टीचर और स्कूल प्रिंसिपल का सेक्स स्कैंडल 1

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम चेतना है. मुझे सेक्स कहानिया पढ़ना पसंद है और आज में भी आपसे मेरी लाइफ का एक किस्सा बताने जा रही हु. में टीचर की जॉब करती हु. वैसे में शादीशुदा हु और मेरे पति भी शिक्षक है लेकिन हम दोनों की नौकरी अलग अलग जगह थी. Desi Madam Chudai

हमने जगह बदलने के लिए अप्लीकेशन दी थी लेकिन हमारी बदली एक डेढ़ साल बाद होने वाली थी. वैसे हमारी शादी को दो साल हो चुके थे पर हम ज्यादा साथ मे रह नहीं पाते थे. कभी २-३ दिनों की छुट्टिया एक साथ आती तभी हम मिल पाते थे.

मेरी नौकरी एक छोटे से गांव मे थी जो की हमारे घर से बहुत दूर था इसी लिए में और दादी वहा जहा मेरी नौकरी लगी थी उसके पास वाले बड़े गांव मे एक मकान किराये पे लेकर रहते थे. हमने जहा घर रखा था वहा से स्कूल वाला गांव ५-६ किलोमीटर होता है इसी लिए में रोज स्कूटर से आती जाती थी.

वहां स्कूल के जो प्रिंसिपल थे वो भी हमारे घर से थोड़े दूर ही रहते थे. वो कार से आते जाते थे इसी लिए कभी कभी में भी उनकी कार मे उनके साथ चली जाती थी. वो तो मुझे रोज उनके साथ कार मे आने के लिए कहते थे पर में ना बोलती थी.

उनके साथ मेरा काफी अच्छा रिलेशन बन गया था. बारिश का मौसम आ गया था इसी लिए उन्होंने मुझे रोज उनके साथ आने के लिए कहा क्यों की बारिश कभी भी आती थी ऐसे मे स्कूटर से आना जाना मुश्किल होता था तो में रोज उनके साथ कार मे आने जाने लगी.

वो कार में बहुत बातें करते रहते मुझे भी मजा आता था. फिर कुछ दिनों से में नोटिस करने लगी वो बातो बातो मे मुझे छु लेते कभी मेरे हाथ पे अपना हाथ रखते तो कभी मेरे कंधे पे चू लेते पर मेने कुछ कहा नहीं मुझे लगा वो तो ऐसे ही बातो बातो मे करते होंगे. एक दो बार तो उन्होंने मेरी जांघ पे भी हाथ रख दिया था.

एक दिन में उनके साथ स्कूल से आ रही थी और वो बातें कर रहे थे उन्होंने बातो बातो मे अपना हाथ मेरी जांघ पे रख दिया और सहलाने लगे. थोड़ी देर में कुछ नहीं बोली फिर मेने कहा सर ये क्या कर रहे है आप? वो बोले चेतना तुम मुझे बहुत अच्ची लगती हो, तुम भी अपने पति के बिना अकेलापन महसूस करती होगी और में भी मेरी बीवी के बिना अकेला हु तो अगर तुम चाहो तो हम एक दूसरे का साथ दे सकते है.

उनकी बीवी भी मेडिकल ऑफिसर की नौकरी करती थी इसी लिए वो भी उस से अलग रहती थी उनका भी मेरे जैसा ही था. में उस से कुछ नहीं बोल पाई. वो फिरसे मेरे पैर पे सहलाने लगे. उसकी कार काले शीशे वाली थी इसी लिए बहार से कोई देख नहीं सकता था.

जैसे वो सेहला रहे थे मुझे कुछ होने लगा था, में उसे कुछ नहीं बोल पाई. वो अपना हाथ धीरे धीरे मेरे दोनों पैरो के बिच ला रहे थे. उसने धीरे अपना हाथ मेरे पैरो के बिच रख दिया. मेरी आँखे बंद हो गई. उसने अपने हाथ मे मेरा हाथ पकड़ा और अपने पेन्ट पे रख दिया.

और मुझे बोले चेतना तुम भी सेहलाओ प्लीज ऐसा बोल के वो अपने हाथ मे मेरा हाथ पकड़ के उसके लंड पे दबाने लगे. उनका लंड पूरा टाइट हो चूका था. घर पहुंचने तक वो ऐसे करते आए. घर आते ही में कुछ नहीं बोली चुपचाप उतर गई और घर आ गई फिर वो चले गए.

