कज़िन सिस्टर की रात भर चुदाई- 2

Xxx कज़िन सेक्स कहानी में मैंने अपनी चचेरी बहन को सेक्स के लिए गर्म कर लिया था. पर उसने मेरा बड़ा लंड देखा तो वह डर गयी. पर मैंने उसकी चूत में अपना लंड पेल कर उसकी सील तोड़ी.

फ्रेंड्स, मैं रिकी सिंह एक बार पुनः अपनी दीदी की चुदाई की कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ. कहानी के पहले भाग चचेरी बहन की वासना में अब तक आपने पढ़ा था कि मैंने जैसे ही दीदी को अपना लंड दिखाया, उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं.

अब आगे Xxx कज़िन सेक्स कहानी:

दीदी- ये इतना बड़ा भी होता है! मैंने कहा- क्यों आपने इतने बड़े लंड ब्लूफिल्म में नहीं देखे क्या? वे बोलीं- हां देखती तो हूँ, पर आज सामने से देखा तो चौंक गई.

मैंने कहा- इससे भी बड़े बड़े होते हैं, कभी अफ्रीकन लंड देखोगी तो समझ जाओगी. दीदी- हां देखे हैं, पर मैं यह सोच रही थी कि वे ना जाने कैसी लड़कियां होती होंगी, तो इतने बड़े बड़े लंड ले लेती हैं … लेकिन सॉरी यार, मैं तुम्हारा यह मूसल बिल्कुल नहीं ले पाऊंगी. मेरी फिंगर ही ठीक है. दीदी यह बोलकर अपने कपड़े पहनने लगीं.

मैं उन्हें मनाने लगा, लेकिन वे ‘नहीं नहीं’ करने में लगी रहीं. फिर मैंने उन्हें पकड़ा और बड़े प्यार से उनके होंठों पर, गर्दन पर किस करने लगा साथ ही उनके मम्मों को दबाते हुए सहलाने लगा.

दोस्तो, यहां मैं एक अनुभव की बात लिख रहा हूँ कि जिन्होंने अनमैरिड लड़कियों के साथ सेक्स किया है, वे जानते होंगे कि उनको ऐसे सिड्यूस करने पर वे लड़कियां कैसे बेताब हो जाती हैं. ठीक वही हुआ … दीदी राजी हो गईं और मेरा साथ देने लगीं.

अब मैंने उनकी ब्रा उतार दी तो वे सिर्फ़ पैंटी में रह गई थीं. उनके नंगे बूब्स और कड़क खड़े निप्पल मुझे चुदाई के लिए इन्वाइट कर रहे थे.

मैंने जैसे ही उनके एक बूब को मुँह में डाला, वह आह आह करती हुई गर्म सिसकारियां लेने लगीं.

मैं एक दूध को मुँह में लेकर खींचता हुआ चूसता और दूसरे दूध को हाथ में भर कर जोर से मसल देता. वे भी मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर खेल रही थीं.

फिर मैं उनके बूब्स और निपल्स को जोर जोर से काटने लगा. वे कहने लगीं- आह यार … आराम से कर न … मैं कहां भागी जा रही हूँ!

फिर मैंने कुछ देर तक उनके मम्मों को बड़े प्यार से सक किया.

अब मैं बेड पर बैठा था, वे नीचे फर्श पर आ गईं और घुटनों के बल बैठ कर मेरे लंड को पकड़ कर सूंघने लगीं.

फिर दीदी ने मेरे लौड़े के सुपारे को मुँह में भर लिया. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. लंड को दीदी के मुँह की गर्मी मिल रही थी.

दीदी ने अचानक से एक ही बार में पूरा लंड अपने मुँह में लेने का कोशिश की. लेकिन लंड बड़ा था तो पूरा अन्दर गया ही नहीं.

फिर उन्होंने लंड को चूसना शुरू कर दिया, अपनी जीभ को लंड के चारों तरफ फेरने लगीं.

लंड को नीचे से चाटती हुई दीदी ऊपर आ गईं और मेरे मुँह पर मुँह लगा कर मुझे चूमने लगीं.

