रंडी के जैसे चोदा कजिन दीदी को

हाय मेरा नाम अरबाज है, मेरी उम्र 27 साल है में एक इंजिनियर हु मेरे लन्ड का साइज औसत 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है, ये मेरी और मेरे कजिन सिस्टर जस्मीन दीदी की चूत चुदाई की सच्ची कहानी है कैसे मैने उसको चोदा इस कहानी को पढ़के जानिए मे क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम का पुराना रीडर हु. Muslim Cousin Sex Relation

मुझे जादा तर फैमिली सेक्स स्टोरी पसंद है, कहानी पड़ते हुवे में हमेशा सोचता था काश मुझे भी मौका मिले, एकदिन मेरी ये तमन्ना पुरी हो गई मैने अपनी फैमिली में सेक्स का मजा लिया अपने कजिन सिस्टर जस्मीन दीदी को चोदकर, कैसे मैने मेरी रण्डी जस्मीन दीदी को चोदा और उसको अपने लन्ड की गुलाम बनाया इस कहानी में डिटेल में बताया हु.

मेरी एक सबको सजेशन हे अपने घर की बहनों को बाहर का कोई चोदे उसके पहले ही चोदो बहुत मजा आता हे जब अपनी बहने अपने भाई का लन्ड लेती हे चूत में तब. चलिए कहानी शुरू करने से पहले सब लड़के अपने लन्ड को बाहर निकाल के मूठ मारने और सब लड़कियां चूत में उंगलियों करने तैयार हो जाए आपको सबमें पहले मेरी रण्डी जस्मीन के बारे में बताता हु.

वो मेरी कजिन सिस्टर हे जस्मीन जो मुझसे काफी बड़ी हे उसकी शादी हो गई हे, उसकी उम्र 36 साल की हे वह दो बच्चों की मां हैं, वह जादा गोरी नहीं ना जादा काली हे दिखने में ठीक हे उसका फिगर साइज बहुत सेक्सी हे, 34 के सेक्सी बूब्स 32 की कमर और गान्ड तो 36 की इतनी मस्त हे कि देखते ही बुड्ढे का भी लन्ड खड़ा करदे.

तो चलिए अब जादा बोर ना करते हुवे कहानी शुरू करते हे, कैसे मैने अपनी सेक्सी रण्डी जस्मीन दीदी की चूत चोदी वो भी पूरे रात भर जैसे कि मैने बताया मेरी अभी अभी शादी होई शादी की अब तैयारी चालू थी, सब रिश्तेदार को इनवाइट किया गया किस्मत से सबमें पहले मेरी रण्डी जस्मीन ही सबसे पहले आ गई घर.

शादी को अभी एक हफ्ता था वो आई पहले दिन सब नॉर्मल था सब तैयारी ही चालू थी, आपको बताना भूल गया में बचपन से जस्मीन के साथ रहा था, तो मुझे उससे लगाव था, बढ़ती उम्र में सेक्स कहानियां पढ़ते हुवे में जादा तर जस्मीन को ही याद करके अपना लन्ड हिलाता था.

जबसे वो आई थी तबसे में बस मौका ढूंढता था कब इसको नंगी देखने मिलेगा कब चोदने मिलेगा कब मेरे नीचे आएगी चूत चोदने बट डरता था तो कुछ किया नहीं बस उसको ताड़ने का मौका नहीं छोड़ता था, जब वो झाड़ू लगाती थी उसके बूब्स जब वो झुककर कोई काम करती थी तो उसकी गोल मटोल गान्ड देखता था.

तो मेरा लन्ड अपने आप खड़ा होता था, में किसी न किसी बहानेसे उसकी गान्ड को टच करता उसको लन्ड रगड़ा करता वो भी कुछ बोलती नहीं थी, में रोज दिन में कई बार उसको सोचकर हिलाता और पानी गिरता था जस्मीन दीदी ने भी नोटिस किया में उसकी गान्ड बूब्स को घूरता था, उसको छुता लन्ड रगड़ता था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

ऐसे ही दो तीन दिन निकल गए फिर और मेहमान आए तब भी में मौका नहीं छोड़ता था उसको देखने का छूने का फिर उसी रात सब मेहमान आने की वजह से सोने की जगह कम गिरी में अकेला बेडरुम में सोता था, तो मेरी अम्मी ने जस्मीन दीदी को और उसके बच्चों को मेरे बेडरुम में सुलाया मेरी तो बिन मांगे मुराद पूरी हुई.

उस दिन सब सोए पहले जस्मीन दी उसके बाद उसके बच्चे उसके बाद में बट मुझे नींद ही नहीं आरी थी पास जस्मीन दी को देखे मेरी हालत खराब थी, उस रात उसने सलवार कमीज पहनी थी जो उसके जिस्म से पूरी चिपक गई थी ऐसे देखे मेरे लन्ड ने हलचल मची में जस्मीन दी को देखे बेकाबू हुआ और अपना लन्ड पजामे से निकल कर हिलाने लगा बट डर के मारे में और कुछ करने की नहीं सोची.

उस रात मैने उसको पास में देखे खूब जोर जोर से मूठ मारी मेरा बहुत पानी निकला मेरी कब आंख लग गई पता ही नहीं चला, दूसरे दिन सुबह में उठा जब जस्मीन दीदी किचन में काम कर रही थी, में उधर गया तो वो बस सेक्सी स्माइल की तो में पूछा रात में नींद कैसे आई आपको तो मुझे बोली मुझे तो आई तुझे रात भर नींद नहीं आई होगी मेरे होते हुवे.

