भाई को गांड मरवाते देख बहन भी चुदासी हुई

मेरा नाम सत्यम है, मैं दिखने में काफी सुंदर हूं और मेरा लंड छह इंच लंबा है, मोटाई में भी दो इंच है जो हर किसी लड़की की चूत की प्यास मिटा सकता है. बात उस समय की है जब मेरे घरवाले बाहर कहीं गए हुए थे और वो दिन तक नहीं आने वाले थे, मेरी एक लड़की के साथ सेटिंग थी पर अभी मेरा उसके साथ ब्रेकअप हो गया था और अब मैं अकेला था, घर के सभी गेट बंद करके मैंने सोचा क्यों न अपने लंड का पानी निकाला जाए. Friend Sister Chudai Story

मैं अपने रूम में गया और अपने सारे कपड़े खोल दिए, लैपटॉप में सेक्स कहानियां पढ़ने लग गया, मैं काफी समय से कहानियां पढ़ रहा था, सच में दोस्तों क्या रियल कहानियां होती हैं, मजा आ जाता है. कहानी पढ़ने के बाद मेरा लंड फुंकारे मारने लगा पर मैंने सोचा अभी नहीं, इतना जल्दी भी क्या, मैं वैसे ही बैठ गया और अपनी सिगरेट की डब्बी निकाली, सिगरेट पीने लग गया और एक हाथ से अपने लंड को प्यार से सहलाने लग गया.

मैंने पूरे घर को तो लॉक कर दिया पर मैं छत वाले गेट को बंद करना भूल गया और मेरे दोस्त समीर का घर भी मेरे घर के पास ही था, मुझे पता नहीं चला कि कब समीर आ गया और मुझे देख रहा है. मैं अपने मजे में लगा हुआ था और मुझे पता नहीं चला कि कब आया था समीर, मैं तो अपनी मस्ती में लगा हुआ था और समीर आकर वापस चला गया, कुछ देर लंड को सहलाने के बाद मेरे लंड ने पिचकारी मार दी.

मैं एक बार शांत हो गया और लेट गया. मैं रात को भी अकेला था, मैं अपने दोस्त समीर के घर गया और उसके पापा से बोला कि मम्मी पापा कहीं गए हुए हैं तो क्या आप रात को समीर को मेरे घर पर भेज दोगे क्या. तभी समीर की मम्मी आ गई, बोली अगर आज रात का तुम हमारे घर का खाना खाओगे तो भेजेंगे.

हम सभी हंसने लगे और शाम हुई, मैं समीर के घर गया और हम सब ने खाना खाया, मैं समीर को अपने साथ अपने घर ले आया. मैं अपने रूम में आ गया और अपना मोबाइल चलाने लग गया. मैं फिर से सेक्स कहानी पढ़ने लग गया और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, मैंने देखा कि समीर भी अपने मोबाइल में सेक्स स्टोरी ही पढ़ रहा था.

मैंने समीर को कहा कि तू भी पढ़ता है क्या सेक्स कहानियां.

समीर बोला मैं पिछले काफी समय से पढ़ रहा हूं.

मैंने उससे कहा कि यार मेरा तो मुठ मारने का मन करने लग गया यार.

समीर बोला करेगा कि तेरा इतना बड़ा लंड है.

मैंने जब ये बात सुनी तो मैं सुन रह गया.

मैंने उससे कहा साले तूने कब देख लिया.

समीर बोला कल जब तू लैपटॉप में कहानी पढ़ कर मुठ मार रहा था.

समीर बोला कोई बात नहीं ऐसे कर अपने दोनों साथ में मुठ मारते हैं यहीं पर, मुझे कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि मैंने बहुत सारे लड़कों की गांड मारी है.

मैंने उससे कहा कि ठीक है और मैंने कहा कि सारे कपड़े खोल कर मारेंगे, मुझे मजा नहीं आता.

