Padosh Ki Garam Aunty Ne Rijhaya Mujhe 2

Hindi Sex Story हैलो फ्रेंड्स , मेरे मन में अब एक ओर बहन प्रियंका तो दूसरी ओर बुआ सुनयना साथ ही काम क्रीड़ा की इच्छा मम्मी निशा के साथ होती थी तो पड़ोस कि शीला आंटी भी मेरे लिए एक मस्त गद्राई औरत थी ,फिलहाल चार चुत का दर्शन हो चुका था तो उसकी खुशबू लेकर मै इस क़दर मस्त था कि इनके बदन के साथ मजे लेने के आलावा कुछ और सूझता ही नहीं था । राहुल मात्र १८ साल का लड़का है जिसकी लंबाई ५’११ इंच है तो सांवला चेहरा ,साथ ही सुडौल शरीर और ६-७ इंच लबा लंड तो पड़ोस कि शीला आंटी ३५-३६ साल की परिपक्व महिला है. Padosh Ki Garam Aunty Ne Rijhaya Mujhe 2.

तो उसके गोरे मुखड़े से लेकर नशीली आंखें मदमस्त कर देने वाली है साथ ही चौड़ी छाती जिसपर दो मध्यम आकार की चूचियां तो सपाट पेट से लेकर मोटी चिकनी जांघें , वाकई बहुत मस्त माल है तो उसको एक बार चोदकर मुझे मजा तो आया लेकिन मन नहीं भरा ,वैसे भी कमसिन कली हो या सेक्सी जवानी शायद ही किसी मर्द या लड़कों का लड़कियों या औरतों से मन भरता होगा ,लेकिन पति पत्नी एक दूसरे से शादी के ४-५ साल में ही ऊब जरूर जाते हैं ।शीला आंटी की गोल गुंबदाकार चूतड़ काफी लोचदार है जोकि उनकी तेज चाल में हिलते दिखता है और उनकी चुत ,बिल्कुल मुरब्बे की भांति फूली हुई तो दोनों फांक थोड़ी दूरी बनाए साथ ही लालिमा लिए चुत के दरार पर काले धब्बे तो मै शीला आंटी को जल्द ही चोदने वाला था लेकिन इस बार आंटी ने एक अलग ही जगह का इंतजाम किया था ।

मई महीना की सुबह ,तेज धूप तो साथ ही कानपुर की प्रदूषित हवा ,मै सुबह उठकर फ्रेश हुआ और आज शीला आंटी के साथ पूरा दिन बीतने का प्लान था ,उसने एक रिसोर्ट में एक कमरा ऑनलाइन बुक करा रखा था तो रिसोर्ट कानपुर शहर से थोड़ी दूर थी ।मै स्नान करके नाश्ता किया और फिर दीदी प्रियंका को लेकर कॉलेज की ओर निकल पड़ा ,उसे कालेज गेट पर ड्रॉप करके वापस मुझे पनकी चौक आकर शीला आंटी को रीसीभ करना था तो मै तेज रफ्तार से बाईक चला रहा था और प्रियंका मेरे से चिपके दोनों पैर दो दिशा में किए बैठी थी तो उसके बूब्स की मुलायम स्पर्श मेरे पीठ को मिल रही थी और वो बोली “राहुल ,आज क्लास करना जरूरी है क्या (मै)ऐसा है ,जो होगा घर में होगा वो भी देर रात ,फालतू में होटल में खर्च और साथ ही खतरा भी (वो)ठीक है आज रात का प्लान रहा ।”