फिर वे वापस नीचे हुईं और मेरे लंड को अपने मम्मों के बीच में लेकर रगड़ने लगीं. साथ ही वे लंड को चूसती भी जा रही थीं.

कुछ मिनट बाद उन्होंने मुझे बेड पर सीधा लेटने को कहा और मेरे ऊपर आकर फिर से लंड को चूसने लगीं.

इस तरह से दीदी ने मेरे लंड को काफी देर तक चूसा, जिससे मेरा पानी निकल गया. वे सारा पी गईं, उन्होंने एक भी बूँद खराब नहीं होने दी.

फिर मैंने उन्हें नीचे लिटाया और उनकी पैंटी उतार दी. क्या बताऊं यार … उनकी शेव्ड और पिंक पुसी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी.

मैं उनकी चूत के चारों तरफ अपनी जीभ को घुमाने लगा. वे तड़पने लगीं और कहने लगीं- मुझे कुछ कुछ हो रहा है, प्लीज जल्दी से कुछ करो ना!

मैं उनकी चूत चाटने चूसने लगा. वे भी अपनी कमर नीचे से उठा रही थीं और मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थीं.

कुछ ही देर में वे झड़ गईं. उन्होंने मेरे पूरे चेहरे पर अपना माल छोड़ दिया था. मैंने उनकी चूत को चाट कर क्लीन किया और उन्हें किस करने लगा.

दीदी अब बिना डर के मेरे लंड से खेल रही थीं. मैं उनकी चूत पर उंगली लगा कर उन्हें चुदासी कर रहा था.

मेरी जोर जोर से उंगली करने से उन्हें दर्द हो रहा था, तो मैं समझ गया कि वे एक सीलपैक माल हैं और मुझे बड़ी ही सावधानी से उनकी बुर को चूत में तब्दील करना होगा. अब तक मेरा लंड खड़ा हो गया था.

दीदी हैरानी से बोलीं- ये इतनी जल्दी कैसे इतना बड़ा हो गया? मैंने कहा- जब कोई सेक्सी लड़की बगल में नंगी पड़ी हो, तो ऐसा ही होता है.

वे कहने लगीं- अब कितना तड़पाओगे … जल्दी से मुझे चोद दो! मैं बोला- आ जाओ!

वे कहने लगीं- यार, मेरी एक फैन्टेसी है कि मैं लंड पर राइड करूं! मैंने कहा- यह आप अभी नहीं कर पाओगी. आप वर्जिन हो, पहले हम लोग नॉर्मली मिशनरी में सेक्स कर लेते हैं. बाद में आप राइड कर लेना!

पर दीदी नहीं मानी, तो मैं लेट गया. वे लंड को पकड़ कर अपनी चूत में डालने की कोशिश करने लगीं. लेकिन लंड अन्दर गया ही नहीं. उन्हें दर्द हुआ.

मैंने कहा- कहा था ना, आपको दर्द होगा. चलो आओ पहले नीचे आ जाओ और मेरे लंड को चूस कर एक बार रेडी कर दो आप!

वे नीचे आ गईं और मेरे लंड को मुँह लेकर चूस कर पूरा गीला कर दिया. अब मैंने उन्हें लेटा दिया और उनकी दोनों टांगें फैला दीं.

मैंने आसन जमाया और अपने लंड को उनकी चूत के ऊपर घिस रहा था. वे रिक्वेस्ट करने लगीं- प्लीज डाल भी दो अब!

उन्होंने मेरे लंड को अपनी चूत के छेद पर सैट किया. तो मैंने लंड को पकड़ कर अन्दर को धक्का दे दिया मगर लंड फिसल कर ऊपर चला गया.

मैंने उन्हें पैर और ज्यादा फैलाने को कहा. उन्होंने टांगों को फैला दिया.

मेरे लंड का टॉप जैसे ही चूत के अन्दर गया, उन्हें दर्द हुआ. फिर मैंने झटका देकर लंड अन्दर डाला. तो वे दर्द से चिल्लाने लगीं- उफ मर गयी चोदो मुझे नहीं चुदवाना … आह साले बहुत दर्द हो रहा है.

