दीदी की चूत रोज नया लंड मांगने लगी

नमस्कार दोस्तों ! आपका कपिल दिवाकर फिर से हाज़िर हैं अपनी आगे की कहानी के साथ । आपने मेरी पिछली कहानी क़ातिलाना जिस्म मेरी दीदी का मेरी सेक्स की प्यास भड़काने लगा 1&2 को खूब पसंद किया और खूब सराहना की । मुझे कई सारे इ-मेल भी आए, कई दोस्तों ने तारीफ़ भी की. Didi Ka Gangbang Sex

और कई दोस्तों ने मुझसे मेरी दीदी को चुदवाने के लिए भी बोला पर मैं माफ़ी चाहूँगा कि मैं ऐसा नहीं कर पाऊँगा क्यूँकि इससे मेरी और मेरी दीदी के साथ प्रॉब्लम भी हो सकती हैं । मैं चाहता हूँ आप मेरी बाक़ी कहानियों की तरह ये कहानी भी पढ़े और अपनी प्रतिक्रिया मुझे ज़रूर मेल करें। अब मैं आगे की कहानी बताने जा रहा हूँ पर इस बार कहानी मेरी संगीता दीदी की ज़ुबानी सुनिए ।

मैं और मेरी संगीता दीदी अब बहुत बार चुदाई कर चुके थे और अब हमारे पास किसी चीज़ की कमी भी नहीं थी। इतनी चुदाई के बाद भी संगीता दीदी की सेक्स की भूख बढ़ती ही जा रही थी । मैं संगीता दीदी को हर तरह से चोद चुका हूँ ऐसी कोई पज़िशन नहीं हैं जिसमें दीदी मुझसे नहीं चूदी हो ।

दीदी मेरे कई दोस्तों से भी चुद चुकी हैं लेकिन सेक्स की भूख बढ़ने की वजह से वो एक दिन मुझसे बोली की उसे 2-3 लंडो से चुदाई करवानी हैं । पहले तो मुझे अजीब लगा था ये सुन कर पर अपनी रंडी दीदी की हर ख्वाहिश पुरी करना मेरी ज़िम्मेदारी थी ।

फिर मैंने दीदी से कहा – तू परेशान मत हो मेरी जान तेरी ये ख्वाहिश भी तेरा बहनचोद भाई पुरी कर देगा । मैंने दीदी को बोला की मैं अपने 5-6 दोस्तों को पार्टी करने बुलाता हूँ और उनको बोल दूँगा की एक रंडी की चुदाई करनी हैं । फिर संगीता बोली – साले बहनचोद 5-6 बुलाएगा तो मेरी हालत ख़राब हो जाएगी चुद के.

मैं बोला – जब दीदी चुदना ही हैं तो फिर क्यूँ ना अच्छे से गैंग-बैंग करें । संगीता बोली – ठीक हैं फिर आज ही ले जा तू मुझे जन्नत की सैर पर । बाद में मैंने अपने 5 हवसी दोस्तों को पार्टी पर समझा के बुला लिया की आज ज़बरदस्त चुदाई करेंगे एक रंडी की और सारे दोस्त मान गए ।

अब आप आगे की कहानी खुद संगीता दीदी की ज़ुबानी ही सुन लीजिए आपको ज़्यादा मज़ा आएगा । हेल्लो दोस्तों आप सब तो मुझे अच्छे से जानते होंगे और मेरे और मेरे बहनचोद भाई से चुदाई के सारे क़िस्से भी पढ़ चुके हैं । मुझे अलग अलग लड़कों से चुदवाने के बाद गैंग-बैंग करवाना था इसलिए भाई से बोल कर मैंने उसके दोस्तों को बुलवा लिया था।

अब मैं संगीता दिवाकर आपको उस दिन मेरी जन्नत की सैर की कहानी आगे बताती हूँ । उस दिन शाम को भाई के दोस्त रूम पर आ गए थे मैं मार्केट से अपने लिए कुछ सामान लेने गयी हुई थी जब रूम पर पहुँचीं तो कपिल ने बोला- सब आ गए हैं तू हॉट ड्रेस पहन के आज अंदर ब्रा और पेंटी मत पहनना ।

