दीदी के देवर से चुदी मेरी माँ- 2

मेरी मॅाम की गन्दी सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी माँ मेरी दीदी के देवर से कैसे चुद गयी. उसके बाद मैंने और दीदी के देवर ने मिल कर माँ को आगे पीछे से चोदा.

दोस्तो, मैं अंकित आपको अपनी मां बहन की चुदाई की कहानी सुना रहा था. कहानी के पहले भाग दीदी का देवर मेरी माँ चोदने आया में अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी बहन का देवर विक्की, मेरी मां को अपने कमरे में चोदने ले गया था और मैं सीसीटीवी की मदद से अपनी मां की चुदाई को देखने की तैयारी करने लगा था.

अब आगे मेरी मॅाम की गन्दी सेक्स कहानी:

विक्की बोला- आंटी, आप नंगी हो जाइए. मैं आपका पूरा जिस्म देखना चाहता हूँ. तब मेरी रंडी मां बोलीं- देखना तुम्हें है तो मुझे नंगी भी तुम्हें ही करना पड़ेगा.

यह सुनते ही विक्की ने तुरंत मां की साड़ी खींचकर निकाल दी. अब मां केवल पेटीकोट और ब्लाउज में हो गईं.

फिर ब्लाउज खोल कर चूचियों को आजाद कर दिया. जब विक्की ने मां की मोटी चूचियों को देखा तो वह देखता ही रह गया.

वह बोला- क्या मस्त चूचियां हैं यार! मां बोलीं- कभी अपनी मां की भी चूचियों को भी देखना, उसकी भी कम नहीं हैं.

विक्की हैरानी से बोला- आपका मतलब? तब मां बोलीं- तुम्हारी मां भी मेरी तरह ही चुदक्कड़ औरत है. तुम्हारी मां ने ही कहा था कि मेरे बेटा का स्वागत जोरदार होना चाहिए. मैं और तुम्हारी मां दोनों जानती थीं कि तुम मुझे चोदना चाहते हो. इसलिए तुम्हारी मां ने मुझसे कहा था कि मेरे बेटे का स्वागत जोरदार होना चाहिए. वह वहां पहली बार जा रहा है, उसकी इच्छा पूरी कर देना. हम दोनों सहेलियां भी हैं. अब आओ और अपनी इच्छा पूरी कर लो.

ये सब सुनकर विक्की बहुत खुश हो गया और मां के पेटीकोट का नाड़ा खोल कर उन्हें पूरी तरह से नंगी कर दिया.

फिर उसने मां से कहा- आंटी झुक कर अपनी गांड दिखाओ! वह मेरी मां को झुकाकर उनकी चौड़ी गांड को दबाने और सहलाने लगा.

कुछ ही देर बाद वह भी पूरी तरह से नंगा हो गया. मां को गले लगाकर पीछे से गांड से खेलने लगा.

‘आह … क्या मस्त माल दिलाई है मेरी मां ने!’ तब मां बोलीं- तेरी मां भी मस्त माल हैं.

विक्की बोला- हां उन्हें भी मेरे लंड के नीचे आना ही होगा. अब विक्की ने मां को पोजीशन में लिया और वह मां के ऊपर चढ़ गया. वह मां के होंठों को चूसने लगा.

होंठ चूसने के बाद वह बोला- मेरी जान क्या मस्त चूचियां हैं. वह फिर से मां की चूचियों को जोर जोर मसलने लगा.

मां बोलीं- आराम आराम से दबाओ. मगर विक्की कहां सुनने वाला था.

मां भी मीठे दर्द से आवाज करने लगीं. वह आधा घंटा से अधिक मां की चूचियों से ही खेलता रहा.

मां की चूचियों से खेलने के बाद उसने मां को एडजस्ट किया और अपना लंड एक ही झटके के साथ मां की चूत में डाल कर उन्हें चोदने लगा. अब मां भी चुदाई का मजा लेने लगीं.

वह मेरी मां चोदते हुए बोला- तुझे और अपनी मां दोनों रंडियों को एक साथ चोदना है. इस पर मेरी मां हंस दी.

अपनी मां को गन्दी सेक्स गाली देते हुए विक्की ने कहा- वह भी साली अपनी बड़ी सी गांड मटका कर चलती है. उसकी तो जाते ही सबसे पहले गांड मारूंगा.