मै सोचा की एक तो दिन भर शीला आंटी के साथ ,वो भी दो बार चुद्वाएगी या तीन बार पता नहीं फिर रात को इस चूद्दक्कड़ लड़की की चुदाई ,थोड़ी मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं ,खैर प्रियंका को कालेज ड्रॉप करके वापस घर की ओर चल पड़ा तो शीला आंटी से मिलने का वक्त हो चला था फिर भी अभी आधा घंटा बाकी था ।मै आराम से विजय नगर चौराहे पर बाईक लगाया और वाईन शॉप से एक बोतल बियर खरीदा ,इस गर्मी से निजात पाने का सबसे अच्छा तरीका और वहीं बने पीने के जगह पर सिगरेट जलाया और फिर बियर पीने लगा तो अभी १५-१७ मिनट का वक्त मेरे पास था ,बियर पी ही रहा था कि मेरी मोबाईल बज उठी और मै तब तक सिगरेट पीकर फेंक चुका था ,शीला के कॉल को रिसीव किया “हां आंटी (वो थोड़े गुस्से में)आंटी के बच्चे ,शीला बोल किधर है तू (मै)मै १५ मिनट में पनकी चौक पहुंच जाऊंगा ।”

तो फिर बियर पीकर मै पनकी चौक की ओर चल पड़ा ,कुछ देर बाद वहां पहुंचा तो शीला आंटी ऑटो स्टैंड पर खड़ी थी , ब्राउन रंग के लेगिंग्स और ढीली कुर्ती पहने वो एक पर्स अपने कंधे पर टांग रखी थी तो पैर में जूती और हाथ में मोबाइल पकड़ रखीं थीं ,देख कर मुस्कुराई और मै उनके पास ही बाईक रोककर खड़ा था “बैठिए शीला मैडम (वो मेरे पीछे दोनों पैर एक ही दिशा में किए बैठ गई)चलो अब बाईक सचिंदी मै ही रुकनी चाहिए “तो वो मेरे कंधे पर एक हाथ रखकर बैठी हुई थी तो मै तेज रफ्तार से बाईक चला रहा था ,आज का क्लास एक में होने वाला था तो शीला की जवानी को आज फिर से मै रोंदने वाला था ,क्या खाक उसको रौंदता वो तो खुद मेरे मम्मी की उम्र है तो शीला मेरे से लिपट कर बैठ गई और उसके दाईं चूची का एहसास मेरे पीठ पर हो रहा था ,मै बोला “ये रिसोर्ट वाले हम दोनों को एक साथ एक रूम देंगे ,तो रजिस्टर में हम दोनों का क्या संबंध लिखाएगा (वो बोली)वो मेरी प्रॉब्लम है ,समझे तुम चुपचाप वहां रिसेप्शन पर रहना “तो मै तेज रफ्तार से दिल्ली कानपुर हाईवे पर बाईक चला रहा था ,तकरीबन दस किलोमीटर की दूरी पनकी से सचिंडी की थी तो वक़्त १०:४५ सुबह की हो रही थी.

फिर कुछ देर बाद दोनों उस रिसोर्ट में पहुंचे तो उसके केंपस में घुसते ही स्विमिंग पूल और खूबसूरत बागान देखा ,चारो तरफ हरियाली और बीच में एक बिल्डिंग तो मै बाईक को पार्किंग स्थल पर लगाया और शीला आंटी के साथ चलने लगा । ज्योंहि बिल्डिंग के अंदर दाखिल हुआ वहां रिसेप्शन था ,एक सुंदर सी लड़की वहां मैनेजर के तौर पर बैठी हुई थी ,वो हम दोनों को उसकी ओर आते देख कुर्सी से खड़ी हो गई तो उसके सफेद रंग के शर्ट के उपर मेरी नजर गठीली बूब्स पर गई ,वो मुस्कुराते हुए बोली “नमस्ते मैम ,बोलिए (आंटी अपना मोबाइल निकली ,उसका एक मेसेज पढ़ते हुए)जी आज की एक बुकिंग है ,जरा देखिए (वो मोबाईल के मेसेज को पढ़ी) जी ,बस यहां पर आप अपना साइन कीजिए ।”फिर एक सर्विस बॉय हम दोनों को लेकर रिसॉर्ट के लाबी की ओर चल दिया तो मै आंटी के साथ एक रूम में दाखिल हुआ ,लड़का तुरंत ही रूम से निकला तो दरवाजा फिलहाल खुला हुआ ही था ,आंटी पर्स को टेबल पर रखकर बेड के किनारे बैठ गई “कुछ मंगवाना हो तो बोलो (मै थोड़ा झेंप गया) आप शराब लेती हैं. “Padosh Ki Garam Aunty”

