पड़ोसी लड़की की सील तोड़ चुदाई

टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स का मजा मुझे दिया मेरे पड़ोस में रहने वाली 19 साल की एक लड़की ने! वह कुंवारी थी, मैंने ही पहली बात उसकी सीलबंद बुर में लंड घुसाकर उसकी सील तोड़ी.

मेरे पापा एक नशा मुक्ति केंद्र में काम करते थे, जो शहर से बाहर बना हुआ था. पर वह केंद्र सिर्फ़ नाम के लिए था, क्योंकि वहां कोई उपचार के लिए नहीं आता था.

स्टाफ मेंबर के रहने के लिए बिल्डिंग में कमरे बने हुए थे, तो हम सब वहीं रहते थे. हमारे साथ एक अन्य परिवार भी वहीं रहता था.

मेरे पापा की ड्यूटी रात को होती थी इसलिए वे दिन में पार्ट टाइम जॉब भी करते थे.

हमारे साथ जो परिवार रहता था. उनकी एक बेटी थी; उसका नाम अर्पिता था.

यह टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स की कहानी इसी अर्पिता की है.

बिल्डिंग के आस-पास कोई भी नहीं रहता था तो समय व्यतीत करने के लिए हम दोनों साथ में ही रहते थे.

उस बिल्डिंग में ऊपर एक हॉल था जिसमें टीवी लगा हुआ था. हम दोनों वहीं टीवी देखते थे.

दोस्तो, मैं आपको अर्पिता के बारे में बता देता हूँ. वह एक 19 साल की कमसिन लड़की थी और उसका फिगर 30-28-32 का था.

इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि वह कितनी सेक्सी होगी.

हम दोनों के स्कूल की छुट्टियां चल रही थीं तो हम ज़्यादा देर तक साथ में टीवी देखते थे. चूंकि हमारे परिवार का कोई भी सदस्य ऊपर नहीं आता था इसलिए हम दोनों अकेले ही होते थे.

हम दोनों के बीच खुल कर बातचीत होती थी और अधिकतर बात फिल्मों को लेकर होती थी. मैं उसके साथ सनी लियोनी की बात करता था तो वह हंस कर कहती= तुझे सनी की बातें करना बड़ी अच्छी लगती हैं. तो मैं भी कह देता- हां, सनी की पुरानी फिल्में बहुत मस्त हैं.

वह समझ जाती और कहती- मतलब यह है साले कि तुझे उसकी उन्हीं फिल्मों में ज्यादा मजा आता है.

उस दिन भी मैं वही सब बातें कर रहा था. मैंने मजाक में उससे कह दिया- तू सनी की कौन सी वाली फिल्मों की बात कह रही है … तूने देखी भी हैं उसकी वे फिल्में? वह चुप हो गई और धीरे से बोली- हां एक दो देखी थीं.

मैंने कहा- अच्छा जरा बताना कौन सी वाली पिक्चर की बात कर रही है. वह मुझे मुक्का मारती हुई बोली- रुक अभी बताती हूँ.

इस तरह से हम दोनों में खूब मजाक मस्ती होती रहती थी. लेकिन इससे आगे कुछ नहीं हुआ. ना ही कभी उसने मुझसे कुछ कहा और ना ही मैंने उससे.

एक दिन हमारे परिवार साथ में किसी अन्य सहयोगी सहकर्मी के यहां होने वाली शादी में गए थे पर हम दोनों का मन नहीं था इसलिए हम घर पर ही थे.

हम दोनों के परिवार के सभी लोग चले गए थे. उस वक्त दोपहर के 12:00 बजे थे.

अर्पिता ने कहा- चलो, हम ऊपर जाकर टीवी देखते हैं. मैंने कहा- हां चलो.

फिर हम दोनों ऊपर जाकर टीवी देखने लगे.

थोड़ी देर बाद टीवी देखते-देखते अर्पिता की आंख लग गयी और वह सो गयी. उस दिन उसने पिंक कलर की टी-शर्ट और डार्क ब्लू जीन्स शॉर्ट पहनी थी.

मैं आपको क्या बताऊं दोस्तों, अर्पिता सोते वक्त क्या सेक्सी माल लग रही थी. जब मैंने उसे देखा, तो उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैंने अपने आपको रोकने की कोशिश की पर मुझसे खुद पर संयम ही नहीं हो पाया.

मैंने उसके करीब होकर उसके बूब्स को हल्के से सहलाना चालू कर दिया. मुझे मज़ा आने लगा.

मैंने दूसरे हाथ से अपना लंड बाहर निकाला और मुठ मारने लगा. मैं उसमें इस तरह खो गया कि मैंने अर्पिता के मम्मों को थोड़ा जोर से दबा दिया.

