Nargis Begum Ke Chuttad Ne Lund Ko Rod Banaya

Hindi Sex Story दोस्तों आज मैं आपको अपनी एक सेक्स कहानी जो किसी और की नहीं बल्कि मेरी बहन नर्गिस बेगम दीदी का ही हैं मेरे दीदी को कोई बच्चा नहीं है इसी कारण जीजा उसे तीन तलाक दे दीया करीब एक महीने ही हुआ था तभी दीदी मुझे ही अपने जाल में फंसा ली और अब मुझसे ही चुदवाती है और वो भी रोज रोज मुझे कभी कभी डर भी लगता है की कही मेरी दीदी मुझसे ही प्रेग्नेंट ना हो जाये. Nargis Begum Ke Chuttad Ne Lund Ko Rod Banaya.

पर मैं कर भी क्या सकता हु, वो अब मुझे कहती है की ये बात किसी और को नहीं बताना, थोड़े दिन की ही तो बात है फिर मेरी निकाह किसी और से हो जाएगी और मैं अपने दूसरे पति के पास चली जाउंगी फिर तुम्हे तंग नहीं करुँगी, मैं इसलिए चुप हु क्यों की मुझे भी लगता है की कही अगर मैं नहीं चोदा तो वो कही और चुदबायेगी इसलिए अच्छा है की अपने घर की इज्जत अपने ही घर में रह जाये. दोस्तों पहले तो मुझे लग रहा था की मैं ये कहानी किसी और को नहीं बताऊँ पर मेरा मन नहीं मान रहा था, मेरे अंदर ये बात काटे खा रहा था की क्या मैं सही कर रहा हु क्या मैं गलत कर रहा हु, मैं अपने दिल का बोझ ख़तम करने के लिए आप लोगो को सामने अपनी कहानी क्रेजी सेक्स स्टोरी के माध्यम से इस वेबसाइट पर डाल रहा हु, ताकि मैं अपने दिल का बोझ हल्का कर सकूँ.

दोस्तों अब मैं सीधे कहानी पर आता हु, मैं उत्तर प्रदेश के गजीयाबाद शहर में रहता हु, मेरे घर में मैं मेरी दीदी नर्गिस खान मेरे अबा और मेरी अमा है. अबा खुद का ढाबा है जीटी रोड पर वो अक्सर ढाबा में ही रहते है और वही सोते है. ये जो चुदाई की शुरुआत है वो तब की है जब मेरी अमा नानी घर गयी थी क्यों की नानी की तबियत ख़राब थी, और दीदी की तीन तलाक हो गई थी तो हम घर में दोनों भाई बहन ही थे, मैं 21 साल का हु और मेरी बहन 25 साल की है. उसके लिए अमा बहुत दुखी थीं और देर रात तक जागती,थी कभी कभी रोती भी थी रात को आवाज आने लगता, मैंने धीरे धीरे नोटिस करना चालू किया की वो आखिर रात में क्यू रोती है.

तब मुझे मालूम हुआ की दीदी की तीन तलाक से अमा दुखी थीं लेकिन आज दीदी और मैं ही थे और दीदी अमा के रुम में सो गई जब रात को नींद खुला तो अमा के रुम से जोर जोर से पलंग हिलता आवाज आई मुझे ऐसा लगने लगा की ये आवाज़ कहा से आ रही हैं मैं उठा और अमा के रुम के पास गया और देखा की दीदी अपने चूत में कुछ डाल रही है और जोर जोर से अंदर बाहर करने में लगी हैं और थोड़े देर में शांत हो गई और फिर सोने लगी अब मैं दीदी के ये सारे कारनामा देख के मैं मुठ मार के सो गया पर मैंने नोटिस किया की दीदी बीना चुदाई के अब रह नही सकती दीदी की चूचियां साफ़ साफ़ नजर आती थी उसकी नाईटी से, बड़ी बड़ी सॉलिड सॉलिड, दोस्तों मेरा भी मन ख़राब होने लगा, अपनी बहन की इस हरकत से, मेरा भी दिमाग ख़राब हो गया.