वे मुझसे छूटने की कोशिश करने लगीं लेकिन मैंने लंड अन्दर ही घुसेड़े रखा. मैं उन्हें किस करने लगा.

इस बीच में मैंने एक और झटका मारा तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया. उनकी आंखों में आंसू आ गए थे.

मैं उन्हें किस कर रहा था, वह चिल्लाना चाहती थीं लेकिन मेरे मुँह लगे होने के कारण चिल्ला ही नहीं पा रही थीं.

Xxx कज़िन सेक्स में उनकी चूत की सील टूट चुकी थी जिससे रक्त प्रवाह हो रहा था.

लेकिन अभी तक दीदी ने शायद खून को देखा नहीं था इसीलिए उन्हें पता नहीं चला था. मैं उनके ऊपर वैसे ही शांत पड़ा रहा, उन्हें किस करने लगा, उनकी चूचियों को मसल रहा था, उन्हें चूस रहा था, गर्दन पर किस और बाईट कर रहा था.

कुछ देर बाद दीदी वापस से गर्म हुईं और अपनी कमर उठाने लगीं. मैं भी धीरे धीरे चोदने लगा. फिर भी दर्द से उनकी हालत खराब थी.

अभी उन्हें मज़ा आने लगा था, तो वे भी साथ देने लगी थीं. जैसे ही उनका दर्द कम हुआ, दीदी अपनी कमर उठाने लगीं. उन्हें मज़ा आने लगा था.

मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब वह मज़े ले ले कर चुदवाने लगी थीं और कामुक आवाजें निकालने लगी थीं. मैं भी अब अपनी दीदी को मज़े से चोदे जा रहा था.

वे गाली देती हुई आह आह कर रही थीं- आह साले बहन के लंड … आअहह चोदो मुझे … आह कब से ये चूत तुम्हारे लंड के लिए तरस रही थी … अब इसे चूत से बाहर ही नहीं निकालना … आह बस चोदते जाओ!

मैं भी कहने लगा- आह ले मेरी चुदक्कड़ रानी … और ले! दीदी अपनी गांड उठाती हुई कहने लगीं- आह … बहुत मज़ा आ रहा है और तेज चोदो आह फाड़ दो मेरी चूत!

करीब दस मिनट बाद दीदी झड़ गईं उनकी चूत का गर्म पानी मुझे और उत्तेजित कर रहा था. चूत में चिकनाई बढ़ गई थी तो मैं उन्हें धकापेल चोदे जा रहा था.

पूरे कमरे में उनकी और उनकी चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं.

फिर बीस मिनट बाद मैं भी आने वाला था. मैंने कहा- मेरा आने वाला है? वे कहने लगीं- मेरे मुँह में देना प्लीज … मुझे इसका टेस्ट बहुत मस्त लगा.

मैं चूत से लंड निकाल कर ऊपर आ गया और उनके मुँह में दे दिया. दीदी लंड को चूसने लगीं.

तभी लंड ने रस छोड़ना शुरू कर दिया और दीदी लंड का पूरा पानी अपने मुँह में लेती हुई चूसने लगीं और वे सारा पानी पी गईं.

लंड का रस खत्म होने के बाद भी वे मेरा हथियार चूसती रहीं और थक कर मेरे बगल में लेट गईं.

मेरा लंड वापस कड़क हो गया था तो मैंने दीदी को दुबारा से किस करना आरम्भ कर दिया; फिर से ऊपर से नीचे तक किस करने लगा.

दीदी कहने लगीं- अब और मत करो यार … मुझे दर्द हो रहा है! मैंने कहा- अरे आ जाओ मेरी रानी … अब मैं आपको लंड पर बिठा कर जन्नत की सैर करवा देता हूँ!

यह सुनते ही दीदी रेडी हो गईं. वे बोलीं- हां ये तो मेरी न कब से फैन्टेसी है! मैंने कहा- हां तो आ जाओ न!

मैं सीधा लेट गया और दीदी मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थीं.

इस बार तो दीदी और अच्छे से लौड़े को चूस रही थीं. वे किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह मज़े से लंड चूस रही थीं.

