ऑफिस की लड़की ने मुझे पहली बार चूत का मजा दिया

ऑफिस Xxx हिंदी स्टोरी में मेरे ऑफिस की एक सीनियर लड़की ने मेरे जन्मदिन पर मुझे अपने घर बुला कर एक अद्वितीय उपहार दिया. क्या था वह तोहफा?

दोस्तो, मेरा नाम हनी है. मैं मुजफ्फरनगर का रहने वाला हूँ. मेरे लंड का साइज सात इंच है.

आज मैं आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ. यह ऑफिस Xxx हिंदी स्टोरी एक साल पहले की उस समय की है जब मैं घर से झगड़ा करके जॉब करने के लिए नोएडा गया था.

वहां मेरा एक दोस्त पहले से ही जॉब करता था. उसका नाम मानी है. उसने ही मुझे बुलाया था.

वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त है. उसने मेरा इंटरव्यू करवाया और वहां मुझे जॉब मिल गई. मैं वहां जॉब करने जाने लगा.

मेरे ऑफिस की जो एचआर थी, उसने ही मेरा इंटरव्यू लिया था. वह मुझे शुरू के दिन से ही पसंद थी और मैं उसको चोदना भी चाहता था. उसका नाम कोमल था.

वह बहुत ही सेक्सी माल थी. उसका 32-30-36 का फिगर बहुत ही अच्छा था.

कोमल बहुत ही जिम्मेदार किस्म की लड़की थी. वह कंपनी का काम अपनी निजी जिम्मेदारी समझती थी.

एक दिन मुझे मौका मिल ही गया. वह मेरे पास आई.

मैं अपना काम नहीं कर रहा था. मैंने सिस्टम ऑफ किया हुआ था. मेरा कोमल के आने का ध्यान भी नहीं था.

तभी उसने पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया. मेरा सिस्टम ऑफिस के कोने पर था जहां किसी का ध्यान नहीं जाता था.

मैं हमेशा ही ऐसा करता था. सिस्टम ऑफ करके फोन में लग जाता था.

उस दिन जब उसने मुझे पकड़ लिया तो उसने मुझे वहां से उठाया और अपने साथ केबिन में चलने के लिए कहा.

मैं उसके साथ उसके केबिन में आ गया. उधर उसने मुझे डांटना शुरू कर दिया. मैंने सॉरी बोला.

उसने कहा- आगे से अगर ऐसा किया तो आपको जॉब से निकाल दिया जाएगा! मैंने सॉरी बोला और वहां से आकर काम पर लग गया.

उसके बाद मैंने ऐसा नहीं किया और मैं अपने काम को बहुत अच्छे से करने लगा. कोमल अब मुझ पर हमेशा ध्यान रखने लगी थी लेकिन मैंने दोबारा ऐसा नहीं किया था.

जब उसने मुझे काम के प्रति निष्ठावान पाया, तो वह मुझसे सही से बात करने लगी. वह मेरे साथ अब कभी कभी मजाक भी कर लेती थी.

एक दिन मेरा बर्थडे आने वाला था. मैंने छुट्टी मांगी, मुझे घर आना था.

मेरा टीम लीडर जिसका नाम मनीष था, मैंने उससे कहा. उसने मुझे छुट्टी के लिए एचआर मैडम से पूछने को कहा.

मैं कोमल के पास गया और मैंने छुट्टी के लिए कहा. उसने कारण पूछा तो मैंने कहा- मेरा बर्थडे है और मुझे घर जाना है. मुझे 2 दिन की छुट्टी चाहिए.

पहले तो उसने मुझे एडवांस में बर्थडे विश किया और बोली- अभी काम बहुत है. आपको छुट्टी तो नहीं मिलेगी. मैंने कहा- पर मेरा बर्थडे है, मुझे गांव जाना है. मुझे हर हाल में 2 दिन की छुट्टी चाहिए.