विक्की उस समय मेरी मां की चूत चुदाई का मजा ले रहा था और अपनी मां की गांड मारने की बात कह रहा था.

फिर विक्की ने मेरी मां से पूछा- कितने का लंड खा चुकी हो? इस पर मां बोलीं- ये जानकर क्या करोगे … पहले तो तुम अपनी प्यास बुझा लो.

यह सुनकर विक्की मेरी मां को ताबड़तोड़ पेलने लगा. फिर वह आह की आवाज के साथ मां की चूत में ही झड़ गया और निढाल होकर मां के ऊपर ही ढेर हो गया.

कुछ पल बाद विक्की बोला- बड़ा मजा दिया है यार!

विक्की के उठते ही मेरी मां भी उठ गईं और अपने कपड़े पहनने लगीं. वे कपड़े पहन कर विक्की के कमरे से बाहर आ गईं. लेकिन विक्की उसी तरह से निढाल पड़ा रहा.

दस मिनट बाद उसने फिर से मां को आवाज दी. उसकी आवाज सुनकर मेरी रंडी मां फिर से उसके पास चली गईं.

विक्की ने मां की चौड़ी गांड को दबाने के बाद कहा- इसकी सेवा तो की ही नहीं! मां हंस कर बोलीं- तो कर लो … पर साड़ी मत निकालो, साड़ी को ऊपर करके मेरी गांड मार लो.

विक्की ने मां को घोड़ी बनने का इशारा किया, तो मां बेड का सहारा लेकर घोड़ी बन गईं. विक्की ने मां की साड़ी को ऊपर किया और अपना लंड मां की गांड में डाल दिया.

वह मेरी मां की गांड मारने लगा.

गांड मारते हुए विक्की बोला- तुम्हारी गांड मारे बिना कोई रह ही नहीं सकता है. मां अपनी गांड हिलाती हुई बोलीं- जल्दी से अपना काम कर लो. मुझे कुछ जरूरी काम है.

यह सुनकर विक्की सटासट गांड मारने लगा. विक्की और मां दोनों की आवाजें तेज हो गई थीं.

कुछ ही समय बाद विक्की ने मेरी मां की गांड में अपना पानी निकाल दिया. अब मां सीधी हो गईं और विक्की ने मां के होंठों को चूम लिया.

मां वहां से चल दीं. विक्की फ्रेश होने चला गया.

वह उसके बाद अपना काम करने बाहर चला गया. उसके बाहर जाते ही मैं भी बाहर घूमने चला गया.

जब मैं आया तो मैंने देखा कि विक्की मां से बातें कर रहा था. वह बड़ी जल्दी अपने काम से वापस आ गया था. वह मेरी मां की चूचियों से खेल रहा था.

मेरी मां उससे बोलीं- ठीक है, जब मन किया करे, यहां पर आ जाना! कुछ देर बाद विक्की ने कहा- हां अब तो आना जाना लगा रहेगा.

करीब आधा घंटा बाद विक्की चला गया. तब मैं मां के पास आया, मां ने बताया कि उसने मुझे दो बार और चोदा.

मैं देख रहा था कि अभी भी मां की चूचियां केवल साड़ी से ढकी थीं. ब्लाउज बेड पर पड़ा था.

मां बोलीं- अब मैं बहुत थक गई हूं. मैंने कहा- ठीक है, आप आराम करो. मैं आपकी मालिश कर देता दूँ.

फिर मैं किचन से तेल गर्म कर लाया और मां के पैरों की मालिश करने लगा.

मां बोलीं- बड़ा अच्छा लग रहा है अंकित … मेरे हाथों की भी मालिश कर दो.

मैंने मां के हाथ पैर सहित पूरे शरीर की मालिश की.

उसके बाद मैं बोला- शालिनी डार्लिंग, अब आप आराम करो. मैं अपने रूम में आ गया.

रात में मां खाना बना रही थीं, तभी मैं किचन में गया. मैंने उनसे उनके दर्द के बारे में पूछा.

तो मां बोलीं- चूत से ज्यादा चूची में दर्द हो रहा है. विक्की अपने काम से आधा घंटा में ही वापस आ गया था और वह मेरी चूचियों को बेरहमी से दबा रहा था. अंकित अभी तो पूरी रात बाकी है, तुम्हारे पापा भी आधा घंटा तक मेरी चूचियों से खेलने के बाद ही मुझे पेलते हैं. मैंने कहा- ठीक है, आज आप पापा से ही पेलवा लेना. मेरा नंबर बाद में लग जाएगा.

