Sudha Didi Ki Dhili Chut Hawas Me Chud Gai Mujhse

Hindi Sex Story हाय दोस्तों मैं रबिश आप लोगों को एक कहानी लीख रहा हूँ जो की शादी सुधा दीदी की ढीली चूत चोदने की हैं दोस्तों मैं मुंबई से हूँ और मेरे घर में हम चार लोग हैं मै उम्र 20 साल मेरी ममी उम्र 55 साल लेकिन ममी को बहुत कम दिखता है रात में तो बिल्कुल नही दिखता है अब दीदी उम्र 30 साल और मेरी छोटी बहन उम्र 19 साल मेरे पीता जी नहीं है लेकिन हमारा खुद का मुंबई में घर है ओ भी तीन मंज़िला हैं सबसे ऊपर हम लोग रहते हैं बाकी के सभी रूम किराये पर है जिसका किराया चालीस हज़ार रुपया हर महीने आता है और हम लोगो खर्च करने के बाद भी कुछ सेविंग हो जाता हैं. Sudha Didi Ki Dhili Chut Hawas Me Chud Gai Mujhse.

आज से दो साल पहले मेरी दीदी का शादी एक सॉफ्ट वेयर इंजिनियर से मुंबई में हो गया और एक साल बाद दीदी को एक लड़की हुई उसके कुछ दीन बाद जीजा का नोकरी एक बीदेसी कंपनी में लग गया उनका एक साल का पैकेज 30 लाख रुपये का हुआ तभी दीदी मेरे घर आ गईं और जीजा बीदेस चले गये अब दीदी की शरीर पुरी तरह भारी होने लगा था दीदी की एक जाँघ मेरे शरीर जीतना मोटा हो गया था और कमर तो पूछो ही मत जब भी मैं दीदी को पीछे से देख लेता तभी मेरा लंड खरा हो जाता लेकिन मैं अपने लंड को ये सोच के सांत कर्ता की ये मेरी दीदी हैं दोस्तों मेरे घर में तीन रूम में ए सी लगा था एक रुम में ममी और मेरी छोटी बहन सोती थी क्यू की ममी को बाथरूम ले जाने के लिये रात में कोई दिक्कत ना हो दूसरे रुम में दीदी और उनकी बेटी सोती थी और तीसरे रुम में मै अकेला सोता था.

तभी एक रात करीब 11 बजे मेरे गेट को दीदी बजाई और आवाज़ देने लगी मै उस टाइम सिर्फ अंडरवियर में था लेकिन उठा और टावल लपेट के गेट खोला और पूछा दीदी क्या बात हैं सब ठीक तो हैं तबी दीदी बोली हा ऐसी कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अभी अभी मेरी रुम का ए सी बंद हो गईं हैं और ये गर्मी से सो नही रही हैं इसको अपने रुम में सुला ले मै दीदी को बोला दीदी ये अकेली नही सो पायेगी आप भी सो जाइए मेरा बेड डबल था ही दीदी अंदर आई और बेड पर बैठ गईं अब मैं भी रूम अंदर से लॉक किया और दीदी के बगल में बैठ गया तभी दीदी बोली रबिश मै दीवार के तरफ सो जाती हूँ तुम इसी साईड सो जावो दोस्तों दीदी दीवार के तरफ सोइ बीच में दीदी की बेटी और किनारे साईड मै थोड़ी देर बाद दीदी की बेटी रोने लगी तभी दीदी अपनी बेटी को उठा के दीवार के तरफ रखी और दीदी बीच में आ गईं और मेरी तरफ़ अपनी पीठ करके अपनी बेटी को दुध पिलाने लगी दोस्तो अभी तक मै दीदी को गलत नजर से नही देखा था.

लेकिन अब दीदी की पिछाड़ देख के मेरे से रहा नही गया और मेरे अंडरवियर में उभार आने लगा मैं दीदी को पीछे से देख के अब चोदने का पलान करने लगा लेकिन कब नींद लगा मूझे पता नही चला और मैं सो गया करीब चार बजे भोर में मेरा नींद खुला और मैं पेसाब करने गया और वापिस आया तभी मेरा नजर दीदी पर गया जो सीधी हो के सो रही थी और दीदी की एक चूची उनकी नाईटी से बाहर निकाल हुआ था सायद दीदी भी अपनी बेटी को दुध पिलाती हुईं सो गईं थीं अब मैं बेड पर बैठ गया और दीदी की नंगी दूध से भरा हुआ चूची देखने लगा मेरा लंड खरा हो गया और मेरे अंडरवियर को फाड़ने लगा मैं दीदी की चूची को देख ही रहा था तभी दीदी अपनी एक पैर मोर ली अब दीदी की नाईटी दीदी की जाँघ के ऊपर तक आ गया अब मैं कंट्रोल खो दिया.