उसने मुझे मना कर दिया- छुट्टी नहीं मिलेगी. हां आपका बर्थडे यही मना लेते हैं. मैंने कहा- मैं यहां बर्थडे नहीं मना सकता हूँ. अभी तो मेरी सैलरी भी नहीं मिली है.

उसने कहा- यह आप मुझ पर छोड़ दें, बर्थडे सेलिब्रेशन मेरी जिम्मेदारी है. उसने मुझे छुट्टी नहीं दी. मैंने कहा- ठीक है.

दो दिन बाद मेरा बर्थडे था और उसे दो दिन बाद की डेट भी याद नहीं रही.

मैंने किसी को कुछ नहीं बताया और चुपचाप अपने काम में लगा रहा. पूरा दिन हो गया.

कोमल मेरे पास भी नहीं आई. मैंने उसका इंतजार भी किया.

ऑफिस बंद होने के बाद भी मैं वहीं बैठा रहा.

जब वह अपने केबिन से निकलकर घर के लिए जाने लगी, तब मैं भी अपने रूम में पहुंच गया.

मैं बहुत गुस्से में था और सैड भी.

फिर मैं अपने रूम जाकर लेट गया और कोमल के बारे में सोचने लगा.

उस दिन मुझे उस पर बहुत गुस्सा आया कि उसको तो याद भी नहीं रहा.

रात को मैं अपने दोस्त के पास बैठा था. मानी ने कहा- आज का खाना मैं होटल में खाऊंगा. रूम में नहीं बनाऊंगा. मैंने कहा- ठीक है, बाहर खा लेंगे.

हम दोनों खाना खाने जाने लगे. तभी मुझे कॉल आई जो कोमल मैम की थी.

मैंने कॉल पिक की तो उसने मुझे सॉरी बोला और कहा- मुझे याद नहीं रहा कि आज आपका बर्थडे था. तो मैंने कहा- अब सॉरी से क्या फायदा?

उसने कहा- कोई नहीं, अभी भी आपका बर्थडे मनाएंगे. मैंने कहा- अब कैसे?

उसने कहा- मैं आपको लेने आ रही हूं. आप मेरे साथ आ जाना. मैंने कहा- मैं अपने दोस्त के साथ खाना खाने जा रहा हूं.

उसने कहा- उसके साथ खाना कल खा लेना. आज मेरे साथ आ जाओ. मैंने कहा- ठीक है.

फिर वह मुझे लेने आ गई और मैं उसके साथ उसके फ्लैट में चला गया.

वह मुझे अपनी स्कूटी से लेने आई थी. मैं उसके फ्लैट में गया.

मैंने सोचा कि उसके फ्लैट में उसकी साथ वाली सहेलियां होंगी या और कोई होगा. वहां कोई नहीं था.

उसने खाना ऑर्डर किया और मेरी पसंद का खाना मंगाया. साथ ही उसने केक भी मंगाया.

कुछ उसके किचन में था. इस तरह से खाने का बहुत सारा सामान भी हो गया था.

फिर उसने मुझसे कहा- चलो अब केक काटते हैं. हमने मिल कर केक काटा.

उसके फ्रिज में बीयर की बोतलें रखी थीं, वह ले आई.

हम दोनों बैठकर बीयर पीने लगे. तेज नशे वाली बियर थी तो मुझे नशा होने लगा. उसे भी नशा होने लगा.

नशे की झौंक में हम दोनों ने बूफर बजाया और डांस करने लगे. काफी देर तक डांस किया हमने … जिससे हम दोनों बहुत थक गए थे.

फिर हम दोनों खाना खाने लगे और खाने के बाद हम बेड पर लेट गए.

मैंने कहा- कोमल मैम, अब आप मुझे छोड़ आइए.

पर कोमल ने कहा- अब मेरी हिम्मत नहीं है. आप यहीं सो जाइए. अपने दोस्त को कॉल करके बता दो कि आज आप घर नहीं आ रहे हो.

मैंने मानी को कॉल करके बता दिया कि मैं सुबह आऊंगा.

फिर हम सोने की तैयारी करने लगे.

मैं उसके सोफे पर लेट गया.