यह सुनकर मां गहरी सांस लेती हुई बोलीं- ठीक है, सुबह जब नींद खुलेगी, तो मैं तुम्हारे पास तुम्हारा गर्मागर्म नाश्ता लेकर आऊंगी!

मैं मां की गन्दी सेक्स बात समझ कर हंस दिया और बाजार चला गया.

फिर मैंने अपनी दीदी यानि विक्की की भाभी को फोन किया. मैंने उन्हें सारी बात बताई, तो वे बोलीं- हां विक्की का तो कब से मन था मां को चोदने का. मैं भी यहां प्रतिदिन दो लोगों की लंड ले रही हूँ. विक्की अब अपनी बहन को पेलने वाला है. जल्द ही पेलेगा. मैं बोला- दीदी, मुझे भी विक्की की बहन का छेद चाहिए. अब इधर केवल मां ही हैं, जो मेरे लंड को शांत करती हैं.

दीदी ने मुझसे सहानुभूति दिखाई.

मैं दीदी से बोला- तुम ही आ जाओ कुछ दिन के लिए! दीदी बोलीं- तुम ही यहां पर आ जाओ न! मैं बोला- हां मैं कोशिश करूंगा.

लगभग 20 दिन बाद विक्की खुद अपनी मां को लगभग 11 बजे मेरे घर लाया और मुझसे बोला- देखो भाई मुझे सब कुछ मालूम चल गया है. आज हम दोनों इन दोनों रंडियों को एक साथ चोदते हैं. मैंने कहा- ठीक है.

उस समय घर पर हम चार लोग ही थे. मैं विक्की की मां के पास बैठा और विक्की मेरी मां के पास बैठ गया.

विक्की तो तुरन्त ही मेरी मां की चूचियों को दबाने लगा. उसे देख कर मैं भी विक्की की मां के होंठों को चूसने लगा.

फिर हम दोनों ने एक दूसरे की मां को पूरी तरह से नग्न कर दिया. विक्की बोला- अंकित, आज इन दोनों रंडियों का पहले लेस्बियन करवाते हैं.

मैंने कहा- हां ठीक है, चलो शालिनी डार्लिग शुरू हो जाओ.

मेरी मां ने विक्की के मां के होंठों को चूसना शुरू कर दिया. वे दोनों रंडियां एक दूसरे के होंठों को अच्छी तरह से चूस रही थीं.

मेरी मां विक्की की मां की टांगों को फैलाकर अपनी चूत से विक्की की मां के चूत को रगड़ रही थीं.

इतने में ही विक्की की मां की सांसें तेज हो गईं और वे आवाज निकालने लगीं. जल्दी ही विक्की की मां की चूत ने पानी छोड़ दिया.

जब मेरी शालिनी डार्लिंग अपनी चूत रगड़ रही थीं तो उनकी चिकनी मोटी गांड की कलाबाजी देखने लायक थी. विक्की बोला- चलो अब एक साथ लंड डालते हैं.

मैंने कहा- पहले किसके साथ किया जाए? तब विक्की बोला- मेरी मां के साथ.

मैंने विक्की की मां को बेड पर लिटा दिया और मैं अपनी मां से बोला- शालिनी डार्लिंग, अपनी समधन की चूत और गांड को तैयार करो.

हम दोनों लड़कों ने विक्की की मां की एक एक चूची को पकड़ा और उनके साथ खेलने लगे.

विक्की बोला- यार, इतनी बड़ी रंडी मेरी घर में रही और मैं चूत और चूची के लिए तरसता रहा.

जब हम दो लोगों का हाथ विक्की की मां की चूचियों पर पड़ रहा था, तो विक्की की मां को बहुत ही मजा आ रहा था. वे जोर जोर से बोल रही थीं- आह मेरी चूचियों पर जरा सा भी तरस मत करना … इन्हें मसल दो.

लगभग 20 मिनट तक हम दोनों मिलकर उनके मम्मों के साथ खेले.

फिर मैंने अपना लंड विक्की की मां की गांड में सैट करके एक जोरदार झटका मारा तो वे इतनी जोर से चीख पड़ीं मानो कोइ बम फट गया हो.