और अपने अंडरवियर को निकाल के फेंक दीया और लंड को हिलाते हुए दीदी की नाईटी को धीरे धीरे और उपर करने लगा और नाईटी को दीदी की पेट से ऊपर तक उठा दीया लेकिन दीदी अंदर पेंटी पहनी हुई थी मैं अपने लंड को हिलाते हुए अपना होश खो दिया था और उपर से दीदी की मोटी मोटी जाँघ मेरे हवस को और भड़का रही थी मैं दीदी की पेंटी को धीरे से उनकी चूत के पास से खिंचा लेकिन पेंटी की इलास्टिक बहुत टाइट थी मैं देखा की दीदी के बीना मर्जी से उनकी पेंटी निकालना पॉसिबल नहीं है अब मैं अपने एक हाथ को दीदी की पेट और उनकी मोटी चिकनी जाँघ पर धीरे धीरे फेरने लगा और दूसरे हाथों से लंड को हिलाना जारी रखा थोड़ी देर में मेरा लंड झटके मारने लगा तभी मैं खरा हुआ और दीदी की जाँघों के दोनों तरफ अपने घुटनों के बल खरा हुआ और दीदी की चूत के ऊपर दीदी की पैंटी पर अपना वीर्य गिराने लगा पहला और दूसरा पिचकारी दीदी की पैंटी से लेकर दीदी की चूची तक वीर्य ही वीर्य हो गया बाकी सब वीर्य दीदी की चूत के ऊपर निकल गया. “Sudha Didi Ki Dhili”

थोड़ी देर बाद मूझे होश आया और दीदी की हालत देख के मैं डर गया आज मेरा इतना वीर्य निकला था की दीदी की पैंटी पेट और चूची तक नाईटी सब गीला हो गया था तभी मेरा नजर घड़ी पर गया सुबह के 6:00 बज गया था अब मैं दीदी की नाईटी को उनकी जाँघों तक खीच के अपना अंडरवियर पहना और सोने लगा कब नींद आया पता नही सुबह 10:00 बजे दीदी मेरे रूम में आई दोस्तों मैं उस टाइम कोई सपना देख रहा था और मेरा लंड मेरे अंडरवियर के छेद से बाहर निकल गया था और पूरा अपने आकार में था तभी दीदी मेरे पास आई और मेरा फुला हुआ लम्बा लंड देख के धीरे से बोली अरे माँ ये कितना लम्बा और मोटा है तभी मैं जाग गया लेकिन सोने का नाटक करने लगा फ़िर दीदी बोली लगता है सुबह इसी ने मेरी पैंटी को गीला किया है और दीदी मेरे लंड को धीरे से पकड़ के ऊपर की चमड़ी को नीचे सरकाई और लंड के टोपा को देख के बोली हे माँ इसका लंड तो कुँवारी चूत में अंदर जायेगी नही अगर इसकी बीबी बीना अपनी सील तुड़वाये आ गईं तो पाका वो हॉस्पिटल जायेगी लेकिन अगर एक बच्चे गिरा के आई तो खूब ऐश करेगी और धीरे धीरे दो तीन बार ऊपर नीचे की.

और फिर मेरे लंड को अपने हाथों से मेरे अंडरवियर में डाल दी और मेरे सीने पर अपनी हाथ रख के बोली रबिश उठ जा अब कितना सोयेगा में भी जगते हुए बोला क्या दीदी कितना अच्छा सपना देख रहा था आप ने जगा दीया तभी दीदी मुस्कुराता हुआ बोली रबिश सपना रात में देखा कर दीन में नही और एक सेक्सी मुस्कान के साथ अपनी मोटी पिछाड़ हिलाते हुए चली गई लेकिन मैं ये समझ रहा था की आज रात दीदी ज़रूर चुदवा लेगी लेकिन मैं बाहर आया तभी दीदी बोली रबिश जा और किसी ए सी वाले को बुला ला इतना सुनते ही मै सोचने लगा की आज दीदी की ए सी ठीक हो गईं तो मेरा सरा काम खराब हो जाएगा और में बाहर गया और अपने एक दोस्त को बुला के लाया ओ ए सी सही करता है मेरा दोस्त बोला इस ए सी को खोल के मेरे दुकान पर जाना पड़ेगा मै बोला दीदी तभी दीदी मेरे पास आई और बोली क्या हुआ.

