बस की चुदाई मां के साथ

हेलो दोस्तों आपका राज़ फिर से एक नई, थोड़ी सच्ची और थोड़ी कुछ आप लोगों के लिए जोड़ी हुई सेक्स कहानी लेके आया हूं। इस कहानी की हीरोइन वहीं जिनका नाम ज्योति है जो कि मेरी मां हैं, और मेरी उम्र 22 साल हैं। तो आपको वापस अपनी मां का फिगर बता देता हूं।

जैसे कि मैंने अपनी पिछली कहानी में बताया था, मेरी मां का फिगर बहुत हॉट हैं। वो गोरी के साथ-साथ पूरी चिकनी भी हैं, और आप में से कुछ लोग जानते भी होंगे जो औरत गोरी होती है उनकी जांघें, उनके दूध बहुत ज्यादा चमकते है, और थोड़ा सा दबाने से ही लाल हो जाते हैं।

मेरी मां का भी ऐसा ही है। निप्पल भूरे रंग के है, जो गोरे दूध जैसे और ज्यादा शोभा बढ़ा देते हैं। और मोटी-मोटी चिकनी गोरी जांघों के बीच में उसकी गुलाबी चिकनी रसीली चूत जो ब्रेड की तरह फूली हुई है। जिसका रस तो कोई भी देख कर पीना चाहेगा।

तो दोस्तों अब आपको वो बात बताता हूं जो कुछ दिन पहले हुई। हम लोगों को कॉल आया कि एक शादी अटेंड करनी थी, और खास रिश्तेदार है, तो जाना भी जरूरी था। लेकिन उनका घर हमारे घर से 700 किलोमीटर दूर था। मतलब हमको 12 से 16 घंटे का सफर करना था।

लेकिन ट्रेन की टिकट मिलना मुश्किल था और स्लीपर बस में भी टिकट मिलना थोड़ा मुश्किल था। तो पापा ने मुझे बोला कि, “बेटा ट्रेन की टिकट तो नहीं मिलेगी, तो बस का टिकट देखते हैं।”

पर हमारी किस्मत अच्छी थी, कि 2 टिकट मिल गई थी स्लीपर की। लेकिन हमारी सीट लास्ट में थी, तो बस के तो झटके खाने थे, ये हम समझ गए थे। इससे मेरी मम्मी थोड़ा बोली कि नहीं जाते। लेकिन पापा ने कहा कि, “जाना भी जरूरी है, और फ्लाइट टिकट में बहुत पैसे लगेंगे। तो जो मिल रहा है उसमें एडजस्ट कर लो।”

मेरी मां और मेरी चुदाई तो कई बार हो ही चुकी थी। लेकिन बस के सफर में ऐसा सोचा नहीं था, कि ऐसा कुछ मिलेगा। तो दूसरे दिन हम दोनों निकल गए बस स्टैंड के लिए, और आज भी मेरी मां ने साड़ी, ब्लाउज, ब्रा, पेटीकोट पहना था।

जैसा कि मैंने बताया जितने कपड़े उतने ही पहने थे, और आप लोग सोच रहे होंगे पैंटी भी पहनी होंगी। तो मेरी मम्मी ने नहीं पहनी थी।

हम लोग का सामान लगेज में रखवा कर जब हम बस में चढ़े, तो देखा कि बस बाहर से जितनी बुरी थी, वैसा अंदर से नहीं था। केबिन वाली बस थी, लेकिन हमारी सीट लास्ट में थी। हम मां-बेटे अकेले थे तो बस में मेरी मां का फिगर, और मुझे देख कर कोई भी मां-बेटा नहीं समझ रहा था। उनको लग रहा था कि हम कोई कपल ही थे।

मेरी मम्मी योगा करती है, तो उनकी स्किन आज भी टाइट है, जिससे उनकी उम्र का अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। बल्कि उनका फिगर देख कर, और मुझे उनके साथ देख कर लोग समझते है हम कपल है। वो लोग यहीं सोचते होंगे कि मैंने ही ज्यादा मेहनत की है, तभी ऐसा हॉट फिगर बन गया हैं।

तो हम बस में बैठे। उस टाइम तक बस में ऐ.सी. ऑन नहीं था, तो गर्मी थोड़ी लग रही थी। लेकिन थोड़ी देर में बस स्टार्ट हुई, और चलने को तैयार हुई।

मैंने अपनी मम्मी से कहां: मम्मी आप थोड़ा साड़ी निकाल लो, अगर गर्मी ज्यादा लग रही है तो।

ज्योति: अच्छा मतलब तुझे अभी से शुरू करना है अपना काम यहां पर? (मतलब वो चुदाई की बात कर रही थी)

मैं बोला: नहीं ऐसा नहीं है। वो आपको पसीना आ रहा था ना, तो बोला। और बाकी, वो काम तो होगा ही जब अकेले मिले, और मौका मिले तो कैसे खुद को रोक सकते हैं।

