अम्मी को जबरदस्ती चोदने लगे मेरे दोस्त

मेरा नाम तास्किन है और मैं बांग्लादेश में रहता हूँ | यह बात तब की है जब मैं 17 साल का था | उन दिनों हमने राजशाही से ढाका में घर शिफ्ट किया था, जिस कारण मेरे पुराने दोस्त पीछे छूट गए थे | उन दिनों मेरी गर्मी की छुट्टियां चल रही थी, लेकिन मैं बाहर खेलने नहीं जा पाता था | Bangladesi Mom Sex Kahani

एक दिन मैं शाम को अम्मी के साथ पास की पार्क में घूमने गया, जहाँ कुछ लड़के क्रिकेट खेल रहे थे | अम्मी चक्कर लगा रही थी और मैं उनका क्रिकेट देख रहा था | तभी उन लड़कों में से एक ने मुझे खेलने के लिए बुलाया, हमने लगभग आधा घंटा क्रिकेट खेला जिसके बाद अम्मी ने मुझे घर चलने के लिए बुला लिया |

अब तो मैं और अम्मी रोज़ शाम को पार्क जाते थे, जहां मैं उन लड़कों के साथ क्रिकेट खेलता था और अम्मी पार्क के चक्कर लगाती थी | उन दिनों वहां बहुत से दूसरे लड़के भी क्रिकेट खेला करते थे, तो हमने उनसे मैच लगाया | जिसके लिए हर खिलाड़ी को पचास रुपये देने होंगे, हम लोग सात खिलाड़ी थे |

इस हिसाब से जीतने वाली टीम को 700 टका मिलेंगे | मैच दस ओवर का था, हमने टॉस जीत कर पहले बैटिंग की और अच्छा स्कोर बनाया | दूसरी पारी में सामने वाली टीम लगभग हार ही चुकी थी क्यूंकि उसे आखिरी गेंद पर सात रन बनाने थे |

मैंने गेंद फेंकी और बल्लेबाज़ ने पुल-शॉट मारा, गेंद नदीम के पास से जा रही थी लेकिन उसने कैच छोड़ और छक्का हो गया, गेंद की हाइट ऊँची होने से वह नो-बॉल भी थी जिससे सामने वाली टीम जीत गयी | यह देख नदीम वहीँ से उसके घर के लिए भाग गया.

अब मेरी टीम के खिलाड़ी मुझे गुस्से में देख रहे थे और मैं भी फटाफट अपने घर के लिए भागा, जिससे वे सब भी मेरे पीछे-पीछे भागे | मैं जल्दी से घर पहुँच गया और फटाफट अंदर जा कर छुप गया, किस्मत से दरवाज़ा अंदर से बंद नहीं था, नहीं तो मुझे अम्मी को बुलाना पड़ता | फिर मैं अंदर गया और दरवाज़े को अंदर से बंद कर दिया और अम्मी को बिना बताये ही दूसरे कमरे में छुप गया |

पांच मिनट बाद वो लोग मेरे घर के बाहर थे और दरवाज़ा खटका रहे थे | अम्मी उस वक़्त नहा रही थी और उन लोगों के शोर से जल्दी ही बाहर दरवाज़ा खोलने गयी | सब कुछ इतना जल्दी हुआ की मुझे अम्मी को कुछ बताने का मौका ही नहीं मिला |

उन्होंने आते ही अम्मी से मेरे बारे में पूछना शुरू कर दिया | तब मुशफिकुर ने अम्मी से कहा की – आंटी तास्किन की वजह से हम मैच हार गए, जिससे हमारे पैसे भी डूब गए | तब अम्मी ने उन्हें कहा की वे पैसे दे देंगी, कितने चाहिए ? उन लोगों ने 700 टका मांगे, मैं यह खिड़की से ही देख रहा था तो मैंने कहा – जब सबके पचास ही लगे हैं, तो ज़्यादा क्यों मांग रहे हो ?

कल्लू ने कहा – अगर मैच जीत जाते तो हमें 700 ही मिलते, तो हमें पूरे पैसे चाहिए |

मैंने कहा – लेकिन इसमें 100 टका मेरे भी तो हैं |

तब कल्लू भड़क गया और मुझे मारने के लिए अंदर आने लगा | लेकिन अम्मी ने उन्हें रोकते हुए कहा – अरे इसे मत मारो मैं देती हूँ पैसा, और अम्मी अपने ब्लाउज में से पैसे निकालने लगी | उस दिन अम्मी ने लाल रंग की साडी पहनी थी |

अम्मी ने ब्लाउज में से पैसे निकले और कल्लू को दे दिए | कल्लू ने गिनकर कहा की यह तो सिर्फ पांच सौ हैं, बाकी के पैसे ? तब अम्मी ने बाकी के पैसे कल देने को कहा | यह सुनकर टोमीटा ने अम्मी के कंधे पर हाथ रख दिया और हँसते हुए बोला – अंटी, बाकी पैसे का क्या मिलेगा फिर….कहते हुए उसने अम्मी का एक स्तन दबा दिया |

अम्मी ने उसे अपने से अलग किया और कहा – यह क्या बदतमीज़ी है ?