समीर झट से मान गया और उसने अपने सारे कपड़े खोल दिए, उसका बदन एकदम लड़कियों जैसा था, मैंने तो आज देखा था उसको बिना कपड़ों के. मैंने भी अपने सारे कपड़े खोल दिए और उसका लंड छोटा सा था और मेरा तो आपको पता ही है. मैं और समीर अब बिना कपड़ों के थे, मैं अपने लंड को हिलाने लग गया और समीर भी हिलाने लगा, कुछ देर बाद समीर बोला भाई मैं तेरे लंड को पकड़ कर मुठ मार दूं क्या.

मैंने उससे ठीक है कहा, उसने मेरे लंड को पकड़ा और मुठ मारने लग गया.

मैंने भी उसका लंड पकड़ लिया और आगे पीछे करने लग गया. समीर को सेक्स चढ़ गया. समीर खड़ा हुआ और एकदम से मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, जैसे आवाजें निकलने लगीं. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने बोला ये क्या कर रहा है यार तू मेरा दोस्त है.

समीर बोला मेरे से कंट्रोल नहीं हो रहा है जब इतना बड़ा लंड सामने हो तो कैसे रहूं.

समीर बहुत बुरी तरह से मेरे लंड को चूसने लग गया, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, और कुछ देर में ही मेरे लंड ने उसके मुंह में पिचकारी मार दी. अब मैं बेड पर लेट गया. मैंने समीर के लंड को पकड़ा और उसके लंड का पानी निकाल दिया, उसका जल्दी ही पानी निकल गया.

हम दोनों बेड पर लेट गए और मैंने पूछा भाई ये सब कब से.

समीर बोला मैं तो बचपन से तेरे से प्यार करता हूं पर आज तेरा लंड देख कर खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाया और चूसने लग गया.

मैंने उससे कहा कि सिर्फ चूसना है या.

समीर बोला मैंने आज तक किसी से मरवाई नहीं है पर मन बहुत है भाई तेरे मन में आए वैसे कर.

मैं अब कुछ नहीं कहा और उसके होंठों को चूसने लग गया, समीर भी मेरा पूरा साथ दे रहा था. मैं उठा और उसके लंड को चूसने लग गया, मैंने जैसे ही उसके लंड को मुंह में लिया उसकी आह निकल गई और बोला ओह्ह माय गॉड.. मजा आ गया.. ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग. “Friend Sister Chudai Story”

कुछ देर चूसता रहा और फिर एक से समीर खड़ा हुआ और मेरे लंड को चूसने लग गया, सच में दोस्तो जब कोई लड़का लंड चूसता है न बहुत मजा आता है. अगर कभी किसी गे की गांड मारने का मौका मिले तो उसे छोड़ना मत. कहानी पर वापस आते हैं, समीर मेरे लंड को चूस रहा था और उसने लंड को फिर से खड़ा कर दिया, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग.

मैं उठा और उसकी टांगों को उठाया और उसकी गांड को देखा तो क्या मस्त गांड थी. मैंने समीर से बोला कि यार आज तक बहुत लड़कों की गांड मारी है पर तेरी गांड एकदम गोरी है साले कहां छुपा था तू. मेरे पास तेल तो था नहीं बस पास में वैसलीन की एक डब्बी पड़ी थी तो मैंने उठा कर वैसलीन ही लगा ली उसकी गांड पर और अपने लंड पर.

वैसलीन लगाने के बाद मैंने उसकी गांड में अपने लंड को सेट किया और एक झटके से लंड को उसकी कुंवारी गांड में पेल दिया. जैसे ही मेरे लंड का टोपा अंदर गया तो समीर चिल्लाने लगा और बोला भाई बहुत दर्द हो रहा है, आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. ऊई.. ऊईईई. मैंने उसकी एक नहीं सुनी और उसके पैरों को कस कर पकड़ा और एक और झटका मारा, अबकी बार मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया.

इस बार वो रोने लग गया और बोला भाई बहुत दर्द हो रहा है मैं मर जाऊंगा, आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह.

मैंने उससे कहा कि पहली बार है न तो दर्द होगा बस पांच मिनट और दर्द सहले.

