अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार ! मैंने अपनी कहानी पुसी की किस्सी में जैसा आपसे वादा किया था कि ‘हमने सुहागरात कैसे मनाई’ यह बताऊँगा, तो लीजिए इस बार अपनी सुहागरात की बात आपके समक्ष रख रहा हूँ। मेरी शादी ठीक से हुई, मेरे जिम्मे सिर्फ़ दो काम थे, पहला घर और ससुराल में […]
प्रेषिका : स्लिमसीमा हम बिना कुछ कहे या बोले कोई 5-7 मिनट इसी तरह पड़े रहे। यही तो प्रेम की अंतिम अभिव्यक्ति है। जब प्रेम करने वाले दो शरीर अपना सब कुछ कामदेव को समर्पित करके एक दूसरे में समां जाते हैं तब शब्द मौन हो जाते हैं और प्रेम की परिभाषा समाप्त हो जाती […]
प्रेषिका : स्लिमसीमा फिर उन्होंने अपने मुन्ने को मेरी मुनिया (लाडो) के चीरे पर रख दिया। मैंने अपनी साँसें रोक ली और अपने दांत कस कर भींच लिए। मैंने मन में सोच लिया था मुझे कितना भी दर्द क्यों ना हो मैं ना तो चिल्लाऊँगी ना उन्हें परे हटाने का प्रयास करूंगी। मेरी लाडो तो […]
मैं घूम कर फिर से उनके सीने से लग गई और उनके गले में बाहें डाल कर उनके होंठों पर एक चुम्बन ले लिया। जैसे किसी शरारती बच्चे को किसी भूल के लिए क्षमा कर दिया जाये तो उसका हौसला और बढ़ जाता है प्रेम ने भी मेरे होंठों, गालों और उरोजों की घाटी में […]
प्रेषिका : स्लिमसीमा ‘मधुर, क्या मैं एक बार आपके हाथों को चूम सकता हूँ?’ मेरे अधरों पर गर्वीली मुस्कान थिरक उठी। अपने प्रियतम को प्रणय-निवेदन करते देख कर रूप-गर्विता होने का अहसास कितना मादक और रोमांचकारी होता है, मैंने आज जाना था। मैंने मन में सोचा ‘पूरी फूलों की डाली अपनी खुशबू बिखरने के लिए […]
प्रेषिका : स्लिमसीमा नई नवला रस भेद न जानत, सेज गई जिय मांह डरी रस बात कही तब चौंक चली तब धाय के कंत ने बांह धरी उन दोउन की झकझोरन में कटी नाभि ते अम्बर टूट परी कर कामिनी दीपक झांप लियो, इही कारण सुन्दर हाथ जरी इही कारण सुन्दर हाथ जरी… …इसी कहानी […]
विनोद बोला- हाँ! आज मैं कोशिश करूँगा कि तुमको चरम तक पहुँचा दूँ! और एक बार और हम सेक्स करने लगे। विनोद ने आज जादू करने का मन बना लिया था, उसने मुझे दोबारा मुझे उत्तेजित कर दिया, मेरी चूत को मसल कर रख दिया और अपनी जबान से मेरी चूत साफ करने लगा मुझे […]
थोड़ी देर में विनोद आ गया! मैंने उसको आते ही चूमा और कहा- विनोद, मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही थी! ऐसा दिखाया कि जैसे मैं बहुत अकेली थी। वो बहुत खुश हुआ और बोला- कुछ परेशानी तो नहीं हुई ना? मैंने कहा- नहीं, यह पास का लड़का सुशील काफी अच्छा है, बहुत मदद करता […]
लेखिका : अरुणा तभी श्रीनगर में ही मैं पति के दफ्तर में काम करने वाले क्लर्क की तरफ खिंची चली गई और मौका पाकर उसका मोटा लंबा लौड़ा चूत में डलवाया। यह जब भी गाड़ी के साथ जाते, मैं दोनों बच्चों को सुला देती और उस क्लर्क के साथ रासलीला रचाने लगी। उसका तबादला हो […]
प्रणाम पाठको, कैसे हो! उम्मीद है सभी कुशल मंगल होंगे। दोस्तो, वैसे मैं इस अन्तर्वासना की काफी पुरानी पाठक हूँ मगर आज पहली बार अपनी एक दिलचस्प सच्ची चुदाई रखने जा रही हूँ। मेरी उम्र इस वक्त उनतीस साल है, मैं दो बच्चों की माँ हूँ लेकिन कोई कह नहीं सकता कि मेरी उम्र उनतीस […]
