गर्लफ्रेंड की सीलपैक चूत की चुदाई

देसी गर्ल लव सेक्स कहानी मेरी गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई की है. वह मेरे घर के पास ही रहती थी पर चुदाई नहीं करने देती थी. एक दिन उसके घर कोई नहीं था, उसने मुझे बुलाया.

फ्रेंड्स, मेरा नाम नरेन्द्र कुमार है. मैं 23 साल का हूँ. मैं मथुरा उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ. मेरा कद 5′ 7″ है. मैं LLb कर रहा हूँ.

यह देसी गर्ल लव सेक्स कहानी मेरी गर्लफ्रेंड की है.

मेरी जीएफ का नाम नैना है. उसकी उम्र 18 साल से कुछ ज्यादा है और उसकी हाइट केवल 5 फुट ही है.

उसकी पतली कमर पर थिरकते बूब्स और कातिल अदाएं देख कर मैं उस पर फिदा हो गया था. उसकी बात करने की स्टाइल का तो मैं दीवाना हूँ.

मेरी जीएफ मुझसे सिर्फ़ कॉल पर बात ही करती थी, वह मुझे चुदाई का मौका नहीं दे रही थी. जबकि हम दोनों एक ही कॉलोनी में रहते हैं.

मैंने जैसे तैसे उसे बहला फुसला कर किस वगैरह के लिए मना लिया. अब वह मेरे घर आ जाती और किस करवाती, बूब्स प्रेस करवाती और चली जाती.

मैं उसे ज्यादा फोर्स करता, तो साली चिल्लाने लगती. तब मैं अपने घर वालों के डर से उसे छोड़ देता कि कहीं किसी को पता ना चल जाए.

ऐसे ही कुछ महीने गुजर गए. मेरे मन में उससे ब्रेकअप के विचार आने लगे क्योंकि सैटिंग के होते हुए भी मुझे मुठ मारनी पड़ रही थी.

एक दिन ऐसा हुआ कि उसकी फ़ैमिली रात को कहीं गयी थी. उस दिन वह घर पर अकेली थी.

उसने रात करीब 11 बजे कॉल की. मैंने कॉल उठाया और उससे बात करने लगा.

उसे मैंने मीठी मीठी बातों में फंसाया और कहा- बाबू, आज तेरी बहुत याद आ रही है. बहुत दिन हो गए तुझे गले लगाए हुए, रोमांस किए हुए.

मेरी जीएफ मुझे प्यार से झुमरू बुलाती थी. उसने कहा- अगर ऐसी बात है झुमरू, तो तेरे लिए कोई मना थोड़ी है. लेकिन तू एक प्रॉमिस कर कि सब काम सिर्फ़ ऊपर ऊपर से होगा, नीचे से नहीं! मैंने ओके बोल दिया.

उसने कहा- ओके नहीं, प्रॉमिस कर! मैंने कहा- प्रॉमिस यार!

उसने कहा- तो आ जा, मैं दरवाजा खोल रही हूँ. मैंने कहा- आज बड़ी हिम्मत दिखा रही है … घर में कोई नहीं है क्या?

वह हंस कर बोली- हां यार, आज सब लोग बाहर गए हैं और वे सब दो दिन बाद वापस आएंगे. अब सुबह ही कोई कामवाली मेड घर पर आएगी!

मैंने यह सुना तो खुश हो गया और समझ गया कि आज लौंडिया चुदने को रेडी हो सकती है. साली प्रॉमिस जरूर करवा रही है लेकिन इसकी भट्टी में भी आग सुलग रही है.

मैं उसे चोदने के इरादे से रेडी हुआ और 5 मिनट बाद उसके घर पहुंच गया.

उसने पहले से ही दरवाजा खोल दिया था. मैं सीधा अन्दर घुसता चला गया.

अन्दर आते ही उसने मुझे जोर से हग किया और हमारे बीच किस होना चालू हो गई. मैं उसे जोरदार स्मूच कर रहा था. वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

फिर मैंने जैसे नीचे हाथ लगाया, उसने मना कर दिया.

मैंने उसे बहुत मनाया मगर उसने मना कर दी. वह बोली- मैंने पहले ही तुमसे प्रॉमिस करवा लिया था कि नीचे का कोई काम नहीं होगा!