मैं उसके लंड को सहलाने लगा और एक हाथ से उसके निप्पल को छेड़ने लग गया. कुछ देर बाद समीर नॉर्मल हो गया. अब मैंने अपना काम शुरू कर दिया और उसकी गांड में लंड को पेलने लग गया. अब समीर दर्द के साथ आह्ह्ह… मर गया… भाई और जोर से ….फाड़ दे…सारा डाल दे भाई … कहने लगा, आह इह्ह ओह्ह ओह ! आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई. “Friend Sister Chudai Story”

मैं 15 मिनट तक उसको ऐसे ही चोदता रहा अब मैं खड़ा हुआ और समीर को बोला भाई अब तू आजा ऊपर. समीर उठा और मैं नीचे लेट गया और समीर ऊपर बैठ गया, मैंने अपने लंड को पकड़ा और उसकी गांड में सेट किया और उसकी जांघ को पकड़ कर नीचे खींच लिया, एकदम से उसकी गांड में लंड समां गया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

अबकी बार फिर से समीर के मुंह से आह्ह्ह्ह…मर गया निकला और अब समीर खुद ही उछलने लगा और अपनी गांड में मेरे लंड को लेने लगा, आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई. साथ साथ में उह्ह ..आहाह..मजा आ गया भाई आज तो ….आज से मैं तेरी रंडी ….चोद भाई ……फाड़ दे मेरी गांड को.

10 मिनट तक उछलने के बाद समीर थक गया और बोला भाई मैं थक गया हूं, मैंने उसे नीचे उतारा और उसको डॉगी बना लिया, उसकी चुदाई शुरू कर दी. अब बस कुछ ही देर में मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और आज तो पानी बहुत निकला, अब मैं भी निढाल होकर लेट गया. “Friend Sister Chudai Story”

कुछ देर लेटने के बाद मेरा फिर से मूड बना गया और मैं उसके लंड को सहलाने लगा, समीर भी मूड में था वो भी मेरे लंड से खेलने लग गया और अब हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए और एक दूसरे के लंड को चूसने लग गए, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग.

कुछ देर चूसने के बाद मैं खड़ा हुआ और उसको उल्टा लिटा लिया और उसकी गांड में थोड़ा सा थूक लगाया और अपने लंड को एक ही झटके में पेल दिया. समीर के मुंह से आह्ह.. निकल गया और अबकी बार समीर खुद की अपनी गांड को उठा कर झटके मारने लग गया, आह इह्ह ओह्ह ओह ! आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई.

इस बार समीर बहुत थक गया पर मेरे लंड का पानी निकलने का नाम नहीं ले रहा था और मैं उसको एक घंटे तक पेलता रहा, जब मेरा माल निकलने वाला था तो मैंने अपना लंड उसकी गांड से निकाला और समीर के मुंह में डाल दिया. अब समीर मेरे लंड को चूसने लग गया.

मैंने उसे कहा कि मेरा निकलने वाला है पर समीर ने मेरे लंड को अपने मुंह से नहीं निकाला. दो ही मिनट बाद मेरा सारा माल उसके मुंह में निकल गया और मैं हांफने लगा और बेड पर लेट गया, समीर अभी भी मेरे लंड को चूस रहा था, उसने मेरे माल की एक एक बूंद को चाट-चाट साफ कर दिया. “Friend Sister Chudai Story”

उस रात मैंने और समीर ने पूरी रात में तीन बार चुदाई की और फिर हम सो गए. सुबह मैं उठा और मुझे पापा का कॉल आया कि हम सात दिन तक घर नहीं आ पाएंगे. मैंने समीर के घरवालों को कहा कि मम्मी पापा सात दिन तक घर नहीं आएंगे, एक तो मुझे सात दिन तक खाना खिलाना पड़ेगा और दूसरा समीर को मेरे पास भेजना पड़ेगा रात को मेरे साथ सोने के लिए.