दीदी की चूतड़ को पीछे से देखकर और आगे से उनकी चूचियों को देखकर, बड़े बड़े लंबे लंबे बाल गुलाबी होठ, लंबी और गोरी जबरदस्त दिखती है. जब वो काजल और होठ को गुलाबी रंग से रंगती है और भुर्खा पहनती है तब तो वो सेक्स की परी लगती है दोस्तों ऐसे ही रात बीत गया मैं भी रात में मजे लेने के बाद सो गया जब सुबह जगा तो मेरी दीदी भुर्खा में थीं और अंदर ब्रा और पैंटी नही पहनी थी मैं भी अपनी आँख अपनी बहन को देखकर सेकने लगा. उस दिन की बात है जब माँ नानी के यहाँ गई थी. रात के करीब ११ बजे थे गर्मी का दिन था. मैं अमी के रुम में देखने लगा दीदी हल्का सा बेडशीट ओढे थी. और तभी फिर से दीदी का पलंग हिलने लगा.

फिर करीब दस मिनट में ही शांत हो गई. मैं समझ गया की मेरी दीदी आज भी अपने चूत में शायद बैगन पेल रही है. लेकिन बेड सीट ओढी हुई थीं इसलिए मैं देख नही पाया तभी दीदी उठी, और बाहर आई उसकी चुचिया साफ़ साफ़ टाइट दिख रही थी. निप्पल भी साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था. जब वो उठी और बाथरूम के तरफ जाने लगी. दीदी अपनी चूतड़ हिलोरे मारते हुए चलने लगी. गजब की लग रही थी भुर्खा में टाइट कसीं हुई गाँड देख कर मेरा लंड रोड हो गया दीदी के बाल निचे तक थे खुला हुआ, मैं तो मर गया दोस्तों, मेरा लंड खड़ा हो गया, ऐसा लग रहा था की मैं अभी दीदी को चोद दू,लेकिन मैं दीदी को छुप के देखने लगा तभी दीदी वापस आने लगी.

और मुझे देख ली और बोली भाई जान आप जग रहे हो मैं चुपचाप हो गया,पर मेरा लंड शांत नहीं था, वो तम्बू बना कर खड़ा था. नर्गिस दीदी जैसे ही मेरे नजदीक आई वो फिर से बोली भाई जान तुम क्या देख रहे हो. मैं फिर भी चुप था. उसने फिर से कहा मैं सब समझ रही हु, तुम क्या देख रहे थे, तुम्हे शर्म नहीं आई एक जवान बहन को रात में ऐसे घूरते हुए. मैं डर गया था की पता नहीं वो अमा से तो नहीं कह देगी, तभी नर्गिस दीदी मेरे पास आई और मेरा लौड़ा पकड़ ली. मेरा लौड़ा काफी मोटा और तना हुआ था.

वो भी ये है सबूत मुझे घूरने का, मैंने कहा सॉरी दीदी, गलती हो गई अब ऐसा नहीं होगा. नर्गिस दीदी मुझे अमी के रुम में ले के गई और बेड पर धका देके गिरा दी और मेरे ऊपर चढ़ गई. और मेरा लोवर निचे कर दि. और मेरे लंड को पकड़ कर बोली, इसका कीमत तुम्हे चुकानी पड़ेगी. मैंने कहा कैसी कीमत, नर्गिस दीदी अपनी भुर्खा उतार दि, दोस्तों पहले तो मेरा लंड थोड़ा डर से छोटा भी हो गया था पर, जैसे दीदी भुर्खा उतारी, मेरा लंड तो और भी मोटा और लंबा हो गया, मैंने कहा ये क्या कर रही हो दीदी मैंने तुम्हारा भाई हु, तो नर्गिस दीदी बोली भाई जान अब तो तुम मेरे मिया बनोगे और अपनी नर्गिस दीदी को माँ भी बनवो दोस्तों पहले मैं नाटक किया लेकिन दीदी अपनी बुर मेरे लंड पर रख दी अब क्या था मैं भी दे दना दन चोदने लगा और उस रात पाँच बार चोद के सोया दोस्तों उसके बाद दीदी को रोज़ रात में चोदने लगा अब मैं अपनी नर्गिस दीदी को माँ बनाना चाहता हूं.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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