पोर्न की शौकीन गर्लफ्रेण्ड ने सील खुलवाई

आज तक मुझे सिर्फ 3 लड़कियों से सेक्स करने का मौका मिला है, उन में दो इंडियन कॉलेज गर्ल थी. मैं यूँ तो लगभग हर 2-3 दिन में मैथुन करता हूँ.. आज मैं भी अपनी सच्ची कहानी बता रहा हूँ। आप मुझे मेल करना कि कैसी लगी।

मेरा नाम निशांत है, पटना का रहने वाला हूँ और दिल्ली में कम्पटीशन की तैयारी कर रहा हूँ। मेरी उम्र 23 वर्ष है और मेरा रंग गोरा है। मेरा लण्ड लगभग 6″ लंबा और 2″ मोटा है। हाइट और बॉडी भी मस्त है और सब मिलाकर मेरी शारीरिक बनावट मस्त लगती है।

मैंने अन्तर्वासना पर कई सारी कहानियाँ पढ़ी हैं और इस वेबसाइट का मैं फ़ैन हूँ। लोग इस पर कई सारी कहानियाँ अपलोड करते हैं.. जो मुझे बहुत अच्छी लगती हैं।

मेरी यह कहानी 3 साल पहले की है.. जब मैं दिल्ली के एक कॉलेज में अपना ग्रेजुएशन कर रहा था। कॉलेज में मेरी दोस्ती अदिति से हुई। अदिति की जितनी भी तारीफ करूँ.. कम है.. उसकी फ़िगर बहुत ही मस्त है। उसकी हाइट 5’4″ होगी और साइज़ 32-28-32 होगी। वो दिखने में बहुत ही कमसिन दिखती है। लगभग पूरी क्लास उसकी दीवानी थी।

वो मेरी लैब पार्टनर थी और हमारी बहुत गहरी दोस्ती हो गई थी और कब ये दोस्ती प्यार में बदल गई.. पता ही नहीं चला। हम खुल कर सारी बातें करने लग गए।

एक-दो महीने तो यूँ ही चला.. फिर एक दिन मैंने देखा कि वो और उसकी सहेली सुहानी कैंटीन में मोबाइल पर कुछ वीडियो देख रही थी। मेरे पूछने पर उन्होंने पहले तो नहीं बताया.. पर थोड़ी बात करने पर पता चला कि पॉर्न देखा जा रहा था।

उसके 2-3 दिनों के बाद अदिति ने मुझसे कहा कि उसे और भी पॉर्न मूवी, सन्नी लियोनी की XXX सेक्स मूवी देखनी हैं। तो मैंने कहा- तू मेरे कमरे पर आकर मेरे लैपटाप में देख सकती है।

सिलसिला शुरू हुआ.. वो आती और देख कर चली जाती और मैं मुठ मार कर रह जाता.. कुछ करने की हिम्मत नहीं होती।

फिर एक दिन वो मेरे कमरे पर आई.. तो मैं भी उसके साथ ही देखने लगा। हम बिस्तर पर बैठे पॉर्न फिल्म का मजा ले रहे थे और मैं उसके पैरों को सहला रहा था। चुदाई की आग दोनों तरफ लगी थी.. पर जब मैंने उससे एक चुम्बन देने को कहा.. तो उसने मना कर दिया।

एक दिन और मुझे अपने हाथों से ही काम चलना पड़ा।

अचानक से एक दिन पॉर्न फिल्म देखते देखते उसने कहा- मुझे तुझे नंगा देखना है। मैंने बोला- ठीक है.. पर तुझे भी अपने कपड़े उतारने पड़ेंगे। कुछ सोचने के बाद वो राजी हो गई।

हम दोनों ने कपड़े उतारे और एक-दूसरे के जिस्म के दीदार किए। वो मेरा टाइट लौड़ा देख कर बोली- तेरा तो बहुत बड़ा है..

और सच्ची कहूँ दोस्तो, तो पहली बार किसी लड़की के एकदम नंगे चूचे और उसकी नंगी चिकनी चूत देख कर मेरे लण्ड की हालत बहुत खराब हो उठी थी, मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा ये लण्ड ऊपरी चमड़े को फाड़ कर बाहर निकल आएगा.. पर मैंने खुद को संभाला और उससे कहा- तू भी किसी परी से कम नहीं दिखती है अदिति।

मैंने चुम्बन करना चाहा.. तो उसने कहा- आज मैंने तुझे दिखाया.. ये बहुत है.. पर मैंने जबर्दस्ती उसका चुम्बन ले ही लिया।

उसने थोड़ी सी आना-कानी तो की.. पर एक तो पॉर्न फिल्म देखने की वजह से चुदाई की आग और ऊपर से किसी लड़के को नंगा देखना.. उससे भी कंट्रोल नहीं हुआ.. उसने भी अपना मुँह खोल दिया और फिर हमने एक-दूसरे के होंठों को जी भर के चूसा।

मैंने आगे बढ़ने की कोशिश की.. तो उसने बोला- आज नहीं। यह कह कर मुझसे खुद को छुड़ा लिया और चली गई। दूसरे दिन वो कॉलेज नहीं आई.. पर मुझे फोन किया- तू कॉलेज से वापस आ जा..