कोमल बहुत नशे में थी. उसने कहा- मेरे पास आओ और यहीं मेरे पास में लेट जाओ. मुझे अच्छा लगेगा, आपका आज बर्थडे है. मुझे ये जरा भी अच्छा नहीं लगेगा कि आज आप सोफे पर सोएं.

मैंने कहा- तो क्या आप सोफ़े पर सोएंगी? वह- नहीं, मुझे सोफे पर नींद नहीं आती. हम दोनों बेड पर ही सो जाते हैं. मैंने कहा- ठीक है, जैसी आपकी मर्जी.

हम दोनों बेड पर सो गए. पर जैसे ही मुझे नींद आने लगी तो कोमल मेरे पास आकर मुझसे चिपक गई. उसे लगा कि मैं सो गया हूं. पर तब तक मैं सोया नहीं था.

वह बहुत ही गर्म हो रही थी. मुझे महसूस हो रहा था कि कोमल हीट पर आ रही है.

वह धीरे धीरे मेरी कोली भरने लगी और मुझे अपनी बांहों में भरने लगी. मुझे भी मज़ा आने लगा.

मैं चुपचाप वहीं लेटा रहा और नशे में होने का ड्रामा करता रहा.

उसने धीरे धीरे मेरी टी-शर्ट में हाथ डालना शुरू किया और मेरे पेट पर हाथ फिराने लगी.

मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैं गर्म होने लगा और मेरा 7 इंच का लंड खड़ा होने लगा.

फिर धीरे-धीरे वह अपना हाथ मेरे नेकर में ले गई और मेरे लंड को सहलाने लगी. मुझे उसके हाथ से अपने लंड का सहलवाने में बहुत मजा आ रहा था.

यह मेरा पहली बार था. इससे पहले मैंने कभी सेक्स नहीं किया था. पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड को छुआ था.

वह अहसास मुझे आज भी याद है.

धीरे-धीरे करके उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मैं चुपचाप लेटा रहा.

अब वह अपने कपड़े उतारने लगी.

उसने मेरे होंठों पर किस भी किया. मुझे बहुत मजा आया.

वह बिल्कुल नंगी होकर मेरे ऊपर लेट गई. साली बहुत भारी थी.

अब मैं खुद को रोक ही ना सका और उसकी चूचियों को मुँह में भर कर पीने लगा.

वह एकदम से घबरा गई और बोली- उठ गए हो या सोए ही नहीं थे? मैंने कहा- मैम, सोया ही नहीं था. उसने कहा- अब मैम मत कहो कोमल कहो. मैंने कहा- ठीक है कोमल.

हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे. सच में बहुत मजा आ रहा था.

हम दोनों दस मिनट तक एक दूसरे के होंठ जीभ चूसते रहे.

मैं फिर से कोमल की एक चूची को मुँह में भर कर पीने लगा. दूसरी को मसलने लगा.

मुझे बहुत मजा आ रहा था. वह भी आह आह करके अपने मम्मे चुसवा रही थी.

उसके साथ सेक्स करने में मजा आने लगा. फिर धीरे-धीरे मैं उसके पेट को भी चाटने लगा.

सच में जीभ से उसकी मुलायम त्वचा को चाटने में बहुत अच्छा अहसास आ रहा था.

धीरे-धीरे मैं नीचे सरकता गया और उसकी जांघों तक आ गया. मैं उसकी एक जांघ को चूसने लगा और वह अपने हाथ की मुट्ठियों से चादर को भींचने लगी.

उसके चेहरे की तमतमाहट साफ बता रही थी कि उसकी चूत में खलबली मच रही है.

कुछ देर बाद मैंने उसको उल्टा कर दिया और उसके चूतड़ों को हाथ से दबाने और चूसने लगा. मुझे भारी मजा आ रहा था. उसकी गांड एकदम गद्दा सी थी.

धीरे-धीरे मैंने ऊपर आते हुए उसकी पूरी कमर को चाटा. कमर में चाटने से उसे गुदगुदी हुई तो वह फिर से पलट गई.