(शीला)नहीं ,क्यों तुम्हें चाहिए (मै)एक ठंडी बीयर (लड़का दो बोतल पानी लाकर टेबल पर रखा ,फिर गलास को धो कर रख दिया) जी कुछ चाहिए (राहुल)दो बोतल ठंडी बियर और एक पैकेट किंग साईज सिगरेट “तो वो चला गया और आंटी दरवाजा को बंद करके मुझे देखते हुए खड़ी हुई और अपने कुर्ती को ज्योंहि खोलने के लिए पकड़ी ,मै “डार्लिंग ,जरा धैर्य रखो ,अभी बियर तो पहले लाने दो “लेकिन वो कुर्ती को अपने बदन से उतार दी तो मै उसके बदन पर स्लिभलेस कैमिसोल देखकर मुस्कराया ,वो जैसे ही लेगिंग्स पर हाथ लगाई मै समझ गया कि आंटी जरूर अंदर शॉर्ट्स पहन रखी है और उसके लेगिंग्स उतरते ही देखा तो काले रंग की शॉर्ट्स वो पहन रखीं थीं ,बिल्कुल उनके जांघों से चिपकी और मै उसको देखता हुआ उसके करीब खड़ा हो गया और उसे अपनी बाहों में लेकर उसके चेहरे को चूमने लगा तो वो मेरे से लिपटकर खड़ी थी तभी दरवाजा को सर्विस बॉय ने खटखटाया तो वो मुझे छोड़ कर बेड पर बैठ गई और मै दरवाजा खोलने के लिए बढ़ा तो इशारे से शीला को वाशरूम की ओर जाने को बोला ताकि उसके अर्धनग्न रूप को वो लड़का देख नहीं पाए ।

टेबल पर बियर और सिगरेट के साथ माचिस रख वो पूछा “खाना का ऑर्डर फोन से कर दीजियेगा “मै सर हिलाकर हां बोला तो वो लड़का निकल गया और मै दरवाजा को बंद करके अपना शर्ट और पैंट खोलने लगा ,मेरे बदन पर सिर्फ़ कच्छा और बनियान ही था तो पल भर बाद शीला रूम में आई तो मै देखते ही रह गया ,अपने बदन पर से बिन बाहों वाली समीज और शॉर्ट्स को उतार अपने हाथ में पकड़ रखी थी तो मै उसको देखता हुआ उसे अपने बाहों में ले लिया तो शीला मेरे से लिपट गई और मै उसके नग्न पीठ को सहलाता हुआ उसके लंबे बाल को पकड़ा फिर ओंठ पर ओंठ रखकर चूमने लगा तो वो मेरे छाती से स्तन को रगड़ते हुए अपना जीभ मुंह से निकली फिर मै अपना मुंह खोलकर उसका जीभ लेकर चूसने लगा। राहुल ३५-३६ साल की औरत के नग्न चूतड़ को सहलाता हुआ उसके बदन से आ रही खुशबू को सूंघ रहा था तो उसके मांस्ल चूतड़ पर हाथ फेरता हुआ जीभ चूस रहा था तो दोनों बंद रूम में अर्धरूप से नग्न होकर काम क्रीड़ा में लीन थे.

तभी शीला अपने जीभ को मुंह से निकालकर अपना सर मेरे कंधे पर रखी तो मै उसकी गान्ड को सहलाता हुआ उसके ब्रा के हुक को खोल दिया ,अब उसको लेकर सोफ़ा पर बैठकर नग्न चूची को पकड़ दबाने लगा । शीला के गोल बड़े बड़े स्तन पर लंबी ब्राउन निपल को मै जब उंगलियों में लेकर मिंजनें लगा तो वो पूरी तरह से आवेश में आकर मेरे कच्छा को नीचे करने लगी और मै झट से अपना चेहरा आंटी के स्तन पर लगा दिया ,औरतों की चूची चूसने में मुझे काफी आनंद आता है सो मै मुंह खोल उसके स्तन को ले लिया और चूसने लगा ,लेकिन शीला का पूरा स्तन मुंह में लेकर चूसना मेरे लिए मुश्किल था तो मै चूसक चूसक कर चूची चूस रहा था तो सेक्सी आंटी मेरे कच्छा को उतारकर लंड को हाथ में लिए धीरे धीरे हिलाने लगी। “Padosh Ki Garam Aunty”