मैं अपने रूम पर गया.. तो देखा कि वो पहले से ही मेरा इंतजार कर रही है। बोली- मैं सारी रात तेरे और तेरे लण्ड के बारे में ही सोचती रही.. मुझसे और कंट्रोल नहीं होता।

मुझे तो ऐसा लगा कि सालों की मन्नत आज पूरी हो गई हो। मैंने अपना रूम खोल कर उसे अन्दर बुलाया और हम दोनों एक-दूसरे को चुम्बन करने लगे। कब हमारे कपड़े उतर गए.. पता भी नहीं चला।

मेरा लण्ड तो अपना पूरा ज़ोर लगा रहा था और 6″ का लण्ड 8″ का हो गया और ऐसा लग रहा था कि ये मेरे अंडरवियर को फाड़ कर बाहर आ जाएगा।

उसके भी चूचे उसकी ब्रा को फाड़ने को तैयार थे.. मैंने उसके चूचे को ब्रा के ऊपर से ही चूसना शुरू कर दिया, वो भी मेरे लण्ड को अपने हाथों से दबाए जा रही थी।

मैंने उसकी ब्रा और पैन्टी दोनों को उतार दिए और उसके गुलाबी निप्पल और चिकनी चूत को चूसने और उंगली करने लगा। मुझे ऐसा लग रहा था कि उसने अपनी चूत के बालों को आज ही साफ किया था। मेरे लण्ड की हालत बुरी थी और ऐसा लग रहा था कि दिल की धड़कन उतर कर लण्ड में आ गई है।

जैसा कि पॉर्न फिल्मों में देखा था.. हम दोनों 69 के पोजीशन में आ गए.. पर जैसे ही मैंने उसकी चूत को चाटा.. मुझे उल्टी सी आने लगी तो हमने ओरल न करने का फैसला लिया। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैं उसके और वो मेरे निप्पल चूस रही थी और हम दोनों के हाथ एक-दूसरे के सामानों पर थे। करीबन 5-10 मिनट ऐसा चलने के बाद हमारा पानी छूट गया। उसने कहा- यार अब सहन नहीं होता।

मैं तो इसी पल के इंतज़ार में था.. मैंने अपना लौड़ा अपने हाथ में लिया और उसकी चूत पर रख कर अन्दर डालने लग गया।

पर लण्ड अन्दर ही नहीं जा रहा था.. मैंने अपने लण्ड पर पूरी वैसलीन की डब्बी लगा दी.. पर फिर भी वो चूत में जाने का नाम ही नहीं ले रहा था। फिर मैंने उसकी चूत में पहले अपनी उंगली घुसाई और उसे उंगली करना स्टार्ट किया। अब मैं समझ गया था कि मुझे ऐसी चूत मिली है.. जिसने आज तक उंगली भी नहीं की है।

वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ भरने लगी और मैंने 1 से 2 और 2 से 3 उँगलियाँ उसकी चूत में डाल दीं।

उसके मुँह से ‘उम्म.. उम्म.. आहह.. आहह..’ की आवाज़ें आने लगीं। बस 2-3 मिनट के बाद उसकी गुलाबी चूत पूरी लाल हो गई.. तो मैं समझ गया कि अब समय आ गया है कि अपने लण्ड की इच्छा पूरी की जाए।

मैं अपना मोटा टाइट लण्ड उसकी चूत में डालने लग गया। मुझे पता था कि अगर एक ही बार में डालूँगा तो इसकी फट जाएगी.. पर मुझे भी चूत फाड़ने का मजा लेना था.. इसलिए मैंने एक ही झटके में अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में दे पेला। उसकी सिसकारियाँ चीख में बदल गईं और मेरा बिस्तर खून से लाल हो गया।

मैंने अपना लण्ड निकाल लिया.. चूत फाड़ने का मजा मुझे मिल चुका था और अब उसे मजा देने की बारी थी। मैंने अपना लण्ड धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करना शुरू किया। उसके बाद मैंने उसे बिस्तर के किनारे लाकर और जैसा कि पॉर्न फिल्मों में देखता हूँ.. उसकी कमर के नीचे तकिया लगाकर चुदाई करने लगा। लगभग 5-6 मिनट ऐसा चलने के बाद ऐसा लगा कि जैसे मेरी बॉडी की पूरी ताकत लण्ड में आ गई हो।

वो भी अपनी कमर उठा कर मेरा साथ देने लगी और आवाज़ें निकालने लगी- और ज़ोर से निशांत.. और ज़ोर से आहह.. आहह उम्म उम्म!

फिर उसकी चूत अचानक से मेरे लण्ड को अन्दर खींचने लगी और मेरा लण्ड उसकी चूत में ही दबने लगा। फिर हम दोनों ने एक ज़ोर का झटका लगाया और दोनों का एक ही बार में गिर गए। हम थोड़ी देर यूँ ही एक-दूसरे के ऊपर पड़े रहे। फिर वो उठ कर.. नहा कर अपने घर चली गई।

मैं अदिति से आज भी बहुत प्यार करता हूँ.. पर एक दिन ऐसा आया कि हमारा ब्रेकअप हो गया और इसका कारण उसकी दोस्त सुहानी के साथ मेरा सेक्स करना था। और कैसे मैंने सुहानी को चोदा.. मैं अपनी दूसरी कहानी में बताऊँगा।

आप इस कहानी के लिए मुझे मेल करें.. [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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