में बोला नहीं ऐसे कुछ भी नहीं तो बोली में जानती हु तू रातभर सोया नहीं मुझे ही देखते बैठा था और अपना लन्ड हिला रहा था दो बार पानी निकाला ऐसे मत हिलाते जा कमजोर हो जाएगा शादी के पहले ही और हंसने लगी, मैने भी मौका देखकर जस्मीन दीदी को कहा तो क्या करु तुमको देखकर काबू नहीं रहा लन्ड पे.

तो वो मुस्कान के साथ बोली इतना बेकाबू हुआ था तो डाल ही देता अंदर और भर देता अपने पनिसे मेरी चूत को, में बोला आप सबको बता ना दे इसलिए हिम्मत नहीं होई तो वो पास आकर मेरे लन्ड को पैन्ट के ऊपर से मसलते हुवे बोली बेचारा हिम्मत करता तो जन्नत का सुख मिलता, और बाहर जाने लगी.

तो मैने उसको पीछे से पकड़ा और लन्ड गान्ड पे रगड़ते हुवे बूब्स को दबाया और कहा आज रेड्डी रहना आज हिम्मत करके दिखाऊंगा आपकी ये चूत में मेरा लन्ड डालकर आपको मेरी रण्डी बनाऊंगा, तो मेरी जस्मीन दी बोली में तो कबसे तैयार हु चुदाने बहुत आग लगी हे चूत में आज देखती हु कितना चोदता है तू और तेरा ये लन्ड.

और पीछे मुड़के मेरे पेंट में अंदर हाथ डाल दिया और जोरसे मेरे लन्ड को पकड़ा मेरे मुझे आह आह की आवाज निकली तो वैसे ही पकड़े हुवे मुझे बोली तेरा लन्ड तो बहुत दमदार हे आज तो मजा आयेगा और मुझे एक होटों पे चुम्मी देते हुवे दूसरे रूम में गई, मेरा तो दिन भर बुरा हाल था लन्ड बैठने का नाम नहीं ले रहा था.

फिर रात में जस्मीन दीदी सोने आई उसके बच्चे आज एक कोने में सुलाई और मेरे पास आई में कम्बल में लेता था, वो आके मुझे किस करने लगी आह अरबाज आज पूरी रात तेरी रण्डी बनके चुदाऊंगी फिर में भी जोर जोर से उसके होंठ चूसने शुरू किया जस्मीन दीदी पागलों की तरह मुझे किस करने लगी.

उसके बाद मैने उसके कपड़ो के ऊपरी हिस्से से बूब्स को जोर जोर से दबाना शुरू किया जस्मीन की सिसकारियां बढ़ती गई वो बोलने लगी आह आह ऐसे ही रगड़ आह अरबाज आह ऐसे ही जोर जोर से दबा आज रण्डी दीदी का दूध निकाल आह अह्ह्हं करके सिस्कारिया निकालने लगी. “Muslim Cousin Sex Relation”

उसके बाद मैने उसका कुर्ता उतारा अह्ह्हं पिंक ब्रा में जस्मिन के दूध एकदम मस्त लग रहे थे, में ब्रा के उपर से दुध चुसने लगा जस्मिन दीदी सिस्कारिया लेने लगी मेरा मुह को पकड के अपने बुब्स पे जोर से दबाने लगी फिर में उसके बुब्स को दबाते हुवे उसे किस्स करने लगा उसके बाद गर्दन पे किस्स किया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

जस्मिन दीदी पुरी रान्ड के तरह मुझसे लिपट गई मुझे नीचे किया और मेरे शर्ट के बटन खोलने लगी उसके बाद मेरे सिने पे गर्दन पे अपने होठों से चूमने लगी गर्दन सीने से होते हुवे वो नीचे गई मेरी पेंट के ऊपर से लन्ड पे जीभ चलाने लगी फिर एकदम से मेरी पेंट नीचे की उसके बाद अंडरवीयर को अपने होठों में पकड़ा और नीचे खींचा जैसे ही अंडरवीयर नीचे आई लन्ड एकदम से उसके मुह पे लगा.

आह क्या नजारा था मेरा लन्ड एकदम टाइट हुआ था उसके नीचे जस्मीन दीदी का चेहरा, जस्मीन दीदी ने मेरा लन्ड को होठों से अपने मुह में पकड़ा और गप्प से मुह में लिया और जोर जोर से चूसना चालू किया मेरा लन्ड उसके मुह में पूरा नहीं जारा था फिर भी वो पूरा गले तक ले लेकर चूस रही थी.

फिर मुह से बाहर निकालकर जस्मीन दीदी मेरे पास देखते हुवे बोली आह अरबाज पहले पता होता इतना कड़क और मोटा लन्ड हे तेरा अबतक में कितने बार तेरे से चूद गई होती में बोला जस्मीन दीदी आज तेरी चूत को इतना चोदूंगा कि रण्डी की सुबह तुझे चलने दिक्कत होगी.

मेरी रण्डी दीदी तुझे तो चोद चोद के मेरी रण्डी बनाऊंगा और तेरी ये मोटी गांड़ को इतने बेहरमी से मारूंगा कि तुझे सुबह हांगने टाइम भी मेरी याद आयेगी इतना चोदूंगा आज मेरी प्यारी रण्डी जस्मीन दीदी इसके बाद कैसे मैने पूरी रात अपने रण्डी जस्मीन दीदी को चोदा उसकी गान्ड मारी ये आपको अगले कहानी में बताऊंगा जबतक सब इंतजार करो आपका अपना अरबाज कहानी कैसी लगी comment करके जरूर बताना.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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