दोस्त की दीदी की गैंगबैंग चुदाई हुई

नमस्कार दोस्तों केसे है आप सभी लोग उम्मीद करता हूं कि आप सब बढ़िया होंगे. तो आज में आप सभी को बताने वाला हूं के केसे मैने अपने दोस्त की दीदी की गैंगबैंग चुदाई करी तो बिना वक्त गवाए कहानी की शुरुआत करते हैं. सबसे पहले मैं आपको अपने बारे में बताता हूं मेरा नाम सूरज हे मेरी उम्र 21 साल है और मे एक छोटे शहर का रहने वाला हु. Hot Girl Ass Pussy

यह कहानी आज से करीब 4 साल पहले की है और पूरी तरह सत्य है. तब मे 17 साल का था हमारे गली मे मेरा best friend था उसका नाम अक्षय हे हम दोनो बचपन से ही दोस्त थे हमारा घर एक दूसरे के करीब ही थे. अक्षय और मैं दोनो एक ही उम्र के हे.

अक्षय के मम्मी पापा दोनों जॉब करते हे अक्षय की तीन बड़ी बहनें है पर उन मे से दो बहनों की शादी हो गई थी अब तीसरी बहन ही थी उसका नाम निकिता था. उसकी उम्र उस वक्त करीब 19 साल थी वह देखने में बहुत सुंदर है बड़े बड़े चूचे, सेक्सी फिगर, गोरी.

वो घरपर हमेशा कुर्ती और लेगीस ही पहनती थीं टाइट लेगीस से उसकी मोटी गांड़ दिखाई देती पर में उसे अपनी दीदी जैसा समझता था उसे बुरी नजर से नही देखता था. पर एक दिन हमारी दोस्ती हमारे गली के एक लड़के से हुए उसका नाम गणेश था उसे हमारे दोस्ती पहले से थी मगर इतनी गहरी नही.

पर अक्षय की उससे अच्छी दोस्ती हो गई थी वह हमेशा हम दोनों के साथ ही रहता धीरे धीरे अक्षय मेरे से ज्यादा गणेश के साथ रहने लगा. अक्षय उसे अपने घर बुलाया करता गणेश निकिता से भी बाते करता निकिता और गणेश एक ही उम्र के थे तो उनकी अच्छी बनने लगी.

जब अक्षय इधर उधर जाता तो गणेश निकिता से थोड़ी फ्लर्टिंग भी करता था. फिर थोड़े दिनों के बाद मुझे अचानक से बुखार हो गया तो कुछ दिनों तक मैने बाहर जाना बंद कर दिया. फिर जब मैं ठीक हो गया तब अक्षय मेरे से ज्यादा गणेश को अपना best friend समझने लगा था.

वह दोनों अब मुझे छोड़कर अकेले ही घूमने लगे. फिर एक दिन मुझे एक बात पता चली कि गणेश और निकिता के बीच कुछ चक्कर चल रहा है. ये बात जब मुझे पता चली ये सुनकर गणेश डर गया उसने मुझे अकेले में बुलाया और मुझसे कहा.

गणेश: प्लीज ये बात किसी को भी मत बताना नहीं तो बहुत बड़ा कांड हो जाएगा.

मैं: नहीं मैं ये बात अक्षय को बताऊंगा.

(ये सुनने के बाद गणेश और भी घबरा गया और बोला) गणेश: अगर तुने यह बात अक्षय को नहीं बताई तो मैं मुझे भी मौका दूंगा.

मैं: कैसा मौका देगा.

गणेश: अगर तुने अक्षय को नहीं बताया तो मैं निकिता को तुझे भी चुदने दूंगा.

मैने शांत होकर सोचने लगा मुझे भी निकिता पसंद है पर वो भी मेरे बहन जैसी है पर मुझे उसे चोदने का भी मन कर रहा था. फिर मैने एक फैसला लिया कि मैं अक्षय को कुछ नहीं बताऊंगा ये सुनते ही गणेश बोला की ठीक है हम दोनों मिलकर निकिता की जमकर चुदाई करेंगे.

उसके तीन–चार दीन बाद गणेश ने मुझे बुलाया और कहा अक्षय के घर चले गए घर जाने के बाद गणेश ने घर का दरवाजा बजाया. तो निकिता दरवाजा खोलने आई घर पर कोई नहीं था अक्षय ट्यूशन गया था उसके मम्मी पापा ऑफिस गई थे बस घर पर निकिता और उसकी बूढी दादी थी वह हिल बोल नहीं पाती बस एक जगह पड़ी देखती रहती थीं. निकिता मुझे गणेश के साथ देख कर घबरा हो गई और बोली.

निकिता: सूरज तुम यहां पर कैसे.

गणेश: इसे अपने बारे में सब पता हे पर ये किसी को कुछ नहीं बताएगा पर इसे बदले मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना हे.

निकिता: तु पागल हो गया है तु मेरे छोटे भाई जैसा हे मैं तेरे साथ सेक्स नहीं कर सकती.

