लंड पर थूक लगा कर चोदा ताई जी को

मेरा नाम नितीश है और में जैसलमेर का रहने वाला हूँ, में एक कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरी उम्र 27 साल है. मेरे घर में मेरे पापा, माँ, भाई-भाभी और मेरा छोटा सा भतीजा है. मेरी ताई जी हमारे घर के पीछे अपने घर में रहती है. मेरी ताई जी के पति काफ़ी साल पहले देहांत हो चूका है और ताई जी के कोई औलाद भी नहीं है. Ghar Me Chudai Katha

तो उन्होंने दो लड़के गोद ले रखे हैं और दोनों की शादी हो चुकी है और वो सब साथ रहते हैं. ये बात सितम्बर 2019 की है. ताई जी शाम को घर पर आई हुई थी, में ऑफिस से घर पहुंचा तो वो वहीँ बैठी थी, उस वक़्त मेरे मन में ताई जी को लेकर कुछ नहीं था. ताई जी की उम्र 50 साल है और उनकी हाईट 6 फुट है.

ताई जी मेरी माँ से बात कर रही थी कि आज उनके घर के सारे सदस्य शादी में बाहर जा रहे हैं और वे 2 दिन बाद आयेगें तो वो घर पर अकेली है इसलिए नितीश हमारे घर सो जायेगा, तो माँ ने कह दिया कि कोई बात नहीं सो जायेगा. फिर रात हुई तो 8 बजे में ताई जी के घर चला गया.

ताई जी अपने रूम में बैठी टी.वी देख रही थी. फिर मुझे देखकर कहने लगी कि आ गया, खाना खायेगा या खाकर आया है, तो मैंने कहा कि में खाना खाकर आया हूँ और बता दो कि में कौन से रूम में सोऊँ, तो उन्होंने कहा यहीं सो जाना इस दूसरे बेड पर.

फिर मैंने कहा ठीक है, उस टाईम भी मेरे मन में कुछ नहीं था. मेरी ताई जी रात को एक नींद आने वाली गोली लेकर सोती है उनको नींद की समस्या है. फिर रात के 10 बज चुके थे, लाईट बंद हो गयी और वो भी सो गयी और में भी सो गया.

फिर 12 बजे मेरी आँख खुली तो में टायलेट जाने के लिए खड़ा हुआ और लाईट चालू की तो देखा कि ताई जी बेसुध होकर सो रही है. और उनकी सलवार उनके पैर से ऊपर उठी हुई है और उनका सूट उनके पेट से ऊपर उठा हुआ है, उनका पेट बिल्कुल गोरा था और उनकी नाभि बहुत गहरी थी, उनकी जांघे मोटी थी और बहुत गोरी थी.

मेरा लंड अचानक से ये देखकर खड़ा हो गया और में वहीं खड़ा होकर पास से ये सब देखने लगा, मेरा मन किया कि उनके पेट पर हाथ फेर दूँ और फिर सोचा कहीं जाग ना जायें. फिर मैंने सोचा कि ताई जी तो नींद की गोली खाकर सोती है और मैंने हिम्मत करके उनके पेट पर हाथ रख दिया, उनका पेट बिल्कुल नरम था और मैंने हाथ रखे रखा और में उनकी चारपाई के पास फर्श पर बैठ गया.

फिर मेरा एक हाथ उनके पेट पर था और एक हाथ से में अपना लंड पकड़ कर मुठ मार रहा था, मेरे लंड का साईज़ 6 इंच है और मोटा थोड़ा ज़्यादा है ताई जी को कुछ मालूम नहीं था. फिर में धीरे-धीरे से हाथ को उनके पेट पर फेरने लगा, उनकी नाभि के अंदर उंगली डालकर घुमाने लगा. ओह्ह गॉड मेरे लंड का सरिया बन गया था और रोड की तरह बहुत सख़्त हो गया था.

फिर धीरे-धीरे मैंने उनका सूट ऊपर उठा दिया और उनके बूब्स के पास हाथ पहुंचा दिया, उनके बूब्स लटके हुए थे और उनके निप्पल भी ढीले हो गए थे. मेरा मन किया कि में निप्प्पल को मुँह में डाल लूँ. फिर तभी ताई जी ने करवट ले ली और मेरा हाथ उनके बूब्स के नीचे दब गया.

फिर धीरे से मैंने अपना हाथ निकाला और उनका सूट पूरा ऊपर उठा दिया. फिर मुझे उनके बूब्स बिल्कुल साफ नज़र आने लगे और में कंट्रोल से बाहर होने लगा. फिर मैंने हिम्मत करके उनका एक बूब्स हाथ में ले लिया और दबाना शुरू कर दिया, ताई जी नींद में सिसकियां लेने लगी.

