सम्पादक जूजा आपी मेरे ऊपर थी कि तभी आपी धीमी आवाज़ में बोलीं- सगीर, मुझे नीचे लेटा दो.. आपी के झुकते ही मैं भी उनके साथ ही थोड़ा ऊपर हुआ और आपी की चूत में लण्ड का हल्का सा दबाव कायम रखते हुए ही उनके साथ ही घूम गया। मैंने इतना ख्याल रख कि लण्ड […]
सम्पादक जूजा मैंने डिल्डो के धोखे से आपी की चूत में अपना लंड लगा दिया और आपी को पता चल गया। आपी रोने लगी, मेरी समझ में नहीं आया कि मैं क्या करूँ.. मैंने आपी को दोबारा बाँहों में लेना चाहा तो उन्होंने गुस्से से मुझे दूर रहने को कहा। वे रोते-रोते ही खड़ी हो […]
सम्पादक जूजा मैंने आपी को आश्वस्त करते हुए कहा- अरे नहीं, अन्दर नहीं डाल रहा.. अन्दर रगड़ने से मतलब है कि आपकी चूत के होंठों को जरा सा खोल कर अन्दर नर्म गुलाबी हिस्से पर अपना लंड रगडूँगा। आपी को अभी भी मुझ पर भरोसा नहीं हो रहा था। उन्होंने अपनी क़मर को नीचे की […]
सम्पादक जूजा मैं आपी की बात सुन कर उनकी चूत के दाने को अपने लबों में दबा कर चूसने लगा। मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे आपी की चूत के दाने से मीठे रस का चश्मा उबल रहा है.. जो मेरे मुँह में शहद घोलता जा रहा है। आपी की चूत के दाने को […]
सम्पादक जूजा आपी बोलीं- बस भाई, अब तुम जाओ.. मैं रात में आउंगी तुम्हारे कमरे में.. सो मत जाना… अच्छा? मैं भी रेफ्रिजरेटर की साइड से निकाल कर आपी के सामने आया और कहा- सो भी गया तो उठा देना.. लेकिन मेरी अभी की बारी का क्या होगा? आपी ने एक नज़र बाहर देखा और […]
किरण की कुंवारेपन की नौटंकी जब मौसी पलंग से उठ कर मुझसे दूर भागने लगी कि अब और नहीं करवा सकती मैं, तब ही मैंने मौसी को छोड़ा और फिर हम दोनों नंगे ही एक दूसरे की बाहों में गहरी नींद सो गए। सुबह ऐसा लगा कि कोई मुझको झकझोर रहा है और तभी मेरी […]
सम्पादक जूजा अगला दिन भी बहुत बिज़ी गुजरा और आम दिनों से ज्यादा थका हुआ सा घर पहुँचा.. घर आते हुए मैंने अपनी शॉप से एक डिजिटल कैमरा भी उठा लिया था। घर पहुँचा तो सवा पाँच हो रहे थे, कोई नज़र नहीं आ रहा था, आपी और अम्मी का कमरा भी बंद था। मैं […]
सम्पादक जूजा आपी ने अपने सर पर और बदन के गिर्द चादर लपेटी हुई थी.. लेकिन मुझसे नजर मिलने पर आपी ने अम्मी से नजर बचा कर अपने सीने से चादर हटा एक लम्हे के लिये मुझे अपने हसीन मम्मों का दीदार कराया और हंसती हुई बाथरूम में चली गई। मैं जज़्बात से सिर उठाते […]
सम्पादक जूजा मैं अपने शुरू होने वाले नए कारोबार के बारे में प्लान करता हुआ जाने कब नींद की वादियों में खो गया। सुबह मेरी आँख खुली तो दस बज रहे थे, मैंने मुँह हाथ धोया और नाश्ते के लिए नीचे जाने लगा। मैंने अभी पहली सीढ़ी पर क़दम रखा ही था कि मुझे ऊपर […]
सम्पादक जूजा कुछ देर आपी की चूत के दाने को चूसने के बाद मैंने 2 उंगलियाँ आपी की चूत में डाल दीं, आपी ने कुछ नहीं कहा.. तो आहिस्ता आहिस्ता अपनी उंगलियों को चूत में अन्दर बाहर करते हुए अपनी ज़ुबान को आपी की गांड पर रख दिया और मेरी ज़ुबान मामूली सी अन्दर चली […]