मैं: तो ठीक है मैं अक्षय को तुम्हारे बारे में सब कुछ बता दुंगा सोच लो.

गणेश: हा बोल दे नहीं तो ये अक्षय को सब बता देगा.

निकिता: (सोच कर बोली) ठीक है पर बस एक बार इसके बाद तु किसी को कुछ नहीं बताएगा.

मैने कहा ठीक है फिर गणेश ने निकिता को किस करना शुरू कर दिया हम हॉल में थे और यहां अक्षय की दादी सोए हुए थी मैने कहा यहां दादी सो रही है जग जायेगी तो निकिता बोली देख भी लिया तो कुछ बोल नहीं पाएगी तुम टेंशन मत लो तो फिर मैने भी उसके चूचे दबाना शुरू कर दिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

थोड़ी देर बाद मैने उसकी पेंट में हाथ दाल दिया और उसकी चुत में उंगली करने लगा उसकी चुत पानी से पूरी गीली हो गई थी. मैने अपने दो उंगलियों उसके अंदर डाल दी और मास्टरबेटिंग करने लगा निकिता को भी मजा आ रहा था फिर मैने अपनी उंगलियां बाहर निकाली.

तो मेरी उंगलियां निकिता के चुत के पानी से पूरी गीली थी तो मैने अपनी उंगली मुंह में डाल दी टेस्ट करने उसकी टेस्ट नमकीन थी. फिर गणेश ने उसकी कुर्ती उतार दी अब उसके बड़े बड़े चूचे हवा में लटकने लगे. मैने भी उसकी पेंट उतार दी निकिता अब पूरी तरह बिना कपड़ो के थी.

फिर हमने भी अपने कपड़े उतार दिए निकिता अपने घुटनों पर बैठ गई और हमारे लंड लॉली पॉप की तरह चूसने लगी मां कसम बिल्कुल रण्डी लग रही थी. मैने उसका सर पकड़ कर अपना लंड पूरा उसके गले तक डाल दिया उसने जल्दी से मेरा लंड मुंह से निकाल और खासने लगीं और बोली कितना बड़ा है तेरा पूरा अंदर तक चला गया मुझे नहीं लगा की तेरा इतना बड़ा है.

मैने कहा अब तो तेरी चुत मे डालने के बाद पता चलेगा की कितना अंदर जाता है. वो बोली ठीक है चलो देखते है तो मैने उसे सोफे पर घोड़ी बना दिया. पहले मैने अपना लंड उसकी चुत में डाल दिया वह थोड़ी चिल्लाई आ आ हा हा मैने बोला कितना घुसा वो बोली पुरा पेट तक चला गया. “Hot Girl Ass Pussy”

मैं पीछे से जोर से धक्का मारने लगा आगे से गणेश ने उसे अपना लंड चुसने दिया. निकिता गणेश का लंड चूस रही थी और मैने निकिता की चुत जोर जोर से चोद रहा था. वो दर्द के मारे चीख रही थी पर उसकी आवाज नहीं निकल रही थी उसकी निंद से उठ गए और दादी वहा पड़ी बस देख रही.

गणेश बोला कुछ नही दादी बस खेल रहे है फिर 15 मिनिट चुदाई करने के बाद मैं रुक गया. गणेश बोला चलो बेडरूम में जाकर करते हैं तो निकिता बोली चलो मम्मी पापा के रूम मे वहा किंग साईज बेड है फिर हम निकिता के मम्मी पापा के रूम में आ गए. सब थके हुए बेड पर लेट गये तभी गणेश बोला रोज इसकी मम्मी यहां घोड़ी बनती है आज बेटी बनेगी. तभी मैने बोला इसके मम्मी ने कभी दो से नहीं चुदाया होता और ये दो लंड से चुदती है.

निकिता बोली मॉधरचोदो जल्दी करो बाद में देखना मेरे मम्मी कितने से चुदती है.

गणेश बोला मेरे लंड पर बैठ निकिता उसके लंड पर बैठ गई. मैने पिछे से मैने उसकी चुत में अपना लंड घुसा दिया अब हम दोनों एक साथ निकिता की चुदाई कर रहे थे. निकिता दर्द के मारे जोर जोर से चिलाने लगी आ आ आ आराम से आराम से किसी को आवाज सुनाई ना दे इसलिए गणेश ने उसके मुंह में उसकी पैंटी डाल दी.

15 मिनिट लगातार चोदने के बाद गणेश और मैने अपना सारा पानी निकिता के मुंह में निकाल दिया वो सारा पानी पी गई. अक्षय के ट्यूशन से घर आने का टाइम है गया था तो हम ने जल्दी से कपडे पहनकर अपने घर चले गए. उस दिन के बाद हम निकिता को हमेशा चोदते थे. कभी दोनों कभी अकेले उसके घर जाते थे फिर 7–8 महीने बाद उसकी शादी हो गई फिर भी जब कभी वो यहां आती तो हम उसे चोदते. निकिता की 1.5 साल की बेटी भी है आपको यह कहानी किसी लगी कमेंट कर के बताना.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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