इस वजह से उसकी नींद खुल गयी और वह डर गयी- य..ये … क्या कर रहे हो तुम? मैं- सॉरी … सॉरी अर्पिता मुझसे ग़लती हो गयी. प्लीज किसी को कुछ मत बताना प्लीज!

कुछ देर तक तो वह मुझे घूरती रही और उसकी नजरें मेरे कड़क लंड पर टिक गईं. मैंने जल्दी से लंड को पैंट के अन्दर कर लिया.

मेरे लंड को देख कर उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ गई थी.

वह उठ कर मेरे पास आई और बोली- मैं तुम्हें बहुत पसंद करती हूँ. यह कह कर वह मेरे होंठों पर किस करने लगी.

मैंने भी उसकी कमर को पकड़ा और उसे कस के चूमने लगा. अब हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे.

फिर वह नीचे बैठ गयी और उसने वापस मेरा लंड बाहर निकाला.

मेरा लंड 7 इंच लंबा है. मेरे 7 इंच के लंड को देख वह चौंक गयी.

मैं- क्या हुआ? अर्पिता- इतना बड़ा लंड … मेरी छोटी सी चूत में कैसे जाएगा? मैं- तुम टेंशन मत लो बेबी … आराम से चला जाएगा. तुम बस इसे मुँह में लेकर प्यार करो.

मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और वह धीरे-धीरे लंड चूसने लगी. वह कमाल का लंड चूस रही थी.

कुछ ही देर में मैंने उससे कह दिया- तुम भी सनी लियोनी के जैसे ही चूस रही हो! उसने लंड मुँह से निकाला और बोली- साले हरामी, सनी से भी चुसवा चुका है क्या? मैं हंस दिया और मैंने उसके दूध को जोर से दबा दिया.

हम दोनों अब मस्ती में आ गए थे. उसने कुछ मिनट तक मेरा लंड चूसा.

उसके बाद मैंने उसको खड़ा किया और उसकी शॉर्ट और पैंटी निकाल दी; साथ ही उसकी टी-शर्ट उठा कर बूब्स तक ऊपर कर दी. उसने ब्रा नहीं पहनी थी.

फिर मैंने उसको बेड पर लिटाया और उसके मम्मों को दबाने और पीने लगा.

अर्पिता के मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं- उम्म … अहह … उम्म्म. मैं जोर जोर से उसके बूब्स पीने लगा और निपल्स काटने लगा.

वह बोलने लगी- उम्महह … उम्म … प्लीज काटो मत … आह दर्द हो रहा है!

थोड़ी देर बाद मैं उसकी चूत पर आ गया. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था.

मैं उसकी गुलाबी चूत को चूसने और चाटने लगा. अर्पिता मेरी चूत चूसने से पागल हो गयी और वह जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी- उम्म आह उह … ऐसे ही चूसते रहो अह उम्म आह!

कुछ मिनट तक उसकी चूत चूसने के बाद मैंने उसको सीधा लेटने को कहा. जैसे ही वह चित हुई, मैं उसके ऊपर आ गया.

मैंने अपने लंड पर और उसकी चूत पर थूक लगा दिया, फिर अपना लंड उसकी चूत के छेद पर सैट कर दिया.

अर्पिता- थोड़ी धीमे से करना, मैं अभी तक वर्जिन हूँ. मैं- हां बेबी, मैं तुम्हें धीरे से ही चोदूँगा, बस तुम्हें थोड़ा सा दर्द होगा … सहन कर लेना. अर्पिता- ओह … कितना गर्म है यह आह.

मैं अपना लंड चूत के अन्दर डालने लगा. पर उससे सहन नहीं हो पा रहा था- अहह … रूको मुझे दर्द हो रहा है.

मैं रुक गया और लंड को चूत की फांकों में रगड़ने लगा. इस वजह से अर्पिता आंखें बंद करके सिसकारियां लेने लगी.

वह जैसे ही लंड की गर्मी का सुख लेने में मदहोश हुई, मैंने मौका देख कर लंड सैट किया ओर जोर से झटका दे मारा.

अर्पिता की चीख निकल गयी. वह रोती हुई चीखने लगी- अहह अहह … प्लीज इसे बाहर निकालो … बहुत दर्द हो रहा है प्लीज बाहर निकालो अहह.

मेरा आधा लंड चूत में जा चुका था और चूत की सील टूटने से रक्त निकल रहा था. मैं उसे चूमने लगा और उसके बूब्स सहलाने लगा.

थोड़ी देर बाद वह शांत हुई. मैं आधा लंड ही चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने फिर से एक जोर से झटका मारा. इस बार मेरा पूरा 7 इंच का लंड अर्पिता की चूत को फाड़ते हुए अन्दर चला गया.