तभी मेरा दोस्त बोला मैडम ये खोल के मेरे दुकान पर जज्ना होगा दीदी बोली कोई नही आप ले के जावो और जब सही कर देना तब रबिश को बता देना और मेरे ओर देखि मै भी दीदी को देखा और हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखें मै साफ़ दीदी की हवस को दीदी की आँखों में देखा और मैं अपने दोस्तों के सामने आया तभी दीदी एक मुस्कान के साथ मेरे रुम में चली गई अब मेरा दोस्त ए सी खोल के ले गया और पूरा दीन निकल गया रात को सब खाना खाये और सोने चले गये माँ बोली रबिश ए सी को ज्यादा ठंडा मत रखना नही तो बच्छी की तबीय खराब हो जायेगी दोस्तो मै माँ से बोला नही माँ मै कम कर के ही रखेंगे अब मैं और दीदी मेरे रुम में आ गए मै पहले ही बेड पर चला गया तभी दीदी अंदर से कुंडी लगा दी और मेरे पास आकर बोली रबिश मै अंदर दीवार के तरफ जा रही हूँ तुम इधर ही सो जा. “Sudha Didi Ki Dhili”

आज दीदी बीच में सोई और बछिया को दीवार के साथ सटा के मेरे ओर पीठ करके सोने लगी मै अब अपने अंडरवियर को निकाल दिया और अपने लंड को हिलाने लगा तभी दीदी अपनी कमर को मेरे ओर खिसकाई और अपनी बेटी को दुध पिलाने लगी मै दीदी की पिछाड़ के बिल्कुल नजदीक अपने लंड को धीरे धीरे हीला रहा था आज ए सी 26parपर था आज थोड़ी सी गरमी लग रही थी तभी दीदी अपनी नाईटी को थोड़ी ऊपर खिच के अपनी घुठनो तक उठा दी अब मैं दीदी की पीछे से नाईटी को पकड़ के बहुत धीरे धीरे ऊपर करने लगा दीदी की नंगी जाँघ देख मेरा लंड अब और टाइट हो गया मैं जैसे ही नाईटी को दीदी की गाँड के ऊपर उठाया मेरा होश खो गया दोस्तों आज दीदी पैंटी पहनी हुई नही थी मैं अपने लंड को दीदी की चूत से सटा के दीदी को अपने हाथों से सहलाने लगा दीदी भी अपनी चूत फड़फड़ाने लगी.

अब मैं दीदी की कमर को अपने और खिच के अपने लंड को दीदी की चूत में एक झटका मार दीया मेरा लंड दीदी की ढीली चूत में चीरता हुआ दीदी की पेट में चला गया तभी दीदी अस्ते से आहें भरी और अपनी कमर को मेरे लंड पर दबाये रखी अब मैं दीदी को चोदने लगा दीदी भी चुदाई करवाती रही अब मैं दीदी को जोर जोर से चोद्ने लगा दीदी को अपनी ढीली चूत में मेरा लंड डलवा के चुदवाने में बहुत मजा मील रही थी आज पहली बार दीदी की चूत में इतना मोटा लंड गया था जबसे दीदी की बेटी हुईं हैं तब से आज तक दीदी की चूत भरी नही थी आज पहली बार दीदी की चूत भरी हुई थी लेकिन ढीली चूत होने से मेरा वीर्य नही निकल रहा था करीब 35 मिनट चोदने के बाद दीदी तीसरी बार झड़ी और मैं चोदते रहा अब दीदी अपनी चूत को अपनी हाथों से कस के पकड़ ली और मेरे लंड को अंदर जाते ही टाइट पकड़ ली. “Sudha Didi Ki Dhili”

अब मेरा लंड बहुत टाइट अंदर बाहर हुआ मै दीदी को जोर जोर से चोद्ने लगा अब दीदी समझ गईं की उसका भाई अब झरने वाला हैं दीदी और जोर से मेरा लंड दबाते हुए चुदाई करने लगी तभी मेरा लंड से एका एक वीर्य की पिचकारी निकलने लगी और दीदी की चूत को भरने लगा दीदी मेरे लंड को छोर के ऊ माँ ओह आह करने लगी और दीदी मेरे साथ झर गयी और दीदी मेरे लंड को अपनी चूत में दलवाये ही सोने लगी अब मैं दीदी की चूत से अपने लंड को निकाल के दीदी की गाँड की होल में सटाया ही था तभी अचानक दीदी मेरे ओर घूम गई और बोली रबिश उसमें नही और मेरे होठ को अपनी होठ में पकड़ ली और चुसने लगी अब मैं दीदी की चूची को दबाने लगा कभी कभी जोर से दबाता तभी दीदी की दुध निकल जती अब मैं दीदी को जोश में लाने लगा लेकिन दीदी मेरे लंड को अपनी ढीली चूत में डालने लगी अब मैं दीदी को उस रात करीब सात बार चोदा और दीदी की चूत को अपनी वीर्य से भर दिया अब आगे की कहानी अगले भाग में लिखूँगा….

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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