बुआ की चिकनी चूत का रस चाटा जवान भतीजे ने

मेरा नाम अर्नव है और मैं मोहाली का रहने वाला हूँ. यह मेरी पहली कहानी है. फिर मेरी ज़िंदगी में भी अचानक एक ऐसा किस्सा हुआ, जिसके बाद मेरा मन उस घटना पर एक स्टोरी लिखने को हुआ, तो दोस्तो बुआ संग चुदाई की कहानी का मजा लीजिएगा. Kamuk Aunty Blowjob

मेरी उम्र 22 साल है और मैं अकेला अपने घर से दूर अपने कॉलेज के पास किराए के मकान में रहता हूँ. मेरे किराए के मकान के पास ही 100 मीटर की दूरी पर मेरी बुआ जी का घर है. उनके पति यानि मेरे फूफा जी आर्मी में हैं, इसलिए वे श्रीनगर में जॉब करते हैं. उनके अलावा उनके घर में सिर्फ़ उनकी दो बेटियां हैं..

उनकी बड़ी बेटी का नाम मुस्कान है.. और छोटी बेटी का नाम काजल है. मुस्कान किसी दूसरी स्टेट में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने गई है. इस समय उनके घर में मेरी बुआजी और उनकी छोटी बेटी काजल ही रहती हैं. काजल 11 वीं क्लास की स्टूडेंट है. मेरी बुआ की उम्र सिर्फ़ 38 साल है.

उनकी फिगर देखने में इतनी कमाल की है कि जो एक बार उन्हें देख ले, तो समझिए उसी वक्त उसका लंड खड़ा हो जाएगा. यह बात आज से 5 महीने पहले की है जब मेरे कॉलेज में छुट्टियां चल रही थीं. मैं अक्सर शाम को बुआ जी के घर चक्कर मारने जाता था और उसी वक्त उनकी छोटी बेटी काजल स्कूटी लेकर टयूशन के लिए चली जाती थी.

मैं अक्सर उनके घर में बुआ के साथ घंटों बैठ कर बातें किया करता था. उनको हंसाने की कोशिश करता रहता था. मेरी बुआ जी की स्माइल इतनी सुंदर है कि जब वो हंसती थीं, तो मेरा मन करता था कि उनके होंठों में अपने होंठों को लगा कर चूसना शुरू कर दूँ.

जब भी वो झुक कर घर की सफाई करती थीं, मेरा लंड उनके मम्मो को देख कर खड़ा हो जाता था. फिर मैं कंट्रोल से बाहर होकर बाथरूम में जाकर मुठ मार दिया करता था. एक दिन की बात है. मैं शाम को बुआ जी के घर पे था. वो घर पे उस दिन अकेली थीं और बेड पे बैठ के टीवी देख रही थीं.

मैं भी उनके पास जाके बैठ गया. तभी कुछ देर बाद अपना फोन चलाते हुए मुझे याद आया कि मेरे फोन के व्हाटसअप फोल्डर में काफ़ी सारी फन्नी वीडियोज़ हैं. मैं एक एक करके बुआ जी को वो वीडियो दिखाने लगा. बुआजी इस समय मेरा फोन अपने हाथ में लेकर से चला रही थीं.

वे बारी बारी से आगे की वीडियो प्ले करती जा रही थीं. इतने में मुझे प्यास लगी तो मैं उनके फ्रिज से पानी की बॉटल लेने चला गया. जब मैं फ्रिज से पानी की बॉटल निकाल के पानी पी रहा था, तब मुझे याद आया कि कुछ दिन पहले दोस्तो ने मुझे व्हाटसएप में अश्लील सेक्स वाली वीडियो भी भेजी थीं, जो उसी फोल्डर में थीं.

मैं एकदम से घबरा गया कि अब क्या होगा. मुझे लगा अगर बुआजी ने वो सब देख लिया तो बहुत डांट पड़ेगी या फिर बुआजी मेरे घर पे बता देंगी. मेरी बुआजी के रूम में जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी इसलिए चुपके से जाकर के बुआजी के कमरे के बाहर खड़ा हो गया और चुपके से अन्दर झाँकने लगा.

इस वक्त तक फन्नी वीडियो बंद हो चुकी थीं और अब आगे की वीडियो प्ले हो रही थीं. उस वक्त मैं बुआजी को देख कर के हैरान रह गया कि बुआजी बड़े मज़े से वो वीडियो देख रही थीं और अपने होंठों को अपने दांतों से काट रही थीं. इतने में बुआजी को पता चल गया कि मैं कमरे के बाहर खड़ा हूँ. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पर पढ़ रहे है.

