मुझे मज़ा आया-2

हेलो, मैं कोमल एक बार फिर से हाजिर हूँ अपनी अधूरी कहानी पूरी कहानी करने! मुझे मेल करने ले लिए थैंक्स ! मैं लड़कों से फिर से रिक्वेस्ट करती हूँ, मुझे फेक मेल न करें। अब आगे ! उसने अपनी उंगली मेरी बिनचुदी फ़ुद्दी में डाली, जिससे मेरे मुख से चीख निकल गई और मुझे थोड़ा दर्द हुआ।

थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा और मैं जोर जोर से सीत्कारें भरने लगी और उसका सर अपनी चूत पे दबाने लगी।

वो काफी तेज उगंली करने लगा और मेरा पानी निकल गया।

जिन्दगी में पहली बार कोई मेरी योनि को देख रहा था, उसे चूम रहा था, मुझे बहुत मजा आ रहा था।

और जब वो अपनी जीभ मेरे भगनासा पर लगाता तो मेरी जान ही निकल जाती थी।

अब मेरे मुख से सेक्सी किलकारियाँ निकल रही थी और वो मेरी क्यूट पुसी को अच्छी तरह से चूस रहा था।

फिर उसने अपनी उंगली मेरी बिनचुदी फ़ुद्दी में डाली, जिससे मेरे मुख से चीख निकल गई और मुझे थोड़ा दर्द हुआ।

थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा और मैं जोर जोर से सीत्कारें भरने लगी और उसका सर अपनी चूत पे दबाने लगी।

वो काफी तेज उगंली करने लगा और मेरा पानी निकल गया।

मैं बहुत खुश थी।

अब मैंने उसकी छाती पर चुम्बन करना शुरु किया और नीचे बैठ गई।

मैंने उसकी पैंट खोली और उसका अंडरवियर उतारा।

उसका लंड देख कर मैं काफी खुश हुई, वो 7 इंच का होगा और मोटा भी था।

मैंने उसे सूंघा, उसकी खुशबू मुझे अच्छी लगी तो अपनी जीभ के अग्र भाग को उस पर छुआया।

फ़िर मैं उसे अपनी जीभ से चाटने लगी और थोड़ी देर बाद धीरे से उसे अपने मुँह में लिया और चूसने लगी।

उसे बहुत मजा आ रहा था।

मैं बिल्कुल पोर्न मूवी के जैसे ही उसके लंड को चूस रही थी।

अब वो भी धक्के लगाने लगा और पूरा लंड मैंने अपने मुख में उतार लिया।

मुझे बहुत मजा आ रहा था।

उसके बाद मैं बिस्तर पर लेट गई और हमने 69 की पोजीशन बना ली, मैं उपर थी और वो नीचे…

मैं जोर जोर से उसका लंड चूस रही थी और वो जीभ से मेरी पुसी को चोद रहा था और बीच बीच में मेरी बैक-होल यानि मेरी गाण्ड के छेद को भी चूसता था जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

अब वो नीचे से धक्के लगाने लगा और अचानक उसके लंड से उसका स्पर्म यानि माल बाहर आ गया और सारा मेरे मुँह में आ गया।

मैंने कभी इसका स्वाद नहीं चखा था, मुझे वो अच्छा नहीं लगा और मैंने थूक दिया।

मैं काफी खुश थी।

और फिर मैं आकर उसके ऊपर लेट गई, हम दोनों दस मिनट तक ऐसे ही लेटे हुए बातें करने लगे।

जब उसका लंड दोबारा खड़ा हो चुका तो मैंने फिर से उसे अपने मुँह में लिया और गीला किया।

मेरा यह पहला सेक्स था, मेरी कुंवारी चूत में पहली बार किसी लौड़े का गृहप्रवेश होने को था और मुझे पता था कि दर्द होगा, मैंने उसे बोला कि मुझे डर लग रहा है, तुम बड़े प्यार से अन्दर घुसाना !

उसने बोला- नहीं, मैं दर्द नहीं होने दूँगा।

लंड पर बैठ कर रगड़ने लगी और अपने बूब्स दबाने लगी।

आपको पता है कि मैं पोर्न फिल्मों की तरह चुदना चाहती थी, अब मॉर्डेन लड़की जो ठहरी मैं !