मैंने सोचा कि आज जैसा मौका लाइफ में दुबारा कभी आना नहीं है. इसलिए मैंने पक्का कर लिया कि आज इसकी चूत चोदनी ही है चाहे कुछ भी हो जाए. चुदने के बाद भले ही यह मुझसे ब्रेकअप कर ले तो कर ले … पर एक बार चूत तो लेनी ही है.

मैंने जबरदस्ती की. तो वह चिल्लाने की धमकी देने लगी. मैंने कहा- तेरा घर है, बदनामी तेरी होगी!

फिर वह काफी देर बाद मान गई और बोली- झुमरू, मेरा फर्स्ट टाइम है!

मैंने उसे हिम्मत दी और उसकी लैगी को नीचे कर दिया. उसे मैंने बेड पर लिटा लिया और अपना लंड निकालने लगा.

उसकी नजर मेरे लंड पर पड़ गई और वह तुरंत खड़ी हो गई. वह बोली- झुमरू, तेरा कितना बड़ा है, इसे लेना मेरे बस का नहीं है. मैंने उसे मनाया और कहा- आराम से करूँगा!

वह लेट गई. मैंने जैसे ही लंड नीचे सैट किया तो साली आगे पीछे होकर निशाने से निकलवा देती.

ऐसा कम से कम 20 मिनट तक चला. मैं नाराज होकर कपड़े पहनने लगा.

वह मुझको मनाने लगी और बोली- तू किस कर ले, मेरे बूब्स पी ले, पर झुमरू मुझे तेरा डिक लेने में डर लग रहा है यार प्लीज समझने की कोशिश कर!

मैंने कहा- मुझसे बात मत कर … ना कभी मेरे को कॉल करना! वह मुझे किस करने लगी और बोली- आ जा … मर क्यों रहा है साले … पर जरा सा करने दूँगी बस!

मैंने समझ लिया कि ये जरा सा करना क्या होता है, साली ड्रामा कर रही है. मैंने खुश होकर कहा- ओके.

फिर हम दोनों किस करते करते बेड पर लेट गए. मैंने जैसे ही लंड चूत पर सैट किया तो उसका वही ड्रामा फिर से शुरू हो गया.

वह बोली- झुमरू, बहुत डर लग रहा है यार! मैंने कहा- तो मत कर, मैं जा रहा हूँ. अपनी बुर को बचा कर रखना, इसकी हल्दी चावल से पूजा करना और छेद में अगरबत्ती लगा कर रख लेना. इसमें से खुशबू आएगी, उसे सूँघती रहना.

वह हंस दी. उसने आंख मारते हुए कहा- आ जाओ राजा … गुस्सा मेरी टांगों के बीच में थूक दे यार!

मैं समझ गया कि इसका मतलब यह हुआ कि वह अपनी टांगें खोलने के लिए मान गई है.

मैंने उसे चुदाई की पोजीशन में लिटाया और अबकी बार अपना लंड उसकी चूत की दरार पर रखा और थोड़ा सा आगे को ठेला, तो मेरा लंड उसकी चूत से नीचे फिसल गया. यह उसकी टाइट चूत की वजह से हुआ था.

मैंने उसकी तरफ देखा तो वह हंस दी. मैंने दुबारा से थूक लगा कर ट्राई किया.

अबकी बार लंड थोड़ा घुसने को हुआ ही था कि उसने जोर से मेरी कमर पकड़ ली. वह कराहती हुई बोली- झुमरू लग रही रही … आह झुमरू लग रही है!

मैंने उसकी बात को अनसुना करते हुए लंड को एक झटके में आधा अन्दर घुसेड़ दिया. उसकी चीख निकल गई- आई मर गई … आह ओ मम्मी ओ मम्मी … आह आह फट गई मेरी आह मम्मी … झुमरू प्लीज बाहर निकाल ले जल्दी से!

मैंने अनसुना करते हुए जोरदार दम के साथ वापस झटका मारा, तो मेरा पूरा लंड उसकी सील पैक चूत को फाड़ता हुआ अन्दर तक चला गया.

उसकी इतनी तेज आवाज निकली कि शायद पड़ोसियों ने भी सुन ली होगी. उसकी आंखों में आंसू आ गए थे, वह जोर जोर से रोने लगी थी.