घर आके में फ्रेश होने बाथरूम मे चली गई मेने देखा तो मेरी चुत मे पानी आ चूका था, बहुत टाइम बाद किसी ने ऐसे छुआ था. दूसरे दिन फिर में उनके साथ कार मे जा रही थी. जाते हुए उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं किया सिर्फ बातें कर रहे थे, फिर आते वक़्त उन्होंने फिर अपना हाथ मेरे पेट पे रखा.

उस दिन मेने साड़ी पहनी हुई थी. उसने फिर से मेरा हाथ पकड़ कर पेन्ट पे रखा और बोले चेतना तुम भी करो. में उसके पेन्ट पे हाथ रख कर बैठी थी. उसने अपना हाथ मेरे ब्लाउज पे रख दिया और मेरी चूचियों को मसलने लगे. मेरी आँखे बंद हो गई पता नहीं कैसे मेने उनका लंड मेरे हाथ मे जोर से पकड़ लिया था.

वो जैसे चूचियों को दबा रहे थे मुझे कुछ होने लगा था. वो बोले चेतना ऐसे ही मजा दो प्लीज. में भी धीरे धीरे पेन्ट के ऊपर ही उनके लंड को मसलने लगी थी. उतनेमे गांव आने वाला था मेने अपना हाथ हटा लिया वो समझ गए उन्होंने भी अपना हाथ ले लिया.

वो बोले चेतना सीधे मेरे घर जाने दू? में समझ गई थी वो क्यों मुझे घर ले जाना चाहते थे. पहले तो मेने कहा पर दादी मेरा वेट कर रही होगी. वो बोले उनको फ़ोन कर के बोल दो थोड़ी देर से आउंगी. अगर सच कहु तो में भी अपने आप को रोक नहीं पाई मेने दादी को बोल दिया देर से आउंगी ऐसा.

फिर हम दोनों सीधा उनके घर गए. घर आते ही वो बोले चेतना तुम्हे फ्रेश होना है तो हो आओ ऐसा बोल के वो मुझे बैडरूम मे ले गए. में अंदर बाथरूम मे फ्रेश हो कर आई तो वो वही रूम मे मेरा इंतज़ार कर रहे थे. बाहर आते ही उन्होंने मुझे जोर से बाहो मे पकड़ लिया.

वो बोले चेतना तुम बहुत खूबसूरत हो मुझे पता था तुम मना नहीं करोगी क्युकी तुम भी मेरी तरह अकेलापन महसूस करती होगी. सच कहु तो वैसा ही था क्युकी शादी के बाद भी में अपने पति के साथ ज्यादा नहीं रह पाई थी इसी लिए हमारी सेक्स लाइफ भी उतनी अच्छी नहीं थी.

वो वही खड़े खड़े मेरी गर्दन पे चूमने लगे. मुझे कुछ होने लगा था. मेने भी उनको जोर से पकड़ लिया. वो धीरे धीरे गर्दन को चूमते हुए मेरे होठो तक आ गए हम दोनों एक दूसरे के होठो पे होठ रख कर कीस करने लगे. उनके हाथ मेरी पीठ को सहलाते हुए निचे गांड तक पहुंच गए.

वो मेरी गांड को सहलाते हुए दबाने लगे. मेरा भी हाथ उनके पेन्ट के ऊपर था. वो धीरे धीरे मेरी साड़ी उतारने लगे. उन्होंने मेरी साड़ी उतारदी और उनका शर्ट भी उतार दिया उसके बाद पेन्ट भी उतार दी. फिर वो मुझे कीस करने लगे और मेरी पेटीकोट का नाडा खोलने लगे.

उसने मेरा पेटीकोट उतार दिया और फिर ब्लाउज़ भी उतार दिया. अब वो सिर्फ अंडरवियर मे थे और में सिर्फ ब्रा और पेन्टी मे. वो मुझे देखने लगे, में शर्मा रही थी. मेने कहा क्या हुआ. वो बोले मेने जैसा सोचा था तुम उस से भी ज्यादा सेक्सी हो.

उन्होंने मुझे उठाया और बेड पे लेटा दिया और वो मेरे ऊपर आ गए. मेने दोनों पैर खोलकर उसे बिच मे ले लिया. वो मेरी चूचियों को ब्रा के ऊपर से चूमने लगे और दबाने लगे. थोड़ी देर बाद उसने मेरी ब्रा उतार दी, और दोनों चूचियों को बारी बारी मुँह मे लेकर चूसने लगे. “Desi Madam Chudai”

जैसे ही उन्होंने चूचियां मुँह मे ली मेरी आँखे बंद हो गई. मुझे कुछ होने लगा था. मेने एक हाथ से उसका अंडरवियर निचे कर दिया, और मेने देखा उनका बड़ा और मोटा लंड पूरा टाइट हो कर उछल रहा था. में उसे हाथ मे लेकर हिलाने लगी.