मैं अपनी गाण्ड उसके लंड पर रगड़ रही थी।

तब उसने बोला- चलो, शुरु करते हैं।

अब मेरी जिन्दगी की जन्नत शुरू होने वाली थी।

अब मैंने उसका लंड पकड़ा और इस बार अपनी चूत पर सेट किया और थोड़ा नीचे हुई, मुझे दर्द हुआ और मैंने उसका लंड निकाल दिया।

मैंने एक बार फिर कोशिश की, इस बार मैंने उसे जोर लगाने को बोला।

मैंने फिर लंड को अपनी फुद्दी पर रखा और उसे डालने को बोला, जैसे ही उसने जोर लगाया मुझे दर्द हुआ और मैं ऊपर हो गई।

10-15 मिनट तक हम यों ही हंसते न खेलते रहे, अब मुझसे सहन नहीं हो रहा था क्योंकि उसके लंड का टॉप मेरी चूत की भगनासा को स्पर्श करता तो मुझे जलन होती और मजा भी आता था।

अब मैंने उसका लण्ड मुँह में लिया और चूस कर गीला कर दिया और उसके ऊपर आ गई।

अब उसने मेरे बूब्स को पकड़ा और मैंने उसका लंड अपनी चूत पर टिकाया और धीरे धीरे उस पर बैठने लगी।

उसका सुपारा अब अंदर चला गया और मेरे मुँह से जोर की चीख निकल गइ और मेरी चूत से खून निकलने लगा।

मैं अभी भी अपनी चूत को नीचे कर रही थी और उसे धीरे धीरे धक्के लगाने को बोला।

अब उसका आधा लंड मेरी चूत में घुस चुका था और मुझे बहुत दर्द हो रहा था पर मजा भी बहुत आ रहा था।

अब मैंने थोड़ा जोर और लगाया और पूरी उसके लण्ड पर बैठ गई।

एक बार तो मेरी जान ही निकल गई, मेरे मुँह से जोर जोर से चीखें निकल रही थी।

अब मैं उसके ऊपर लेट गई और जैसे जोर से बाहों मे जकड़ लिया और फिर एक दूसरे के होंट चूसने लगे।

उसका पूरा लंड अभी मेरी चूत में ही था और खून भी निकल रहा था लेकिन मेरा दर्द थोड़ा कम हो गया था।

अब वो नीचे से धक्के लगाने लगा और मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं जन्नत की सैर कर रही थी।

अब मैं खड़ी हो गई और अपनी चूत खोल क़र देखी, काफी खुल चुकी थी।

अब मैंने अपनी दो उंगलियाँ अंदर डाली और जोर से अंदर बाहर करने लगी।

अब मेरा बॉयफ़्रेन्ड खड़ा हुआ और अपना लंड मेरे हाथ में दिया, अब मैंने उसके लंड को हिलाना शुरू किया।

अब मैं जाकर टेबल पर बैठ गई और अपनी टाँगें ऊपर उठा ली।

अब उसने अपना लंड का सुपारा मेरी चूत पर रखा और धक्के लगाने लगा। वो अभी आधा लंड ही अंदर डाल रहा था और मेरे मुँह से ‘आआआ या अयाआ आआ ऊफ्फ’ की आवाज़ें निकल रही थी।

और अब वो पूरा लंड अंदर डालने लगा, मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं चिल्ला रही थी- बेबी फ़क मी हार्ड… याह हा…

वो मेरे बूब्स को भी जोर जोर से दबा रहा था जिससे मुझे और मजा आ रहा था।

मुझे लगा कि मेरा होने वाला है तो मैंने उसे बोल दिया और वो जोर जोर के चोदने लगा और थोड़ी देर में मैं परम आनन्द की अवस्था में आ गई और मेरा पानी चूत के बाहर बहने लगा जिसे अब उसका लंड आसानी से अंदर जाने लगा।

अब मैं सुस्त होकर टेबल पर लेट गई, पर उसका अभी हुआ नहीं था और वो मुझे चोदे जा रहा था।

तभी उसने बोला- मेरा भी होने वाला है।

तो मैं खड़ी हुई और नीचे बैठ गई और उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी।

2-3 मिनट चूसने के बाद उसके लंड से पिचकारी चलने लगी और सारा माल मेरे मुँह में भर गया। वो काफी खुश लग रहा था और मैं तो खुश थी ही।

अभी सारा माल मेरे मुँह में था और मैंने अपने बूब्स पर गिरा दिया, फिर अपनी उंगलियाँ अपने बूब्स पर घुमाने लगी और सारा माल अपने बूब्स पर लगा लिया फिर उंगलियाँ चाट ली।

मैं अपनी चुदाई से बहुत ही खुश थी और मुझे मजा भी बहुत आया था।

अभी भी मेरा मन फिर से चुदने को कर रहा था तो मैं बेड पर जाकर लेट गयी और हम एक दूसरे से बातें करने लगे। कहानी जारी रहेगी। प्लीज़ मुझे लड़के गंदे मेल ना करें और ना सेक्स के बारे में पूछें।

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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