सगी मामी आसानी से चुद गयी

Xxx मामी सेक्सी कहानी में मैं मामा के घर रह रहा था. एक रात में बीच में उठा तो मामी की साड़ी ऊपर सरकी हुई थी, उनकी चिकनी चूत नंगी थी. मैंने मामी की चूत में उंगली कर दी.

दोस्तो, मैं राहुल आज आपको अपने जीवन की एक नई और सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूं.

मैं अपने मामा के घर में रहता था. मामा मामी के चार बच्चे थे.

मेरी मामी जी की उम्र 38 साल है जबकि मेरी उम्र 27 साल है.

मैं मामा के यहां अभी 6 महीने से रह रहा हूं.

यह घटना मेरे और मेरी मामी के बीच की है. यह Xxx मामी सेक्सी कहानी अभी चार महीने पहले की है.

रात को हम सब लोग साथ में सोते थे. वे गर्मी के दिन थे.

रात को मैं और मेरी मामी सो रहे थे. मैं बेड पर सो रहा था और मामी चारपाई पर सो रही थीं. उनके साथ उनकी बच्ची सो रही थी.

मुझे रात को देर से सोने की आदत है. उस वक्त मैं सोया नहीं था, मामी सो चुकी थीं.

उनकी साड़ी पैर से ऊपर को सरक गई, उनकी साड़ी उनकी जांघ पर आ गई. मेरी नजर मामी की गोरी जांघ पर पड़ी तो मेरे दिल की धड़कन बढ़ गईं.

मामी की गोरी जांघ लगभग पूरी उघड़ चुकी थी और अब बस उनकी चूत देखना बाकी रह गया था. मैं सारी रात जागा पर मामी की चूत न देख सका.

हालांकि अब मेरी नजरों में मामी की कातिल जवानी बस गई थी और वे मुझे एक चोदने लायक माल लगने लगी थीं.

बस फिर क्या था … मेरे दिन मामी की जवानी छकने की राह देखते हुए निकलने लगे.

फिर एक मस्ती भरी रात आई.

उस रात को मैं और मामी छत पर सो रहे थे. मामी पेटीकोट और ब्लाउज में सो रही थीं.

रात को करीब 12:30 बजे मेरी आंख खुली. मैंने देखा कि मामी दोनों पैर घुटनों से मोड़ कर ऊपर करके सो रही हैं.

उस वजह से उनका पेटीकोट ऊपर हो गया था.

चूंकि मेरी मामी पैन्टी और ब्रा नहीं पहनती हैं. यह बात मुझको पता चली थी जब एक दिन मामी नहा कर अपने कपड़े सूखने के लिए तार पर डालने गई थीं.

अब मैंने मोबाइल की लाईट ऑन की और टांगों के अन्दर झांका. बस मामी की चूत मुझे दिख गई.

मामी की चूत पर एक भी बाल नहीं था. उनकी चूत को देख कर ऐसा लग ही नहीं रहा था कि मामी 38 साल की हैं. उनकी चूत तो 25 साल की मस्त लौंडिया के जैसी लग रही थी.

मैं उनके और पास आ गया और उनकी चूत को देख रहा था. मेरे मन में अजीब अजीब ख्याल आ रहे थे.

मैंने हिम्मत करके मामी की चूत को अपने हाथ से छूकर हाथ अलग कर लिया.

उनकी भट्टी सी तपती हुई चूत के स्पर्श से मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया था.

कुछ पल बाद मैंने वापस से मामी की चूत को छुआ और इस बार मैंने उनकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी. आह … गर्म चूत के स्पर्श से मन मुदित हो गया.

मैं न जाने किस भावावेश में आकर अपनी एक उंगली को मामी की चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

मामी अभी भी नहीं जगी थीं और मेरी हिम्मत बढ़ती जा रही थी. अब मैंने दो उंगलियां डाल दीं और अन्दर बाहर करता रहा.

मेरी मस्ती बढ़ गई थी तो मैं जोर जोर से चूत में उंगली करने लगा था.

कब तक मामी की आंख न खुलती. उनकी आंख खुली तो मेरे होश उड़ गए.

मामी ने मेरी तरफ देखा और वे बोलीं- राहुल, तुम क्या मेरे साथ सेक्स करने की सोच रहे हो? मामी के मुँह से सेक्स शब्द सुन कर मैं हैरान रह गया.