फिर मेरा हौंसला बढ़ गया और में ताई जी के साथ चारपाई पर लेट गया और उनको पीछे से हग करके उनके पैरो में अपने पैर फंसाकर लेट गया और उनके बूब्स दबाने लगा, वो नींद से थोड़ा जागने लगी थी. फिर मैंने अपने सारे कपड़े ऊतार दिए थे और ताई जी का हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया.

वो अभी जागी नहीं थी, लेकिन उनकी पकड़ मेरे लंड पर टाईट हो गयी थी और लंड को थोड़ा-थोड़ा हिलाने भी लगी थी, लेकिन जब मैंने उनकी सलवार में हाथ डाला और उनकी सलवार को खोलने लगा तो वो नींद से जाग गयी, लेकिन थोड़ा सा दवाई का असर था तो वो पूरी तरह नहीं जागी थी. उन्होंने देखा कि में उनके पास नंगा पड़ा हूँ और वो भी आधी नंगी हो गई थी और उनका हाथ मेरे लंड पर है.

फिर उन्होंने मुझे नीचे गिरा दिया और कहने लगी कि तुझे शर्म आनी चाहिए, तू कैसे गंदे काम कर रहा था, में उनके सामने नंगा खड़ा था और मेरा लंड भी बैठ गया था, लेकिन मैंने देखा कि वो बार-बार मेरे लंड की तरफ देखे जा रही है, में उनके पास जाकर खड़ा हो गया और उनको कहने लगा कि प्लीज़ घर पर मत कहना. “Ghar Me Chudai Katha”

फिर जब में उनके पास खड़ा था तो मेरा लंड उनकी बाजू से टच होकर फिर से खड़ा हो गया और उन्होंने कुछ नहीं कहा और मैंने हौसला करके उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया तो वो कुछ नहीं बोली और मेरा लंड पकड़ लिया.

फिर में उनके ऊपर लेट गया और उनको अपने नीचे लेटा लिया, उन्होंने अपने दोनों पैर खोलकर मुझे अपने बीच में ले लिया, लेकिन जब मैंने उनके होंठ चूसने चाहें तो वो मना करने लगी और बोली ये कौन करता है, उन्होंने कहा कि ऐसा उन्होंने कभी नहीं किया.

फिर मैंने कहा करके देखो और मैंने अपनी जीभ उनकी जीभ में डाल दी, फिर वो भी मेरे होंठ चूसने लगी. फिर मैंने उनके निप्पल्स चूसे तो निप्पल्स सख़्त होकर खड़े हो गये और वो मेरे लंड को ज़ोर से पकड़कर हिलाने लगी और कहने लगी हम कुछ ग़लत तो नहीं कर रहे है ना.

फिर मैंने कहा कि वो बाद में देखेंगे, फिर ताई जी मेरे लंड से पूरा खेल रही थी और कहने लगी तेरा तो बहुत सख़्त हो रहा है और मोटा भी है. फिर उन्होंने कहा कि उन्होंने 15 साल से कोई सेक्स नहीं किया और लंड भी नहीं देखा, तेरे ताऊ जी का लंड इतना सख़्त कभी नहीं होता था. फिर मैंने उनकी सलवार खोल दी, वो नीचे कुछ नहीं पहनती थी. “Ghar Me Chudai Katha”

फिर मैंने उनकी चूत पर हाथ रखा तो वो गीली हो रही थी. फिर मैंने देखा कि उनकी चूत बिल्कुल टाईट हो गयी है, जैसी कुँवारी लड़की की होती है. फिर मैंने कहा ताई जी आपकी चूत तो बहुत टाईट है और बहुत लंबी भी है, तो वो कहने लगी कि मेरी हाईट ज़्यादा है इसलिए ये लंबी है और 15 साल से कुछ किया नहीं इसलिए ये टाईट हो गयी है. फिर में चूत में उंगली डालने लगा तो उन्होंने मना कर दिया और क़हने लगी कि अपना लंड डाल इसमें, में बहुत तड़पती हूँ, आज मुझे फिर से सुहागन बना दे.

मैंने कहा — ठीक है.

फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा तो लंड अंदर नहीं जा रहा था.

ताई जी — थोड़ा तेल लगा ले.

में — नहीं थूक लगा दूँ.

ताई जी — ठीक है.

फिर में थूक लगाकर लंड को घुसाने लगा और लंड का ऊपरी हिस्सा जिसे टोपा कहते हैं वो अंदर चला गया और ताई जी जोर-जोर से चिल्लाने लगी, फिर मैंने आराम-आराम से पूरा लंड अन्दर डाल दिया. फिर ताई जी आहह आअहह करने लगी और कहने लगी कि तेरा लंड बहुत बड़ा है लेकिन बहुत अच्छा है.

फिर मैंने मेरे झटको की स्पीड तेज कर दी थी, उन्होंने अपने पैर पूरे ऊपर उठा लिए थे और कमर उठा उठाकर मेरा साथ दे रही थी. फिर वो कहने लगी कि वो झड़ने वाली है तो मैंने मेरा लंड बाहर निकाल लिया तो वो गुस्सा हो गयी और बोली कि बाहर क्यों निकाला?