उसने अपनी दोनों टांगें फैला दीं और मेरे सर पर एक टांग को लपेट कर मेरे सर को अपनी चूत पर खींचने लगी.

मैं उसकी चूत को चाटने लगा.

वह पूरी गर्म हो चुकी थी और मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगी थी.

मुझे भी मजा आ रहा था. मैं भी चूत को चाटता रहा.

अब वह झड़ने वाली थी. तभी उसने मेरा सिर अपनी चूत पर तेजी से दबा दिया.

वह झड़ गई और मैं उसका सारा वीर्य पी गया. उसकी चूत के रस का स्वाद बहुत ही मजेदार था. नमकीन जूस जैसा स्वाद था.

यदि मूंग की दाल और हींग लगा कर चूत चाटता तो सच में साली की चूत कचौड़ी सा स्वाद देती. तब भी उसकी नमकीन चूत चाटने में बहुत मजा आया.

अब मैं ऊपर आया और उसके होंठों को किस करने लगा. वह मेरे होंठों से अपनी चूत के रस का स्वाद लेने लगी.

थोड़ी देर किस करने के बाद मैं उसके चूचों को पीने लगा.

कोमल फिर से गर्म होने लगी और उसने मुझको नीचे दबा लिया. वह खुद मेरे ऊपर आकर मेरे होंठों को चूसने लगी.

इसके बाद वह मेरे पेट पर आकर चूसने लगी. धीरे-धीरे चूसते चूसते नीचे आ गई और अब मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी.

उसने जीभ से चाट कर लंड को गीला किया और मेरे लंड को मुँह में भर कर चूसने लगी.

उसे लंड चूसने का खासा अनुभव लग रहा था. मेरे मन में तो आया कि उससे पूछ लूँ कि कितने लौड़े चूस चुकी है.

फिर मैंने सोचा कि मां चुदाए, आम खाओ, गुठली गिनने से क्या फायदा.

वह मेरे गोटों को सहलाती हुई मस्त लपलप करती हुई लौड़े से खेल रही थी और बहुत प्यार से लंड चूस रही थी.

मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोमल जैसी खूबसूरत लड़की मेरा लंड चूसेगी.

धीरे-धीरे उसकी स्पीड बढ़ने लगी और वह लंड को पूरा अन्दर लेने लगी.

थोड़ी देर बाद मैं झड़ने वाला था. मैंने उससे कहा कि मैं आने वाला हूं.

उसने कहा- अन्दर ही आना, मुझे भी वीर्य का स्वाद चखना है. मैंने कहा- ठीक है.

मैं कोमल के मुँह में ही झड़ गया. वह मेरा सारा वीर्य पी गई और उसने मेरे लंड को चाट कर साफ कर दिया.

मुझे बहुत मजा आया.

मेरे साथ तो यह सब पहली बार हुआ था. हम दोनों एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे और एक दूसरे को किस करने लगे.

मैं उसकी चूचियों को हाथ में लेकर दबाने लगा. वह सीत्कार भरने लगी.

धीरे-धीरे मैं उसकी चूत को फिर से चाटने लगा और फिर से गर्म हो गई.

अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए. वह मुँह में लंड को लेकर चूसने लगी और मैं उसकी चूत को चाटने लगा.

थोड़ी देर के बाद हम बहुत चुदासे हो गए थे और अब चूत चुदाई की बारी थी.

मैं अपने लंड को उसकी चूत के मुँह पर लगाकर अन्दर करने की कोशिश करने लगा पर लंड अन्दर नहीं जा रहा था. उसकी चूत बहुत टाइट थी.

मेरे से पहले उसने सेक्स तो किया था, पर काफी टाइम से उसने सेक्स नहीं किया था. इस वजह से उसकी चूत बहुत टाइट हो गई थी.

मैंने उसकी चूत में थूक लगाया और धीरे से लंड को पेल दिया तो वह दर्द से कराहने लगी.

उसके हाथ मुझे रुकने का इशारा करने लगे. मैं वहीं रुक गया.