कमरे के सोफ़ा पर बैठे हम दोनों एक दूसरे को मजा देने में लगे हुए थे तभी शीला सिसकने लगी ” उह आह ओह राहुल अब और नहीं प्लीज़ दूसरे स्तन को चूसो”तो मेरा हाथ उसकी जांघों के बीच पैंटी पर घूम रहा था ,पैंटी के ऊपर से ही चुत की फांकों के बीच उंगली रगड़ने लगा तो शीला मेरे चेहरे को पीछे धकेल कर अपनी चूची मेरे मुंह से बाहर निकली ।मै दूसरे चूची को चूसने को तैयार था लेकिन शीला उठ खड़ी हुई और बिना देर किए अपनी पैंटी की डोरी को खोल दी ,अब वो अपने एक जांघ को सोफ़ा पर तो दूसरा जमीन पर रख दी तो उसके फैले हुए जांघों के बीच चुत को देखता हुआ मै सोफ़ा के किनारे हो गया.

अब मेरा चेहरा उसकी जांघों के बीच था तो मै चुत के उपरी सतह पर ओंठ रखकर चूमने लगा और मेरा हाथ उसके नग्न गान्ड को सहला रहा था तो आंटी मेरे बाल पर हाथ फेर रही थी “उह ओह अब चाट बे कुत्ते ,चेहरा तो ढेर चूमा जाता है चला चुत चूमने (मै उसको देखा)चूम रहा हूं तो नखरे कर रही हो “तो वो थोड़ा शरमा गई और मै उसकी चुत के फांक को फैलाकर जीभ घुसाने लगा ,पूरा जीभ चुत के अन्दर चला गया और मै कुत्ते की भांति उसे चाटता हुआ मस्त था ।राहुल का लंड मानो कोई लोहे कि सलाख हो चुकी थी तो उसकी खुजली चुत में घुसकर ही खत्म होती ,फिलहाल चुत को तेजी से चाट रहा था. “Padosh Ki Garam Aunty”

तो शीला अपने दोनों जांघों को फैलाकर मजे ले रही थी “आह उह हुआ बस करो राहुल ,अब रस निकल जाएगा “ये सुनते ही मै उसकी फूली हुई चुत के दोनों फांक को मुंह में ले लिया और लेमनचुस की तरह चूसने लगा तो आंटी मेरे सर के पीछे हाथ लगाकर मेरे चेहरा को अपने चुत की ओर धंसा रही थी ,पल भर बाद “उई मां ,मेरा रस उह निकल गया “तो मै उसकी चुत के रस का स्वाद चखकर बुर को मुंह से निकला और वाशरूम चला गया ।शीला सोफ़ा पर बैठ गई तो मै फ्रेश होकर आया और फिर उसके बगल में बैठकर बियर का बोतल खोलने लगा ,वो एक सिगरेट सुलगाई और उसे पीते हुए बोली “थोड़ा सा बियर मुझे भी देना (मै दूसरे गलास में भी बियर डालने लगा)पहले कभी स्वाद चखी हैं “तो वो मेरे बगल में नग्न अवस्था में बैठे सर हिलाकर हां बोली तो उसके दोनों जांघ एक दूसरे पर थे.

फिर दोनों बियर पीने लगे और मेरा एक हाथ उसकी चूची पर था तो वो धीरे धीरे बियर पी रही थी फिर मुझे सिगरेट पीने को दी तो मै बियर पीकर मस्त हो रहा था ।शीला मेरे लंड को पकड़ सहलाते हुए पूछी “पल भर के लिए चूस दूं या सीधे अंदर डालोगे (मै हंसता हुआ) थोड़ी देर तक लेकिन ज्यादा नहीं नहीं तो चुदाई का पूरा मजा नहीं दे पाऊंगा “शीला बियर की गलास टेबल पर रखकर मेरे सामने घुटने के बल बैठी और फिर लंड को पकड़ सुपाड़ा को अपने ओंठ पर रगड़ने लगी तो मै बियर पीने में मस्त था ।फिर वो बियर का गलास लेकर पूरा पी गई और थोड़ा सा बियर मेरे लंड पर चुवा दी.

