कुसुम रो पड़ी। गीता ने आगे बढ़कर उसके आंसू पौंछे और बोली- जब खुद की चुदती है तो आँसू आते ही हैं, और जब दूसरे की चुदती है तो मज़ा आता है। एक दिन की बात है, मुन्नी और मैं तो चुद ही चुकी हैं, अब तेरी बारी है थोड़ा मज़ा लेंगें, उसके बाद हम […]

कुसुम रोते हुए बोली- मुन्नी मेरी अच्छी सहेली है। कल बेचारी ने पति से छुप कर हज़ार के दो नोट दिए थे, बोली थी ‘अपने घर भेज देना, तेरे मम्मी पापा मुश्किल में हैं।’ आप उसे कुछ मत बताना। कुसुम बोली- मैं पच्चीस हजार उसके डिब्बे में वापस रख दूँगी, कम से कम मुन्नी को […]

मैंने उसके होंटों पर पप्पी लेते हुए उसके चुचूकों पर नाख़ून गड़ाए और कहा- पहले अपनी फुद्दी का दर्शन तो करा दो। कुसुम ने बिना देर किये अपनी पजामी नीचे सरका दी, उसकी चिकनी जांघें और लड़कियों जैसी चूत अपनी जवानी का मुजरा पेश कर रही थीं। मैंने उसकी चूत के होंटों पर उंगली फिराते […]

गीता भाभी आहें भरने लगीं, उनकी चुदाई शुरू हो गई थी, स्तनों को दबाते हुए चूत धक्के पर धक्के खा रही थी, गीता चुदाई का मज़ा ले रही थी। थोड़ी देर बाद उसकी चूत और मेरे लण्ड ने साथ साथ पानी छोड़ दिया। भाभी को सीधा कर मैंने अपनी बाँहों में चिपका लिया, मेरे से […]

मैं घर चार बजे पहुँच गया, भाभी को जब मैंने यह सब बताया तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, उन्होंने मुझे बाहों में भर लिया और मेरी तीन चार पप्पी ले लीं। उसके बाद हम लोगों ने आपस में योजना बनाई कि भाभी की बेइज्ज़ती का बदला कैसे लेना है। मैंने भाभी से पूछा- […]

चलिए कहानी को आगे बढ़ाते हैं। रणवीर और सोनू का मन अभी भी नहीं भरा था और दोनों मेरे गोरे मुलायम उरोजों को चूसने में लीन थे और रणवीर का दूसरा हाथ अब धीरे धीरे मेरी पेंटी के ऊपर से पेंटी के अंदर पहुँच गया था, धीरे धीरे रणवीर की ऊँगलियाँ मेरी चूत की पंखुड़ियों […]

मेरी इस कहानी के पाँच भाग आप पढ़ चुके हैं। अब पेश है उससे आगे! जैसा कि आखिरी भाग में मैंने आपको बताया कि कैसे सोनू ने मेरे साथ सेक्स किया। थोड़ी देर तक सोनू मेरे साथ ही बिस्तर पर लेटा रहा और रणवीर गेट पर खड़ा होकर देख रहा था। जब सोनू ने रणवीर […]

कुमार रवि मेरा कोई सगा भाई नहीं है इसलिए जब भी राखी या भाई दूज का त्यौहार आता है, मैं पड़ोस के एक लड़के को राखी बांधती हूँ, उस लड़के का नाम रवि है, वह मेरा दूर के रिश्ते की बुआ का लड़का है, उसकी आयु 24 और मेरी 18 साल है। रवि के पिता […]

दोस्तो, मैं अपनी क्लाइंट लिंडा के कहने पर मैं उसकी मित्र मीरा के जन्मदिन का तोहफ़ा बन शहर से दूर एक फार्म हाउस पर था। रात को मीरा को चांदनी रात में और अब कनिका को खुले में चोद चुका था। जब मैं नंगी कनिका को उठा कर अन्दर ले गया तो अन्दर का माहौल […]

प्रीत आर्य आपने मेरी कहानी ‘वो सात दिन’ के दो भाग तो पढ़े ही होंगे। आज मैं अपनी कहानी का तीसरा और अंतिम भाग आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ, देरी के लिये क्षमा चाहता हूँ। घर पहुँच कर मम्मा के हाथों की चाय पी और नहाने चला गया। नहा कर आया, तब तक मम्मी […]