मैंने जल्दी से उसे किस किया और उसकी आवाज को बंद करने का प्रयास किया. उसने मुझे अपने मुँह से हटाया और गुस्से में बोली- हट जा साले … मुझसे बात मत कर … जा अभी के अभी मेरे घर से! वह रोने में लग गई.

मैंने लंड दुबारा से बाहर निकाला और पूरा लौड़ा फिर से अन्दर डाल दिया.

उसकी वापस तेज चीकह निकल गई और इस बार उसने मुझे एक थप्पड़ भी लगा दिया. मैं उसे अनदेखा करके फुल स्पीड में चोदने लगा.

उसकी चीखें निक्ल्नेर लगी- आह उह उम्म … आह आइ रे ओह मम्मी आ उम्मी … आहा माय गॉड … मार दिया साले हरामी ने! उसकी दर्द भरी आवाजें निकलने लगीं.

मैं चोदने में लगा रहा. मुझे उसकी टाइट चूत चोदने में बड़ा मजा आ रहा था.

मेरे लंड की इतनी टाइट चूत से कभी मालिश नहीं हुई थी.

वह कराहती रही और धीरे धीरे चुप हो गई. शायद उसका दर्द खत्म हो गया था और वह चुदाई का मजा लेने लगी थी.

करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ गया और उससे अलग हो गया. मैंने उसे थैंक्स बोला.

उसने मुझसे बात नहीं की बल्कि मुँह फेर लिया.

अब उसने नीचे सर करके अपनी चूत की हालत देखी, बेड सीट खून से सन गई थी. चूत से रक्त आ रहा था. खून देख कर वह और रोने लगी और बोली- मम्मी को पता चल गया, तो वे क्या कहेंगी!

वह घबराने लगी और जोर जोर से रोने लगी. मैंने उसे हिम्मत देते हुए कहा- फर्स्ट टाइम ऐसा ही होता है!

उसने कहा- अगर खून बंद नहीं हुआ तो मैं फ़ैमिली को बता दूँगी कि ये सब हरकत तुमने की है. मैंने उसे समझाया और किस करने लगा.

उसने मेरी शर्ट उतारी, जो खून से रंग गई थी. उसने मेरी शर्ट से ही अपनी चूत और बेडशीट साफ की.

फिर अपने कपड़े ठीक किए.

मैं उससे बात करने लगा. उसने मुझसे कहा- झुमरू तू मुझे छोड़ तो नहीं देगा? मैंने कहा- पगली, कैसी बात करती है. अगर छोड़ना होता तो तुझे जीएफ ही न बनाता!

वह कहने लगी- तू बार बार छोड़ने की बात तो करता था ना! मैंने कहा- अब तुम मेरी हो गई हो, जो मुझे चाहिए था, वह मिल गया है. अब क्यों छोड़ूँगा!

फिर वह मुझे लिपट कर बेड पर खींच कर चिपकाने लगी. मैं उसकी गोद में सर रख कर लेट गया. फिर हम दोनों ऐसे ही बात करते रहे.

कुछ देर बाद वह मुझे सॉरी बोली. अपनी थप्पड़ वाली बात के लिए वह शर्मिंदा थी.

फिर वह मेरे माथे को चूमने लगी और बोली- झुमरू, आई लव यू यार. आई लव यू तो बोल! मैंने आइ लव यू टू कहा. वह किस करने लगी और मेरा साथ दे रही थी.

मैंने उससे कहा- नैना, अब अपने पूरे कपड़े उतार दो ना प्लीज! वह बोली- झुमरू फर्स्ट टाइम है, मुझे बहुत शर्म लग रही है. मैं कपड़े उतारने लगा.

वह बोलने लगी- कपड़े तक तो ठीक है लेकिन चुदाई नहीं करूँगी, दर्द और जलन हो रही है! मैंने कहा- हम दोनों कपड़े उतार कर सिर्फ़ रोमांस करेंगे! वह राजी हो गई.

उसके बाद मैंने उसके कपड़े उतार दिए.

वह मुझसे लिपट गयी और शर्म से आंखें बंद करके लेट गई.

फिर मैं 15 मिनट तक ऐसे ही उसके सेक्सी बदन से खेलता रहा. उसके बाद बेड से खड़ा होकर नीचे लंड को सहलाने लगा.