टोमीटा की अम्मी बांग्लादेश से हैं और उसके अब्बू जापान से, लेकिन उसके अब्बू गुज़र चुके हैं तो अब वो अपनी अम्मी के साथ अब यहीं रहता है | तब टोमीटा ने उन सबको गेट बंद करने का इशारा किया असलम ने मैन गेट बंद किया और कल्लू ने मेरे कमरे का गेट बंद किया |

अब मुश्फिकुर ने अम्मी को कमर से पकड़ा और उनके होंठ को चुम लिया, मेरी अम्मी मोटी और गोरी हैं | उनके स्तन काफी मोटे हैं | अम्मी ने उसे भी हटाया और गुस्से में कहा – यह गलत है, मैं तुम्हारी अम्मी जितनी हूँ |

तभी अम्मी अंदर कमरे में जाने के लिए मुड़ी तो टोमीटा ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और उनके स्तन दबाने लगा | जिससे अम्मी के स्तनों के निप्पल उभर आये, लेकिन अम्मी उसका विरोध कर रही थी तो असलम और कल्लू ने अम्मी की टंगे पकड़ी, मुश्फिकुर और हुसैन ने अम्मी के हाथ |

अम्मी उनकी पकड़ से छटपटा रही थी इतने में टोमीटा ने उनका ब्लाउज खोल दिया, अम्मी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी तो उनके स्तन नंगे हो गए | जिन्हे देखते ही मुश्फिकुर और हुसैन उन्हें भूखे कुत्ते की तरह चूसने लगे |

अब कल्लू ने अम्मी का पेटीकोट उसकी जाँघों से ऊपर किया और उनकी चूत सूंघने लगा और आसिफ अम्मी की गोरी जांघों को चूस रहा था | तभी कल्लू अम्मी की चूत को उनकी कच्छी के ऊपर से ही चूसने लगा जिससे अम्मी का विरोध बढ़ गया और वो उनकी पकड़ से आज़ाद होने की कोशिश कर रही थी |

लेकिन उन लोगों की पकड़ बहुत मज़बूत थी | अम्मी का विरोध देख टोमीटा ने उसका हाथ अम्मी की कच्छी में डाल दिया और उनकी चूत में ऊँगली डाल दी जिससे अम्मी का विरोध और बढ़ गया तो टोमीटा ने दो उँगलियाँ चूत में डाल दी और तेज़-तेज़ ऊँगली अंदर बाहर करने लगा, वहीँ मुश्फिकुर और हुसैन ने अम्मी के स्तन तेज़-तेज़ दबाने लगे जिससे उनके निप्पल सख्त हो चुके थे |

यह देख मेरा लंड पूरा कड़क हो चूका था, और मैं चाहकर भी बाहर नहीं जा सकता था | तभी अम्मी की चूत ने पानी छोड़ दिया जो उनकी कच्छी के साइड से बहकर उनकी जाँघों पर आ गया जिसे कल्लू ने चाटकर साफ़ कर दिया |

अब उन्होंने अम्मी पर अपनी पकड़ ढीली कर दी और अम्मी मौके का फायदा उठाकर भागने लगी, लेकिन टोमीटा ने उसे पीछे से पकड़ के पेटीकोट उतार दिया अब अम्मी के शरीर पर एक कच्छी ही बची थी | जिसे भी टोमीटा ने एक झटके में उतार दिया, फिर उसने अम्मी की जांघों के बीच अपना मुंह रखा और उनकी चूत को चूसने लगा |

अम्मी के हालत अब दोबारा ख़राब हो रही थी, तो मुश्फिकुर अम्मी के सामने आकर उनके स्तनों को चूसने लगा, कल्लू ने अम्मी के मुंह में उसका लंड डाल दिया, असलम और हुसैन ने अपने लंड अम्मी के हाथों में दे दिए | पांच मिनट बाद अम्मी फिर से झड़ गयी लेकिन टोमीटा अब भी उनकी चूत चाट रहा था | “Bangladesi Mom Sex Kahani”

उसके बाद अम्मी ने तीन-चार बार और अपना पानी छोड़ा और कल्लू ने भी अम्मी के मुंह में उसका माल गिराया, असलम और हुसैन ने अम्मी के स्तनों पर उनका माल गिराया | अब अम्मी बोली बस अब जाने दो मुझे !

तब टोमीटा अम्मी के सामने आया और उनकी कमर को पकड़ते हुए उनकी चूत में लंड डाल दिया, चिकनी होने की वजह से लंड आसानी से अंदर चला गया तो टोमीटा बोला – जान है क्या अंटी ? अम्मी बोली हाँ, इतना कहते ही टोमीटा ने अपने धक्कों के स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी से अम्मी को चोदने लगा |

अम्मी बोली – धीरे करो….नहीं जाउंगी…धीरे करो लेकिन टोमीटा माना नहीं उल्टा अब वो अम्मी के स्तन दबाते हुए उन्हें चोद रहा था | यह देख उन सबने अपने लुंड की मुट्ठी मारनी शुरू कर दी और इधर मैं भी मुठ मार रहा था….पांच मिनट बाद टोमीटा ने उसका माल अम्मी की चूत में ही गिरा दिया |

उसके बाद उन सबने अम्मी को एक बार चोदा | अब तो वो रोज़ शाम को क्रिकेट खेलने के बाद अम्मी को चोदने आ जाते हैं | मुझे यह बाद में पता चला की कल्लू और टोमीटा दोनों स्लम एरिया के रहने वाले हैं | एक दिन तो टोमीटा अपने साथ स्लम के दोस्तों को भी. लाया था अम्मी को चोदने | यह सब 2 साल तक चला उसके बाद हमने घर बदल लिया…..

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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