हम दोनों को उनकी कामुक चीख और ज्यादा आनंदित करने लगी थी.

फिर जब मेरा पूरा लंड उनकी गांड में अन्दर तक चला गया तो मैंने उन्हें अपने ऊपर ले लिया. उसी वक्त मेरा लंड उनकी गांड से बाहर निकल गया.

यह देख कर मेरी मां ने मेरे लंड को पकड़ा और अपनी समधन की गांड के छेद पर लगा दिया.

मैंने धीरे धीरे धक्के लगा कर पूरा लंड विक्की की मां की गांड में डाल दिया.

अब आगे से विक्की ने अपनी मां की चूत को फैलाकर अपना लंड डाल दिया. इधर में दोनों हाथ से विक्की की मां कि दोनों चूचियों को जोर जोर से दबा रहा था.

नीचे से विक्की अपनी मां की चूत को चोद रहा था. दोनों छेदों में लंड होने के वजह से विक्की की मां सिसकारियों के साथ आवाज निकाल रही थीं.

मैं भी कोशिश करके गांड में धक्का मार ही देता था. विक्की की मां को बहुत ही दर्द हो रहा था, फिर भी वे चुदवा रही थीं.

इधर मेरी मां भी विक्की की मां की चूचियों को सहला रही थीं.

उधर विक्की ने अपनी मां की चुदाई तेज गति से की और उनकी चूत में ही रस डाल दिया. वह चूत से लंड निकाल कर हट गया.

अब मैं भी स्पीड बढ़ा कर विक्की की मां की गांड को पेलने लगा.

इधर विक्की की मां की हालत बहुत खराब हो गई थी. वे पसीने से पूरी लथपथ हो गई थीं.

इधर मेरे लंड ने भी जवाब दे दिया और मैं भी डिस्चार्ज हो गया.

मैं तुरंत पलट कर विक्की की मां के ऊपर आ गया और बोला- और मेरी जान, मजा आया या नहीं! वे बोलीं- सच में बहुत मजा आया.

मैंने कहा- वह देखो अपने लौंडे को. उन्होंने सर घुमा कर देखा तो दूसरी तरफ विक्की भी मेरी मां की चूचियों को सहला रहा था.

फिर वह मेरी मां से अपना लंड चूसने को कहने लगा था. मेरी मां ने भी उसके लौड़े को चूसना शुरू कर दिया था.

कुछ मिनट बाद मां को पेलने के लिए विक्की का लंड फिर से तैयार हो गया. विक्की मेरी मां को चुदाई की पोजिशन में करके अपना लंड मां की चूत में डालकर पेलने लगा.

इधर मैं भी विक्की की मां के होंठों को चूसने लगा. कुछ देर के बाद मैंने भी विक्की की मां को घोड़ी बना दिया और पीछे से उनकी चूत में लंड डालकर पेलने लगा.

मेरे हर धक्के में विक्की की मां की हिलती चूचियां चुदाई को और अधिक मादक बना रही थीं. उधर विक्की भी मेरी मां को पेलते पेलते चरम पर आ गया और उसने अपना पानी मेरी मां की चूत में छोड़ दिया.

कुछ समय बाद मैंने भी स्पीड बढ़ा कर अपना पानी छोड़ दिया. फिर हम चारों लोग नंगे ही बेड पर लेटे रहे और कुछ समय बाद उठ गए.

अब मैं और विक्की की मां, एक साथ बाथरूम में गए. दूसरे बाथरूम में विक्की और मेरी मां एक साथ नहाने चले गए.

मैं नहा कर आया, तो पता चला विक्की अभी मेरी मां की एक बार और गांड मार रहा है. हम लोग कपड़े पहन कर मार्केट गए और शाम को घर वापस आ गए.

विक्की और उसकी मां अपने घर चली गईं. विक्की की मां ने मुझे अपनी बेटी की चूत दिलाने की बात कही है. जब उसकी बेटी मेरे लंड के नीचे होगी, तो अगली सेक्स कहानी में जरूर बताऊंगा.

दोस्तो, आपको मेरी मॅाम की गन्दी सेक्स कहानी कैसी लगी, आप मुझे मेल करके बता सकते हैं. धन्यवाद. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

Read All Stories by Priya Sharma
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!