मैंने वैसा ही किया, मैं मन में बहुत खुश हो रही थी की आज तो इतने सारे लंडो से चुदूँगी । उसके रूम में घुसते ही मेरी हालत ख़राब हो गई। सामने एक टेबल केक रखा था और दूसरी टेबल पर बहुत सारी बियर की बोतलें रखी थीं, पास के सोफों पर उसके 5 दोस्त बैठे थे, जो पूरी तरह नशे में टुन्न थे।

तब कपिल ने कहा- मैंने अपने इन सारे दोस्तों को आज तुम्हें चोदने के लिए यहाँ बुलाया है और केक भी लाया हैं आज तुम्हारे गैंग-बैंग की शुरुआत हैं अब तुम वैसे ही करना जैसा ये लोग कहेंगे। उनमें से एक बोला- आज पूरी रात तुम इस रूम में नंगी रहोगी। तो दूसरा बोला – वाह! कपिल , क्या रंडी बुलायी हैं तूने इसे तो आज मैं कुतिया बना कर चोदूँगा।

इतना कहते ही उनमें से एक ने मेरे कपड़े उतारना शुरू कर दिए। पहले टॉप और फिर जीन्स। ब्रा और पैन्टी मैंने पहनी ही नहीं थी। फिर उन सब ने केक मेरे जिस्म पर मलना शुरू कर दिया। मैं उन सब लोगों के बीच खड़ी कसमसा रही थी, मुझे अब थोड़ा डर भी लगने लगा था, पहली बार 5 लड़के एक साथ मेरे जिस्म को मसल रहे थे।

कपिल के सामने ही वो लोग केक लगाने के साथ-साथ मेरी चूचियां दबा रहे थे और चूत और गांड में ऊँगली भी डाल रहे थे। फिर उन्होंने मुझे टेबल पर दोनों पैर खोल कर लिटा दिया और चाट-चाट कर पूरा केक खा गए। केक से मेरा पूरा जिस्म चिकना हो गया था।

तब कपिल ने कहा- आज मेरे सामने मेरे सारे दोस्त तुझे कुतिया की तरह चोदेंगे… और मैं देखूंगा कि तू चुदवाते हुए कैसी लगती है। यह सुनते ही मेरे रोंगटे खड़े हो गए, लेकिन इससे पहले कि मैं कुछ कहती, उनमें से एक सुरेश नाम के लड़के ने अपने मोटा सा लंड मेरे मुँह में घुसेड़ दिया और जोर-जोर से धक्के मारने लगा.

और दूसरे लड़के ने जिसका नाम अजय था उसने मेरी चूत में अपना लंड डाल कर धक्के मारने शुरू कर दिए। वो दोनों मुझे कुत्ते की तरह चोदने लगे और बुरी बुरी गालियाँ देने लगे अजय बोला – मादरचोद रंडी आज तेरी चुत फाड़ के रख दूँगा । और सुरेश बोला – आज तो साली रंडी को अपना सारा माल पिलाऊँगा।

मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकलनी शुरू हो गयी थी, मैं ज़ोर ज़ोर से आऽऽहह आह्ह्ह्ह करने लगी। तभी अजय बोला और ज़ोर से चिल्ला रंडी आज अभी तो तेरी गाँड़ मारनी बाक़ी हैं । सुरेश का लंड इतना बड़ा था की पुरा मेरे मुँह में ही नहीं आ रहा था वो फिर भी धक्के दे दे कर घुसाए जा रहा था। “Didi Ka Gangbang Sex”

जैसे ही अजय मेरी चूत में झड़ने वाला था, उसने अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर अपना सारा पानी मेरे मुँह में निकाल दिया। इससे पहले कि मैं कुछ करती, सुरेश ने फिर से अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया और उसके झटकों के कारण सारा पानी मुझे पी जाना पी जाना पड़ा। जब तक मैं कुछ करती एक लड़का उठा जिसका नाम मयंक था उसका मोटा लंड मेरी गांड में घुस चुका था।

इतनी देर में सुरेश मेरे मुँह में ही झड़ने वाला था। लेकिन उसने अपना लंड निकाल कर सारा माल मेरे मुँह के उप्पर ही निकाल दिया और बोला- ले कुतिया.. अब इस लंड को आराम से चूस और सारी क्रीम खा जा…! मैं डर के मारे सुरेश का लंड चूसने लगी । मयंक का मोटा लंड था वो ज़ोर-ज़ोर मेरी गाँड़ मार रहा था।