फिर मैंने कहा रुक जाओ और होंठ चूसने लगा. फिर मैंने कहा कि ताई जी अब घोड़ी बन जाओं, तो वो कहने लगी कि मुझे ऐसे नहीं करना है, तू पैरो के बीच में आकर कर ले. फिर मैंने कहा एक बार करके तो देखो अगर अच्छा नहीं लगे तो वैसे ही करेगें, तो वो मान गयी और घोड़ी बन गयी, उनकी हाईट की वजह से घोड़ी बनकर वो बहुत सेक्सी लग रही थी. “Ghar Me Chudai Katha”

फिर मैंने भी बिना देर किए लंड को चूत में डाल दिया और वो चिल्लाई ओह्ह्ह माँ में मर गयी. फिर मैंने उनके चूतड़ पर हाथ रखकर अपनी स्पीड तेज कर दी और वो मेरा पूरा साथ देने लगी और बोली कि ऐसे तो बहुत मज़ा आता है.

फिर में लंड अंदर बाहर कर रह था और वो आअहह आआहह आआअहह करके मज़े ले रही थी. फिर मैंने पूरा आधा घंटा उनको चोदा और वो झड़ गयी और फिर मैंने कहा कि मेरा भी होने वाला है, तो वो बोली कि अंदर ही गिरा दे, ये सुनते ही में उनके अंदर ही झड़ गया.

फिर हम लेटे रहे और ताई जी कहने लगी कि तू ये किसी को बतायेगा तो नहीं, फिर मैंने कहा ये बातें भी कोई बताने की होती है और वो धीरे-धीरे से मेरे लंड को छेड़ने लगी और मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. फिर मैंने कहा कि अब कुत्तिया बन जाओ और फिर उन्होंने कहा कि तेरी मर्ज़ी है में तो तैयार हूँ.

फिर मैंने कहा फिर घोड़ी बन जा, तो वो कहने लगी कि नहीं पैरों के बीच में आकर करने से पूरा लंड अन्दर जाता है. फिर उन्होंने अपने पैरों को खोल लिया और में बीच में जाकर लेट गया और बूब्स दबाने लगा, निपल चूसने लगा और फिर ताई जी कहने लगी कि बस कर अब तो वो डाल अंदर. फिर जैसे ही मैंने लंड अन्दर डाला ताई जी कहने लगी कि तेरे लंड का तो मजा ही अलग है बहुत सख़्त रहता है और अंदर तक जाकर लग रहा है. “Ghar Me Chudai Katha”

ताई जी — ज़ोर-ज़ोर से कर और तेज-तेज कर. पहले क्यों नहीं मिला तू मुझको? आज पूरा चोद ले अपनी ताई को.

फिर मैंने कहा ताई जी तेरी चूत बहुत लंबी है, ऐसी चूत मैंने कभी नहीं देखी. फिर मैंने कहा ताई जी तेरी गांड मारने का मन कर रहा है और मैंने मेरा लंड बाहर निकाल लिया. फिर ताई जी ने मेरा लंड पकड़कर फिर से चूत में डाल लिया और बोली पहले इसकी तड़प मिटा दो.

फिर मैंने ताई को फिर से बहुत देर तक चोदा और ताई जी बहुत जोर-जोर से चिल्ला रही थी और ज़ोर-ज़ोर से कह रही थी कि आज तो में मर गयी और मेरी कमर को ज़ोर से पकड़ रखा था और अचानक से ताई जी झड़ गयी. फिर कब सुबह के 5 बज गये पता ही नहीं लगा. फिर मैंने सुबह 6 बजे फिर से ताई जी की चूत मारी ली, लेकिन इस बार मैंने कहा ताई जी खड़ी होकर चूत दे.

तो वो खड़ी हो गयी उसकी ज़्यादा लम्बाई होने के कारण मेरा लंड उनकी गांड के ऊपर लग रहा था. फिर मैंने ताई जी का एक पैर बेड पर रख लिया और एक फर्श पर रख दिया फिर लंड उसकी चूत में डाला और मैंने जैसे ही लंड चूत में डाला तो उसके मुँह से ज़ोर से चीख निकली. मैंने लगातार 15 मिनट तक खड़े खड़े किया, जब में कर रहा था तो उसके बूब्स मेरे हाथ में थे और वो कह रही थी, तू मेरी रोज चुदाई किया कर, अब मुझसे तेरे लंड के बिना नहीं रहा जायेगा. एक वो दिन था और एक आज का दिन है, ताई जी रोज 6 बजे शाम को मेरे पास फोन करती है और हम उनके दूसरे घर में जाकर पूरा 1 घंटा चुदाई करते हैं. अब तो वो मेरे लंड को चूसने भी लगी है.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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