मुझे लगा कि इस बार मैं पहले शहीद हो गई हूँ। अरूण का दण्‍ड नीचे से लगातार मेरी बच्‍चेदानी तक चोट कर रहा था। तभी मुझे नीचे से अरूण का फव्‍वारा फूटता हुआ महसूस हुआ। अरूण ने अचानक मुझे अपने बाहुपाश में जकड़ लिया और मेरी योनि में अपना काम प्रसाद अर्पण कर दिया। मैं […]

कहानी का पहला भाग : शर्मीला की ननद-1 कहानी का दूसरा भाग :  शर्मीला की ननद-2 मैंने ऋतु की गाण्ड में धीरे धीरे लौड़ा पेलना शुरू किया तो ऋतु की चीख निकल गई पर मैंने लंड निकाला नहीं। शर्मीला ने दो ऊँगलियाँ ऋतु की चूत में घुसा दी और उसके गांड के मुहाने पर […]

कहानी का पहला भाग : शर्मीला की ननद-1 सिगरेट जलाते हुए मैंने शर्मीला से पूछा- ऋतु को कैसे राजी किया? शर्मीला बोली- नंदोई जी के जाने के बाद बहुत देर बात करते करते ऋतु ने अपने भाई के स्तम्भन दोष के बारे में पूछ लिया, तो मेरे से बातों बातों में तुम्हारा जिक्र हो गया।” […]

प्रेम गुरु की कलम से मैं अपने विचारों में खोया था कि अंगूर की रस घोलती आवाज सुनकर चौंक ही पड़ा। मैंने एक चुम्बन उसके नितम्बों पर फिर से लेते हुए कहा- अंगूर ऐसे नहीं तुम पेट के नीचे एक तकिया लगा कर अपने नितम्ब थोड़े से ऊपर उठा लो और अपनी जांघें चौड़ी कर […]

सुनीता ने सुनील का लिंग मुँह में ले लिया, मैंने रवि का! सुशील अकेला था तो सुनील ने उसको पास बुलाया और सुनील ने सुशील का लिंग मुँह में ले लिया। सब मजे कर रहे थे। थोड़ी देर में रवि से नहीं रहा गया, उसने कहा- प्लीज भाभी, मुझे आपकी चुदाई करनी है, फिर जितना […]

फिर हम लेटे लेटे बात करने लगे, मैंने कहा- कल और मजा आएगा, कल सुशील भी आ जायेगा। सुनीता- अब यह सुशील कौन है? मैंने कहा- यहीं पास में रहता है, काफी अच्छा लड़का है और हम तीनों खेल चुके हैं। सुनील- हाँ सुनीता जी, काफी अच्छा लड़का है और उसका लंड काफी सुंदर और […]

सुनील आ गया। मैंने उन दोनों का परिचय करवाया। खाना बना हुआ था, हमने साथ बैठ कर खाना खाया। बात करते हुए मैंने सुनील से कहा- सुनीता मेरी अच्छी दोस्त है, इसके पति सेक्स नहीं करते हैं ठीक से इसके साथ! सुनील- अरे इतनी खूबबसूरत बीवी के साथ सेक्स नहीं करता है? आप बहुत खूबसूरत […]

सबसे पहले मैं अन्तर्वासना का धन्यवाद करूँगा जहाँ मेरी कहानी रेलगाड़ी का मज़ेदार सफ़र-1 प्रकाशित हुई। पहले तो मैंने सोचा था कि कहानी शायद प्रकाशित नहीं होगी, लेकिन एक दिन जब मैं अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ रहा था तो अपनी कहानी देखा। उसके बाद मेरे पास काफी मेल आये, उसमे कुछ लड़कियों के और कुछ […]

नमस्ते दोस्तो, आपने मेरी पहले आ चुकी कहानियों को बहुत पसंद किया जिसके लिए मैं आपकी आभारी हूँ। अब मैं आपको अपनी चुदाई का एक और गर्मागर्म किस्सा सुनाती हूँ। सर्दियों के दिन थे, मैं अपने मायके गई हुई थी, मेरे भैया भाभी के साथ ससुराल गये थे और घर में मैं, मम्मी और पापा […]

मैं अपने कॉलेज में होने वाले टेस्ट की तैयारी कर रही थी। तभी अब्दुल का फोन आया,’बानो, क्या कर रही है ? जल्दी से ऊपर आजा… एक काम है !’ ‘अभी आती हूँ… ‘ मैंने मोबाईल पजामें में रखा और कमरे से बाहर निकली। ‘मां की लौड़ी, कहा जा रही है? पढ़ना नहीं है क्या… […]

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