मेहनत का फल मिला मेरे लन को फुदी मिली

हिंदी सेक्सी कहानी पढ़ने वाले मेरे प्यारे मित्रो… मेरा नाम कनिष्क (बदला हुआ) है मेरी उमर 21 साल है. यह कहानी कुछ साल पुरानी है जब मैंने कोचिंग सेंटर जाना शुरू किया था. वहाँ पर लड़के लड़कियाँ दोनों आते थे. मेरी वहाँ सभी से दोस्ती थी. वहाँ पर श्रेया नाम की लड़की आती थी. उससे मेरी दोस्ती भी हो गई.

कुछ दिन बाद उसे कुछ सामान लेना था तो उसने मुझे अपने साथ चलने को कहा. मेरे साथ मेरा दोस्त था, दोस्त ने कहा- मैं घर चला जाऊँगा, तू चला जा इसके साथ! तो मैं उसके साथ चल पड़ा.

वहाँ की लड़कियाँ भी हमारे बारे में ग़लत सोचने लगी. रास्ते में वो मुझसे बातें कर रही थी तो मैंने उसे प्रपोज कर दिया पर उसने हंसी में टाल दिया.

लगभग एक हफ़्ता ऐसे ही गुजर गया तो मैंने एक दिन उससे दोबारा पूछा तो वो फिर टाल गई. मैंने उसका पीछा छोड़ दिया.

कुछ दिन बाद उसने मुझे अपने घर बुलाया. मैं अपने दोस्त के साथ उसके घर गया. वो कुछ टेन्शन में थी तो मैंने पूछा- क्या बात है? तो उसने बताया- मैथ के सब्जेक्ट में दिक्कत हो रही है और मेरे पेपर आने वाले हैं.

तभी उसकी मम्मी आई तो मैंने उनको नमस्ते की. वो बोली- तुम इसकी मदद कर दो वरना यह फेल हो जाएगी.

मैं रोज शाम को उसके घर जाने लगा और उसे मैथ पढ़ाने लगा. उसके पेपर खत्म हो गये.

एक दिन उसकी मम्मी का फोन आया कि शाम को मुझे श्रेया के साथ कुछ देर उनके घर रहना होगा. शाम को श्रेया के घर गया तो उसके मम्मी पापा को कहीं जाना था तो मुझे 2-3 घंटे उसके साथ रहने को कह कर चले गये.

श्रेया चाय लेकर आई तो हम कोचिंग सेंटर की बातें करने लगे. उसने बताया कि उसकी एक सहेली मुझे लाइक करती है.

पर मैंने बात घुमाते हुए कहा- मुझे तुम अच्छी लगती हो! तो वो शरमाई वो कप किचन में रखने चली गई.

मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया… वो सिहर गई और कहने लगी- यह ठीक नहीं है! तो मैंने छोड़ दिया और कमरे में आ गया.

वो थोड़ी देर बाद कमरे में आई, मेरे पास बैठ गई, वो मुझसे बात करना चाह रही थी पर मैंने कुछ ना कहा.

तभी उसने मुझे एक किस किया और ‘आई लव यू…’ कहा तो मुझे तो मानो मुझे मेरी मेहनत का फल मिला हो! मैंने उसे पकड़ा और किस करने लगा… वो अब मेरी मेरी क़ैद में थी.

मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसकी कमीज़ उतारी… मेरे तो होश उड़ गये… इतनी सुंदर चूची! वो मेरे कपड़े उतरने लगी.

मैं अब नंगा था उसके सामने… मैंने देर ना करते उसको नंगी कर दिया. उसकी फुदी पर बाल थे.

मेरा लंड फुंफकार रहा था तो मैंने उसकी फुदी चाटना शुरू किया. वो आहें भर रही थी. 5 मिनट बाद वो झड़ गई.

अब मैंने उसे उठाया और अपना लन उसके हाथ में दिया तो वो मेरी मुठ मारने लगी. मुझे कुछ ज्यादा मजा नहीं आ रहा था तो मैंने उसे मुंह में लेने को कहा. उसने कहा- इस काम से मुझे घिन आती है. मैंने कहा- मैंने भी तो तुम्हारी फुदी चाटी थी!

तो वो थोड़ी देर बाद मेरा लन मुँह में लेने लगी. 4-5 मिनट में मेरा सारा माल बाहर आ गया. वो बोली- अब क्या? मैंने कहा- रुक जाओ… अभी 2 घंटे हैं हमारे पास!

मैं उसे बाथरूम में ले गया, वहाँ शावर के नीचे मैंने उसे खड़ा किया और उसकी चूची चूसने लगा. अब मेरा लन फिर से खड़ा हो रहा था तो मैंने सीधा उसकी फुदी में डालना चाहा.

पर हम दोनों का पहली बार था इसलिए मुझे समझ नहीं आ रहा था. फिर मुझे लगा कि फुदी और लन पर कुछ लगाना पड़ेगा. मैंने उसे कहा- कोई चिकनी चीज है? तो वो वैसलीन ले आई… उसने मेरे लन पर और अपनी फुदी में वैसलीन लगाई.

फिर मैंने अपना लन पकड़ा और उसकी फुदी के ऊपर रख कर थोड़ा ज़ोर डाला तो कुछ हिस्सा अंदर चला गया. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसे कुछ दर्द महसूस हुआ.

धीरे धीरे मैंने सारा लन अंदर घुसा दिया और अंदर बाहर करना शुरू किया. जब उसने नीचे देखा तो वो चौंक पड़ी क्योंकि उसकी फुदी से खून निकल रहा था.

मैं और वो घबरा गये पर हमें पता था कि यह बात हो जाएगी. यह हिंदी चुदाई की सेक्सी कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

कुछ देर बाद मैंने फिर चुदाई शुरू की. कुछ मिनट हम दोनों चुदाई करते रहे. बाद में हम कमरे के अंदर आए और मैंने उसे बेड पर लिटा दिया. पर उसने कहा- तुम लेटो!

मैं लेट गया, उसने मेरा लन मुँह में ले लिया… बाद में उसने अपनी फुदी पर लन सेट किया और ज़ोर से झटके से मेरे लन पर बैठ गई.. मुझे कुछ दर्द हुआ. वो अब फुल जोश में थी. थोड़ी देर बाद वो थक गई तो मैं नीचे से कमर उठा कर उसकी चूत चुदाई करने लगा.

काफी लम्बी चुदाई के बाद हम दोनों थक गये थे लेकिन मैं झड़ नहीं रहा था. हम दोनों बुरी तरह से थक कर कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे.

थोड़ी देर बाद मैंने उसे नीचे लिटाया और ऊपर आकर उसे चोदने लगा. अब मैंने अपना माल उसकी फुदी में छुटा दिया पर मेरा माल बाहर निकल आया.

कुछ देर आराम करके उसने खाना बनाया. हम खाना खाकर हटे ही थे कि उसके पेरेंट्स आ गए.

रात के 10 बज चुके थे तो मैं अपने घर आ गया.

मेरी पहली चुदाई की सेक्सी कहानी कैसी लगी, मुझे बताएँ! [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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