दर गीली हो गयी। इसके बाद संगीता बबिता के ऊपर लेट गयी जिससे उन दोनों के स्तन आपस में मिल गए, तब संगीता ने अपने होंठ मेरी बीवी के होंठों पे रख दिए और उन्हें चूसने लगी।

इस बार बबिता भी उसका पूरा साथ दे रही थी। कुछ मिनट के बाद संगीता ने अपने हाथों की उँगलियों में बबिता की उँगलियों को भींच लिया और वो नीचे से झटके देते हुए फिरसे बबिता को चोदने लगी। अब मेरी सामर्थ्य ख़त्म हो चुकी थी, तो मेरा लंड खड़ा नहीं हुआ। वहीँ संगीता और बबिता एक दूसरे में समायी हुई थी, और कुछ मिनट बाद उन दोनों की चूत ने एक साथ पानी छोड़ दिया।

फिर संगीता मेरी तरफ देखकर बोली- आज से तुम्हारी बीवी मेरी है महेंद्र ! उसके बाद वो बबिता को अपनी बाहों में भरकर काफी देर तक उसके ऊपर ही लेटी रही। शाम को जब वो चली गयी तो उसके जाने के बाद मैं उन पलों को याद करके उत्तेजित होता रहा। तो ये थी मेरे साथ हुई सच्ची घटना, लेकिन बाद में ये एक बार का लेस्बियन सेक्स मेरे लिए कैसे भारी पड़ने वाला था इसके बारे में अगले भाग में लिखकर बताऊंगा।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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