वह बोली- झुमरू क्या ड्रामा है ये … अब नहीं, मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है! मैंने कहा- ओन्ली टच करूँगा, डालूँगा नहीं!

फिर मैं ऐसे ही करने लगा.

कुछ मिनट तक तो उसने अपनी चूत को लॉक किया हुआ था हाथों से, आंखें बंद किए हुई थी, बस लंड को फील कर रही थी.

फिर मैंने मौका मिलते ही लंड को हल्का सा थूक से गीला किया और उसकी गांड में डाल दिया. एक ही बार में पूरा का पूरा लंड अन्दर घुसेड़ दिया.

वह एकदम से चिल्ला पड़ी और रोती हुई बोली- आह आ उहह … उम्म आ … ओ मम्मी ओ मम्मी … आह मर गई … झुमरू, मैं मना कर रही थी न साले तूने धोखे से हमला किया है. तुझे तेरी पापा मम्मी की कसम है साले … अभी निकाल!

मैंने लंड बाहर निकाल लिया और इस बार उसकी चूत खुल गई थी तो मैंने उसमें ही डाल दिया. उसने भी चूत में पेलने का कोई विरोध नहीं किया. मैं उसे चोदने लगा.

अबकी बार लंड आराम से आ जा रहा था. हालांकि पहले जितना दर्द नहीं था, पर था.

उसके मुँह से अभी भी ‘आह उम आह ओह श आई …’ निकल रहा था. वह आवाजें करती हुई चुदवा रही थी.

इस तरह से मैंने उस रात उसे चार बार चोदा.

मेरे लंड में भी दाने से पड़ गए थे और उसकी चूत आलूबंडा सी सूज गयी थी.

उसकी चूत में एक उंगली जितना होल भी दिखाई दे रहा था. हल्का हल्का सा खून गांड पर भी लगा हुआ था. गांड की स्किन भी फूली सी लग रही थी.

अब मैं कपड़े पहनने लगा.

उसने मेरी खून वाली शर्ट अपने पास रख ली और बोली- यादगार के तौर पर इसे मुझे दे दो. मैं बिना शर्ट पहने सुबह चार बजे उसके घर से अपने घर आ गया और सो गया.

सुबह 11 बजे उसकी कॉल आई. उसने बताया कि उसे बुखार आ गया है. थोड़ी सी चलने में और टाय्लेट करने में प्राब्लम है.

उसके बाद मैंने उसे अब लगातार 2 साल तक चोदा. कभी वह मेरे घर में चुदने आ जाती, तो कभी मैं उसके घर में जाकर उसे चोद देता.

उसकी बॉडी में काफी बदलाव आने लगे थे. उसकी गांड पीछे बहुत निकल गई थी साली फूल गई थी. उसके बूब्स भी बहुत ज्यादा बड़े हो गए थे. पतली कमर, गांड निकली हुई, बूब्स तने हुए … आप अंदाज लगा लो कि वह कितनी हॉट हो गई होगी.

फिर एक दिन हमारी हँसती खेलती जिंदगी में तूफान आ गया … उसकी शादी तय हो गई. कुछ महीने बाद उसकी शादी हो गई.

मैं छह महीने तक उसको याद करके खूब रोया. फिर आदत सी हो गयी तो सब नॉर्मल हो गया.

फिर भी वह बीच बीच में आकर मुझसे चुदवा लेती थी. अब उसकी एक बेटी हो गई है. वह मुझे अब पूरे तरीके से भूल चुकी है.

मैं फिर से लंड लेकर मुठ मारने लगा हूँ क्योंकि मैंने उससे प्रॉमिस किया था कि तेरे अलावा कोई जीएफ नहीं बनाऊंगा … या तो तू होगी या मेरी वाइफ होगी … तीसरी कोई नहीं होगी.

मैं आज भी मुठ मारकर आपको सेक्स स्टोरी सुना रहा हूँ. आप बताएं कि आपको मेरी सेक्स स्टोरी कैसी लगी.

मुझे बताएं ताकि मैं उसकी ननद और उसकी एक साथ हुई चुदाई की कहानी आपके सामने जल्दी पेश कर सकूँ. देसी गर्ल लव सेक्स कहानी पर अपने विचार मुझे मेल करें. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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