फिर वो मेरे पेट पे चूमते हुए धीरे धीरे निचे आए और मेरी पेन्टी देख कर बोले चेतना तुम कितनी सेक्सी पेन्टी पहनती हो ऐसा बोलकर सीधा मुँह मेरी पेन्टी के ऊपर चुत पे रख दिया थोड़ी देर चूमने के बाद वो मेरी पेन्टी उतारने लगे. पेन्टी उतारते ही उन्होंने अपना मुँह मेरी चुत पे रख दिया और जोर जोर से चाटने लगे.

आअह्ह्ह में पूरी तरह गरम हो चुकी थी. मेने पूरी तरह अपने पैर खोल दिए और उनके सर के बाल पकड़ कर उनका मुँह चुत पे दबाने लगी. वो अपनी जीभ से मेरी चुत सेहला रहे थे काफी देर तक वो ऐसे करते रहे. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था मेने उनको पकड़ कर अपने ऊपर खींचने लगी.

वो भी समझ गए थे. वो मेरे ऊपर आ गए और मुझे कीस करने लगे. में उनका लंड पकड़ के चुत के साथ रगड़ रही थी. थोड़ी देर बाद मेने उसके लंड को चुत के हॉल के पास रखा. वो समझ चुके थे की अब में अंदर लेना चाहती हु. उन्होंने मेरी और देखा और आँख मार कर बोले डाल दू? “Desi Madam Chudai”

मेने मुस्कुराकर हां मे सर हिलाया. वो धीरे धीरे धक्का दे कर लंड का मुँह मेरी चुत मे अंदर बाहर करने लगे. मुझे बहुत मजा आ रहा था. फिर उन्होंने ने जोर से पूरी ताकत के साथ एक धक्का दिया उनका मोटा लंड मेरी चुत को खोलता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया.

मेरी आँखे बंद हो गई मुँह से आअह्ह्ह्हह की आवाज निकल गई. फिर वो जोर जोर से पूरा लंड अंदर बाहर करते हुए मुझे चोदने लगे. थोड़ी देर बाद मेने उसे कंडोम लगाने के लिए कहा. उन्होंने उठकर अलमारी से कंडोम निकाल कर लगा लिया. फिर वो बोले अब तुम ऊपर आ जाओ.

वो बेड पे सो गए में उनके ऊपर आई और उनके लंड पे बैठ गई. वो मेरी गांड पकड़ के जम्प कराने लगे. में उनके लंड पे जोर जोर से उछल रही थी. ओह्ह्ह क्या मजा आ रहा था. फिर उन्होंने मुझे बेड के पास निचे झुका कर खड़ा किया और वो मेरे पीछे आ गए फिर लंड चुत पे रखा और मेरी कमर पकड़ कर जोर जोर से धक्के देने लगे.

इस बार वो इतने जोर जोर से धक्के दे रहे थे की हमारी चुदाई की आवाज पुरे रूम मे सुनाई दे रही थी. वो धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ाने लगे. में भी गांड हिला कर जोर से उनके लंड पे दे रही थी. मेरी चुत पानी पानी हो चुकी थी, मुझे इतना मजा आ रहा था की में जोर जोर से आवाजे निकाल रही थी. “Desi Madam Chudai”

मेरी आवाजे सुनकर वो भी पूरा जोर लगा कर मुझे चोद रहे थे. फिर आखिर मे उन्होंने दो तीन धक्के इतने जोर से दिए की में बिस्तर पे गिर गई वो भी मेरे ऊपर गिर गए. उनका पानी निकल चूका था. वो मेरे ऊपर पड़े हुए बोले ऊऊह्ह्ह चेतना तुमने तो आज मुझे पागल कर दिया. मेने कहा आपने भी मेरी प्यास बूजा दी. वो बोले मजा आया? मेने कहा हां बहुत.

हम दोनों उठे और बाथरूम मे जा कर सब साफ़ किया और कपडे पहन लिए. फिर मेने कहा अब में जाती हु बहुत देर हो गई. उन्होंने मुझे बाहों मे पकड़ा और कीस की और बोले कल फिर करे? मेने मुस्कुराकर हां मे सर हिलाया और फिर में घर आ गई. दोस्तों फिर दूसरे दिन की कहानी पार्ट-२ मे बताऊगी. आपको मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट मे जरूर बताना.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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