एक दिन की बात है मैं दिन में समीर की गांड मार रहा था और हम दोनों इतने मस्त थे कि पता ही नहीं चला कब नेहा आ गई, नेहा समीर की छोटी बहन है, कॉलेज में पढ़ती है, उम्र लगभग 19 साल की, वो हमें सेक्स करते देखकर चुपचाप वापस चली गई. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

शाम को जब समीर घर गया, तो नेहा ने उससे पूछा, आज दिन में तुम और सत्यम भैया क्या कर रहे थे.

समीर ने कहा, कुछ नहीं, बस ऐसे ही खेल रहे थे.

नेहा बोली, मुझे भी खेलना है तुम दोनों के साथ, आज रात को, नहीं तो मैं पापा को बता दूंगी कि भैया और सत्यम भैया अकेले ऐसे-ऐसे खेलते हैं.

मुझे पहले लगा कि ये बेचारी को सेक्स के बारे में पता ही नहीं होगा, लेकिन बाद में पता चला कि ये तो मुझसे भी आगे निकल चुकी है.

समीर मेरे पास आया और बोला, भाई बड़ा पंगा हो गया.

मैं डर गया, पूछा क्या हुआ.

समीर बोला, नेहा ने हमें दोपहर में सेक्स करते देख लिया था.

मैंने कहा, फिर.

समीर बोला, मैंने कहा हम खेल रहे थे, अब वो कह रही है मुझे भी आज रात खेलना है, नहीं तो पापा को बता देगी.

समीर बोला, भाई मैं अपनी बहन को चुदते कैसे देखूं.

मन में मैं खुश हो रहा था, आज तो मजा आने वाला था, भाई की गांड के बाद उसकी बहन की चुत.

मैंने समीर को समझाया, कोई नहीं भाई, तू उसे ले आना.

समीर बोला, पागल है क्या, वो तेरी भी बहन जैसी है.

मैंने कहा, तू ले आ, फिर बाहर चला जाना, मैं उसे समझा दूंगा कि भाई-बहन ऐसे खेल नहीं खेलते.

समीर को बात ठीक लगी. शाम को समीर और नेहा मेरे घर आए, खाना साथ लाए थे, हमने खाना खाया, फिर तीनों बातें करने लगे. बातें करते-करते रात के 10 बज गए, मैंने समीर को इशारा किया, वो उठा और बोला, तुम दोनों खेलो, मुझे थोड़ा काम है. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

नेहा बोली, ऐसे नहीं होता, मुझे तुम दोनों के साथ खेलना है.

मैंने नेहा को समझाया, इसे सच में काम है, हम दोनों खेलते हैं, दो जनों में ज्यादा मजा आता है.

समीर चला गया, मैंने नेहा को पास बुलाया, बोला, देखो नेहा, इस खेल में दर्द होता है.

नेहा मुस्कुराई और बोली, मुझे दर्द नहीं होगा, मैं पहले से अनुभवी हूं.

मैं चौंक गया, क्या.

नेहा बोली, हां, मैंने पहले भी सेक्स किया है.

मैंने पूछा, फिर सुबह समीर से क्यों नहीं बोला.

नेहा हंसकर बोली, अगर मैं समीर से कहती कि मुझे सेक्स करना है, तो वो मुझे कभी यहां नहीं लाता.

मैं मन में सोचा, साली कितनी तेज है.

नेहा बोली, होना भी पड़ता है, तेरा छह इंच लंबा और ढाई इंच मोटा लंड जिसने देखा हो, उसे पाने के लिए कुछ तो करना पड़ता है.

अब मैं चुप रहा, सीधा उसके होंठ चूसने लगा, नेहा भी पूरा साथ दे रही थी, हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं, किस करते-करते मैंने उसके छोटे-छोटे बूब्स मसलने शुरू कर दिए, नेहा की सांसें तेज हो गईं. मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए, बूब्स मुंह में लेकर चूसने लगा, नेहा बोली, आह्ह सत्यम डार्लिंग, जोर से चूसो, ओह्ह मजा आ रहा है.