फिर 5 मिनट बाद वे बोलीं- अब डालना है!

दीदी लंड पर बैठ कर अपनी चूत में लंड सैट करने लगी थीं. पर चूत अभी भी इतनी टाइट थी कि लंड आसानी से अन्दर जा ही नहीं रहा था.

दीदी ने बहुत कोशिश की, फिर भी लंड नहीं गया. वे उदास हो गईं.

मैं- रूको … पहले आप सीधी लेट जाओ! जब वे लेट गईं, तब मैंने चूत में लंड पेला.

इस बार भी उन्हें दर्द हुआ, लेकिन पहली बार से काफी कम था. मैंने दीदी की चूत में लंड चलाते हुए ही उनसे कहा- अब आप सीधी हो जाइए.

दीदी काऊगर्ल पोजीशन में आकर देखने लगीं कि मेरा लंड उनकी चूत में घुसा हुआ है. वे बहुत खुश हुईं और लंड पर उछलने लगीं.

उन्हें दर्द हो रहा था तो वे धीरे धीरे कूद रही थीं. मैं भी नीचे से झटके देने लगा.

शुरू शुरू में उन्हें दर्द हुआ, पर फिर मज़ा आने लगा.

अब दीदी तेज तेज गांड को उछाल कर मज़े ले रही थीं, उनके दूध भी गजब उछल रहे थे.

मैं भी नीचे से झटके लगा रहा था. इस बीच लंड बाहर आ गया तो वे दुखी हो गईं कि फिर से अन्दर नहीं जाएगा.

मैंने उनसे कहा- एक बार ट्राइ कर लो … शायद अभी चला जाए. उन्होंने लंड पकड़ कर चूत में लिया तो इस बार उनकी चूत में लंड आराम से चला गया.

अब उन्हें और ज्यादा मज़ा आने लगा. वे अब और तेज तेज मोन कर रही थीं- आहह उफ्फ़ चोदो बेबी … आह और तेज करो ना … आह और तेज और तेज … ओह माय गॉड … फक मी आह बेबी … फक मी हार्डर … उफ आअहह!

इस तरह से दीदी 15 मिनट में ही थक कर झड़ गईं. लेकिन मेरा नहीं हुआ था. मैंने उन्हें बेड से लगा कर डॉगी स्टाइल में खड़ी किया और उनकी चूत में लंड पेला.

करीब आधा घंटा तक ताबड़तोड़ चोदने के बाद वे बेड पर गिर गईं. मैं वैसे ही दीदी को चोदता रहा.

अब कुछ मिनट बाद मेरा वीर्य आने वाला था. मैंने बताया, तो दीदी कहने लगीं- इस बार मेरे पूरे फेस पर देना, अन्दर मुँह में नहीं देना!

फिर मैंने उनका पूरा चेहरा मेरे लंड के पानी से सान दिया.

Xxx कज़िन सेक्स से दीदी बहुत खुश हो गई थीं. वे अपनी उंगली से वीर्य उठा उठा कर चाट रही थीं और हंस रही थीं.

सच में दीदी पक्की छिनाल लग रही थीं. मैंने टाइम देखा, तो सुबह के 4.30 हो रहे थे. हम दोनों साफ सफाई करके नंगे ही सो गए.

सुबह दीदी ने मुझे उठाया और मुझे देख कर शर्माने लगीं. मैं नंगा ही था, जबकि वे कपड़े पहने हुई थीं.

मैंने फिर से उनके कपड़े उतार दिए और कहा- जब हम दोनों घर पर अकेले होंगे, हम दोनों में से कोई भी कपड़ा नहीं पहनेगा. फिर जब तक घर वाले नहीं आ गए, तब तक हम दोनों ने हर रात चुदाई की. घर के हर एक कोने में, हर एक पोजीशन में मैंने दीदी की चुदाई की.

अब हमें जब भी मौका मिलता, हम दोनों सेक्स कर लेते हैं.

तो दोस्तो, आप सभी को कैसी लगी यह Xxx कज़िन सेक्स कहानी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. आप सब मुझे मेल कर सकते हैं. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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