मैंने सोचा कि मामी मुझको अब मारेंगी या मुझ पर चिल्लाएंगी. पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

मैंने मामी से साफ साफ बोल दिया- मामी, आप मुझ बहुत अच्छी लगती हो. मैंने आपकी चूत देखी, तो मैं खुद को रोक नहीं पाया बस. मुझको आपके साथ एक बार सेक्स करना है. मामी बोलीं- बस इतनी सी बात! मैंने कहा- आपके लिए इतनी सी बात होगी, मेरे लिए तो ये बहुत बड़ी बात है.

वे हंसने लगीं और बोलीं- आ जाओ न … मैंने कब मना किया है.

मैं हैरान था कि मामी खुद से कह रही हैं कि आ जाओ और चोद लो.

इसका मतलब कहीं यह तो नहीं है कि मामी खुद ही मुझे अपने जाल में फंसा रही थीं और मैं चूतियों सा उनके साथ अब तक कुछ भी न कर सका था.

मामी ने मुझे सोचते हुए देखा तो उन्होंने अपनी दोनों टांगों से पेटीकोट को कमर तक सरकाया और बोलीं- आ भी जाओ, क्या सोच रहे हो!

उनका पेटीकोट तो ऊपर हो ही गया था और चूत सामने भभक रही थी.

मैंने भी उनकी दोनों टांगों के बीच आसन जमाया और उनकी चूत को अपने मुँह से चाटने लगा.

मामी को अपनी चूत चटवाने में मजा आ रहा था. वे आह आह करती हुई बोलीं- आह राहुल … तुम तो कमाल के लड़के हो … मुझे सब समझ आ गया है कि अब तुम मुझे रात भर सोने ही नहीं दोगे. आज भूल जाओ कि तुम मेरे भांजे हो. बस अपनी गर्ल फ्रेंड समझ कर चोद दो मुझे!

यह सुनते ही मैंने मामी जी का नाम लेते हुए कहा- मीना रानी, आज तुमने मुझको अपनी चूत चोदने को दी है, तो आज सोना क्या है … सोती तो हम तुम रोज ही हैं … आज तो सुहागरात समझो. मीना मामी बोलीं- हां, तू मुझे चोद रहा है, तो कैसा शर्माना और सोना … आज तो धकापेल चुदाई का मजा ले.

मैंने मीना मामी से पूछा- मीना रानी, एक बात बताओ … क्या मामा जी आपको नहीं चोदते हैं? इस पर मीना मामी बड़ी उदास स्वर में बोलीं- उनको तो चोदे हुए 4 साल हो गए हैं.

यह सुनकर मेरी तो मानो लॉटरी लग गई.

वे बोलीं- राहुल, जब तू मेरी चूत में उंगली कर रहा था, मुझे तभी पता चल गया था कि यह तू ही होगा. इसलिए तो मैं कुछ नहीं बोली और अपनी चूत तुझे चोदने दे रही हूँ.

बस फिर क्या था दोस्तो, मैंने मीना मामी की चूत खूब चाटी और उनका रस पी लिया.

मीना मामी बोलीं- राहुल, अब तुम अपने लंड की गर्मी को मेरी चूत की गर्मी में मिला दो! मैं 4 साल से नहीं चुदी हूँ. आह जल्दी से चोद!

यह सुनते ही मैंने मीना मामी की चूत में अपने लंड को सैट किया और पेल दिया. एक ही झटके में लंड चूत के अन्दर घुसता चला गया.

मीना मामी की तो समझो जान निकल गई. वे कराह कर बोलीं- आह राहुल … तुमने तो एक बार में ही अन्दर डाल दिया … आह मैं तो मर गई. आराम आराम से करो न … पूरी रात बाकी है.

मैंने मामी से कहा- मीना रानी, तेरी चूत 4 साल से नहीं चुदी है न … इसलिए मैं भी इतनी कसी चूत देख कर खुद को रोक नहीं पाया.

अब मैं मीना मामी की चूत में अपने लंड को तेज गति से अन्दर बाहर कर रहा था. हम दोनों को अब और ज्यादा मजा आ रहा था.

मीना मामी बोलीं- राहुल, अब तुम मुझे रोज रात को चोदना.

मैं मीना मामी को चोदता जा रहा था और उनसे कहता जा रहा था- मीना मेरी रानी … तेरी चूत, गांड और तेरे मुँह को अपने लंड से भर दूंगा.

वे बार बार बस यही बोल रही थीं- राहुल, अब तुम मुझे लंड देना नहीं भूलना. मुझे रोजाना तुम्हारा लंड चाहिए. मैं बोला- हां मीना रानी, मैं तेरे तीनों छेदों में लंड को भर दूंगा.