मैंने काफी देर उसके निप्पल्स चूसे, फिर उसे बेड पर लिटाया, लोअर और पैंटी एक साथ उतार दी, उसकी चुत पहले से गीली थी, मैंने उंगली से सहलाया, नेहा सिहर उठी, इह्ह्ह आह्ह. फिर मैंने मुंह रख दिया, जीभ से चुत चाटने लगा, क्लिट पर जीभ घुमाई.

नेहा की कमर ऊपर उठने लगी, आह्ह ओह्ह सत्यम, जोर से चाटो, ऊउइइ मजा आ गया. मैंने जीभ अंदर डाली, तेज-तेज चाटा, नेहा की सिसकारियां तेज हो गईं, आह ह ह ह्हीईई, ओह माय गॉड, बस करो, आ रहा है, पांच मिनट में ही नेहा झड़ गई, उसका रस मेरे मुंह में आया. “Friend Sister Chudai Story”

नेहा बोली, यार तुम कमाल हो, जीभ से ही पानी निकाल दिया, लंड से तो पता नहीं क्या होगा.

मैंने कहा, अभी देखना, पहले तेरे भाई की गांड फाड़ी, अब तेरी चुत फाड़ूंगा.

नेहा बोली, चुत मारो, गांड नहीं मरवाऊंगी.

मैंने कपड़े उतारे, लंड निकाला, नेहा के मुंह के पास ले गया, चूसने को कहा, पहले मना किया, लेकिन मैंने बाल पकड़े, मुंह खोला और लंड डाल दिया. नेहा चूसने लगी, मैंने बाल पकड़कर गले तक उतार दिया, ग्ग्ग्ग गों गों गोग, नेहा की आंखों में पानी आ गया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

लंड निकाला तो खांसी आई, बोली, धीरे यार, मैंने फिर डाल दिया, मुंह की चुदाई की, उसका चेहरा लाल हो गया. अब उसे लिटाया, चुत पर थूक लगाया, लंड पर भी, एक झटका मारा, सुपारा अंदर गया, नेहा चीखी, आह्ह बाहर निकाल, दर्द हो रहा है.

मैंने नहीं सुना, दूसरा झटका, पूरा लंड अंदर, होंठों पर होंठ रखकर किस किया ताकि चीख न निकले, कुछ देर रुका, बूब्स मसलता रहा, नेहा सहज हुई. फिर धीरे-धीरे धक्के शुरू किए, नेहा भी गांड उठाने लगी, आह्ह मजा आ रहा है, जोर से सत्यम, फाड़ दो मेरी चुत. मैंने टांगें कंधे पर रखीं, तेज चोदने लगा, नेहा की आवाजें तेज, ओह्ह ऊउइइ आह ह ह ह्हीईई, आवाज सुनकर समीर दूसरे रूम से आ गया.

समीर बोला, ये क्या कर रहे हो भाई.

नेहा बोली, कल तू गांड मरवा रहा था, आज मैं चुत मरवा रही हूं.

समीर चुप होकर पास बैठ गया, मैं फिर चोदने लगा, नेहा को डॉगी बनाया, पीछे से लंड पेला, तेज-तेज ठोका. नेहा चिल्लाई, आह्ह जोर से, ओह्ह फाड़ दो, मेरा होने वाला था, मैंने चुत में ही सारा माल निकाल दिया. फिर साइड में लेट गया, हम दोनों नंगे लेटे थे.

समीर बोला, नेहा तूने ये क्या कर लिया, ये शादी के बाद होता है.

नेहा बोली, भाई मैं पहली बार थोड़े कर रही हूं, पहले भी बहुत बार की हूं, तेरी गांड मारते देख खुजली हो गई तो मरवा ली.

अब मैंने दोनों को साथ लिया, पहले समीर की गांड में लंड डाला, नेहा समीर का लंड चूस रही थी, फिर नेहा की चुत में डाला, समीर नेहा का मुंह चोदने लगा. कुछ देर बाद दोनों को नीचे बिठाया, मुंह पर माल निकाला, दोनों ने लंड चाटकर साफ कर दिया.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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