बुआजी ने आवाज़ लगाई कि अन्दर आ जा, बाहर क्यों खड़ा रह गया. मैंने धीरे से दरवाजा खोला और अन्दर जाकर बेड पे बैठ गया. इस वक्त मेरे दिमाग़ में एक ही बात चल रही थी कि अब बुआजी क्या कहेंगी. पर दोस्तो… बुआजी थोड़ी देर बाद मुझे मेरा फोन लौटाती हुई धीरे से हंस कर बोली- लगता है छोकरा अब बड़ा हो गया है.

मैं भी धीरे से मुस्कुरा दिया.

फिर बुआजी ने पूछा- तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?

मैंने भी मजाक मजाक में कह दिया कि अगर गर्लफ्रेंड होती तो फोन में यह सब नहीं रखता. इस बात पे बुआजी हल्के से मुस्कुरा दी और मेरे और पास होकर बैठ कर टीवी देखने लगीं. बुआ जी सेक्स वीडियो देख के उत्तेजित हो चुकी थीं. चूंकि उनकी चुदाई भी बहुत कम होती थी क्योंकि उनके पति साल में बड़ी मुश्किल से एक बार घर आ पाते थे.

जब बुआ ने मुझसे सेक्स क्लिप्स के बाद भी कुछ नहीं कहा तो मेरा मन बुआ जी के उभरे हुए मम्मों को दबाने का करने लगा था. थोड़ी देर बातों ही बातों में बुआजी पूरी गर्म हो चुकी थीं और अन्दर ही अन्दर उनका मन सेक्स करने का हो रहा था.

उनकी बातों में अब सेक्स ने रुख ले लिया था. वे मुझसे पोर्न को लेकर बात करने लगी थीं उनकी बातों में सन्नी लियोनि की चुदाई की फिल्म की ज्यादा बात हो रही थी. उनका ये रुझान देख कर मेरा मन भी उनसे सेक्स करने को बहुत ज्यादा करने लगा था. पर मैं डर रहा था कि कहीं बुआजी नाराज़ ना हो जाएं.

उस दिन बुआजी पूरे मूड में आ चुकी थीं. उनकी टांगें पसर कर मेरी टांगों से लगने लगी थीं. मैंने बड़ी मुश्किल से हिम्मत जुटा के अपने हाथ को धीरे से उनकी जाँघों पर रख दिया. कुछ देर तक मैंने अपने हाथ को ऐसे ही रखे रखा. बुआजी ने मुझे बिल्कुल भी मना नहीं किया.

फिर मैंने धीरे से हाथ घुमाना शुरू किया तो बुआजी मेरी आँखों में देखते हुए अपने मुँह से मादक सिसकारियों की आवाज़ सी निकालने लगीं. यह मेरे लिए सबसे अधिक ख़ुशी का मौका था, क्योंकि जो मैं करना चाहता था.. वो मैं करने की कोशिश कर रहा था.

थोड़ी देर सोचने के बाद बुआजी बोलीं- तुमसे एक बात कहूँ?

मैंने अपने हाथ को उनकी जाँघों पर और ऊपर फेरते हुए बोला- कहो ना बुआजी.

बुआ बोलीं- मेरा मन तुझसे सेक्स करने को कर रहा है और मैं तुझसे सेक्स करना चाहती हूँ.

मेरा मन खुशी के मारे अन्दर ही अन्दर उछलने लगा. मैंने धीरे से बुआजी के गाल पर होंठ रखे और उनको किस करने लगा. अब बुआजी गर्म हो गईं और वे मादक सिसकारियां लेने लगी थीं. एक मिनट से भी कम समय में बुआजी ने जोर से मुझे वहीं पर हग करके अपने आप में समेटना चालू कर दिया.

मैं भी बिना शर्माए बुआजी के साथ लिपट गया और उनके मज़ा लेने लगा. मैंने अपने होंठों को बुआजी के होंठों में लगा कर उनको चूसना चालू कर दिया उनकी जीभ को अपने मुँह में लेकर में बड़े मजे से चूम चाट रहा था. बुआजी भी मेरा अब पूरा साथ दे रही थीं. “Kamuk Aunty Blowjob”

इतने में बुआजी ने फिर से कहा- अर्नव, बस अब और इंतज़ार नहीं होता, जल्दी से चोद दो मुझे.. बुझा दो मेरी प्यास..

इतना सुनते ही मैंने बुआजी का कुर्ता ऊपर उठाते हुए निकाल दिया और उनको अपनी बांहों में भरके पीछे हाथ ले जाकर उनकी ब्रा को खोलने हुक को खोला. ब्रा उतरते ही बुआ जी के कड़क मम्मे फुदकने लगे. एकदम सॉलिड और तने हुए मम्मों को देख कर मैं ख़ुशी से झूम उठा.

मेरी बुआ के मम्मों का साइज़ पूरा 36 इंच का है. मैंने अपने दोनों हाथों से बुआजी के दोनों मम्मों को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया. बुआजी लगातार मादक सिसकारियां भर रही थीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… फिर मैंने बुआजी के नाड़े को खोल कर उनकी सलवार को भी खोल दिया.