सम्पादक जूजा आपी रात को करीब तीन बजे मेरे कमरे में आई और मुझे जगा कर मेरी टाँगों के बीच बैठ कर मेरे लोअर को नीचे सरका कर मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया। मैंने अपना लण्ड आपी के हाथों में महसूस किया.. तो मेरी आँखें खुद बा खुद ही खुल गईं और पहली […]
सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. आपी ने मेन गेट के पास ही अपनी सलवार नीचे सरका दी! मैंने आपी के कपड़े ठीक करके अपने सीने से लगा लिया। आपी ने अपना चेहरा मेरे सीने से लगा दिया और रोने लगी। कुछ देर हम दोनों ही कुछ ना बोले.. आपी ऐसे ही मुझसे चिपकी अपना […]
सम्पादक जूजा आपी हमारे कमरे में नहीं आई तीन दिन से आपी हमारे कमरे में नहीं आई थी। चौथे दिन भी जब वक्त बीत गया तो मैं आपी को देखने निकला। आपी अपने कमरे में अम्मी और हनी के साथ थी। आपी ने मुझे देख लिया और आपी बाहर आई, मैंने वासना से उनको छुआ […]
सम्पादक जूजा मैं झुंझलाते हुए ही बाहर गया और अब्बू के गाड़ी बाहर निकाल लेने के बाद दरवाज़ा बंद करके सीधा अपने कमरे में ही चला गया। मेरा मूड बहुत सख़्त खराब हो चुका था.. पहले ही आपी के साथ सेक्स ना हो सकने की वजह से झुंझलाहट थी और रही-सही कसर अब्बू की डांट […]
सम्पादक जूजा आपी ने मेरे लण्ड को चूस कर मेरा माल अपनी छाती पर गिराया और फिर मेरे लण्ड के जूस को काफ़ी सारी मिक़दार अपनी उंगली पर उठा कर अपने मुँह चखा और मुझे आँख मार कर आँखें गोल गोल घुमा कर कहा- उम्म्म यूम्मय्ययई.. यार सगीर, यह तो मज़ेदार चीज़ है। मैं मुस्कुरा […]
सम्पादक जूजा आपी धीरे धीरे मेरे लंड को मुँह में लेने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बार बार उनको उबकाई सी आ जाती थी। आपी ने तीसरी बार पूरा मुँह में लेने की कोशिश नहीं की और मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल कर उससे ऊपर की तरफ सीधा किया और लंड […]
मेरा नाम अमन कुमार है, उम्र 19 साल की है। मेरे परिवार में मेरी छोटी बहन सपना 18 साल की और मम्मी पापा हैं। हमारे पड़ोस में ही हमारे सगे चाचा रहते हैं.. जिनकी एक लड़की है। उसका नाम आकांक्षा है वो मेरी बहन की उम्र की ही है। बचपन से ही आकांक्षा के साथ […]
सम्पादक जूजा आपी ने आनन्द के कारण अपनी आँखें बंद कर ली और साथ ही वे तेज साँसों के साथ सिसकारियाँ भर रही थीं। मैंने आपी की निप्पलों को ऊपर की तरफ खींच कर ज़रा ज़ोर का झटका लगाया.. तो मेरे लण्ड की नोक आपी के निचले होंठ से टच हो गई। आपी ने फ़ौरन […]
सम्पादक जूजा आपी ने कपड़े पहन लिए, फरहान और मेरे माथे को चूम मेरे बालों में हाथ फेरते हुए बोलीं- तुम दोनों के साथ तो मैं पूरी रात भी गुज़ार लूँ.. तो तुम्हारा दिल ना भरे.. अब तुम सो जाओ.. मैं भी जा रही हूँ.. अगली सुबह भी रूटीन की ही सुबह थी। मैंने सब […]
सम्पादक जूजा मैंने आपी को यकीन दिलाया कि मैं सिर्फ़ उनकी रानों के बीच में ही रगडूंगा। आपी ने मेरे लण्ड को अपनी रानों में दबा लिया और मैंन लण्ड को आपी की रानों में ही फ़िराने लगा कि आपी ने कहा- एक मिनट रूको यहीं.. मैं ये सब देखना चाहती हूँ। आपी इधर-उधर देख […]
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