मामी खुश हो गईं कि अब उन्हें रोज लंड मिलेगा.

मैं मीना मामी को चोदता रहा और अंत में मैं उनकी चूत में ही छूट गया. यह मेरे लिए बड़े क्षोभ की बात थी कि मामी अभी भी नहीं झड़ी थीं.

वे हैरान होकर बोलीं- राहुल … तुम तो इतनी जल्दी झड़ गए. अब मेरी चूत की गर्मी कैसे शांत होगी? मैंने कहा- मामी, यह पहली बार था, मगर आप चिंता न करें … मैं ही आपकी चूत की गर्मी को शांत करूंगा.

बस अब मैं उठ गया और मीना मामी की चूत को चाटने लगा.

मामी ने कहा- अभी चाटने से पूरा मजा नहीं आएगा. तुम्हारा लंड अन्दर जाकर ही मेरी चूत को ठंडी करेगा. यह कह कर वे 69 में आईं और मेरे लंड को चूसने लगीं.

बस अब मैं मामी की चूत चूसमें लगा था और मीना मामी मेरे लंड को चूसने में लगी थीं. मेरे लंड में फिर से जान आने लगी और मामी की चूत की आग वापस भड़कने लगी.

हम दोनों को ऐसा मजा आ रहा था मानो चुदाई के बीच में इंटरवल हुआ हो. कुछ ही देर में फिल्म फिर से शुरू हो गई.

मीना मामी ने जैसे ही लंड का कड़कपन देखा, वे झट से उठ कर सीधी हो गईं और मेरे लंड को अपनी चूत में लेने लगीं. मैं भी उनकी चूत चोदने में लग गया और अपने लंड को तेजी से मामी की चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

मीना मामी आह करती हुई बोलीं- आह … मजा आ रहा है … और तेज पेलो आह और तेज राहुल! मैंने कहा- आह हां … ले लो मीना रानी मजा ले लो … आह बड़ी सख्त जान है तू साली कुतिया रांड … और ले लौड़ा.

मैं मामी को गाली देते हुए तेज तेज चोदता रहा. तभी मामी का चरमोत्कर्ष आ गया और वे एकदम से अकड़ कर ‘आह उई आह आ आह उई …’ करती हुई झड़ने लगीं.

उसी समय मैं भी बह गया. हम दोनों एक साथ ही झड़े.

मीना मामी बोलीं- राहुल, तुमने आज मुझे खुश कर दिया है. आज से तुम मेरी चूत को हमेशा चोदना.

यह सुनकर मैं बहुत खुश हुआ.

उसके बाद मैंने उस रात सेक्सी मामी को दो बार और बजाया.

फिर जब भी मौका मिलता, तो मैं मीना मामी को चोद लेता. मामी की चूत तो मैंने अब तक बहुत बार मार ली थी. बस अब उनकी गांड मारना ही बाकी है.

दोस्तो, मैं अब मामी की गांड मारने की सोच रहा था. मैंने उनसे दो तीन बार कहा भी तो वे कह देती थीं- हां दे दूँगी … पर अभी नहीं.

एक दिन मीना मामी को चोदने के लिए मैं उन्हें गर्म कर रहा था. तभी वे बोलीं- राहुल, आज तुम मेरी गांड मार लो. मैं खुश हो गया और बोला- मीना रानी, आज तो तुमने मेरे मन की बात छीन ली.

मीना मामी बोलीं- राहुल, तुम काफी दिनों से मेरी गांड पेलने की फिराक में थे न! मैं- हां मीना रानी … आज मैं तेरी गांड में लंड डालूँगा.

मामी खुश हो गईं. मैंने उनके पेटीकोट को ऊपर किया और उसकी गांड में लंड लगा कर एकदम से अन्दर पेल दिया. Xxx मामी की सेक्सी आह निकल गई.

उन्हें दर्द होने लगा. हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने लंड को झेल लिया और मजा लेने लगीं.

मैं तेजी से लंड को मामी की गांड में अन्दर बाहर करता रहा.

करीब 15 मिनट तक मैंने मीना मामी की गांड चोदी. उनको भी बहुत मजा आ रहा था.

फिर मैं उनके दूध दबाता हुआ उनकी गांड में ही झड़ गया.

मामी अपनी गांड मरवा कर बहुत खुश थीं. पहली बार मीना मामी ने गांड मरवाई थी.

आप सबको मेरी यह Xxx मामी सेक्सी कहानी कैसी लगी. प्लीज बताएं. धन्यवाद.

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

Read All Stories by Priya Sharma
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!