तो अब मेरे हाथ भी गियर संभालते संभालते उसकी अंडरवियर तक जा पहुँचे। वो उत्तेजना के मारे और पसर गई मैंने भी अब आहिस्ता से अपना हाथ उसकी अंडरवियर में सरका दिया और जैसे ही मैंने उसकी घनी, काली, घुंघराले और मुलायम बालों वाली चूत को स्पर्श किया, उसके मुख से गहरी सिसकारियाँ निकलने लगी। […]
मैंने पिछले दिनों अपनी बेबाक बीवी से सम्बन्धित दो रोमांचक घटनाएँ कहानी के रूप में अन्तर्वासना में भेजी थी, जिसमें मेरे एक दोस्त द्वारा मेरी बीवी को पूर्णतया नग्न करके झांटों की सफाई और गुप्तांगो का सम्पूर्ण मैडिकल मुआयना, और एक अन्य दोस्त के साथ वासनामय और निर्वस्त्र होली की घटना का जिक्र था। जिन […]
मेरी बीवी चिल्ला कर पैर पटकने लगी पर दोस्त ने कस कर उसकी नंगी चूत को ना सिर्फ मसला बल्कि उंगलियाँ चूत में डाल कर हिलाने लगा। अब वो गुस्से और उत्तेजना से बिफर गई, बोली- अभी मज़ा चखाती हूँ ! मुझे नंगी करके तुम बच नहीं सकते ! कुछ देर बाद मेरी बीवी ने […]
मेरी बेबाक बीवी की मेरे डॉक्टर दोस्त द्वारा मेडिकल चेकअप और फिर झांटों की सफाई, चुदाई की उत्तेजक और रोमान्चक कहानी सभी पाठकों को बेहद पसंद आई और इस सन्दर्भ में मुझे ढेर सारे इमेल भी मिले। उनमें से बहुत से पाठकों ने कहानी के प्रारंभ में मैंने जिस होली की घटना का जिक्र किया […]
लेखक : अरुण रात बहुत हो चुकी थी। शेविंग का सामान मैंने दोस्त को संभलवा दिया। वो मेरी बीबी से बोला- आर यू रेडी? उसने अपनी आदत के मुताबिक़ ही उसे जवाब भी पकड़ा दिया- पूरी नंगी तो बैठी हूँ ! और क्या तैयारी करनी है? लो संभालो इसे ! और ऐसा कहते हुए अपने […]
लेखक : अरुण उस दिन की घटना के बाद मेरी बीवी और दोस्त दोनों ही बहुत झेंप और शर्मिन्दा हो रहे थे, मैंने दोनों को काफी समझाया कि कुछ गलत नहीं हुआ क्योंकि इस सब में मेरी भी सहमति शामिल थी और फिर भगवान् ने तो सिर्फ नर और मादा ही बनाए है अन्य प्राणियों […]
फिर भी दोस्त ने उससे पूछा- भाभी, आप बताओ और कोई प्रोब्लम तो नहीं है ना इन दोनों में? और मैं दंग रह गया जब वो पहली बार बोली- कभी-कभी सांस लेने में दिक्कत आती है और कभी-कभी चुचूकों के आस पास बहुत खुजली सी मचती है। वो बोला- ओ के ! अपनी ब्रा दिखाओ […]
होली पर घटी यह घटना वास्तव में अप्रत्याशित थी। लेकिन मैं बता दूँ कि असली घटना हमेशा कहानियों से ज्यादा रोमांचक होती है और जो लोग जोरदार सेक्स खेल खेलते हैं वे मेरी बात से सहमत भी होंगे पर यह भी सही है कि हर कोई ऐसा नहीं करता। मैं खुद मानता हूँ कि ऐसी […]
प्रेषक : नवीन सिंह बीच में बात काट कर रचित बोला- अरे क्या बात करता है यार नवीन? सुजाता भाभी का क्या बदन है यार ! क्या चीज है यार वो ! आई लव हर ! भाभी बीच में बात काट कर बोली- यार नवीन भैया, क्यों न हम चारों साथ में सेक्स करें? ये […]
प्रेषक : नवीन सिंह भाभी भी बोली- क्या बात कर रहे हो रचित तुम? वो बोला- यार, अब नाटक मत करो, तुम दोनों को पता है कि क्या हो रहा है और तुम्हें एक दूसरे में रुचि भी है तो फिर क्यों समय ख़राब करते हो? और मेरा हाथ पकड़ कर भाभी के वक्ष पर […]
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