अर्पिता की तो जैसे जान ही निकल गयी थी. वह दर्द भरी सिसकारियां लेती हुई रो रही थी.

मैंने लंड पेले रह कर उसको सहलाना और चूमना शुरू कर दिया. उसको धीरे-धीरे आराम मिलने लगा तो मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया.

अर्पिता- आह आह प्लीज धीरे छोड़ो … मत करो … मेरी चूत में दर्द हो रहा है … आह. मैं उसको लगातार चोद रहा था.

थोड़ी देर बाद अर्पिता को भी मज़ा आने लगा. वह भी नीचे से गांड उछाल उछाल कर मेरा पूरा साथ दे रही थी.

उसकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी. हम दोनों की सिसकारियां रूम में गूँज रही थीं.

मैं उसी पोजीशन में उसको 7-8 मिनट तक चोदता रहा. फिर मैं रुका और अपना लंड अर्पिता की चूत से बाहर निकाल लिया.

उसकी चूत की सील टूटने से खून निकल रहा था जिससे मेरा लंड और उसकी चूत दोनों लाल हो गए थे.

मैंने खून को साफ किया और अर्पिता को कुतिया बनने के लिए कहा. वह बन गई.

तो मैंने पीछे से उसकी चूत पर लंड सैट कर दिया और झटका दे मारा. इस बार मेरा पूरा लंड एक झटके में अन्दर चला गया. अर्पिता की दर्द के मारे चीख निकल गयी.

मैंने डॉगी स्टाइल में अर्पिता की चुदाई आरम्भ की और कुछ ही देर में जोर जोर से उसकी चूत चोदने लगा. मेरे हर धक्के से अर्पिता की पूरी बॉडी हिल जा रही थी.

हम दोनों चुदाई करते हुए मदहोश हो गए. इस बार अर्पिता पूरा साथ देने लगी और मस्ती से चिल्लाने लगी- आह आह आह … ऐसे ही चोदते रहो आह … और जोर से आह … बहुत मज़ा आ रहा है इस्स आह!

करीब दस मिनट तक डॉगी स्टाइल में अर्पिता की चूत चोदने के बाद हम दोनों अब झड़ने वाले हो गए थे. मैंने अर्पिता को पोजीशन चेंज करने के लिए कहा.

मैं बेड पर लेट गया. वह मेरे ऊपर आकर लंड को अपने हाथ से अपनी चूत में लेकर मुझे किस करने लगी.

मैं उसे नीचे से चोद रहा था.

अर्पिता- आह आह उम्म … मैं झड़ने वाली हूँ उम्म आह! मैं- आह उम्म … हां मैं भी झड़ने के करीब हूँ.

फिर थोड़ी देर बाद अर्पिता मुझसे लिपट गयी और उसका पानी निकल गया. उस वजह से मेरा लंड आसानी से अन्दर बाहर होने लगा.

मैं भी उसे जोर जोर से चोदने लगा और अपना गर्म वीर्य उसकी चूत के अन्दर डाल दिया. अर्पिता ने मुझे कसके पकड़ लिया.

मैंने पूछा- क्या हुआ? तो वह कहने लगी- तुम्हारे गर्म गर्म वीर्य को मैं अपनी चूत में फील कर रही हूँ. वह मुझे किस करने लगी.

हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही लिपटे हुए पड़े रहे.

कुछ मिनट बाद मैं उठा और मैंने अर्पिता की तरफ देखा.

उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी और मेरे चेहरे पर भी टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स का मजा लेने की.

और उसकी चूत से मेरा वीर्य बाहर निकल कर बह रहा था. मैंने एक कपड़े से उसकी चूत को साफ किया.

फिर मैं मेडिकल स्टोर पर गया और उसके लिए आई-पिल लेकर आया. मैंने उसे दवा दे दी, जिससे वह प्रेग्नेंट ना हो.

फिर पापा का फोन आ गया कि उन्हें आने में रात हो जाएगी.

मैं उनके फोन से खुश हो गया और उस दिन मैंने अर्पिता को 3 बार चोदा.

उस दिन उसकी चूत चुदाई की वजह से थोड़ी सूज गयी थी. उस दिन के बाद मुझे जब भी मौका मिलता, मैं उसकी चुदाई कर डालता.

मैं वहां छह महीने तक रुका था. बाद में पापा ने वह जॉब छोड़ दी.

अभी भी मेरे पास उसका फोन आता है और वह मुझे अपने पास बुलाती है.

जब भी हम दोनों को मौका मिलता है तो हम दोनों किसी ओयो होटल में जाकर चुदाई की मस्ती कर लेते हैं.

आशा करता हूँ कि आपको मेरी टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी पसंद आई होगी. धन्यवाद. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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