बहन की सुसु वाली जगह में तेल लगाया

यह भाई बहन चुदाई कहानी सच्ची है मगर इसमें नाम गलत लिखे गये हैं। चलो गलत नाम से क्या होता है बात घटना तो सच्चा है। यह घटना मेरे और मेरी छोटी बहन के साथ हुआ है। मेरे पापा मेरे पैदा होने के बाद मर गये उन्हें हार्ट का बिमारी था। Virgin Bro Sis Fuck

मेरे पापा मरने के बाद मां अपने भाई के साथ रहने लगी। मां का भाई शादी शुदा नहीं था। तीन चार साल मां साथ रही भाई के साथ ,उसने मां से चोदा चोदी करने लगा। तब मेरी छोटी बहन पैदा हुयी। छोटी बहन सात साल की हुयी तब मां मर गयी।

मैं और बहन मामा के साथ तीन साल रहे चौथे साल मामा भी चल बसे। तब मैं 14 साल पार किया था मेरी छोटी बहन 10 साल पार की थी। अब बहन की जिम्मेदारी मेरी थी। मैं दिन 2 बजे से रात 10 बजे तक एक कपड़े की दुकान पर नौकरी करता और दिन 2 बजे तक स्कूल में रहता था।

इस तरह मैं स्कूल की पढ़ाई खत्म किया और कालेज में आ गये। मेरी बहन भी स्कूल जाती थी 2 बजे तक। दो साल बीता मैं कालेज में आ गया। बहन 9 वी‌ क्लास में थी। वह मेरे साथ छेड़ छाड़ खुल्लमखुल्ला ब्यायफ्रेंड गर्लफ्रेंड जैसा बात, व्यवहार खेल कूद पकड़ा पकड़ी करती थी।

मेरा मन बहन को देखकर डोलने लगा। मैं खेल कूद बात व्यवहार में स्तन छूना जबरदस्त जमकर कस कर बहन को जकड़ लेना करने लगा। बहन जब स्तन छूता दबाता तो एकटक नजर मिलाकर देखती रहती। यही सब करते करते मैं ग्रैज्वेट हो गया बहन मैट्रिक पास कर गयी।

तब मैं खुशी से बहन के बदन पर लोटपोट किया। बहन तब एक हसीन जवान मस्त छोकरी। चुची तो दबा दबाकर मैं बड़ा कर ही दिया था अब बुर उसकी चूत कैसी थी यही देखने का मन मेरा करता रहता। बहन को चोदना था मगर कैसे, कब और कहां यही समझ में नहीं आ रहा था।

बहन तो मेरी थी घर में मैं और मेरी बहन बस दो ही लोग थे फिर भी चोदना बहन को नामुमकिन लग रहा था। बहन बड़ी हो चुकी थी कालेज जाने लगी थी चोदा चोदी होता है मगर कैसे होता है यही नहीं समझती थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

एक बार छुट्टी के दिन बहन बोली – भैया, लन्ड कैसा होता है?

मैं सुनकर कुछ देर तक सोचने लगा। मगर स्थिर शांत होकर बोला – लड़का का सुसु करने वाला चीज़ को लन्ड कहते है।

वह छूकर पकड़ कर देखने लगी।

वह बोली – ये वाला इसमें घुसता है मेरी सहेली बतायी।

मैं बोला कौन सहेली बतायी उसे कोई तरह से घर में बुलाओ।

बहन बोली – कल साथ लेकर आती हूं।

उसके बाद बहन नहाने चली गयी। बहन जब नहाती थी तो उसके बदन में मैं बाथरुम में तेल लगाता था।

मैं बोला – आज दोनों पैर फैलाओ तेरी सुसु में तेल लगाउंगा।

शर्म बहन को थी नहीं क्योंकि मैं रोज नहलाता रोज तेल मालिश करता था। परन्तु बहन के बड़े होने के बाद से सुसु में तेल लगाना बन्द कर दिया। आज बहन मेरा लन्ड खड़ा की थी। मन मेरा कुछ कुछ हो रहा था। मैंने बहन की चूत मे उंगली से तेल लगाया चूत दबाकर मसलकर देखा आज बहन भी उफ्फ उफ्फ कर रही थी वह मेरा हाथ चूत में लगने से गर्म हो चुकी थी।

वह बोली – भैया, इसमें अपना वाला घुसाकर देखिए ना।

मैं बोला – हां मैं देखूंगा। तूं सो जाओ फर्श पर दोनों पैर उपर उठा लो।

बहन वैसी ही की मैं चूत में मुख लगाकर उसकी चूत चाटने लगा। बहन उउउउईई आह आह भैया अपना वाला घुसाओ ना। मैं लन्ड पकड़ कर तेल लगा चूत में लन्ड फंसा दिया। बहन पर लेट गया मुख चुम्बन करने लगा। चुची बड़े बड़े पीने लगा। बहन बदन उठाने लगी।

मैं घचाघच घचाघच घचाघच धक्के लगाया। बहन की बुर चीरता हुआ मेरा लन्ड पूरा का पूरा 8 इन्च अनदर। लन्ड से बहन की चूत इतना मोटा फटा जैसे एक लम्बे मोटे बैंगन से फटता है। मगर गजब बहन की बुर से एक बूंद खून नहीं। मैं रोज चार साल बुर में उंगली किया झील्ली पर्दा सब कब उंगली से फटा पता ही नहीं चला। आज मेरा लन्ड घचाघच घचाघच फचाक फचाक धड़ाधड़ पेल रहा था बहन छटपटा रही थी। बहन बोली – आह आह आह उंउंउंउं ओह ओह आह भैया और जोर से और जोर से आह मजा उफ्फ ओह मजा भैया मारो जोर जोर से चोदो भैया जोर से चोदो।

मैं एक्सप्रेस की तरह दे दनादन दे दनादन घच्च घच्च चोदे जा रहा था बहन आंखें बन्द कर दोनों हाथों से मेरे से लिपटकर पड़ी थी। आखिर मेरा वीर्य बहन की चूत में गर्मा गर्म निकल गया। बहन शांत मैं थोड़ी देर तक लन्ड हिलाया उसके बाद बहन पर धड़ाम। 20 मिनट तक बहन पर लन्ड घुसाये पड़ा रहा उसके बाद उठा। बहन मुझे देखकर मुस्कुरायी रही। मैं पूछा – कैसा लगा ? बहन सिर हिलाकर ज़बाब दी। मैं फिर पूछा – मुख से बोलो कैसा लगा ? बहन बोली – अच्छा अजब गजब मजा लगा।

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

Read All Stories by Kavya Singh
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!