इसके बाद मैंने उनकी काले रंग की पेंटी को भी उतार कर बेड से दूर फैंक दिया. अब बुआजी पूरी नंगी हो चुकी थीं. मैंने उनको नंगी देखा तो अपना ट्राउज़र भी उतार दिया और अपने हाथ से बुआ जी के हाथ को पकड़ कर अपने लंड पे रख दिया. बुआजी ने मेरे लंड को जोर जोर से मसलना स्टार्ट कर दिया. मैं बुआजी की चिकनी चुत का रस चाटना चाहता था..

इसलिए मैंने अपना मुँह बुआजी की चुत की तरफ करके उसको जीभ से चाटना शुरू कर दिया. बुआजी की चुत बिल्कुल गीली हो चुकी थी. मैं उसको बड़े प्यार से चूस रहा था. मैं बुआजी के ऊपर उल्टा लेट कर उनकी चुत चाट रहा था, जबकि मेरा लंड उनके मुँह की तरफ था. बुआजी ने हाथ से लंड को पकड़ के अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसना शुरू कर दिया. बुआजी बड़े प्यार से मेरे लंड को चाट रही थीं. “Kamuk Aunty Blowjob”

कुछ देर बाद बुआजी बोलीं- अब बस कर और इंतज़ार नहीं होता.. जल्दी से डाल दे अपने लंड को मेरी चुत में..

मैंने उठ कर अपने ट्राउज़र से पर्स को निकाला, उसमें एक कंडोम रखा हुआ था, जो मैं रोज इसी बात को सोच कर साथ लाया करता था कि पता नहीं, कब बुआ की चुत चोदने को मिल जाए. मैंने झट से कंडोम को निकाल कर अपने लंड के ऊपर चढ़ा लिया.

फिर बुआजी की दोनों टांगों को अपने कंधे के ऊपर रख के अपने लंड को उनकी चुत की फांकों में रख दिया. अपने लंड को मैंने धीरे से उनकी चुत के छेद पर रख कर धीरे से धक्का दे मारा. बुआजी के मुँह से धीरे से आवाज़ आई- उहीई.. माँ मर गई.

फिर मैंने जोर से झटका मारा और अपने पूरे लंड को उनकी चुत में अन्दर डाल दिया. दो चार धक्कों के दर्द के बाद अब वो बड़े मज़े से चुदाई का मजा ले रही थीं. बुआ की फुद्दी से आवाजें आ रही थीं- फतच्छ.. फतच्छ.. फतच…फतच्छ. धकापेल चुदाई के थोड़ी देर बाद बुआजी ने अपनी चूत को झाड़ दिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पर पढ़ रहे है.

लेकिन मैं अभी लगा हुआ था. मैंने बुआ की चूत को चोदना बंद नहीं किया. बल्कि बुआ की चूत के रस से चूत में मेरा लंड सटासट अन्दर बाहर होने लगा था. अब मैं बुआ की चुत को बड़ी तेज़ी से चोद रहा था. कुछ ढेर बाद मैंने भी लंड झाड़ दिया.. हालाँकि मैंने कंडोम पहना था, तो मेरा वीर्य बुआ जी की चूत के अन्दर नहीं गया.

फिर मैंने कंडोम को लंड से उतार के साइड में रख दिया.. और उनके पास जाके लेट गया. कुछ देर तक हम लोग ऐसे ही लेटे रहे, फिर कुछ पल बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैंने बुआजी से कहा- मुझे दोबारा करना है. बुआजी मान गईं, पर मैं इस बार उनके मुँह को चोदना चाहता था, इसलिए उनको मुँह में करने के लिए पूछा. “Kamuk Aunty Blowjob”

मैंने सोचा था कि बुआजी नहीं मानेंगी.. पर उन्होंने बिल्कुल मना नहीं किया. फिर मैं 69 की पोज़िशन में उनके ऊपर लेट गया. मैं अपनी दो उंगलियां उनकी चुत के अन्दर पेल दीं और अन्दर बाहर करने लगा. साथ ही बुआजी के मुँह में अपने लंड को डाल कर मैं उनके मुँह को जोर जोर से चोद रहा था.

कुछ ही देर में बुआजी ने फिर से रस झाड़ दिया, उधर मैं भी वैसे ही उनके मुँह में लंड किए जा रहा था. फिर थोड़ी देर बाद मैंने भी उनके मुँह में ही लंड झाड़ दिया और बुआजी मेरा सारा वीर्य बड़े आराम से पी गईं. चुदाई के कुछ देर बाद तक हम लोग वैसे ही नंगे लेटे बातें करते रहे. बुआजी ने बताया कि चुदाई का इतना मजा उन्होंने आज से पहले कभी नहीं लिया. उसके बाद से हम दोनों को जब भी मौका मिलता, हम लोग सेक्स कर लेते. दोस्तो हम लोग आज भी सेक्स करते हैं.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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