अब लंड तो बियर से गीली हो चुकी थी तो साली रण्डी मेरे लंड को चूमना शुरु कर दी और मै बियर की गलास रखकर अपना हाथ उसके स्तन पर लगाया और जोर जोर से मसलने लगा तो मुझसे नजर मिलाते हुए शीला लंड को अब जीभ से चाटने लगी और कुछ पल तक लंड को चाट चाटकर उठी फिर नंगे ही वाशरूम चली गई । मुझे पता था कि अब चुदाई का कार्यक्रम शुरू करना है तो उसके रूम आते ही मै फ्रेश होने गया ,फिर वापस आया तो देखा कि शीला बेड पर लेटी हुई है “क्या बेबी थोड़ा स्टाईल में चुदाई कराओ ,क्या टांग फैलाए लेट गई (वो अपना चुत सहलाने लगी)अरे तो बेड पर ही करो ना जिस स्टाइल में चोदोगे ,लंड चुत में ही जाएगा.” “Padosh Ki Garam Aunty”

तो मै बेड पर आया और उसको खड़ा होने को बोला,वो अब दिवार की ओर मुंह किए खड़ी हो गई तो मै उसके पीछे खड़ा होकर उसके जिस्म के उपरी भाग को नीचे झुकाया,वो अपने पोजिशन को समझकर बेड पर ही घोड़ी बन गई तो उसके गान्ड के सामने खड़ा होकर मै लंड बुर में पेलने लगा और धीरे धीरे आंटी की चुत में पूरा लंड डाल दिया तो वो पीछे मुड़कर मुस्कुराई “चल अब तेजी से चोद “और मै उसको तेज रफ्तार से चोदता हुआ उसके सीने से झूलते चूची को पकड़ दबाने लगा ।मेरा पूरा लंड चिकनी चुत में तेजी से दौड़ लगा रहा था तो मै उसकी चूतड़ के सामने खड़े होकर बुर में नीचे तरफ से लंड पेले चोद रहा था और अब वो सिसकने लगी “उह आह ओह बहुत मजा आ रहा है ,बेटे की उम्र का होकर मुझे खुश कर रहे हो (मै उसके बाल को कसकर पकड़ा)हां रानी तो जरा उसकी चुत भी तो दिलवा दो “वो पीछे मुड़कर देखी और अपने चूतड़ को हिलाने लगी और मै स्थिर खड़ा था तो उसके लंबे बाल को पकड़े उसे पीछे की ओर खींचकर चोद रहा था.

वो हांफने लगी तो मै बियर के नशे में मस्त होकर चुदाई कर रहा था ,उसकी चूची मसलकर लाल कर दिया और बुर कि गर्मी काफी बढ़ गई थी तो वो अपना चूतड़ हिलाना बंद कर दी “अब जरा आराम करने दो “तो वो पता नहीं वाशरूम क्यों चली गई और मै बेड पर ही बैठ गया । शीला उधर से आकर बेड पर लेट गई तो मै उसके दोनों जांघों को फैलाकर लंड पकड़े चुत के सामने बैठ गया और फिर धीरे से आधा लंड चुत में पेल दिया तो वो जब तक संभलती मै जोर का धक्का चुत में दे दिया “उई मां फाड़ेगा क्या रे (मै उसके बदन पर सवार होकर चोदने लगा )जानू एक बार प्लीज़ रश्मि से मिलवा दो ना (वो ओंठ चूम ली)इतनी बेवकूफ हूं क्या की अपनी खुशियों पर लात मार लूंगी “तो मै चुत चोद चोद कर हांफने लगा तो शीला मुझे कसकर पकड़ अपना चूतड़ उछालने लगी ,लेकिन मै पल भर बाद ही चुत को वीर्य से गीला कर दिया ………… आगे के लिए इंतजार कीजिए ।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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