शाम का समय था। बाहर का नज़ारा बहुत अच्छा लग रहा था। हम मां-बेटे अपने केबिन को बंद कर बैठे थे। मेरा हाथ अपनी मां की जांघों पर था, जिससे मैं उसे सहला रहा था। इससे थोड़ा वो गरम तो हो रही थी, लेकिन कंट्रोल कर रही थी। लेकिन मेरा खड़ा लिंग उसे साफ पता चल रहा था, कि वो चूत के पानी का प्यासा था।

मेरी मां भी मुझसे बात करते हुए चिपकी हुई थी, और लिंग को सहला रही थी, जिससे वो और बड़ा हो रहा था। लेकिन बस में झटके थोड़े ज्यादा लग रहे थे, जिससे उनके दूध ज्यादा हिल रहे थे, और वो उसे संभाल रही थी।

ऐसे ही करते-करते शाम के 8 बज गए, तो बस एक ढाबे पर रुकी खाने के लिए। कंडक्टर ने आवाज लगाई कि, “जिसको-जिसको खाना, टॉयलेट जाना है, होके आ जाओ। बस यहां पर 1 घंटा रुकेगी, और फिर रात में नहीं रुकेगी।” मैं अपनी मम्मी से बोला-

मैं: चलो खाना खा लेते हैं।

ज्योति: साथ ही लाई हूं। यहीं पर खा लेते है। फिर नीचे जाएंगे।

मैं: ठीक है।

फिर हम दोनों ने एक ही प्लेट में खाना खाया,‌ लेकिन मेरे हाथ गंदे नहीं हुए क्योंकि मेरी मां मुझे अपने हाथों से खिला रही थी। खाना खा कर हम नीचे उतरे तो सब अपने-अपने खाने में और चाय पीने में लगे थे।‌ तो मैं अपनी मां से बोला कि, “अगर तुमको हल्का होना है, तो चली जाओ।” तो वो लेडीज बाथरूम में चली गई, और मैं थोड़ा घूमता रहा इधर-उधर। तभी वहां पर एक लड़के ने मुझे हेलो कहा। मैंने भी हेलो कहा, लेकिन मैं उसे नहीं जानता था।

तो उसने बोला कि वो भी उसी बस में ट्रैवल कर रहा था। मैं बोला अच्छा। उसने मुझसे पूछा आप,‌ “कहा जा रहे हैं?” तो मैंने बोला, “लास्ट स्टॉप है हमारा।” तो उसने बताया कि वो भी लास्ट में ही उतरेगा। तभी अचानक से उसने पूछा, “आप अपनी वाइफ के साथ है?” मैं शॉक्ड हुआ। फिर सोचा शायद उसने देखा होगा साथ में तभी बोल रहा था।

मैंने बोला हां। तो उसने बोला, “बहुत अच्छी जोड़ी है आप दोनों की। लेकिन आपकी वाइफ आपसे थोड़ी बड़ी लगती हैं।”

मैंने थोड़ा उसे देखा और स्माइल करते हुए बोला, “अपनी-अपनी पसंद है।”

तब उसने पूछा कि, “आपकी लव मैरिज है क्या?”

तो मैंने थोड़ा बात घुमाते हुए कहा,‌ “हां कह सकते हो।”

तब उसने बोला कि, “कितने साल हुए?” मैंने कहा, “एक साल।”

तब उसने पूछा कि, “और बच्चे आपके कितने हैं?” तब मैंने कहा, “अभी तो एक साल हुआ है। अभी तो खेलने खाने-पीने की उम्र है। अभी से बच्चे का क्या करेंगे?” वो समझ गया कि मैं चुदाई के मजे लेने की बात कर रहा था।

तब उसने भी बोला, “हां सही कहा यार।”

तो ऐसे ही हमारी थोड़ी दोस्ती हुई, और वो थोड़ा खुलने लगा। वो बोला, “आज कल तो लड़के भाभी जी जैसे फिगर वाली को ही पसंद करते है।”

मैंने कुछ नहीं कहा।

आगे की कहानी आपको नेक्स्ट पार्ट में मिलेगी। जिसमें आपको पता चलेगा कि कैसे एक मेरी ही उम्र के लड़के ने भी मम्मी की चूत का पानी पिया‌। आप मुझे मेल कर सकते हैं [email protected] पर।

Nisha Gupta

हैलो! मैं निशा गुप्ता हूँ - जयपुर विश्वविद्यालय से संचार विज्ञान में मास्टर और पिछले 6 साल से डिजिटल दुनिया में हिंदी कहानियाँ लिखने वाली एक अनुभवी लेखिका। मैं वो कहानियाँ लिखती हूँ जो पढ़ते ही आपके मन में आग लगा दें। मेरी कहानियों में वो सब कुछ है जो आप चाहते हैं - बोल्ड, बेबाक और बेरोकटोक। मेरे लेखन को हजारों पाठकों ने सराहा है और कई पुरस्कार भी मिले हैं। मैं यहीं हूँ आपके मज़े के लिए — तो लेटे रहो और पढ़ते जाओ!

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