मैंने लंड को बाहर निकाला और फिर से उसके मुँह में दिया. उससे लौड़े को चिकना करवाया और दोबारा उसकी चूत पर सैट करके धक्का मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुसता चला गया.

वह चीख पड़ी, उसे बहुत दर्द होने लगा. उसने मुझे पकड़ कर कहा- प्लीज मत करो. तुम्हारा बहुत बड़ा है. जरा रुक जाओ.

मैंने कहा- ठीक है जान, मैं बहुत आराम से करूंगा. धीरे-धीरे मैंने उसकी चूत में लंड पेलना चालू किया.

उसने आंखें बंद कर लीं और धीरे-धीरे करने की कहने लगी.

फिर मैंने एक तेज से धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया. वह चीख पड़ी और उसकी आंख से आंसू भी आने लगे.

मैंने लंड ठाँसे हुए ही उसे किस करना शुरू कर दिया, उसके होठों पर किस किया बूब्स को भी किस किया.

फिर वह शांत हुई और मैं धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा. अब मुझे उसकी टाइट चूत में लंड पेलने में बहुत मजा आ रहा था.

मैं धीरे-धीरे धक्के लगाता जा रहा था और वह हल्की आवाज में चुदाई करने की कहती हुई अपनी गांड उठाने लगी.

यह देख कर मैं अपनी स्पीड बढ़ाने लगा. कुछ ही देर में मेरी स्पीड बहुत तेज हो गई थी.

वह भी तेज तेज चीखने लगी थी- आह करो हनी और तेज करो और तेज आह हनी मेरी जान.

मुझे भी मजा आ रहा था और मैं तेज तेज धक्के लगाता जा रहा था. वह पूरी गर्म हो चुकी थी और उसकी दोनों टांगें हवा में उठ गई थीं.

कोमल कभी मुझे गाली देती, कभी प्यार से कहती- आह हनी … मेरी चूत फाड़ दो … और तेज चोदो.

इस तरह से काफी देर तक मैं उसकी चूत में लंड पेलता रहा.

अब वह झड़ने वाली थी और मैं भी झड़ने वाला था. फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए और कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहे. मुझे बहुत मजा आया.

मैंने पहली बार सेक्स किया था और कोमल को भी मेरे लौड़े से चुदने में बहुत मजा आया.

हम दोनों ने पूरी रात में 4 बार सेक्स किया और सुबह मैं मैं रूम पर आ गया.

उस दिन मैं ऑफिस भी नहीं जा पाया. शाम को उठा तो उसकी कॉल पड़ी थी. मैंने कॉल बैक की, उससे बात की. उसने पूछा- ऑफिस क्यों नहीं आए?

मैंने कहा- थकान हो गई थी और सो गया था. उसने कहा- चलो ठीक है, कोई बात नहीं. मैंने उसे थैंक्स कहा.

उसने कहा- कैसा लगा बर्थडे गिफ्ट? मैंने कहा- बहुत मीठा था.

वह बोली- कल आप अपना सामान लेकर मेरे साथ शिफ्ट हो रहे हो.

मैं उसके साथ उसके फ्लैट पर ही चला गया और वहीं उसके साथ रहने लगा.

हमने बहुत बार सेक्स किया. हम दोनों अब रोज सेक्स करते थे.

चार महीने उसके साथ रुकने के बाद मुझे घर आना पड़ा और मैं वापस नोएडा नहीं जा पाया, अपने घर में ही काम में उलझ गया.

हमारा खेती का काम है, हमारे पास बहुत खेती है. बस मैं उसी में उलझ गया.

कोमल से अभी भी मेरी बात होती है और मैं उसके पास जाता भी रहता हूं. जब भी जाता हूँ तो कई दिन रुक कर आता हूं और हम दोनों बहुत सेक्स करते हैं.

दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची घटना. आपको कैसी लगी यह ऑफिस Xxx हिंदी स्टोरी, मुझे जरूर बताइए कमेंट करके! [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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