उसका लंड इतना मोटा था की मेरी गाँड़ में दर्द होने लगा था, मुझे लगा की आज तो ये लोग मुझे चोद चोद के मार ही देंगे । लेकिन उसके बाद एक लड़का अक्षय टेबल पर चढ़ गया और उसने मेरे इकलौते खाली छेद चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया। इतनी देर में मयंक मेरी गांड में ही झड़ गया और पांचवें लड़के सुनील ने आकर मेरे उस छेद को फिर से भर दिया।

अब मेरे तीनों छेद तीन अनजान लौड़ों से एक साथ चुद रहे थे। मुझे दर्द भी हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था और दूसरी तरफ़ मेरा भाई अपने फ़ोन में मेरी गैंग-बैंग की विडीओ बना रहा था । मुझे साँस भी लेने का टाइम नहीं मिल रहा था मेरे तीनों छेदों में लगातार झटके लग रहे थे वो नशे में बहुत बुरी तरह से चोद रहे थे ।

उन तीनों के झड़ने के बाद उन लोगों ने फिर से बियर पीना शुरू कर दी और मैं टेबल पर दर्द से कराहती रही। उसके बाद उन लोगों ने एक-एक करके मेरी चूत को चोदना शुरू किया। कभी सुरेश चोद कर जाता तो अक्षय आ जाता उसके बाद मयंक तो कभी सुनील तो कभी अजय चोद कर जाता।

उसके बाद फिर मुझे ऐसे ही टेबल पर छोड़ कर चले जाते मादरचोद सुबह तक एक-एक करके मुझे कुतिया की तरह चोदते रहे। आख़िर मैं सुबह के वक़्त मदरचोदो के लंड फिर से खड़े हो गए तो फिर सारे एक साथ आ कर सारे छेदों में चुदाई करने लगे मैं समझ ही नहीं पा रही थी की मेरे साथ क्या हो रहा था वो लोग मुझे ऐसे चोद रहे थे जैसे कोई सस्ती रंडी ख़रीद कर लाए हो । “Didi Ka Gangbang Sex”

मुझे इतनी बुरी गालियाँ तो कपिल भी चोदते वक़्त नहीं देता था ऐसे गालियाँ बोल रहे थे वो सब । कोई मेरे बाल पकड़ कर मुँह चोदता तो कोई बोलता इस बहन की लोड़ी रंडी की गाँड़ फाड़ दो । सब बारी बारी मेरे सारे छेदों की चुदाई करने के बाद मुझे घुटनों के बल बिठा दिया और बोले बहन की लोड़ी रण्डी अब सबके माल तेरे मुँह में छोड़ेंगे ।

वो सारे मेरे सामने मेरे मुँह पर मूठ मारने लगे। एक एक करके सबने बहुत सारा माल मेरे मुँह में छोड़ते गए, मेरा मुँह उन सबके माल से पुरा भर गया था। और डर के मारे मुझे उनके सामने ही सारा माल पीना पड़ा । इस तरह यह चुदाई कार्यक्रम पूरी रात चलता रहा। वो रात मेरी ज़िंदगी की अब तक की सबसे यादगार रातों में हो गयी।

मुझे इतना दर्द हो रहा था पर उससे ज़्यादा ख़ुशी हो रही थी । अब शायद मैं सच में पुरी तरह से रंडी बन गयी हूँ सुबह जब उनके जाने का टाइम हुआ तब तक मेरी चूत और गांड के छेद चुद-चुद कर खुल चुके थे। उनके जाने के बाद मेरे भाई ने मुझे एक गीला तौलिया देकर कहा- ले.. इससे अपना मुँह, चूत और गांड पोंछ कर कपड़े पहन ले..

फिर थोड़ी देर बाद मैं नहा कर आ गई लेकिन दर्द के मारे दो दिन तक कहीं नहीं गई। उसके बाद से तो वो लोग सुरेश, अजय, मयंक, सुनील और अक्षय मुझे अक्सर उसके रूम पर बुला कर दिन में भी चोदते हैं। और कपिल साला बहन चोद उनसे पैसे ले लेता था । लेकिन वो रात मैं कभी नहीं भूल सकती। आखिर वो था मेरा पहला गैंग-बैंग। यह मेरी ज़ुबानी मेरी पहली कहानी है इसलिए प्लीज इस पर अपने कमेन्ट जरूर करें। और इसी मेल पर मुझे मेल कर के ज़रूर बताए आपको इस कहानी में कितना मज़ा आया । [email protected]\

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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